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आचार संहिता से पहले रिपोर्ट कार्ड सुधारने का मौका

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

आसन विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक ओर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। वहीं विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार व सरकारी मशीनरी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। इसी के साथ समीक्षा बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। प्रदेश में अगले माह स्वतंत्रता दिवस के बाद कभी भी विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लग सकती है। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले पात्र एवं वंचित लोगों को केन्द्र व राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर उन्हें किसी तरह से अपने पक्ष में करने के लिए सरकार व सरकारी मशीनरी जुट गई है। यही नहीं स्वतंत्रता दिवस के बाद कभी भी प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा व आचार संहिता लगने की संभावना के मध्यनजर सभी जिला कलक्टरों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व वंचित रहे सभी पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने के दिशा निर्देश दिए है। यही नहीं सरकार विभागवार योजनाओं की समीक्षा शुरू करने के साथ ही योजनाओं के लाभ से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को लाभान्वित करने के लिए 15 अगस्त तक की समय सीमा भी निर्धारित की है।

कोई मौका हाथ से नहीं जाए
विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता घोषित होने से पहले सरकार सरकारी तंत्र का लाभ उठाने का कोई भी मौका हाथ से गंवाना नहीं चाहती। चाहे भले ही योजनाओं के लाभ की बात हो या फिर स्वीकृत योजनाओं को लागू करने तथा उसके लिए बजट उपलब्ध करवाने की बात हो। जिसके चलते अचानक सरकारी मशीनरी पर काम का बोझ बढ़ गया है। अधिकारी बैठकों में मशगूल है और अधीनस्थ अधिकारी व कार्मिक योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट को सुधारने में जुट गए है।
रिपोर्ट कार्ड सुधारने का अवसर
सत्ता पक्ष के हो या फिर विपक्ष के जनप्रतिनिधि। दोनों ही पक्षों के जनप्रतिनिधियों को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपना-अपना रिपोर्ट कार्ड सुधारने का अवसर मिला है। जिसके चलते अब तक जनता की पहुंच से दूर रहने वाले जनप्रतिनिधि भी जनता के बीच पहुंचकर अपने-अपने कार्य तथा उपब्ििधयों को गिनवा रहे है। आचार संहिता लागू होने के बाद ही पार्टियां चुनाव को लेकर टिकट का वितरण करेंगी। इससे पूर्व जनप्रतिनिधि रिपोर्ट कार्ड को बेहत्तर व सुधारने में लगे है।
सीईओ व एसीईओ लेंगे भाग
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज की ओर से 16-17 जुलाई को जयपुर में आयोजित होने वाली कार्यशाला में प्रदेश की सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला के अंतिम दिन सीईओ व एसीईओ के साथ सभी पंचायत समितियों के विकास अधिकारी भी भाग लेंगे। बैठक में ग्रामीण विकास, पंचायती राज के साथ-साथ केन्द्र व राज्य सरकार की व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

बढ़ा काम का बोझ

सरकार की मंशा है कि विधानसभा चुनाव से पूर्व केन्द्र व सरकार की योजनाओं से कोई भी पात्र वंचित न रहे। वंचित लोगों को चिह्नित कर उनको स्वतंत्रता दिवस से पूर्व लाभान्वित करने के सभी कलक्टरों को दिए गए निर्देशों के बाद पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास सहित सभी विभागों के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों व कार्मिकों के लिए काम का बोझ बढ़ गया है। योजनाओं की प्रगति, चल रहे विकास कार्यों को पूर्ण करने तथा नए कार्यों को शुरू करने में सरकारी मशीनरी जुट गई है।
व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं पर फोकस
प्रदेश की विधानसभा की 200 सीटों में से सर्वाधिक विधानसभा की सीटें ग्रामीण क्षेत्र में है। इस लिहाज से सरकार का ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र की व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं पर अधिक फोकस है। ग्रामीण क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा, प्रगति को लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज की ओर से 16-17 जुलाई को जयपुर में कार्यशाला आर्हूत की गई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

DNR Reporter

DNR desk

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