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बीकानेर समाचार

बीकानेर - ट्रेन की चपेट में आया युवक

बीकानेर। सेरूणा पुलिस थाना क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आ जाने से युवक की मौत हो गई। सेरूणा पुलिस थाना के थानाधिकारी श्यामसुंदर के अनुसार शव की शिनाख्त हो गई है और मोर्चरी में रखवाया है। जानकारी के अनुसार देराजसर निवासी मदनलाल (24) वर्षीय की ट्रेन की चपेट में आ जाने से मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। बीकानेर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन रोहिला ट्रेन जो कि देराजसर गांव के रेल मार्ग से गुजर रही थी, उसी दौरान मदनलाल अपने खेत जा रहा था। मदनलाल मंदबुद्धि व सुनाई नहीं देता था। जिसके चलते ट्रेन की चपेट में आ गया और मौके पर मौत हो गई।

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बीकानेर - बस की चपेट में आने से महिला की मौत

बीकानेर। सेरूणा पुलिस थाना क्षेत्र में बस की चपेट में आ जाने से एक महिला की मौत हो गई। गंभीर स्थिति में सेरूणा पुलिस महिला को पीबीएम ट्रोमा सेंटर लेकर आई लेकिन इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अभी शव को पीबीएम की मोर्चरी में रखवाया है। सेरूणा पुलिस थाना के हैड कांनिस्टेबल कानदान से मिली जानकारी के अनुसार जोधासर गांव के पास नखत बन्ना का मंदिन है, जहां आज सुबह श्रीगंगानगर के क्षेत्रियों की ढाणी रहने वाली लीला देवी पत्नी हरिसिंह नखत बन्ना धाम आई थी। सड़क पार करते समय लीला देवी बस की चपेट में आ गई और गंभीर घायल हो गई। गंभीर घायल अवस्था में लीला देवी को पीबीएम लाया गया, जहां उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

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बीकानेर - मिट्टी पर बनाया वाजपेयी का चित्र, दी श्रद्धांजलि

बीकानेर। यूं तो पूरा देश वाजपेयी के गम में बैठा है लेकिन बीकानेर से उनके लगाव को देखकर हर कोई हैरान रह गया। बीकानेर की गजनेर रोड पर कुछ कलाकारों ने वाजपेयी के निधन पर उनकी मिट्टीनुमा तस्वीर बनाकर मोमबत्ती लगाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस तस्वीर को देखकर हर किसी की आंखे नम हो गई।

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बाबा भैरूनाथ मित्र मंडल का जागरण 18 अगस्त को

बीकानेर। बाबा भैरुनाथ मित्र मंडल के तत्वावधान में 18 अगस्त को महावीर चौक सर्किल स्थित भैरूनाथ मंदिर के समक्ष विशाल जागरण का आयोजन रखा गया है। बाबा भैरूनाथ मित्र मंडल के प्रदीप गहलोत ने बताया कि मास्टर भंवर, नवरत्न रंगा, हरि बीकानेरी तथा भीलवाड़ा से नरेश प्रजापति भजनों की प्रस्तुति देंगे। गहलोत ने बताया कि दिल्ली से मनोज रिया एंड पार्टी की ओर से सजीव झांकियां प्रस्तुत की जाएगी।

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"पलटन" के कलाकारों को रियल आर्मी ने दी है विशेष ट्रेनिंग!

बीकानेर। जे पी दत्ता अपनी आगामी फिल्म "पलटन" को ले कर इन दिनों ख़ासा सुर्खियां बटोर रहे है। एक तरफ जहाँ हाल ही में रिलीज हुए फि़ल्म के ट्रेलर ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए है, वही जे पी दत्ता ने फि़ल्म में वास्तविकता बनाये रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भारत और चीन के बीच हुई जंग पर आधारित इस फि़ल्म के लिए सभी कलाकारों ने ख़ासा मेहनत की है। चूंकि यह भारतीय सेना के हिम्मत और ज़ज़्बे की एक अनकही और अनसुनी कहानी है इसिलए जे पी दत्ता ने 1967 में हुए उस युद्ध को एक बार फिर सबकी आंखों के सामने जि़ंदा करने की पूरी कोशिश की है। फि़ल्म की हर बारीकी को ध्यान में रखते हुए सभी कलाकारों को असली आर्मी द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी गयी है ताकि सभी कलाकार उस दौर में सैनिकों द्वारा किये गए संघर्ष की कहानी को उतनी ही जटिलता से पेश कर सके। युद्ध फिल्मों के अपने यथार्थवादी चित्रण के लिए प्रसिद्ध, निर्देशक जेपी दत्ता अपनी युद्ध त्रयी की तीसरी किश्त को 'पलटन' के साथ प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं। सिक्किम सीमा के साथ 1967 के नथू ला मिलिट्री के संघर्षों पर आधारित "पलटन" में चीनी घुसपैठ को रोकने के लिए एक तीव्र लड़ाई से सामना करने वाली भारतीय सेनाओं की एक अनकही कहानी दिखाई जाएगी। नाथू ला की लड़ाई भारतीय सेना के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी, जिसके कारण सिक्किम आज हमारे देश का हिस्सा है। युद्ध त्रयी की तीसरी फि़ल्म में अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, गुरमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे और सिद्धांत कपूर जैसे दमदार कलाकार अपने अभिनय का दबदबा दिखाते हुए नजऱ आएंगे। पावर-पैक प्रदर्शनों के साथ, यह फिल्म भारतीय सैनिकों की सबसे बड़ी और अनजान कहानी बताने का वादा करती है, जिन्होंने अंत तक अपने भाइयों के साथ यह जंग लड़ी थी। ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और जे पी दत्ता फिल्म्स द्वारा निर्मित, 'पलटन' जे पी दत्ता द्वारा निर्देशित है और 7 सितंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है।

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कोलायत के भवानी पाईवाल को दी घनश्याम तिवाड़ी ने दी बड़ी जिम्मेदारी

बीकानेर। भाजपा से अलग हुए वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी की नई राजनीतिक पार्टी भारत वाहिनी में बीकानेर के कोलायत विधानसभा के युवा भवानी पाईवाल को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। पाईवाल को भारत वाहिनी का प्रदेश मंत्री बनाया गया है। बीकानेर में छात्र राजनीति से सक्रिय पाईवाल पूर्व में भाजपा विचारधारा के छात्र संगठन एबीवीपी में भी काम कर चुके हैं और तिवाड़ी के पार्टी छोड़ने के साथ ही वो नई पार्टी में तिवाड़ी के साथ जुट गए हैं। पाईवाल ने नियुक्ति पर प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी और अखिलेश तिवाड़ी का आभार जताया है।
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21 को प्रदर्शन में पहुंचने का आह्वान

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

अखिल भारतीय सहायक कर्मचारी संघ आपके द्वार का गुरुवार को आगाज हुआ। राजकीय विभागों में कर्मचारी नेताओं ने किया जन सम्पक कर नुक्कड़ सभाएं की। अखिल भारतीय सहायक कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय आह्वान पर अपनी प्रमुख मांगों को लेकर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण पुरोहित, संभाग मन्त्री देवराज जोशी, पूर्व जिलाध्यक्ष गजानन्द, महासंघ के जिलाध्यक्ष जयकिशन पारीक आदि ने किया। जन जागरण व नुक्कड़ सभा व जन सम्पर्क अभियान की शुरूआत शिक्षा निदेशालय, वेटरीनरी कॉलेज, महारानी स्कूल, टीटी कॉलेज, उपनिदेशक ब्लॉक शिक्षा, जलदाय विभाग, सीएडी 8 नम्बर कोठी, वन विभाग के समस्त वर्गों के कर्मचारियों से जन सम्पर्क के साथ-साथ नुक्कड़ सभाऐं आयोजित कर कर्मचारियों के मांग पत्रों पर गहन-चिन्तन मन्थन हुआ।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण पुरोहित एवं संभाग मंत्री देवराज जोशी ने 21 अगस्त को राष्ट्रव्यापी कार्य बहिष्कार के कार्यक्रम को राजस्थान में शत-प्रतिशत सफल बना कर अपनी एकता का परिचय दे। जन सम्पर्क अभियान में सहायक कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेता सुनील तंवर, नन्द किशोर, जुगल किशोर रंगा, विमल कुमार विशिष्ठ, राजकुमार भाटी, गजानन्द मेहरा, हरिनारायण जयपाल, लक्ष्मण सिंह पंवार, जितेन्द्र व्यास, इमाम राम, शंकर दान, लेखराज, गणेश शर्मा, मुश्ताक अली, संजय कुमार, सुनील तंवर, भीखमचन्द, महेन्द्र आचार्य, श्याम सुन्दर पंवार, रमेश छंगाणी आदि मौजूद थे।

 

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पंचायती राज में टूटता आपसी 'संवाद'

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

कहते है ना कि हर समस्या का समाधान आपसी बातचीत 'संवाद' से संभव है, किंतु पंचायती राज में यह धारणा मिथ्या साबित हो रही है। नियमित व समय बैठकें नहीं होने से पंचायती राज व्यवस्था में आपसी 'संवाद' दम तोड़ता नजर आ रहा है। जिसकी जिला प्रशासन को फिक्र तक नहीं है। इसको लेकर कहीं न कहीं जिला परिषद सदस्यों में रोष स्पष्ट रूप से झलकता दिखलाई पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कभी भी समय पर बैठकें नहीं हुई। यदि किसी कारण से हुई तो महज खानापूर्ति बनकर रह गई। जिसके कारण उनके क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
छह माह से बैठक नहीं
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक पिछले छह माह से नहीं हो पाई है। जिसके कारण जनप्रतिनिधियों का आपस में तथा विभागीय अधिकारियों से संवाद तक नहीं हो पाया है। पिछली बैठक दिसम्बर माह में हुई थी। उससे पूर्व हुई बैठक का जिला परिषद सदस्यों ने एक स्वर से बहिष्कार करते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया था। परिषद सदस्यों का कहना था कि बार-बार विभागीय अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान तक नहीं हो पा रहा है। घूम-फिरकर वहीं समस्याएं सदन के बीच आ रही है। ऐसी बैठकों का आखिर में क्या औचित्य रह जाता है। उसके बाद परिषद प्रशासन ने जैसे-तैसे जनप्रतिनिधियों से गुजारिश की तथा आश्वासन दिया तब कहीं जाकर एक पखवाड़े के बाद बैठक हुई थी। उसी बैठक में महज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के वर्ष 2018-19 की कार्य योजना का अनुमोदन किया जाना था। जिला परिषद ने परिषद सदस्यों को भरोसे में लेकर जैसे-तैसे मनरेगा कार्य योजना का अनुमोदन तो कर दिया। किंतु उसके बाद भी साधारण सभा की नियमित बैठक नहीं बुलाई।
वित्त कमेटी की बैठक नहीं
जानकारी के मुताबिक स्थानीय स्तर पर गठित वित्त कमेटी की बैठक तो अभी तक एक बार भी नहीं हो पाई है। जबकि यह कमेटी ग्रामीण विकास विकास की मुख्य धुरी है। इस वित्त कमेटी में केन्द्रीय व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के तहत जिले के आवंटित होने वाले बजट व राशि के वितरण का निर्धारण होता है कि किस क्षेत्र में कितनी राशि वितरित की जाएं। किंतु देखने में आया है कि ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। बैठक में भी महज खानापूर्ति ही हो रही है।

कमोबेश यही स्थिति पंचायतों की

चाहे भले ही जनप्रतिनिधियों को जनता ने चुना हो, किंतु चुनने के बाद जनता व जनप्रतिधियों के बीच की खाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जाती है। ऐसा अब तक देखने में आया है। इसी खाई व दूरी को कम करने के लिए पंचायती राज ने प्रत्येक माह की 5,12,20 व 27 तिथियों को बैठकें आयोजित करने के निर्देश जारी कर रखे है। किंतु अधिकांशत: पंचायतों में तो उक्त तिथियों को बैठकें हो ही नहीं रही है तथा जिन पंचायतों में हो रही है वह भी महज खानापूर्ति बनकर रह जाती है।


तीन में एक बैठक अवश्य

पंचायती राज अधिनियम के तहत संवैधानिक रूप से गठित जिला परिषद व पंचायत समितियों की तीन माह में एक से कम एक बैठक होनी अनिवार्य है। किंतु कभी अभियान तो कभी विधानसभा की बहानेबाजी के चलते इन संस्थाओं के प्रशासनिक प्रमुख किसी न किसी तरह से टरकाने में लगे रहते है। जिसकी वजह से बैठकें निर्धारित समयावधि में नहीं हो पा रही है।

चुनाव से पूर्व बैठक की संभावना

दिसम्बर के बाद और विधानसभा चुनाव से पूर्व जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है। जिला परिषद इसकी तैयारी में जुटी हुई है तो उधर जनप्रतिनिधि भी विधानसभा चुनाव से ठीक पूर्व ऐनवक्त पर सदन को आइना दिखाने के लिए बेताब व आतुर नजर आ रहे है। इस बैठक में और कुछ हो न हो, किंतु इतना जरूर तय है कि जमकर हंगामा होगा।

कमेटियों की भी बैठकें नहीं

जिला परिषद व पंचायत समितियों में प्रशासनिक एवं स्थापना समिति, वित्त, शिक्षा, कृषि आदि को लेकर पांच कमेटियां गठित है। संबंधित कार्यों का इसी कमेटी के सदस्य बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लेते है। किंतु दुर्भाग्य से इन गठित कमेटियों की भी नियमित तथा समय पर बैठकें नहीं हो पा रही है। जिसके कारण आपसी संवाद टूटता जा रहा है तथा उनके बीच की दूरियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जन प्रतिनिधियों की आपसी खिंचतान का खमियाजा ग्रामीण अंचल में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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बीकानेर वाला मिलता तो अटलजी पूछते थे रसगुल्ला-भुजिया लाए हो क्या?

बीकानेर। जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में एक सामान्य कार्यकर्ता से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी को बीकानेर ने भी बहुत नजदीक से देखा है।वाजपेयी चार बार बीकानेर आ चुके हैं। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद उनसे जुड़ी यादों का पिटारा खुलते ही बीकानेर में जनसंघ के नेता रहे ओम आचार्य भावुक हो गए।

आज से करीब 65 साल पहले अटलजी ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरूआत की ही थी। उस वक्त बीकानेर के दांती बाजार में वाजपेयी की एक सभा हुई थी। यह पहली बार उनका बीकानेर आना था। इसके बाद वाजपेयी चार बार और बीकानेर आए। सन 1971, 1982, 1994 और 2003 में प्रधानमंत्री रहने के दौरान। जनसंघ के शुरूआती दौर और फिर भाजपा से जुड़े दो बार विधानसभा और एक बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता ओम आचार्य बताते हैं कि बीकानेर से उनका हमेशा से जुड़ाव रहा। एक सामान्य कार्यकर्ता से प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले वाजपेयी ने खुद के व्यक्तित्व के दम पर देश और पार्टी को नई ऊंचाइयां दी।
भुजिया रसगुल्ला रहता था याद
आचार्य बताते है कि बीकानेर से एक संघी कार्यकर्ता मदन भारती का जब भी दिल्ली में वाजपेयी से मिलने जाना होता था तो वे तपाक से पूछ उठते कि बीकानेर से आये हो भुजिया-रसगुल्ला लाये हो क्या? कोई बीकानेर से जाता था तो उनसे भी वाजपेयी यही पूछा करते थे।

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बीकानेर के किस्से - जब थैली को हिलाकर देखा अटल जी और बोले खाली तो नहीं है....

बीकानेर। बात सन 1982 की है, जब भाजपा जिला संगठन के बुलाने पर अटल बिहारी वाजपेयी बीकानेर आए थे। उस समय वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। भाजपा की स्थापना के बाद इसके प्रसार को लेकर देशव्यापी दौरे के तहत बीकानेर आए और इस दौरान बीकानेर में आयोजित सम्मेलन में वाजपेयी ने आमसभा को संबोधित किया था। उस समय वरिष्ठ नेता ओम आचार्य के पास भाजपा जिला अध्यक्ष का दायित्व था। वहीं दिवंगत कृपाचंद सुराणा कोषाध्यक्ष हुआ करते थे। 18 फरवरी 1982 को फोर्ट स्कूल के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उस समय भाजपा से जुड़े कई लोगों ने हिस्सा लिया था। 

हास्य विनोद का दिखा नजारा
अपने कार्यकर्ताओं के साथ हास्य विनोद कर उनसे आत्मीय रहते वाजपेयी को जब कार्यक्रम के पश्चात संगठन को सहयोग के लिए बीकानेर से संगठन स्तर पर जुटाई गई सहयोग राशि 1.51,000 रूपये की थैली कोषाध्यक्ष सुराणा ने भेंट की थी। थैली लेने के साथ ही तुरंत वाजपेयी ने सुराणा से कहा, थैली खाली तो नहीं है। दरअसल थैली में कुछ रूपयों के अलावा चेक भी था।


वाजपेयी के निधन पर अनेक लोगों ने जताया शोक

भारतीय राजनीति का एक अध्याय समाप्त

बीकानेर। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटलबिहारी वाजपेयी के निधन पर गुरुवार को अनेक राजनीति दलों के नेताओं ने शोक जताया है। इन नेताओं ने कहा कि वाजपेयी के निधन से भारतीय राजनीति में रिक्तता आ गई है जिसे भर पाना मुश्किल है।
बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि वाजपेयी का निधन अपूरणीय क्षति है भारतीय राजनीति में उनके योगदान को भुलाया नही जा सकता एक गंभीर राजनीतिज्ञ जिन्होंने अपना सब कुछ भारत को एक शक्तिशाली देश बनाने में लगा दिया। प्रवक्ता नितिन वत्सस ने कहा कि बीकानेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने वाजपेयी के निधन पर शोक प्रकट किया है। पुष्करणा युवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश कुमार आचार्य ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर संवेदना प्रकट की है। अखिल भारतीय आदिवासी मना महासभा के राष्ट्रीय संयोजक मोहरसिंह सलावद, किशोरीलाल मीना मीठालाल मीना, राष्ट्रीय छात्र सगठन की जिलाध्यक्ष कान्ता मीनाओम प्रकाश मीना आदि ने शेाक जताते हुए गहरी संवेदना प्रकट की है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष मुमताज अली भाटी ने वाजपेयी का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। असद रजा भाटी, भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष फारुख पठान, रममान अब्बासी, आदिल जोईया एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अनवर अजमेरी, बाबर कोहरी, फारुख चौहान, सलीम तंवर आदि कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया। भाजपा नेता अशोक तिवाड़ी, भाजपा के उपाध्यक्ष अशोक बोबरवाल, दीपक पारीक सहित कई नेताओं ने वाजपेयी के निधन पर शोक जताया है। पूर्व पार्षद सुनील बांठिया, बृजमोहन सिंह, कर्मचारी नेता राजकुमार जीनगर आदि ने शोक जताया।

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