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देवीसिंह भाटी के फ्लेट में लाखों की चोरी

डीएनआर रिपोर्टर
बीकानेर। पूर्व मंत्री एवं भाजपा के कदावर नेता देवीसिंह भाटी के जयपुर स्थित मकान सुखी जीवन में अज्ञात चोरों ने बुधवार रात हौंसला दिखाते हुए नकदी और सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इस संबंध में भाटी ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है। साथ ही घटना की सूचना के बाद एफएसएल तथा पुलिस की टीम ने मौका मुआयना भी किया है। इसके अलावा चोरी की घटना की सारी गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चोरी के समय फ्लैट बंद था घर के सभी सदस्य मुंबई गए हुए थे। पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी ने बताया कि परिवार के सदस्य मुंबई गए हैं। उन्होंने जाते वक्त घर में काम करने वाली ंमहिला को दो-तीन दिन नहीं आने का कह दिया था। गुरुवार सुबह जब पड़ौसियों ने घर के ताले टूटे हुए देखे थे उन्होंने यहां फोन करके घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस को सूचना दे दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मौका मुआयना किया है। साथ ही एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। चोर घर में रखे डेढ़ लाख रुपए तथा नौ तोला सोने के बने आभूषण चोरी कर ले गए। सीसीटीवी कैमरे में चोरी की घटना कैद हुई है जिसमें एक व्यक्ति का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है।

निष्क्रिय महापौर तुरंत दे इस्तीफा : यशपाल गहलोत

बीकानेर। बीकानेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत ने आज बयान जारी कर कहा कि बीकानेर नगर निगम महापौर नारायण चोपड़ा अपने कार्यकाल में पूरी तरह निष्क्रिय और प्रभावहीन महापौर साबित हुए है। 

बीकानेर शहर जो कि साफ सुधरा शहर गिना जाता रहा है। पिछले 2 वर्षों में उसकी सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के मुख्य मार्ग गंदगी से अटे पड़े है सीवरेज का पानी सड़कों पर फैलाव लेकर बीमारिया फैला रहा है। इनसे ब्लॉक तक सीवरेज के सही नही हो रहे और
पूरा शहर आवरा निराश्रित पशुओं से
अटा पड़ा है जहां आये दिन दुर्घटनाएं हो
रही है।
आमजन काल का ग्रास बन रहे है और बीकानेर महापौर सिर्फ कागजो में बीकानेर शहर को ओडीएफ घोषित करवा कर श्रेय लेना चाह रहे है जबकि शहर तो आज भी ओडीएफ नही है इतिहास के सबसे नाकारा महापौर साबित हुए है। यशपाल गहलोत ने कहा कि बीकानेर शहर कांग्रेस पिछले 2 वर्षों से लगातार आवरा पशुओं से बीकानेर को निजात दिलाने की मांग करती आ रही है निराश्रित गौवंश के लिए कांजी हाऊस बनाने की मांग कर रही है।
लेकिन निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है और अब तो महापौर के खिलाफ उनके ही पार्टी के जनप्रतिनिधि धरना लगाकर बैठे है जो कि साबित करता है कि बीकानेर के महापौर नारायण चोपड़ा कितने प्रभावहीन महापौर है और अपने ही पार्षदों द्वारा निशाने पर आए महापौर को निगम की कुर्सी पर बैठने का कोउ हक नही जिन पार्षदों के सहारे वो बहुमत साबित किये वे ही पार्षद आज नगर निगम में धरने पर बैठे है अपने हिंप्रशासन के खिलाफ जो कि साफ है कि महापौर अविश्वासी है और नैतिकता के आधार पर बीकानेर महापौर नारायण चोपड़ा को तुरन्त अपने पद से इस्तीफा
दे देना चाहिए और बीकानेर शहर
कांग्रेस महापौर से इस्तीफे की मांग भी करती है।

करणी सेना की चेतावनी: पद्मावत का प्रदर्शन हुआ तो लगेगा सार्वजिनक कर्फ्यू

नई दिल्ली, फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत (पहले पद्मावती) का शुरू से विरोध कर रहे राजपूत समुदाय के एक संगठन ने धमकी दी है कि अगर इस सिनेमा का प्रदर्शन किया गया तो उनकी ओर से सिनेमाघरों में सार्वजिनक कर्फ्यू लगा दिया जाएगा।
राजपूत करणी सेना ने इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की अपनी मांग दोहराते हुए इसके प्रमुख लोकेंद्र सिंह कल्वी ने आरोप लगाया कि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है और इस मसले पर सिनेमा के निर्माताओं के साथ समझौते के लिए कोई जगह नहीं है।
इस सिनेमा को इससे पहले एक दिसंबर को प्रदर्शित किया जाना था।
संगठन ने इस सिनेमा में रानी पद्मिनी के फिल्मांकन के मुद्दे पर राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में सिनेमा को प्रदर्शित किए जाने का जमकर विरोध किया। समूह ने आरोप लगाया कि इस सिनेमा में इतिहास को तोड़ा मरोड़ा गया है, हालांकि रानी के अस्तित्व के मामले में इतिहासकार एकमत नहीं हैं।
सिने निर्माताओं ने भी ऐसे आरोपों से इंकार किया है।
सूत्रों के अनुसार इस फिल्म को जारी करने की तारीख 25 जनवरी तय की गई है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
कल्वी ने संवाददाताओं को बताया, फिल्म को डिब्बाबंद कर इसे जौहर की आग में फेंक देना चाहिए। हमने सुना है कि 25 जनवरी को इस फिल्म का प्रदर्शन हो रहा है और अगर ऐसा होता है तो हमलोग सड़कों पर उतरेंगे और युवाओं से सिनेमाघरों में सार्वजनिक कर्फ्यू लगाने की अपील करेंगे।
उन्होंने कहा, इन सब पर अब विराम लगाया जाना चाहिए और सिनेमा को प्रदर्शित किए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
कल्वी ने दावा किया कि छह राज्यों ने इसे प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। मैं दिल्ली सरकार से इस संबंध में चर्चा करूंगा।
इस फिल्म में शाहिद कपूर, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोंण मुख्य भूमिका में हैं।

अपराध स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी पर विचार कर रही है शीर्ष अदालत

नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह इस बात पर गौर कर रहा है कि अपराध स्थल की वीडियोग्राफी को अनिवार्य बनाया जा सकता है या नहीं और यह अदालत में स्वीकार्य साक्ष्य कैसे बन सकता है।
इन टिप्पणियों से पहले शीर्ष अदालत ने बीते वर्ष न्यायिक कार्यवाही रिकार्ड करने के लिए अदालतों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए केन्द्र को सफलतापूर्वक प्रेरित किया था।
शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल इस बिन्दु पर फैसला होना है कि चीजें सुलझाने के बजाय, ए प्रयास अभियोजन के लिए कोई अड़चन तो पैदा नहीं करते।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कहा, हमें देखना होगा कि इलेक्ट्रानिक साक्ष्य बनने वाली अपराध स्थल की वीडियोग्राफी भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65 :बी: के तहत प्रमाणन की जरूरत के बिना अदालत में स्वीकार्य सबूत कैसे बनेगी।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले विचार के लिए यह प्रश्न तैयार किया था कि क्या इलेक्ट्रानिक साक्ष्य का एकमात्र तरीका धारा 65 :ए: और धारा 65 :बी: के अनुसार है या ए प्रावधान किसी इलेक्ट्रानिक रिकार्ड के सबूत का अतिरिक्त अनुमतियोग्य रूप है।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65 :बी: कहती है कि इलेक्ट्रानिक रिकार्ड को किसी अदालत की कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य बनाने के लिए किसी जिम्मेदार आधिकारिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा प्रमाणन की जरूरत होगी।
अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि इस पहलू पर ध्यान देने से पहले शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालयों के विभिन्न फैसलों पर गौर करने की जरूरत है।
पीठ ने कहा, बात यह है कि प्रक्रिया आसान बनाने के बजाय, हम अभियोजन के लिए अड़चनें पैदा नहीं करना चाहते।

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