Menu
DNR Reporter

DNR Reporter

DNR desk

Website URL:

महबूबा मुफ्ती सरकार गिरी, राज्यपाल ने केंद्रीय शासन की सिफारिश की

नई दिल्ली/श्रीनगर। भाजपा द्वारा मंगलवार को पीडीपी से समर्थन वापस ले लिए जाने के बाद जम्मू - कश्मीर में तीन साल पुरानी महबूबा मुफ्ती सरकार गिर गई। सरकार से भाजपा के समर्थन वापसी के बाद महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राज्य में एक बार फिर राज्यपाल शासन लागू होना तय है। श्रीनगर में राज भवन के एक प्रवक्ता के मुताबिक, राज्यपाल एन एन वोहरा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी गई अपनी रिपोर्ट में केंद्रीय शासन लागू करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति कोविंद अभी आधिकारिक विदेश यात्रा पर हैं। भाजपा महासचिव राम माधव ने ऐलान किया कि पार्टी गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले रही है। इस ऐलान से पहले पार्टी आलाकमान ने जम्मू - कश्मीर सरकार में अपने मंत्रियों को आपातकालीन विचार - विमर्श के लिए नई दिल्ली बुलाया था। इस ऐलान के बाद श्रीनगर और नई दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल के बीच महबूबा मुफ्ती (59) ने कुछ ही घंटे बाद राज्यपाल एन एन वोहरा को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया।
माधव ने आनन - फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों को बताया , राज्य की गठबंधन सरकार में बने रहना भाजपा के लिए जटिल हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि वोहरा ने महबूबा को बताया कि पीडीपी के साथ गठबंधन से भाजपा अलग हो गई है जिससे उनके कार्यकाल का अचानक अंत हो गया है। महबूबा ने अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद चार अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री पद संभाला था। माधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से विचार - विमर्श करने के बाद गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया गया। कश्मीर घाटी के हालात में सुधार नहीं होने के लिए भाजपा ने पीडीपी पर ठीकरा फोड़ा। माधव ने पिछले हफ्ते श्रीनगर के कड़ी सुरक्षा वाले प्रेस एनक्लेव इलाके में जानेमाने पत्रकार शुजात बुखारी की अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या का भी जिक्र किया। उसी दिन ईद की छुट्टियों पर जा रहे थलसेना के जवान औरंगजेब को अगवा कर लिया गया था और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी। ए दोनों घटनाएं ईद से दो दिन पहले हुईं।
माधव ने कहा , यह ध्यान में रखते हुए कि जम्मू - कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और राज्य में मौजूदा हालात पर काबू पाना है , हमने फैसला किया है कि राज्य में सत्ता की कमान राज्यपाल को सौंप दी जाए। भाजपा नेता ने कहा कि आतंकवाद , हिंसा और कट्टरता बढ़ गई है और जीवन का अधिकार , स्वतंत्र अभिव्यक्ति का अधिकार सहित नागरिकों के कई मौलिक अधिकार खतरे में हैं। माधव ने कहा , केंद्र ने घाटी के लिए सब कुछ किया। हमने पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे संघर्ष - विराम उल्लंघन पर पूर्ण विराम लगाने की कोशिश की। पीडीपी अपने वादे पूरे करने में सफल नहीं रही। जम्मू और लद्दाख में विकास कार्यों को लेकर हमारे नेताओं को पीडीपी से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा , हम पीडीपी की मंशा पर सवाल नहीं उठा रहे , लेकिन कश्मीर में जीवन की दशा सुधारने में वे नाकाम रहे। महबूबा मुफ्ती ने जम्मू - कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और एकतरफा संघर्षविराम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में बाहुबल वाली सुरक्षा नीति नहीं चलेगी और मेल - मिलाप से काम लेना होगा।
मैं हैरान नहीं हूं : महबूबा
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अपने आवास पर मंत्रियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चली एक घंटे लंबी बैठक के बाद महबूबा ने कहा , मैं हैरान नहीं हूं क्योंकि यह गठबंधन कभी सत्ता के लिए था ही नहीं। पीडीपी कभी सत्ता की राजनीति में यकीन नहीं रखती और हमने लोगों के लिए काम किया। महबूबा ने कहा कि जम्मू - कश्मीर कोई दुश्मन क्षेत्र नहीं है , जैसा कि कुछ लोग मानते हैं। उन्होंने कहा , हमने हमेशा कहा है कि बाहुबल वाली सुरक्षा नीति जम्मू - कश्मीर में नहीं चलेगी। मेल - मिलाप से काम लेना होगा।
काश खुद इस्तीफा देती महबूबा
राज्य विधानसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने इस पूरे वाकए पर एक पंक्ति में अपनी बात कही , पैरों के नीचे से गलीचा खींच लिए जाने की बजाय काश महबूबा मुफ्ती ने खुद ही इस्तीफा दे दिया होता। उमर और कांग्रेस दोनों ने कहा कि वे राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। भाजपा ने भी कहा कि वह राज्यपाल शासन के पक्ष में है।
1977 के बाद आठवीं बार राज्यपाल शासन
राज्य में यदि राज्यपाल शासन लगाया गया तो यह 2008 के बाद चौथा और 1977 के बाद आठवां मौका होगा जब राज्य में राज्यपाल शासन लागू किया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में थे आमने-सामने
भाजपा और पीडीपी ने विधानसभा चुनावों के दौरान एक - दूसरे के खिलाफ जमकर प्रचार किया था , लेकिन बाद में गठबंधन का एजेंडा तैयार कर इस उम्मीद से सरकार बनाई कि राज्य को हिंसा के कुचक्र से बाहर लाने में मदद मिलेगी। लेकिन शासन पर इस गठबंधन की पूरी पकड़ कभी नहीं हो पाई और दोनों पार्टियां ज्यादातर मुद्दों पर असहमत रहीं। इस बीच , राज्य में सुरक्षा हालात बिगड़ते रहे। माधव के संवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद पीडीपी के वरिष्ठ मंत्री और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने श्रीनगर में पत्रकारों से कहा कि भाजपा के फैसले से उनकी पार्टी हैरान है। जम्मू - कश्मीर के उप - मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने और उनके मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं।

 

अमेरिका-चीन के बीच व्यापार खींचतान बढऩे से सेंसेक्स 261 अंक टूटा

मुंबई , 19 जून (भाषा) अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में खींचतान बढऩे से आज बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 261.52 अंक टूटकर दो सप्ताह के निम्नस्तर 35,286.74 अंक पर बंद हुआ।
विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार विवाद बढऩे से यूरोपीय और एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा।
बंबई शेयर बाजार में 30- प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक में कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही लेकिन जल्द ही बिकवाली दबाव से इसमें गिरावट का रुख बन गया। कारोबार की समाप्ति पर यह 261.52 अंक यानी 0.74 प्रतिशत गिरकर 35,286.74 अंक रह गया। सेंसेक्स का यह गत 6 जून के बाद सबसे निम्न स्तर है। तब यह 35,178.88 अंक तक नीचे चला गया था।
सेंसेक्स में कल भी करीब 74 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी आज 89.40 अंक यानी 0.83 प्रतिशत गिरकर 10,710.45 अंक पर बंद हुआ।
बाजारों से प्राप्त अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कल शुद्ध रूप से 754.43 करोड़ रुपए के शेयर बेचे वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान 824.10 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है। अमेरिका में पहले ही चीन से आयात किए जाने वाले कुछ सामानों पर शुल्क बढ़ा दिया गया है। चीन ने भी इसके जवाब में अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर शुल्क लगा दिया। चीन ने कहा है कि वह देशहित में अमेरिका की हर पहल का जवाब देगा।

पवन ऊर्जा शुल्क 3 रुपए यूनिट पर बने रहने की संभावना: क्रिसिल

मुंबई , 19 जून (भाषा) पवन ऊर्जा शुल्क में अधिक वृद्धि की संभावना नहीं है। वित्त वर्ष 2018-19 में पवन ऊर्जा की दर करीब 2.9 से 3 रुपए प्रति यूनिट रह सकती है। इसका कारण भुगतान में लगने वाले समयमें कमी , जोखिम में कमी तथा पूंजी लागत में कमी एवं कर्ज को लेकर अनुकूल माहौल है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने यह कहा है।
इसमें कहा गया है , हालांकि यह शुल्क पूर्व के शुल्क (फीड इन टैरिफ) के मुकाबले 28 प्रतिशत कम है लेकिन इसके बावजूद यह कंपनियों को उनकी शेयरपूंजी पर बेहतर 12 से 14 प्रतिशत का रिटर्न देगा।
एजेंसी के अनुसार भुगतान को लेकर जो जोखिम था , वह कम हुआ है। इसका कारण नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन आने वाली सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (एसईसीआई) का मजबूत गारंटर के रूप में खड़ा होना है।
क्रिसिल के अनुसार , कुछ बिजली वितरण कंपनियों की खराब वित्तीय स्थिति के कारण कंपनियों को समय पर भुगतान मुश्किल होता। एसईसीआई द्वारा भुगतान में देरी एक महीने से भी कम है जबकि पवन ऊर्जा खरीद करने वाली बिजली कंपनियों के मामले में यह चार महीना तक है।
एजेंसी के अनुसार राज्यों के पारेषण पर लगने वाले शुल्क में कटौती से भी पवन ऊर्जा नई दिल्ली , उत्तर प्रदेश , झारखंड और बिहार जैसे राज्यों के लिए अधिक आकर्षक हुआ है जहां व हवा कम चलने से पहले पवन ऊर्जा परियोजनाएं अपेक्षाकृत आकर्षक नहीं थी।

भारत में 500 करोड़ रुपए निवेश करेगी सोनी, कई नए उत्पाद लाएगी

नई दिल्ली, 19 जून (भाषा) प्रमुख उपभोक्ता उत्पाद कंपनी सोनी इंडिया इस साल अपने भारतीय परिचालन में 500 करोड़ रुपए निवेश करेगी तथा उसकी टीवी, आडियो व कैमरा खंड में अनेक नए उत्पाद लाने की योजना है।
सोनी इंडिया के पहले भारतीय प्रबंध निदेशक सुनील नैयर ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि बड़े ग्राहक आधार तथा उदीयमान अर्थव्यवस्था के साथ भारत, कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार है। कंपनी विभिन्न उत्पाद खंड में अपनी उपस्थिति को और मजबूत बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
सोनी इंडिया जापान की प्रमुख सोनी कार्प की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय अनुषंगी कंपनी है। 1995 से लेकर अब तक सोनी के लिए विभिन्न देशों व अनेक पदों पर काम कर चुके नैयर ने इसी अप्रैल से सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभाला है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 में हम विपणन व रणनीति सहित अन्य मदों में 500 करोड़ रुपए का निवेश कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य स्मार्ट टीवी से लेकर आडियो और कैमरे से लेकर स्पीकर सिस्टम सहित अपने सभी खंडों में उपस्थिति को मजबूत करना है। कंपनी इसके लिए इंटरनेट आफ थिंग्स (आईओटी) सहित आधुनिकतम प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल करेगी।
भारतीय बाजार में संभावनाओं संबंधी एक सवाल पर उन्होंने कहा कि छोटी मोटी बाधाओं को छोड़ दें तो व्यापक तौर पर अर्थव्यवस्था मजबूत है। जीएसटी के झटके से उभरते हुए बाजार स्थिर हो चुका है इसलिए उपभोक्ता उत्पाद खंड में संभावनाओं के द्वार खुले हैं सोनी इंडिया इनका इस्तेमाल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
सरकार की मेक इन इंडिया पहल के बारे में नैयर ने कहा कि यह अच्छा प्रयास है तथा सोनी इंडिया अपने उत्पादों में भारत में बने उत्पादों की हिस्सा समय के साथ और बढ़ाएगी। कंपनी अपना स्मार्टफोन आर। प्लस व आर। भारत में ही बना रही है। हालांकि कंपनी का फिलहाल अपना कारखाना लगाने की योजना नहीं है।

Subscribe to this RSS feed

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News