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आरटीई में निशुल्क प्रवेश में फर्जीवाड़ा! Featured

पोर्टल खंगालने पर 300 विद्यार्थियों का प्रवेश संदेह के घेरे में, निदेशालय ने शुरू की जांच
बीकानेर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में कथित फर्जी प्रवेश दर्शाकर पुनभर्रण उठाने का मामला सामने आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जांच शुरू की है। कुछ स्कूलों की प्रारंभिक जांच हो चुकी है, जिसमें कई पेच सामने आने पर गहनता से जांच के निर्देश दिए गए हैं। कथित फर्जी प्रवेश का यह मामला सत्र 2015-16 का है, जिसमें एक ही विद्यार्थी सरकारी विद्यालय में नियमित अध्ययनरत होने के कारण शाला दर्पण व शाला दर्शन पोर्टल पर नामांकित है, वही विद्यार्थी सत्र 2015-16 में निजी विद्यालय में निशुल्क प्रवेशित होने के साथ ही इस सत्र में तीसरी कक्षा में अध्ययनरत बताया जा रहा है। निदेशालय स्तर पर पोर्टल की जांच करने पर हुए इस खुलासे के बाद संदिग्ध स्कूलों की जांच होने तक पुनर्भरण रोकने के आदेश दिए गए हैं।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रथम कक्षा में 25 फीसदी विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, जिनके पुनर्भरण का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया जाता है। शिक्षा सत्र 2016-17 में निशुल्क प्रवेश लेने वाले निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत प्रवेशित छात्रों के भौतिक सत्यापन के दौरान सत्र 2014-15 व 2015-16 में आरटीई व नॉन-आरटीई विद्यार्थियों का कई सत्यापन दलों ने निरीक्षण किया, जिसमें कुछ स्कूलों में आरटीई विद्यार्थियों की संख्या 25 तक मिली लेकिन नॉन आरटीई में संख्या एक-दो ही मिली। स्कूल संचालकों ने इन विद्यार्थियों के अन्यत्र प्रवेश लेने की बात कही लेकिन अभिभावकों से सत्यापन करने पर उन्होंने विद्यालय में प्रवेश लेने की बात से ही इनकार कर दिया। फिर खंगाले गए पोर्टल
सत्र 2014-15 में आरटीई की सीटें बढ़ाने के लिए नॉन आरटीई में कथित फर्जी प्रवेश दर्शाने का मामला सामने आने के बाद माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय प्रशासन ने प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों की जानकारी व निकटवर्ती सरकारी स्कूलों के शाला दर्पण व शाला दर्शन पोर्टल पर विद्यार्थियों के रिकॉर्ड से मिलान किया गया, तो प्रदेश में करीब 300 आरटीई विद्यार्थियों का नाम सरकारी स्कूल में नियमित विद्यार्थी के रूप में सामने आया। जिसका प्रारंंभिक सत्यापन करने के बाद निदेशालय प्रशासन ने जांच शुरू करवा दी है।
नहीं तो मान्यता समाप्त
निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम दृष्टया निजी विद्यालयों को सत्र 2017-18 का बकाया पुनर्भरण रोकने के आदेश दिए गए हैं। आगामी दिनों में इन 300 दोहरे नामांकन की जांच की जाएगी। यदि सरकारी विद्यालय में नामांकित विद्यार्थी सत्यापन में सही पाए जाते हैं, तो पहले निजी विद्यालय से पुनर्भरण के रूप में 2015-16 से अब तक भुगतान की गई राशि की वसूली की जाएगी और फिर संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
नहीं तो संस्था प्रधान को चार्जशीट
जांच के दौरान निजी विद्यालय में आरटीई के तहत प्रवेश सही पाया जाता है, तो शाला दर्पण अथवा शाला दर्शन पोर्टल पर फर्जी नामांकन दर्ज करने पर संबंधित संस्था प्रधान को चार्जशीट थमाई जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
सोलह फरवरी से पन्द्रह स्कूलों के विकल्प के साथ शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
आरटीई के तहत सत्र 2018-19 निजी स्कूलों में प्रथम कक्षा में 25 फीसदी विद्यार्थियों के निशुल्क प्रवेश को लेकर शिक्षा विभाग ने कलण्डर जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक दयाशंकर अरड़ावतिया व जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक उमाशंकर किराड़ू ने बताया कि आरटीई में ऑनलाइन आवेदन 16 फरवरी से 7 मार्च के बीच किए जा सकेंगे। आवेदन को पहले अपने वार्ड अथवा ग्राम पंचायत का विकल्प भरना होगा। उसके बाद नजदीकी वार्ड व पंचायत का विकल्प भरा जा सकेगा। इस बार अभिभावक अपने बच्चे को निशुल्क प्रवेश दिलाने के लिए 15 स्कूलों का विकल्प चयन कर सकेंगे। प्रवेश के लिए 9 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी तथा चयनित विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग प्रपत्र भरकर संबंधित दस्तावेजों के साथ 20 मार्च तक जमा कराने होंगे।
ऐप से कर सकेंगे आवेदन
इस बार ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था बंद कर दी गई है। विभाग ने अभिभावकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए ऐप जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि गूगल प्ले स्टेर से राजस्थन प्राइवेट स्कूल ऐप डाउनलोड कर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।

DNR Reporter

DNR desk

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