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'आदर्श शिक्षा उज्ज्वल भविष्य' टैगलाईन लिखनी अनिवार्य

रमसा ने सभी आदर्श विद्यालयों में टैगलाईन के इस्तेमाल के दिए आदेश
बीकानेर। आदर्श विद्यालय योजना के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (रमसा) की ओर से टैगलाईन व लोगो तैयार किया गया था, जिसे अब तक स्कूलों में इस्तेमाल नहीं किया गया है। अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक ने 'आदर्श शिक्षा उज्ज्वल भविष्यÓ के नाम से टैगलाईन को आदर्श स्कूलों के नाम के साथ उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। प्रेरणा देने वाली टैगलाईन व लोगो के लिए पूर्व में रमसा की ओर से सुझाव मांगे गए थे, जिसमें श्रेष्ठतम की राज्य स्तर पर समीक्षा केे बाद इस टैगलाईन का चयन किया गया था।नया लोगो व टैगलाईन आदर्श विद्यालयों में शिक्षा विभाग के लोगो के समकक्ष प्रदर्शित करने के निर्देश भी जारी किए गए परन्तु नाम मात्र के स्कूलों में ही इस्तेमाल हो रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण स्कूलों में हजारों की संख्या में एक साथ मुद्रित लेटरहैड खत्म होने के बाद ही नए छपवाए जाएंगे, वहीं स्कूलों के मुख्य द्वार पर भी नए सिरे से नाम लिखवाने का खर्च स्कूल प्रबंधन नहीं कर रहे हैं। हालांकि टैगलाईन में सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का दावा किया गया है।
दस हजार आदर्श स्कूल
वर्तमान में प्रदेश में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर के करीब दस हजार आदर्श विद्यालय संचालित है। हालांकि राज्य सरकार ने सत्रवार आदर्श विद्यालयों के गठन की घोषणा की गई है। प्रथम व द्वितीय चरण में स्थापित आदर्श विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा रहा है।
उत्कृष्ट मेें प्रयास
आादर्श विद्यालयों की तर्ज पर प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के अधीन उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई गई। आदर्श की भांति इसका भी उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मुहैया कराना है। यही कारण है कि उत्कृष्ट विद्यालयों की मॉनिटरिंग पीईईओ को सौंपी है।
सुविधाओं का टोटा
आदर्श विद्यालयों की भांति शिक्षा का दावा उत्कृष्ट विद्यालयों से कोसों दूर है। अधिकांश चयनित उत्कृष्ट स्कूलों में न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। हालांकि राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद उत्कृष्ट विद्यालयों के विकास के प्रयास कर रही है।
एक माह में क्रियान्विती
आदर्श विद्यालयों पर लोगो व टैगलाइन लगाने के आदेश गत शिक्षा सत्र में ही हो गए थे लेकिन अधिकांश संस्था प्रधानों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालही में स्कूलों के निरीक्षण के दौरान शिक्षा अधिकारियों ने इस संबंध में संस्था प्रधानों को निर्देश दिए, जिसके बाद टैगलाइन व लोगो प्रकाशित करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

DNR Reporter

DNR desk

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