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बीकानेर समाचार

बीकानेर से गंगानगर तक चल रहा यह गोरखधंधा

बीकानेर। सीमा क्षेत्र में जाली भारतीय मुद्रा के चलन का पर्दाफाश खाजूवाला व रावला-श्रीगंगानगर पुलिस ने किया है। एक महिला को रावला में पकड़ा गया है जबकि खाजूवाला में आठ जनों को गिरफ्तार किया गया है। महिला से 25हजार600 रुपए व आठ अन्य से 13 हजार से अधिक की नकली मुद्रा जब्त की गई है। जिला पुलिस अधीक्ष्क सवाईसिंह गेादारा के निर्देश पर सीओ खाजूवाला इस्माइल खंा ने सीआई विक्रमसिंह चारण के नेतृत्व में सीमा क्षेत्र में जाली नोट प्रचलन की सूचना का विवरण जुटाने के लिए टीम बनाई। टीम में एएसआई श्रवणराम,हेडकांस्टेबल राजूरम,बाबूलाल,धर्माराम,कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ,ललित कुमार व अन्य शामिल थे। यूं मिली सूचना सीओ ने बताया कि टीम बनने के बाद सीआई को सूचना मिली कि श्रीगंगानगर के रावला में कालूराम उर्फ जगदीश व उसकी पत्नी राजबाला बिश्नोई जाली मुद्रा चलाने के कारोबार में लिप्त है। इस पर एक टीम रावला रवाना की गई। वहां रावला पुलिस के सहयोग से राजबाला को पकड़ा गया जबकि उसका पति हाथ नहीं लगा। राजबाला के पास 25हजार600 रुपए की जाली भारतीय मुद्रा मिली। उसके खिलाफ रावला थाने में मामला दर्ज कराया गया। इसीक्रम में सूचना के आाधार पर खाजूवाला में बीकानेर रोड पर एक कॉलेज पास दूसरी टीम गई तो कुछ लड़के टीम को देख कर भागे जिन्हें काबू किया गया। इनमें शकरलाल पुत्र धनराज,प्रेमकुमार,सुबोध बिश्नोई,शंकरलाल,रोहिताश,अरविंद,रविन्द्र व चंदू को पकड़ कर तलाशी ली गई। सीओ के अनुसार शंकर पुत्र धनराज से सौ-सौ के 14नोट मिले। इसी प्रकर प्रेम कुमार से 19,सुबोध बिश्नोई से 14,शंकर के पास 18,रोहिताश के पास15,अरविंद के पास 15,रविन्द्र के पास 15 व चंदू के पास सौ-सौ के बीस नोट मिले।सत्यापन के लिए कार्रवाई में एक बैंक कर्मचारी को शामिल किया गया। इन लोगों से कुल 13हजार रुपए जाली मिले। मुकदमा दर्ज खाजूवाला सीआई विक्रमसिंह ने बताया कि इनके खिलाफ कई दिनों से सूचनाएं जुटाई जा रही थी। शराब ठेके के कर्मचारी व चाय के होटल वाले ऐसे संकेत दे रहे थे और जाली नोट कौन दे रहे हैं उनका हुलिया भी बता रहे थे। तार रावला से जुड़े होने की जानकारी मिली तो खाजूवाला पुलिस की ही सूचना पर वहां कार्रवाई की गई। आठ अन्य के खिलाफ खाजूवाला थाने में आईपीसी की धारा 489सी व डी में मामला दर्ज किया गया है। सीआई खुद ही इस मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किय जाएगा।

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बीकानेर में भड़का किसान आंदोलन, पुलिस-किसानों में हुई लाठी-भाटा जंग, सांडों के साथ निकाली रैली

बीकानेर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के किसानों को पानी नहीं मिलने का विरोध शुक्रवार को उग्र हो गया। हालात यहां तक पहुंच गए कि पुलिस और किसानों में लाठी भाटा जंग हो गई और दोनों तरफ से करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए।
लूणकरनसर में पिछले दस दिन से किसान सभा से जुड़े काश्तकार आंदोलन कर रहे हैं। इन किसानों की मुख्य मांग है कि नहर प्रशासन की ओर से हाल ही में छोटे किए गए मोघो को फिर से बड़ा किया जाए। नहरी पानी को खेत तक पहुंचाने की अंतिम इकाई मोघे हैं, जिन्हें पिछले दिनों छोटा कर दिया गया। किसानों की मांग को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
सांडों को लेकर पहुंचे किसान
किसानों ने विरोध का अनूठा तरीका निकाला। वो ग्रामीण क्षेत्रों से आवारा सांड लेकर लूणकरनसर पहुंचे। बताया जाता है कि बड़ी संख्या में आवारा सांड लूणकरनसर पहुंचे तो पूरे कस्बे में हडकंप मच गया। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने सांडो को निकालना शुरू किया तो दोपहर करीब बारह बजे पुलिस और किसान आमने-सामने हो गए। पुलिस ने लाठी चार्ज किया। इससे एक बार तो किसान इधर-उधर हो गए लेकिन बाद में फिर से किसान एकत्र हो गए। शाम करीब पांच बजे पुलिस और किसानों के बीच हुई लाठी भाटा जंग में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिसमें तीन-चार पुलिसकर्मी भी शामिल है। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे।
यह हुए घायल
लाठी भाटा जंग में छह किसानों के चौटें आई है। वहीं करीब चार-पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए है। जानकारी के अनुसार लाठीचार्ज में मलकीसर गांव निवासी 45 वर्षीय मामराज, रोजा निवासी 50 वर्षीय चैनाराम नाथ, काकडवाला निवासी 56 वर्षीय हंसराज, शंकरलाल और गंगाजल घायल हुए। इसमें से हंसराज के गंभीर चौटें आई है।
रोकी बीकानेर-दिल्ली ट्रेन
किसानों ने प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को कई बार मुख्य मार्ग पर जाम कर दिया। इस बीच पुलिस भी बार-बार किसानों को खदेड़ती रही। आक्रोशित किसान रेलवे स्टेशन पर भी पहुंच गए। इस दौरान वहां पहुंची बीकानेर-दिल्ली गाड़ी जो वाया गंगानगर होकर गुजरती है। इसके आगे प्रदर्शन किया। इस कारण गाड़ी करीब पांच से छह मिनट तक खड़ी रही। इस बीच पुलिस और आरएससी के जवानों ने किसानों को खदेड़ा। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। यह गाड़ी करीब साढ़े पांच बजे लूणकनसर पहुंची थी।
अभी तेज होगा आंदोलन
आनन्दपाल आंदोलन के बाद बीकानेर में किसान आंदोलन की आग भड़क सकती है। किसानों ने शनिवार को बीकानेर के अलावा श्रीगंगानगर के किसानों को लूणकरनसर बुलाया है। माना जा रहा है कि हेतराम बेनीवाल भी शनिवार को लूणकरनसर आ सकते हैं।

 

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उफान पर है भाजपा की अंदरुनी राजनीति

 डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर डेढ़ साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर और कोई पार्टी भले ही सक्रिय नहीं हुई लेकिन सत्तारुढ़ भाजपा इन दिनों काफी गंभीर चल रही है। पार्टी की अंदरुनी कलह खुलकर सामने आ गई है, वहीं टिकट के दावेदार कई नेता इस कलह का लुत्फ उठाते हुए दूर बैठे तमाशा देखने में ही व्यस्त है। भाजपा में गुटबाजी का सबसे बड़ा अखाड़ा नगर निगम है, जहां इसी पार्टी का राज है। इसके बाद भी कांग्रेस को विरोध करने मौका नहीं मिल रहा है। खुद भाजपा के पार्षद ही महापौर के खिलाफ इतना जबर्दस्त अभियान चलाए हुए हैं कि विपक्ष के लोग दूर बैठने को मजबूर है।

गाय के नाम पर राजनीति

पिछले दिनों भाजपा पार्षदों और पदाधिकारियों का गायों के संरक्षण के नाम पर किया गया अनशन भी, इसी राजनीति का एक हिस्सा है। पार्टी का एक पक्ष न सिर्फ महापौर को हटाना चाहता है बल्कि अपने पसंदीदा नेता को महापौर बनाने की मुहीम में जुटे हुए हैं। हालांकि इस बार घरेलू विरोधियों का तर्क सही था कि शहर में गायों के संरक्षण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चूंकि विरोध करने वाले अपने ही थे, इसलिए प्रशासन ने तुरत फुरत में कोई न कोई व्यवस्था कर दी। हालांकि इसके बाद भी कमियां निकालने वालों की कमी नहीं है।

दो पाटन के बीच शहर अध्यक्ष

भाजपा पार्षदों और महापौर के बीच की लड़ाई में एक बार फिर शहर भाजपाध्यक्ष सत्यप्रकाश आचार्य को ही जुटना पड़ा। बार बार पार्षदों के विरोध और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे शहर अध्यक्ष महापौर का पक्ष लेकर भी फंस रहे हैं और उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा करके भी। ऐसे कई मौकों के बाद अब तो एक गुट शहर अध्यक्ष के खिलाफ ही बोलने लगा है। शहर अध्यक्ष को बदलने की बात की जाने लगी है। ऐसे में शहर अध्यक्ष की हालत दो पाटन के बीच फंसने वाली है।

बड़े नेताओं की दूरी

कार्यकर्ताओं की हर बात पर तैयार रहने का दम भरने वाले बड़े नेता महापौर और पार्षदों की लड़ाई से दूरी बनाए हुए हैं। अनशनकारी पार्षदों की बात मानने के बाद भी महापौर अब भी उनके निशाने पर है और विधायकों व सांसद सहित कोई वरिष्ठ भाजपा नेता इनके बीच में आने की कोशिश नहीं कर रहा है। दरअसल, अधिकांश बड़े नेता दूर से ही अपनी गोटियां चल रहे हैं, कोई निशाने पर लग रही है और कोई नहीं।

टिकट दावेदार है मौन

पार्टी में विरोध सिर्फ निगम तक सीमित नहीं है। पार्टी के पुराने पदाधिकारी और वर्तमान पदाधिकारी भी एक दूसरे के सामने हैं। मंडल कार्यकारिणी से लेकर जिला कार्यकारिणी और प्रदेश कार्यकारिणी तक एक दूसरे के खिलाफ है। शिकायतों के कई दौर जयपुर तक चल चुके हैं और कुछ आने वाले समय में चलेंगे। इस राजनीति में टिकट के दावेदार कई युवा और वरिष्ठ नेता चुप्पी साधे हुए हैं। वो दोनों पक्षों के साथ बने रहना चाहते हैं ताकि कहीं कोई कमी नहीं रह जाए।

प्रभारी भी ज्यादा गंभीर नहीं

बीकानेर भाजपा के प्रभारी मनीष पारीक भी पार्टी के अंर्तद्वंद्व को लेकर ज्यादा परेशान नहीं है। उनका मानना है कि यह सब बड़ी पार्टी में चलता रहता है। वरिष्ठ नेताओं की माने तो आने वाले समय में यही विरोध बड़ी बीमारी का रूप ले सकता है। ऐसे में प्रदेश स्तर तक मामला पहुंचने के बाद भी टालमटोल की स्थिति खतरनाक हो सकती है।

कांग्रेस की गाय राजनीति

इसी गाय के नाम पर कांग्रेस भी राजनीति में व्यस्त हो रही है, लेकिन प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा। एक बार फिर बीकानेर पूर्व से टिकट के दावेदार कांग्रेस नेता गोपाल गहलोत भी गाय संरक्षण के लिए बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। गहलोत की यह सक्रियता साबित कर रही है कि वो डेढ़ साल पहले से एक बार फिर जमीन तैयार कर रहे हैं। गहलोत गौ संरक्षण के लिए इन दिनों पीले चावल और पेम्पलेट देकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। दरअसल, छह जुलाई को गहलोत के नेतृत्व में रतन बिहारी पार्क से कलेक्ट्रेट तक बड़ी रैली निकाली जाएगी। यह रैली बाद में धरने में तब्दील हो जाएगी। दरअसल, कांग्रेस अपने परंपरागत वोटों के साथ ही समुदाय विशेष के उन वोटों में सेंधमारी करना चाहती है जो गाय के नाम पर संवेदनशील है।

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दर्दनाक हादसे में दो की मौत, चार घायल

बीकानेर। बीकानेर -जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को दो कारों की आमने-सामने हुई भीषण भीडन्त में दो जनों की मौत हो गई व चार घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा मृतकों व घायलों को पीबीएम अस्पताल पहुंचाया गया। नापासर थाना पुलिस के अनुसार इस सड़क हादसे में गिरिराज प्रसाद खटीक व सुरेश कुमार की मृत्यु हो गई। दोनो मृतक जयपुर क्षेत्र निवासी है। जबकि चार अन्य रामेश्वर प्रसाद गुर्जर, मुकेश कुमार गुर्जर, अजय व नलिनी घायल हो गए। घायलों को पीबीएम के ट्रोमा अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। जिसमें से एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है।

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सरकारी स्कूल की चार छात्राएं घर नहीं पहुंची, पुलिस में हड़कंंप, देर रात मिलने से राहत

बीकानेर। कोतवाली इलाके की एक सरकारी स्कूल की 11वीं कक्षा की चार छात्राएं बुधवार दोपहर लापता हो गई जो देर रात घर लौट आई। हालांकि पुलिस अधिकारी देर रात तक पूछताछ कर रहे थे। 

बुधवार दोपहर लड़कियों के घर नहीं पहुंचने से पुलिस व परिजनों में खलबली मच गई। जिले में नाकाबंदी कराई गई और रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड पर निगरानी शुरु की गई। लालगढ़ व बीकानेर स्टेशन पर फोटो व्हाट्स अप कर निगरानी की जा रही थी। रात 11बजे तक कोटा जयपुर व बीकानेर-जैसलमेर गाडिय़ां निकल चुकी थी लेकिन इनमें कुछ हासिल नहीं हुआ। पुलिस अधीक्षक डाक्टर अमनदीप सिंह कपूर ने घटनाक्रम की पुष्टि की। सीओ सिटी किरण व कोटगेट सीआई महेन्द्र दत्त शर्मा और अन्य स्टाफ रेलवे स्टेशन व अन्य स्थानों पर सीसी फुटेज खंगाले। कोटगेट थाने में इस आशय की गुमशुदगी दर्ज की गई। देर रात लड़कियां खुद ही परिजनों के साथ सीटी कोतवाली पहुंच गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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