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'पानी' की जगह आसमान से बरसी 'मिट्टी' Featured

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13 किमी रफ्तार से चली धूलभरी आंधी, अब तक की सर्वाधिक हवा की चाल
बीकानेर। पिछले 48 से अधिक घंटों से लगातार चल रही धूलभरी आंधी ने आमजन को झकझौर दिया है। बुधवार को भी आंधी का दौर जारी रहा। इस वक्त आसमान से पानी बरसना चाहिए। उसके स्थान पर मिट्टी बरस रही है। बुधवार को दिनभर वायुमंडल में छाई रही गर्द के कारण आसमान पीला नजर आया। बुधवार को औसतन 13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली। जो कि इस मौसम में हवा की अब तक की सर्वाधिक रफ्तार है।
यूं तो पिछले दो दिनों से आंधी का सिलसिला बरकरार है। किंतु बुधवार को आंधी ने उग्र रूप धारण कर लिया। हालांकि आसमान में छाई गर्द की वजह से सूर्य की किरणें तो अपना असर दिखा नहीं पाई, किंतु हवा में इतनी अधिक गरमाहट थी कि मिट्टी के साथ-साथ लू के थपेड़े कोढ़ में खाज का काम कर रहे थे। एक ओर जहां अभी तक पूरी तरह से पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है। ऐसे में आंधी की वजह से घरों में जमी मिट्टी की परत ने गृहणियों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। पिछले अड़तालीस घंटों से लगातार चल रही धूलभरी आंधी तथा गर्मी के तीखे तेवर से परेशान व त्रस्त हर किसी के मुंह से बरबस ही निकल पड़ता है... हे! भगवान अब तो बरसो।
दमा व श्वास रोगियों की बढ़ी मुश्किलें
यूं तो चल रही धूलभरी आंधी तथा लू के थपेड़ों की वजह से गर्मी से हर कोई बेहाल तथा परेशान है। किंतु लगातार बरस रही मिट्टी के कारण इन दिनों दमा, श्वास मरीजों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। जिसके कारण इनसे पीडि़त अपने ही घर में नजरबंद होकर रह गए है।
कैसे होगी सफाई!
आंधी की वजह से जहां एक ओर मिट्टी संवेदनशील नाक, कान व आंखों में गिरने से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं आसमान में छाई गर्द जमीन पर आते-आते पाउडरनुमा मिट्टी क ा आलम ये है कि सफाई करके हटने के साथ ही वापस आ रही है। ऐसे में घरों, दुकानों तथा जिंसों आदि की सामग्री में चारों ओर किरकिर ही किरकिर आ रही है। गृहणियों का सफाई करते-करते बुरा हाल है। उस पर पानी की हो रही सीमित मात्रा के चलते बार-बार नहाने, कपड़े आदि धोने तथा घर की सफाई करने के लिए अतिरिक्त पानी के अभाव ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। आखिर कैसे होगी सफाई।
सिकुडऩे लगी है नमी
13 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने तथा धूप बेअसर होने के बावजूद वातावरण में नमी तेजी के साथ सिकुड़ती जा रही है। बुधवार को सवेरे वातावरण में नमी की मात्रा 73 प्रतिशत थी। जो कि शाम होते-होते 53 प्रतिशत घट गई। शाम को वातावरण में नमी की मात्रा महज 20 प्रतिशत रही।

DNR Reporter

DNR desk

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