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बीकानेर समाचार

प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम का सौंपा ज्ञापन

बीकानेर। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले बीकानेर क्षेत्र के किसानों ने बुधवार को यहां कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विरोध स्वरूप किसानों ने गिरफ्तारियां भी दी। सर्वाधिक गिरफ्तारी लूणकरनसर क्षेत्र में हुई। जहां गिरफ्तारी देने के लिए बढ़-चढ़कर आगे आगे किसानों के समक्ष प्रशासन व पुलिस भी बेबस नजर आए। जबकि जिले के अनेक क्षेत्रों में किसानों ने सांकेतिक धरना देकर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे। कलक्ट्रेट के आगे किसानों की सभा को सम्बोधित करते हुए किसानसभा बीकानेर के सचिव जेठाराम लाखुसर ने कहा कि समय रहते यदि केन्द्र व राज्य सरकार ने डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट किसान हित में लागू नहीं की तो एक सितम्बर को सभी जिला मुख्यालयों पर किसान महापड़ाव डालेंगे। डीवाईएफआई के जिला सचिव सुन्दर लाल बेनीवाल ने कहा कि मोदी ने चुनाव के वक्त 200 सभाओं में कहा था कि यदि बीजेपी की सरकार बनेगी तो स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाएगा। इस सरकार के सभी वादे जुमले साबित हुए। सभा को भरतराम कस्वां, इमरताराम, रामेश्वर, मोडाराम, दीपाराम भादू, ओमप्रकाश गोदारा, तोलाराम खाती, भंवरसिंह भाटी, ओमप्रकाश मेघवाल, अशोक ढाल सहित बीकानेर तहसील से बड़ी संख्या में किसानों ने गिरफ्तारियां दी।
ये रखी मांग
डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू हों।
प्रदेश के किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ हो।
ग्वार, मोठ का मूल्य 5000 प्रति क्विंटल हो निर्धारित।
मूंगफली 7000 व सरसों 5000 क्विंटल की दर से खरीद हो।
आवारा पशुओं से खेतों की सुरक्षा।
बिजली समस्या का तुरंत निस्तारण, 8 घंटे मिले बिजली।
बीमा के लिए प्रत्येक गांव को माने इकाई।
यहां भी गिरफ्तारियां
श्रीडूंगरगढ़- 1000 किसान
बीकानेर सदर- 200 किसान
लूणकरनसर - 2500-3000 किसान
छत्तरगढ़-सांकेतिक व ज्ञापन
पूगल- सांकेतिक प्रदर्शन

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दूसरे दिन भी कार्यालयों में कामकाज ठप

कार्मिकों ने किया प्रदर्शन, आज निकलेगी वाहन रैली
बीकानेर। राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेश व्यापी आह्वान पर मंत्रालयिक कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर रहे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, कलक्ट्रट सहित अन्य विभागों में कामकाज ठप रहा। इक्का-दुक्का कर्मचारी बैठे रहे लेकिन उन्होंने काम नहीं किया। राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने कलक्ट्रेर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध जताया। कार्मिकों के सामूहिक अवकाश के चलते जिला कलक्टर सहित अन्य अधीनस्थ कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। विभिन्न कार्यालयों में उपस्थित अधिकारियों के समक्ष फाइलें पुटअप नहीं होने से वे ठाले बैठे रहे। इसके अतिरिक्त आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश आचार्य ने बताया कि ग्रेड पे 3600, सचिवालय के समान वेतन भत्ते करने तथा वित विभाग द्वारा ग्रेड पे 2800 तक मिले परिलाभों को वापस लिए जाने संबंधी कार्यवाही के विरोध में चल रहे आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में जिला कलक्टर कार्यालय, कोषाधिकारी, जिला रसद अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन व नगर, उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार व उपतहसीलदार, पीएचईडी, शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग के कार्यालयों के मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे बीकानेर रेलवे स्टेशन के समक्ष गोल पार्क से वाहन रैली निकाली जाएगी। इसमें जिले के विभिन्न विभागों के मं़त्रालयिक कर्मचारी शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष सुरेश व्यास, संयोजक अविनाश व्यास ने सभी कार्मिकों से इस वाहन रैली में शामिल होने का आह्वान किया। प्रदर्शन मं रमेश तनेजा, शूरवीर सिंह, धर्मेन्द्र बोहरा, मनोज व्यास, अशोक गौड, मनीष जोशी, नवल सिंह, मनीष शर्मा, अशोक रंगा, मो. ईस्माइल, जगदीश किराडू, नरेन्द्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल थे।

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बीकानेर के अनिल व्यास करेंगे रूस सम्मेलन में प्रतिनिधित्व

बीकानेररशियन ट्रेड यूनियन ऑफ रेलवेमैन एंड ट्रांसपोर्ट कंस्ट्रंक्शन वर्कर्स ऑफ रशिया द्वारा आयोजित वैश्विक सम्मेलन में भारत की सबसे बड़ी रेलवे यूनियन ऑल इंडिया रेलवे फैडरेशन के 5 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इन 5 प्रतिनिधियों में बीकानेर के श्रमिक नेता (रेलवे) अनिल व्यास जो फैडरेशन की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं भाग लेने के लिए रूस जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के लिए वे 12 अगस्त को बीकानेर से रवाना होंगे तथा 14.8.17 से 19.8.17 तक रूस प्रवास में रहेंगे। मास्को तथा सेंट पीटर्सबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की रेलवे व रेल कंस्ट्रक्शन की यूनियन के प्रतिनिधि रेलवे संगठनों संस्थानों को देखने पारस्परिक विचार विमर्श सामाजिक सांस्कृतिक राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का प्रवास भी करेंगे। रेलवे संचालन तथा कर्मचारियों संगठनों की भूमिका पर चर्चा तथा सभी देशों में कर्मचारियों के कार्य निपुणता तथा कार्यस्थलों की स्थिति को समझने का भी अवसर मिलेगा। रूस का रेलवे तंत्र विश्व का सबसे बड़ा रेल तंत्र है तथा आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है। भारत भी रेलवे तंत्र की दृष्टि से विश्व में प्रमुख है तथा यहाँ भी विभिन्न देशों से तकनीकी सहयोग के कार्यक्रम बन रहे हैं जिन्हें यूनियन के साथ चर्चा वार्तालाप के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।  अनिल व्यास बीकानेर के मूल निवासी हैं तथा कंबोडिया तथा बांग्लादेश में आयोजित सम्मेलनों में भाग लेकर अखिल भारतीय स्तर पर अपनी विशिष्ट भूमिका में विगत वर्षों से काम कर रहे हैं। एनडब्ल्यूईआरयू यूनियन उत्तर पश्चिम रेलवे के गठन के बाद जयपुर मुख्यालय के चार मंडलों पर कार्यरत है जिसमें विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद अनिल व्यास वर्तमान में कार्यकारी अध्यक्ष के रुप मेँ कार्य कर रहे हैं। 

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दगा दे गया मानसून, किसान बेहाल

फसलों पर कीटों की मार, मूंगफली की फसल सर्वाधिक प्रभावित, दगा दे गया मानसून, किसान बेहाल
बीकानेर। मौसम के साथ ही इन दिनों फसलों पर कीटों की मार ने भूमिपुत्रों की नींद उड़ा दी है। मौसम में बदलाव के साथ-साथ सिंचाई पानी में आ रही अड़चन के चलते फसले पहले से ही मुरझाई हुई है। उस पर फसलों पर कीटों की मार ने कोढ में खाज का काम किया है। सर्वाधिक असर मूंगफली की फसल पर पड़ा है। भूमिपुत्रों का मामना है कि जल्द ही इससे निजात नहीं मिली तो उनकी बिजाई का खर्च भी निकल पाना मुश्किल है।
मौसम की मार
नहरी, नलकूप व बारानी तीनों ही क्षेत्र की फसलें मौसम की मार झेल रही है। जहां नहरी व नलकूप क्षेत्र में पूरा सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं बारानी क्षेत्र की फसलें मौसम की मार की वजह से पीली पड़कर मुरझाने लगी है। किसानों का मानना है कि यदि अब भी बारिश हो जाएं तो खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवनदान मिल सकता है।
गोजा लट का प्रकोप
मूंगफली उत्पादन क्षेत्र में देश में अग्रणी रहे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों गोजा लट की दो प्रजातियों का प्रकोप है। छोटी व बड़ी दो प्रकार की यह गोजा लट बारिश होने तथा सिंचाई के बाद जमीन से बाहर निकलती है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में प्रति हेक्टयर पर तकरीबन 28 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन होता है। किंतु इस लट ने किसानों की नींद उड़ा दी हैं। हालांकि किसान अपने स्तर पर इस समस्या से निजात पानी की कोशिश में जुटे है। किंतु अभी तक सरकार, प्रशासन व विभाग की ओर से किसी प्रकार की कोई पहल नहीं हुई है।
उड़ीक में बीता सावन
इस बार मानसून पूर्व अच्छी बारिश होने से जिले के बारानी क्षेत्र के किसानों ने भी हिम्मत दिखाते हुए बारानी खेतों में ग्वार, मोठ, बाजरी, तिल आदि श्रावणी फसलों की बिजाई की थी। किंतु फसल बिजाई के बाद अनुकूलित मौसम के चलते फसलें अंकुरित तो हुई, किंतु पानी नहीं मिलने के कारण उनकी बढ़वार रूक गई तथा पीली पड़कर मुरझाने लगी है। किसान पूरे सावन माह में बारिश का इंतजार करता रहा, किंतु पानी की बूंद तक नहीं गिरी।
दगा दे गया मानसून
इस बार मानसून पूर्व जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से किसानों को मानूसन के दौरान अच्छी बारिश होने की उम्मीद थी। किंतु प्रकृति के साथ जुड़े इन किसानों को मानसून दगा दे गया। फसलों की बिजाई के बाद प्रकृति के नाम पर खेतों में पानी की एक बूंद तक नहीं गिरी। जिससे किसानों के सपने बिखर कर रह गए। दूसरी ओर कई किसान अतिवृष्टि का शिकार हो गए।
सिंचाई पानी में बिजली रोड़ा
नहरी क्षेत्र के किसान जहां पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलने से परेशान और त्रस्त है। वहीं नलकूप क्षेत्र के किसान सिंचाई पानी में रोड़ा बनी विद्युत आपूर्ति से परेशान है। कई क्षेत्रों में तो घरेलू व कृषि विद्युत लाइनें एक ही होने के कारण फाल्ट जैसी स्थिति में पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप होकर रह जाती है। जिससे खेतों में खड़ी फसलों को पानी पिलाने में विलम्ब हो रहा है। ऐसे में फसलें मुरझाने लगी है।
आशा के अनुरूप पानी नहीं
नहरी क्षेत्र के अंतिम छोर पर बैठें किसानों के तो और भी बुरे हाल है। ये किसान लम्बे समय से पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलने का दंश झेल रहे है। वहीं सिंचाई पानी की चोरी भी इनके व विभाग के सामने कड़ी चुनौती है। दूसरी ओर नदियों के बांधों में अच्छी बारिश के चलते जहां पानी की अच्छी आवक हो रही है। उसके मुकाबले पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिसके कारण फसलों की सिंचाई के लिए पूरा पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
इन दिनों सिंचाई की सख्त जरूरत
खेतों में खड़ी फसलों के पकाव को लेकर इन दिनों सिंचाई पानी की सख्त जरूरत है। जिस गति से सिंचाई पानी मिल रहा है। उससे समय पर फसलों को पानी पिलाना मुश्किल है। ऐसे में नहर विभाग यदि चार में से दो समूह में सिंचाई पानी चलाएं। तभी समय पर फसलों को पूरा पानी मिल सकता है। अन्यथा फसलें पीली पड़कर मुरझा जाएगी। जिसका खमियाजा किसानों को भुगतना होगा।
मौसम में बदलाव
सावन व मानसून ने जिस प्रकार से किसानों को दगा दिया है। उसमें मौसम का बदलता परिवेश भी कोढ में खाज का काम कर रहा है। पिछले एक पखवाड़े से मौसम के विपरीत जिस गति से तापमान बढ़ा है। उसका असर खेतों में खड़ी फसलों पर देखने को मिल रहा है। फसलें मौस्म की मार झेल नहीं पा रही है और मुरझाने लगी है।


फसलों पर कीटों की मार
मूंगफली की फसल सर्वाधिक प्रभावित, दगा दे गया मानसून, किसान बेहाल
बीकानेर। मौसम के साथ ही इन दिनों फसलों पर कीटों की मार ने भूमिपुत्रों की नींद उड़ा दी है। मौसम में बदलाव के साथ-साथ सिंचाई पानी में आ रही अड़चन के चलते फसले पहले से ही मुरझाई हुई है। उस पर फसलों पर कीटों की मार ने कोढ में खाज का काम किया है। सर्वाधिक असर मूंगफली की फसल पर पड़ा है। भूमिपुत्रों का मामना है कि जल्द ही इससे निजात नहीं मिली तो उनकी बिजाई का खर्च भी निकल पाना मुश्किल है।
मौसम की मार
नहरी, नलकूप व बारानी तीनों ही क्षेत्र की फसलें मौसम की मार झेल रही है। जहां नहरी व नलकूप क्षेत्र में पूरा सिंचाई पानी नहीं मिल पा रहा है। वहीं बारानी क्षेत्र की फसलें मौसम की मार की वजह से पीली पड़कर मुरझाने लगी है। किसानों का मानना है कि यदि अब भी बारिश हो जाएं तो खेतों में खड़ी फसलों को नया जीवनदान मिल सकता है।
गोजा लट का प्रकोप
मूंगफली उत्पादन क्षेत्र में देश में अग्रणी रहे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों गोजा लट की दो प्रजातियों का प्रकोप है। छोटी व बड़ी दो प्रकार की यह गोजा लट बारिश होने तथा सिंचाई के बाद जमीन से बाहर निकलती है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में प्रति हेक्टयर पर तकरीबन 28 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन होता है। किंतु इस लट ने किसानों की नींद उड़ा दी हैं। हालांकि किसान अपने स्तर पर इस समस्या से निजात पानी की कोशिश में जुटे है। किंतु अभी तक सरकार, प्रशासन व विभाग की ओर से किसी प्रकार की कोई पहल नहीं हुई है।
उड़ीक में बीता सावन
इस बार मानसून पूर्व अच्छी बारिश होने से जिले के बारानी क्षेत्र के किसानों ने भी हिम्मत दिखाते हुए बारानी खेतों में ग्वार, मोठ, बाजरी, तिल आदि श्रावणी फसलों की बिजाई की थी। किंतु फसल बिजाई के बाद अनुकूलित मौसम के चलते फसलें अंकुरित तो हुई, किंतु पानी नहीं मिलने के कारण उनकी बढ़वार रूक गई तथा पीली पड़कर मुरझाने लगी है। किसान पूरे सावन माह में बारिश का इंतजार करता रहा, किंतु पानी की बूंद तक नहीं गिरी।
दगा दे गया मानसून
इस बार मानसून पूर्व जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से किसानों को मानूसन के दौरान अच्छी बारिश होने की उम्मीद थी। किंतु प्रकृति के साथ जुड़े इन किसानों को मानसून दगा दे गया। फसलों की बिजाई के बाद प्रकृति के नाम पर खेतों में पानी की एक बूंद तक नहीं गिरी। जिससे किसानों के सपने बिखर कर रह गए। दूसरी ओर कई किसान अतिवृष्टि का शिकार हो गए।
सिंचाई पानी में बिजली रोड़ा
नहरी क्षेत्र के किसान जहां पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलने से परेशान और त्रस्त है। वहीं नलकूप क्षेत्र के किसान सिंचाई पानी में रोड़ा बनी विद्युत आपूर्ति से परेशान है। कई क्षेत्रों में तो घरेलू व कृषि विद्युत लाइनें एक ही होने के कारण फाल्ट जैसी स्थिति में पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप होकर रह जाती है। जिससे खेतों में खड़ी फसलों को पानी पिलाने में विलम्ब हो रहा है। ऐसे में फसलें मुरझाने लगी है।
आशा के अनुरूप पानी नहीं
नहरी क्षेत्र के अंतिम छोर पर बैठें किसानों के तो और भी बुरे हाल है। ये किसान लम्बे समय से पूरा सिंचाई पानी नहीं मिलने का दंश झेल रहे है। वहीं सिंचाई पानी की चोरी भी इनके व विभाग के सामने कड़ी चुनौती है। दूसरी ओर नदियों के बांधों में अच्छी बारिश के चलते जहां पानी की अच्छी आवक हो रही है। उसके मुकाबले पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिसके कारण फसलों की सिंचाई के लिए पूरा पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
इन दिनों सिंचाई की सख्त जरूरत
खेतों में खड़ी फसलों के पकाव को लेकर इन दिनों सिंचाई पानी की सख्त जरूरत है। जिस गति से सिंचाई पानी मिल रहा है। उससे समय पर फसलों को पानी पिलाना मुश्किल है। ऐसे में नहर विभाग यदि चार में से दो समूह में सिंचाई पानी चलाएं। तभी समय पर फसलों को पूरा पानी मिल सकता है। अन्यथा फसलें पीली पड़कर मुरझा जाएगी। जिसका खमियाजा किसानों को भुगतना होगा।
मौसम में बदलाव
सावन व मानसून ने जिस प्रकार से किसानों को दगा दिया है। उसमें मौसम का बदलता परिवेश भी कोढ में खाज का काम कर रहा है। पिछले एक पखवाड़े से मौसम के विपरीत जिस गति से तापमान बढ़ा है। उसका असर खेतों में खड़ी फसलों पर देखने को मिल रहा है। फसलें मौस्म की मार झेल नहीं पा रही है और मुरझाने लगी है।

 

 

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विधायक और प्राचार्य का पुतला फूंका

बीकानेर। पीबीएम हैल्थ कमेटी की ओर से मंगलवार को कलक्ट्रेट में विधायक गोपाल जोशी की पुतला जलाकर प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने आरोप लगाया कि विधायक के रिश्तेदार का पीबीएम अस्पताल में हस्तक्षेप रहता है और वे पीबीएम अस्पताल में अनियमितताओं की जांच में बाधा डाल रहे हैं। इसके विरोध में पुतला जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संभागीय आयुक्त व अतिरिक्त संभागीय आयुक्त की ओर से पीबीएम के निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं पर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्रदर्शन में दिनेश व्यास, दौलत तंवर, अनोप सिंह, अंकुर शुक्ला, रविन्द्र सारस्वत, दीपक दैया, आशीष नाग, दिनेश व्यास, बजरंग छींपा, रामलाल, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र आदि शामिल थे।

 

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स्किल डवलपमेंट कोर्स प्रवेश की अंतिम तिथि कल

बीकानेर। प्रदेश के महाविद्यालयों में इग्नू के माध्यम से संचालित होने वाले स्किल डवलपमेंट सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अनुसुचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह से निशुल्क रहेगा। इसके लिए इस वर्ग के विद्यार्थियों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। केवल आवेदन के साथ २०० रूपये का शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसको लेकर कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय के विशिष्ट शासन सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर ने मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। पाठ्यक्रम को लेकर कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने 04 अगस्त को हुई वीडियो क्रांफेसिंग के बाद प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों को आदेश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक इग्नू के माध्यम से शुरू किए जा रहे इन पाठ्यक्रमों में आयुक्तालय ने कुल १८ पाठ्यक्रमों को शामिल किया है जिसमें हर कॉलेज को अधिकतम पांच और न्यूनतम तीन कोर्स शुरू करना अनिवार्य होगा। आयुक्तालय ने दिए निर्देश में बताया कि हर पाठ्यक्रम में अधिकतम २० विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि १० अगस्त है और आवेदन ऑफलाइन ही भरना होगा। आयुक्तालय ने हर कॉलेज से तीन संकाय सदस्यों का नाम मांगा है जहां इग्नू का केंद्र नहीं है। इसके साथ ही प्राचार्य को अपनी ओर से भी एक नाम के लिए अनुशंसा कर भेजनी होगी।

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कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने किया प्रदर्शन

बीकानेर। छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर राजस्थान राज्य अधीनस्थ कम्प्यूटर कर्मचारी संघ के बैनर तले कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में कम्प्यूटर कार्मिकों ने पदोन्नति का रास्ता खोलने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि अगर सरकार ने मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो इस आंदोलन तेज किया जाएगा।

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सीटों से दूर रहे बाबू, कार्यालयों में रहा सन्नाटा

दूर-दराज से आने वाले लोगों को हुई परेशानी, निदेशालय में कामकाज रहा ठप, आंदोलन रहेगा जारी
बीकानेर। विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से मंत्रालयिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए। कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने से कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया। यहां आने वाले लोगों को खासी परेशानी हुई। दूसरी ओर सामूहिक अवकाश पर मंत्रालयिक कर्मचारियों ने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुरेश व्यास ने बताया कि अप्रैल 2013 से लगातार मंत्रालयिक कर्मचारियों व सरकार के बीच गतिरोध चल रहा है। 3600 ग्रेड पे की पुरानी मांग को लेकर विरोध चल रहा है। मांग है कि सचिवालय कर्मचारियों के समान ही मंत्रालयिक कर्मचारियों को वेतन, भत्ते व प्रमोशन दिए जाने चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सचिवालय व अन्य विभागों के कर्मचारी एक ही माध्यम से चयनित होते हैं, फिर दोनों के वेतन, भत्तों व पदोन्नति आदि में असमानताएं क्यों अपनाई जा रही है। आरोप लगाया कि वर्तमान में सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि 2800 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को भविष्य में कोई लाभ नहीं दिया जाएगा, इस निर्णय का भी संघ पुरजोर विरोध करता है। इसके विरोध में गुरुवार तक मंत्रालयिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहकर विरोध जताएंगे। वहीं शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ के बैनरतले कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। जिलाध्यक्ष गिरिजाशंकर आचार्य ने कहा कि इस बार आर-पार की लड़ाई है। यदि अब पीछे हटे, तो भविष्य में नुकसान होगा। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।

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शहीद स्मारक व महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ का आरोप

बीकानेर। शहीद स्मारकों व महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही के चलते विगत एक पखवाड़े में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है, जहां शहीद स्मारक व महापुरुषों की प्रतिमाओं पर समाजकंटकों की नजर पड़ी है। शहीद कैप्टन चन्द्र चौधरी की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। इसे लेकर सत्येन्द्र चौधरी ने मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर प्रतिमाओं व स्मारकों पर तोडफ़ोड़ करने वालों क खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि 5 अगस्त को शाम चार बजे हमेशा की भांति स्मारक की सार-संभाल के लिए पहुंचा, तब जगह-जगह तोडफ़ोड़ की हुई मिली। इस पर पुलिस को मौके पर बुलाकर मुआयना कराया गया। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि विगत दिनों पन्नालाल बारूपाल व कोलायत में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा खंडित की जा चुकी है। सत्येन्द्र चौधरी ने मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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पुष्करणा प्रतिभा सम्मान समारोह 13 को

बीकानेर। पुष्टिकर सेवा परिषद के तत्वावधान में पुष्करणा प्रतिभा सम्मान समारोह 13 अगस्त को आयोजित होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकिशोर व्यास की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। बैठक मेें २०१६ व २०१७ में कक्षा दसवीं, बारहवीं मं ७० प्रतिशत, स्नातक, स्नातकोत्तर सहित उच्चतम योग्यताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन वालों को सम्मानित किया जाएगा। शाखाध्यक्ष सुरेन्द्र व्यास न बताया कि आवेदन शाखा कार्यालय लालाणी व्यासों का चौक, बीके स्कूल के पास श्रीराम बुक डिपा में जमा करा सकेंगे। बैठक में रमेश पुरोहित, मोहनलाल किराडू, सुरेन्द्र व्यास, राजकुमार, वीरेन्द्र किराडू आदि ने विचार रखे।

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