Menu

बीकानेर समाचार

भविष्य के लिए लंबी राजनीतिक फौज हो रही तैयार

दोनों पार्टियों में बेहतर भविष्य की तलाश में 'युवा'
बीकानेर। बात करीब एक साल से थोड़े समय बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद की करें तो आने वाले समय में बीकानेर में युवाओं का राज रहेगा। पिछले पांच से दस सालों के बीच आए बदलाव में बीकानेर में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों में राजनीतिक रूप से समृद्घ कही जा सकने वाली युवा नेताओं की फौज तैयार हो रही है। ४० के आसपास के और इससे नीचे के उम्र के नेताओं की बात करें तो इनमें से अधिकतर की पहचान राजनीति की पौषधशाला माने जाने वाले छात्रसंघ चुनावों से उपजी हुई है। हालांकि कुछ गैर छात्रसंघ पृष्ठभूमि से हैं लेकिन पार्षद के चुनावों से लेकर संगठन में जिम्मेदारी के निर्वहन में जमीनी रूप से अपनी पकड़ मजबूत बनाते दिख रहे हैं।
कांग्रेस में भी कई चेहरे
बात अगर कांग्रेस की करें तो यहां भी देहात के साथ ही शहर में भी कई ऐसे चेहरे हैं जो राजस्थान की विधानसभा में दस्तक देने का माद्दा रखते हैं। हालांकि कुछ नेता अभी संगठन में भी जगह बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं लेकिन आने वाला समय इन युवाओं का होगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे चेहरों में प्रमुख तौर पर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष यशपाल गहलोत के साथ ही बिशनाराम सियाग, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शिवलाल गोदारा, आत्माराम तर्ड, विजयपाल बेनीवाल, मनोज सहारण, डॉ. राजेन्द्र मूंड, मनीष पुरोहित, जावेद पडि़हार, आन्नद जोशी समेत कई चेहरे हैं। इनमें सहारण तो गुजरात के होने वाले चुनाव में नवसारी जिले की एक विधानसभा सीट के प्रभारी हैं। वहीं राजेन्द्र मूंड यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव होने के साथ पंजाब में युकां प्रभारी है।
भाजपा में भी कमी नहीं
भाजपा में यूआईटी चैयरमैन महावीर रांका, उपमहापौर अशोक आचार्य, पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी के पौत्र अंशुमान सिंह भाटी, भाजपा आईटी सेल के प्रदेश संयोजक अविनाश जोशी, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज विश्नोई, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, भगवान ङ्क्षसह मेड़तिया, देहात युवा मोर्चा अध्यक्ष डॉ. भागीरथ मूंड, शहर अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी, विजयमोहन जोशी, भूपेन्द्र शर्मा, ताहिर हुसैन जैसे कई चेहरे हैं। जो भविष्य में किसी ना किसी रूप से संगठन और सत्ता में भागीदारी करके अपना प्रतिनिधित्व साबित कर सकते हैं। इनमें रांका और आचार्य तो फिलहाल भी पद पर काबिज ही हैं।
ट्वीटर पर सक्रिय
दीगर बात यह है कि भाजपा में नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस में राहुल गांधी के फॉलोअर के रूप में स्थानीय युवा नेता अपने अपने नेता के साथ फेसबुक पर सक्रिय होने के साथ सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म ट्वीटर पर भी सक्रिय है। यहां तक की हर सम सामयिक घटनाओं पर तुरंत रिएक्ट करने के साथ ही कमेंट करने की होड़ इन नेताओं में दिख रही है, हालांकि कुछ एक ट्वीटर पर कभी कभार ही नजर आते हैं। लेकिन धीरे धीरे आदतन होना शुरू हो गए हैं।
खेल भी बिगाड़ सकते हैं
वहीं कुछ बड़े नेताओं का खेल बिगाडऩे में भी युवा नेताओं का ही बड़ा योगदान हो सकता है। वर्तमान में जिले के प्रमुख नेताओं की टीम में जुटे कई अति उत्साही नेता काम बनाने के बजाय बिगाडऩे में लगे हुए हैं। यह नेता अपनी महत्वकांक्षाओं को शांत करने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं की फिल्डिंग बिगाडऩे में लगे हुए हैं।

Read more...

रेल यातायात प्रभावित

बीकानेर। पूर्वोत्तर रेलवे के कटियार मण्डल पर बारिश के कारण पानी भर जाने के कारण एवं हरियाणा में कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुये भटिण्डा,सिरसा, हिसार रेलखण्ड की रेल सेवाओं रद्द किया जा रहा है। बीकानेर रेल मंडल के वाणिज्यिक प्रबन्धक के मुताबिक भगत की कोठी कामख्या रेल 12 सितम्बर को, कामख्या-भगत कोठी रेल सेवा 8 व 15 सितम्बर को, जयपुर-कामख्या रेल 11 को, कामख्या-जयपुर रेल 14 सितम्बर को, बाड़मेर-गौहाटी रेल 10 व 12 सितम्बर, बीकानेर-मेड़ता रोड गोहाटी रेल 11 व 13 सितम्बर को, गौहाटी, बाड़मेर-बीकानेर रेल 9 व 14 सितम्बर को, मेड़तारोड-बीकानेर रेल 11 व 16 को, डिब्रूगढ़-लालगढ़ रेल 8 से15 सितम्बर तक, लालगढ़-डिब्रूगढ़ रेल 8-15 सितम्बर तक, भटिण्डा-दिल्ली रेल 6 को, दिल्ली-भटिण्डा 6 सितम्बर को, श्रीगंगानगर-रेवाड़ी और रेवाड़ी-श्रीगंगानगर रेल सेवा 6 सितम्बर को रद्द रहेगी।
जबकि रेवाड़ी-फाजिल्का रेल सेवा 6 को हिसार तक, रेवाड़ी-भटिण्डा रेल सेवा 6 को हिसार तक, भटिण्डा-रेवाड़ी रेल सेवा 6 को हिसार से संचालित होगी। इसी प्रकार फाजिल्का-रेवाड़ी रेल 6 सितम्बर को हिसार से संचालित होगी। सिरसा से 6 को शुरू होने वाली सिरसा-तिलकब्रिज रेल हिसार से, हिसार-जींद रेल भटिण्डा से, धुरी-सिरसा रेल हिसार से, सिरसा-लुधियाना रेल सेवा 6 सितम्बर को हिसार से संचालित की जाएगी। जबकि अमृतसर-अजमेर एक्सप्रेस का मार्ग बदला गया है। अब यह रेल भटिण्डा, जाखल, हिसार होकर संचालित होगी।

Read more...

ब्लू व्हेल के बाद सतर्क हुआ सीबीएसई

स्कूलों को इंटरनेट उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी
बीकानेर। ब्लू व्हेल गेम से हाल ही में दुनिया भर में बच्चों के आत्महत्या के मामलों के बाद हालांकि देश में इस गेम को बैन कर दिया गया लेकिन इसके बाद भी सतर्कता बरतते हुए सीबीएसई ने देशभर के संबंद्घ स्कूलों को एक निर्देश जारी कर स्कूलों में और स्कूल बस में बच्चों को इंटरनेट उपयोग को लेकर कुछ सावधानियां बरतने के निर्देश देते हुए सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की सलाह दी है। सीबीएसई ने जारी परिपत्र में बताया कि स्कूलों में उपयोग कर रहे विद्यार्थियों पर इस बात की निगरानी की जाए कि वो इंटरनेट का उपयोग केवल ज्ञानवद्र्घन के साथ ही शिक्षा के समुचित विकास के लिए करें। हालांकि सीबीएसई ने अपने परिपत्र में ब्लू व्हेल का कोई जिक्र नहीं किया जा रहा है लेकिन हाल ही में सामने आई घटनाओं के बाद जारी हुए परिपत्र इसी को लेकर है इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

स्कूलों में 'टुक बुक' के माध्यम से उपलब्ध करवाएं किताबें
सीबीएसई ने स्कूलों द्घारा बच्चों को किताबें खरीदने के लिए दिए जा रहे दबाव को लेकर भी एक सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक स्कूल अपनी डिमांड एनसीईआरटी को बताकर अपना ऑर्डर पूरा कर सकते हैं और उसके बाद स्कूल में ही एक कैंपस में 'टुक बुकÓ खोलकर बच्चों को किताबें उपलब्ध करवा सकते हैं ताकि बच्चों को अनावश्यक ठगी और स्कूल प्रशासन का अनुचित दबाव नहीं सहना पड़े।

शिक्षकों को एक सप्ताह का कराए प्रशिक्षण
सीबीएसई ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर भी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशों के मुताबिक स्कूलों को कार्यरत शिक्षकों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण एक साल में कराना जरूरी है। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र और राज्य से स्वीकृत एजेंसी या बोर्ड से ही कराया जाने पर मान्य होगा।

Read more...

बोर्ड की बदौलत स्कूलों का रिकॉर्ड होगा दुरूस्त


ऑनलाइन आवेदन फार्मों में शाला दर्पण से विद्यार्थी संबंधी डाटा लेने के कारण दुरूस्त करनी पड़ रही है गलत सूचनाएं
बीकानेर। शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों से संबंधित डाटा को दुरूस्त करने के लिए जहां राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (रमसा) तीन साल से प्रयास कर रही थी और सफलता नहीं मिल रही थी, उसे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने महज एक माह में ही दुरूस्त करा दिया। बोर्ड की ओर से सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से जुड़े डाटा शाला दर्पण पोर्टल से ऑटोमेटिक लेेने की व्यवस्था के चलते विगत एक माह से संस्था प्रधान स्कूल के शाला दर्पण पोर्टल को अपडेट करने में लगे हैं। इसके बावजूद गलतियां ठीक नहीं हो रही है। जबकि बोर्ड आवेदन की अंतिम तिथि 7 सितम्बर निर्धारित है। ऐसे में निर्धारित तारीख तक पोर्टल को अपडेट करने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था ने संस्था प्रधानों की नींद उड़ा दी है।
कहीं जन्मतिथि, तो कहीं स्पेलिंग मिस्टेक
आठवीं बोर्ड परीक्षा में आवेदन के दौरान आयु संबंधी गलती को दुरूस्त नहीं कराने के कारण संस्था प्रधानों के सामने इस बार यह सबसे बड़ी समस्या हो गई है। आवेदन में आठवीं बोर्ड परीक्षा के नामांकन व परिणाम की जानकारी अपलोड करनी अनिवार्य है। जिसमें अनेक विद्यार्थियों की जन्मतिथि गलत प्रिंट है। अधिकांश के नाम, माता-पिता के नाम आदि की स्पेलिंग मिस्टेक है, जो शाला दर्पण पोर्टल पर दुरूस्त होने पर ही आवेदन में प्रिंट होगी।
फिर आवेदन का मौका नहीं
शाला दर्पण पोर्टल पर संशोधन से पूर्व यदि किसी विद्यार्थी का फार्म ऑनलाइन भर दिया गया है और संशोधन के बाद उस आवेदन को डिलिट करना चाहते हैं, तो उसका संशोधित आवेदन फार्म पहले भर लें, नहीं तो बोर्ड एक बार डिलिट करने के बाद उस एसआर नम्बर को स्वीकार नहीं करेगा।

व्यावसायिक में असमंजस
बारहवीं का ऑनलाइन आवेदन भरने के दौरान व्यावसायिक ट्रेड के विद्यार्थियों के आवेदन में तीसरा एच्छिक विषय ट्रेड को दर्शाया जा रहा है। जबकि संस्था प्रधानों को इसकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में तीन एच्छिक विषयों में से विद्यार्थी को कौन सा विषय रखना चाहिए। इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।

 

 

Read more...

वसूली में पिछड़ रहा नगर निगम

बीकानेर। महानगरीय तर्ज पर शहरवासियों को सुविधाएं उपलब्ध कराकर प्रतिदिन लाखों रुपए किराया वसूलने वाले मैरिज पैलेस व भवन संचालकों से टैक्स वसूली से नगर निगम प्रशासन कतरा रहा है। इसकी बानगी वित्तीय वर्ष २०१७-१८ में यूडी टैक्स वसूली के आंकड़ों में मिलती है। नगर निगम की आय का एक बड़ा स्रोत होने के बावजूद वित्तीय वर्ष के पांच महीनों में नगर निगम अब तक केवल एक करोड़ रुपए की ही वसूली कर पाया है। आश्चर्य की बात यह है कि वर्ष २०१५-१६ में छह करोड़ की वसूली तत्कालीन आयुक्त एनएल मीणा के निर्देशन में महज तीन माह में कर ली गई, परन्तु इस बार पांच माह में अधिकारी कागजी घोड़े दौड़ाते रहे।
नगर निगम प्रशासन के आंकड़ों पर गौर करें, तो शहर में दर्जनों की संख्या में भवन व मैरिज पैलेस संचालित हो रहे हैं। इनमें से गिनती के भवन ही नगर निगम में पंजीकृत है। ऐसे में नगर निगम को दोहरा नुकसान हो रहा है। स्थिति यह है कि वसूली का आंकड़ा कम हो रहा है, जबकि भवनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि रीको औद्योगिक क्षेत्र व आवासीय क्षेत्र में संचालित अधिकांश मैरिज पैलेस अवैध रूप से बने हुए हैं। यदि निगम प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करे, तो यूडी टैक्स का आंकड़ा कई करोड़ तक हो सकता है।
क्या है यूडी टैक्स
व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले भवनों दुकानों, मकानों आदि से नगरीय विकास कर लेने का प्रावधान है, शहर में एक भी गली-मोहल्ला ऐसा नहीं है, जहां आवासीय भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होता हो। निर्माण के साथ ही संबंधित निरीक्षक को इसकी सूचना निगम कार्यालय में देनी होती है इससे निगम प्रशासन को यूडी टैक्स के रूप में करोड़ों की आय हो सकती है। टैक्स का आंकलन भी वसूली जाने वाली राशि के आधार पर होता है। ऐसे में उन भवनों व मैरिज पैलेसों से ही निगम प्रशासन को करोड़ों की आय हो सकती है, जो प्रतिदिन पचास हजार से दो-तीन लाख रुपए तक किराया वसूलते हैं। जानकारी के अनुसार नगर निगम की ओर से तैयार की गई बड़े टैक्स धारकों की सूची में रानी बाजार, व्यास कालोनी, गंगाशहर आदि क्षेत्रों के कई भवन व कॉम्पलेक्स है, जहां वसूली के लिए निगम प्रशासन अब तक नोटिस भी जारी नहीं कर पाया है।
पार्षदों की एकराय, फिर भी वसूली में नहीं दिखाई दिलचस्पी
फरवरी व मई माह में हुई नगर निगम की साधारण सभा व बजट बैठक में यूडी टैक्स वसूली को लेकर सत्ता व विपक्षी पार्षदों ने एक राय से प्रस्ताव पारित किए लेकिन वसूली के आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पार्षदों के सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया गया। नेता प्रतिपक्ष जावेद पडि़हार का कहना है कि नगर निगम के पास तमाम भवनों, मैरिज पैलेसों की सूचियां मौजूद है लेकिन नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली जाती है। अनेक भवन गंगाशहर क्षेत्र के हैं। इस वजह से वसूली नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि आबादी क्षेत्र में नगर निगम की बिना स्वीकृति के संचालित भवनों को सीज करने की कार्रवाई की जाए, तो आसानी से यूडी टैक्स के रूप में करोड़ों रुपए निगम को मिल सकते हैं।
चल रहे हैं प्रयास
यूडी टैक्स में एक करोड़ से अधिक की वसूली की जा चुकी है। कई बड़े टैक्सधारकों को सूचीबद्ध किया है। उन्हें टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। अभी वित्तीय वर्ष के सात माह बाकी है। ऐसे में वसूली का आंकड़ा काफी अधिक होगा।
-निकया गोहाएन, आयुक्त, नगर निगम, बीकानेर।

Read more...

'टोपा टोपा जूण' का लोकार्पण 10 को


बीकानेर। साहित्यकार यादवेन्द्र शर्मा चन्द्र के राजस्थानी में अनूदित उपन्यास 'टोपा-टोपा जूणÓ का लोकार्पण 10 सितंबर को होगा। 'चन्द्र' के हिंदी उपन्यास 'कतरा कतरा जिंदगी' का उक्त अनुवाद सूरतगढ़ के राजस्थानी साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी ने किया है। सरस्वती काव्य एवं कला संस्थान तथा स्वामी रांकावत युवामंच के तत्वावधान में रविवार को सुबह 11 बजे जेलवैल स्थित मोती भवन में कार्यक्रम होगा। संस्थान के अध्यक्ष अरविंद ऊभा ने बताया कि अनूदित कृति पर पत्रवाचन राजस्थानी रचनाकार शंकरसिंह राजपुरोहित करेंगे। साहित्यकार डॉ. चेतन स्वामी, बुलाकी शर्मा एवं डॉ. मदन सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

Read more...

'एकत्व का भाव ही साधना का प्रथम सौपान'


बीकानेर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के गच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभ सूरिश्वर ने मंगलवार को बागड़ी मोहल्ला की ढढ्ढा कोटड़ी मे प्रवचन में कहा कि संसार में अकेलापन अनेक समस्याओं का कारण नजर आता है, वहीं आध्यात्मिक क्षेत्र में अकेलेपन को प्रसन्नता व आत्म से जुडऩे का प्रमुख माध्यम बताया गया है। उन्होने कहा कि जब तक व्यक्ति दूसरों के स्वार्थ की पूर्ति करता है, लोग उसके आगे पीछे घूमते है तथा उससे प्रेम करते है। परन्तु जब इसके विपरीत होता है तब सब उसका साथ छोड़ देते है। वर्तमान में लोग यंत्र तुल्य कार्य कर अपनी इच्छाओं और स्वार्थ की पूर्ति में लगे हुए है, उनको दूसरों की भावना से कोई सरोकार नहीं हैं। गच्छाधिपति ने कहा कि साधना के क्षेत्र में मैं अकेला हूं, एकत्व का भाव ही साधना का प्रथम सौपान है। प्रवचन स्थल पर सांचोर के वरिष्ठ श्रावक मांगीलाल व पवन राज का जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की ओर से पदम पारख व झंवर लाल बेगानी ने अभिनंदन किया।

उदयरामसर मेला बुधवार को
जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के आचार्य जिन मणि प्रभ सागर सूरिश्वर, जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ के मुनि व साध्वीवंृद के सान्निध्य में बुधवार को उदयरामसर में दादा गुरुदेव जिनदत्त सूरिश्वर की संगीतमय बड़ी पूजा का आयोजन होगा। आचार्य बुधवार को सुबह पांच बजे डागा, सेठिया पारख मोहल्ले के महावीर भवन व रांगड़ी चौक के सुगन महाराज के उपासरे से श्रीसंघ के साथ उदयरामसर पहुंचेगे। जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के मुनि व साध्वीवृंद उदयरामसर मंगलवार को ही पहुंच चुके है। चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल ने बताया कि भक्ति संगीत संध्या में स्थानीय के साथ बाहर से आमंत्रित कलाकार भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देंगे। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है।

Read more...

एक माह बाद भी कोच का फैसला फाइलों में बंद

गत माह स्पोटस स्कूल के विभिन्न खेलों के कोच के लिए निदेशालय में हुआ था वाक्-इन-इंटरव्यू
बीकानेर। खेलों व खिलाडिय़ों केे प्रति राज्य सरकार की उदासीनता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि करीब एक सत्र से प्रदेश के सबसे बड़े राजकीय स्पोट्र्स स्कूल में कई महत्वपूर्ण खेलों के कोच की नियुक्ति के लिए वाक्-इन-इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जबकि शिक्षा निदेशालय बीकानेर में स्थित है। दो बार वाक्-इन-इंटरव्यू की तारीख घोषित होने के बाद साक्षात्कार स्थगित कर दिए गए। अगस्त माह में साक्षात्कार हो गए लेकिन निर्धारित योग्यता के कोच नहीं मिले। ऐसे में पूर्व में लगे कोच को आगामी आदेशों तक यथावत रखना है अथवा अन्य किसी शारीरिक शिक्षक का कोच लगाना है। यह तय नहीं हो पाया है।
निदेशक ने पहले नवम्बर 2016 के आसपास वाक्-इन-इंटरव्यू का प्रस्ताव भेजा, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया लेकिन उसके साथ निदेशालय में रिक्त पदों पर लिपिक ग्रेड द्वितीय व अन्य शिक्षा अधिकारियों को वाक्-इन-इंटरव्यू के माध्यम से लगाने का निर्णय किया गया, जिसका विरोध होने पर वाक्-इन-इन्टरव्यू स्थगित करना पड़ा, बाद में १२ जनवरी २०१७ को आदेश जारी कर स्पोट्र्स स्कूल, निदेशालय व जोधपुर स्थित फिजिकल महाविद्यालय में कोच व कार्मिकों की नियुक्ति के लिए २४-२५ जनवरी २०१७ को वाक-इन-इंटरव्यू के आदेश दिए थे। लेकिन गणतंत्र दिवस की पूर्व तैयारियों में विद्यालयों की व्यस्तता का हवाला देकर वाक-इन-इंटरव्यू स्थगित कर दिए हैं। इस बार अगस्त माह में वाक्-इन-इन्टरव्यू आयोजित किए गए जिनमें निर्धारित योग्यता वाले प्रशिक्षक नहीं पहुंचे। नियमानुसार वाक्-इन-इंटरव्यू स्थगित कर पुन: तारीख घोषित होने चाहिए लेकिन निदेशालय स्तर पर गठित समिति ने अब तक अपना निर्णय नहीं दिया है।
कई महत्वपूर्ण कोचों की कमी
सादुल स्पोट्र्स स्कूल में हॉकी, कुश्ती, बास्केटबॉल, खो-खो, क्रिकेट, जिम्नास्टिक, वॉलीबाल जैसे महत्वपूर्ण खेलों के कोच नहीं है। ऐसे में शारीरिक शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लगाया हुआ है। इनमें कुछ शारीरिक शिक्षक स्पोट्र्स स्कूल में कोच के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं कर रहे हैं। लेकिन अन्य व्यवस्था नहीं होने के कारण इन्हें यहीं पर रखा हुआ है। कोच के अभाव में इनमें से कुछ महत्वपूर्ण खेलों की गतिविधियां प्रभावित हो रही है। एक साल पहले स्कूल कोसिंल की मीटिंग में तत्कालीन जिला कलक्टर व शिक्षा निदेशक की मौजूदगी में इस आशय के प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय किया गया। जिसे सरकार की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद निदेशक ने वाक-इन-इंटरव्यू के लिए कमेटी गठित की थी।
फिर भी जीत रहे खिलाड़ी
स्पोट्र्स स्कूल में निर्धारित योग्यता के कोच भले ही पदस्थापित न हो लेकिन वर्तमान में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों की बदौलत प्रत्येक खेल में स्पोर्ट्स स्कूल की टीमें लगातार जीतती जा रही है। हॉकी, क्रिकेट, बैडमिंटन आदि में टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

Read more...

जिला स्तर पर होगा शिक्षक दिवस कार्यक्रम

महारानी बालिका उमावि में होगा आयोजन, जिला शिक्षा अधिकारी ने बनाई अलग-अलग समितियां
बीकानेर। आगामी पांच सितम्बर को शिक्षक दिवस पर शिक्षा विभाग की ओर से जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक उमाशंकर किराड़ू ने आयोजन को लेकर अलग-अलग समितियों का गठन किया है, जिन्हें समय से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। रमसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हेतराम सारण ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित होगा। जिसमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
आयोजन समिति गठित
समारोह के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी उमाशंकर किराड़ू, एडीईओ रमेश ओझा, भूपसिंह तिवाड़ी, रमसा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हेतराम सारण, एसएसए के एडीपीसी भंवरलाल सारस्वत आदि शामिल है। इसके अलावा प्रदर्शनी आयोजन समिति, वित्त समिति, संचालन एवं बैठक व्यवस्था समिति, प्रशस्ति पत्र-निमंत्रण पत्र समिति का गठन किया गया है।

Read more...

तालाबों में नहीं कर सकेंगे प्रतिमाओं का विसर्जन

बीकानेर। शहर के ऐतिहासिक तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जा सकेगा। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनिल गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना एवं पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी शहर के तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करें। शहर के तालाबों में कोई भी प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करेगा इसे ध्यान रखते हुए तालाबों पर आवश्यक पुलिस व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई इन आदेशों की अवहेलना करता है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Read more...
Subscribe to this RSS feed

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News