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बीकानेर पहुंचा स्वाइन फ्लू, पांच भर्ती

बीकानेर
जोधपुर में कहर बरपाने के बाद स्वाइन फ्लू अब बीकानेर जिले में भी प्रवेश कर चुका है। प्रदेशभर में स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में बंदोबस्त कर दिए हैं लेकिन मौत का सिलसिला अभी तक नहीं थम पाया है। पिछले पांच दिन में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। यह सभी मौतें जोधपुर जिले में हुई है।
बीकानेर में बढ़ रहे हैं स्वाइन फ्लू रोगी
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में पांच स्वाइन फ्लू रोगी भर्ती है। इनमें तीन बीकानेर जिले के है, जबकि एक झुंझुनूं व एक अन्य चूरू का है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. एल. मीणा ने बताया कि जिले के देशनोक, नोखा के दो और खाजूवाला के रोगी में स्वाइन फ्लू की पहचान हुई है। जिन्हें पीबीएम में भर्ती करवाया गया है। मीणा ने बताया कि रविवार को खाजूवाला के 7 केडी के एक युवक को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव  पाये जाने पर भर्ती किया है। 
बीकानेर में वार्ड स्थापित, लगातार चिकित्सक
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ आर पी अग्रवाल ने बताया कि 24 घंटे के लिए पीबीएम में औषध विशेषज्ञों की टीम लगा दी  गई है। एक सह आचार्य चौबीस घंटे वार्ड में रहेगा। मास्क एवं स्वाइन फ्लू की जांच के किट पर्याप्त मात्रा में हैं। रोगियों की ज्यादा से ज्यादा स्क्रीनिंग करने के सरकार के निर्देश हैं। उस अनुसार सर्दी-जुकाम  एवं खांसी के साथ बुखार के रोगियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। निमोनिया के रोगियों को संदिग्ध मान कर उन्हें स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।
प्रदेश में 47 नए रोगी
स्वाइन फ्लू से पिछले पांच दिनों में यानी 1 जनवरी से 5 जनवरी तक प्रदेश में पांच लोगों की जान जा चुकी है। ये सभी मौतें जोधपुर में हुई हैं। जोधपुर और कोटा संभाग सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू की चपेट में है। प्रदेश में 47 नए स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस आए सामने हैं। इन 47 रोगियों समेत प्रदेश में नए साल में अब तक कुल 167 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें जयपुर में 15, जोधपुर में 10, सीकर में 5, पाली, कोटा और उदयपुर में 3-3 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव नए केस सामने आए हैं। बाड़मेर में 2, डूंगरपुर, झालावाड़, जालोर, झुंझुनू, करौली और अजमेर में 1-1 केस सामने आया है। जयपुर में 2 रेजिडेंट और 1 चिकित्सक को भी चपेट में है।
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चूरू में 3 की मौत, 14 नए मरीज 
अब चूरू में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। चूरू जिले के सादुलपुर, सरदारशहर और बीदासर के बाद स्वाइन फ्लू चूरू शहर में प्रवेश कर चुका है। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 14 मरीज पॉजिटिव मिले हैं और तीन लोगों की इससे मौत हो चुकी है।
चूरू के चिकित्साकर्मी भी आए चपेट में
चूरू शहर में राजकीय भरतिया अस्पताल में पैरामिडिकल स्टाफ गोकुल शर्मा सहित दो लोग और स्वाइन फ्लू से पॉजिटिव मिले हैं। दोनों मरीजों के सैंपल पॉजिटिव आने पर चिकित्सा विभाग की टीम सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों पॉजिटिव मरीजों के घर पहुंची और अन्य परिजनों की प्राथमिक जांच की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 50 घरों का सर्वे किया और 21 स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले लोगों को टेमीफ्लू की दवा दी।
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बीकानेर एसपी सहित 30 आईपीएस के तबादले

बीकानेर। सरकार के बदलते ही स्थानातंरण का दौर रविवार को भी जारी रहा। शनिवार को राजस्थान सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए बीकानेर के एसपी सवाई सिंह गोदारा का स्थानातंरण बीकानेर से जोधपुर कर दिया गोदारा को उपमहानिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पद पर लगाया है। इसके साथ ही बीजू जॉर्ज जोसफ के. पुलिस आयुक्त जोधपुर, दिनेश एम.एन को महानिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर, सचिन मित्तल महानिरीक्षक पुलिस जोधपुर रेंज, संजीव कुमार नर्जरी महानिरीक्षक पुलिस अजमेर, विशाल बंसल महानिरीक्षक पुलिस सी.आई.डी (सीबी), आलोक कुमार वशिष्ठ महानिरीक्षक पुलिस सुरक्षा भरतपुर, भूपेन्द्र साहू महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज, प्रफुल्ल कुमार महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंंज, एस.एन खींची महानिरीक्षक पुलिस सी.आई.डी राजस्थान जयपुर, जोस मोहन उपमहानिरीक्षक पुलिस सतर्कता जयपुर, डॉ. नितिन दीप ब्लग्गन उपमहानिरीक्षक पुलिस एसओजी जयपुर, सुरेन्द्र कुमार गुप्ता उपमहानिरीक्षक पुलिस सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, दिलीप कुमार उपनिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोध ब्यूरो जयपुर, ललित माहेश्वरी उप महानिरीक्षक पुलिस भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर, रवि दत्त गौड़ उपमहानिरीक्षक पुलिस कार्मिक जयपुर, प्रसन्न कुमार खमेसरा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (1) पुलिस आयुक्तालय जयपुर, गौरव श्रीवास्तव उपमहानिरीक्षक सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, सी.संतोष कुमार तुकाराम उपमहानिरीक्षक पुलिस आंतकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) जयपुर, श्रीमती एस.परिमला उपमहानिरीक्षक पुलिस आ र्ड बटालियन पुलिस मु यालय जयपुर, विकास कुमार उपमहानिरीक्षक पुलिस सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, दीपक कुमार उपमहानिरीक्षक पुलिस यातायात पुलिस मु यालय राजस्थान जयपुर, अजय पाल लांबा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (2) पुलिस आयुक्तालय जयपुर, विष्णु कांत उपमहानिरीक्षक पुलिस आरपीटीसी जयपुर, किशन सहाय मीणा उपमहानिरीक्षक पुलिस जेल राजस्थान जयपुर, ओम प्रकाश दायमा उपमहानिरीक्षक पुलिस राज्य आपदा राहत बल जयपुर, जयनारायण उपनिरीक्षक पुलिस प्रशिक्षण जयपुर, संदीप सिंह चौहान उपमहानिरीक्षक पुलिस रेल्वेज जयपुर, सत्येन्द्र सिंह उपमहानिरीक्षक पुलिस आयोजना, आधुनिकरण और कल्याण जयपुर लगाया है। इसके साथ ही बीजू जॉर्ज जोसफ को पुलिस आयुक्त जोधपुर पद के साथ महानिरीक्षक पुलिस ऑपरेशन जयपुर के पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

सही ढंग से नहीं बैठने पर थकान हो सकती है, मेरुदंड में जख्म भी हो सकता है : अध्ययन

वाशिंगटन, कंप्यूटर पर काम के दौरान बैठने की खराब स्थिति (पोस्चर) से थकान हो सकती है, मासंपेशियों में खिंचाव बढ़ जाता है तथा कालांतर में मेरुदंड में जख्म भी हो सकता है। यह निष्कर्ष निकालने वाले अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि नुकसानदेह नजर नहीं आने वाले इस पोस्चर से सिर घुमाने की क्षमता भी सीमित हो सकती है। अमेरिका के सान फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एरिक पेपर ने कहा, जब आप तनकर और सीधा बैठते हैं तब आपकी पीठ की मांसपेशियां आपके सिर और गले के भार को आसानी से सहारा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, लेकिन जब आप अपने सिर को 45 डिग्री के कोण पर झुका कर बैठते हैं तो आपका गला टेक की भांति काम करता है, यानी वह लंबे उत्तोलक की भांति किसी भारी सामान को उठाए हुए होता है। 

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उन्होंने कहा, अब ऐसे में आपके गले और सिर की मांसपेशीय वजन करीब 45 पाउंड के बराबर होता है। ऐसे में कोई अचरच की बात नहीं होती है कि ऐसे लोगों का गला अकड़ जाता है और उन्हें पीठदर्द होने लगता है। अनुसंधानकर्ताओं ने सिर और गले की स्थिति के प्रभाव का परीक्षण किया। उन्होंने पहले 87 विद्यार्थियों को तनकर बैठने एवं गले एवं सिर को एक सीध में रखने तथा अपने सिर को घुमाने को कहा। अनुसंधानकर्ताओं ने फिर उन्हें अपने गले को सिकोड़ लेने और सिर को आगे की तरफ झुका लेने को कहा। 92 फीसद विद्यार्थियों ने गले को सिकुड लेने की तुलना में पहली स्थिति में अपने सिर को ज्यादा दूर तक घुमा पाने की बात कही।

अपने ही सवालों में घिर रहे हैं न्यास के पूर्व चैयरमेन रांका

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर नगर विकास न्यास के चेयरमैन पद से दो दिन पहले ही त्यागपत्र देने वाले महावीर रांका ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला से दो सवाल करके राजनीतिक हलचल पैदा करने की कोशिश की है। रांका ने कहा है कि बीकानेर में बिजली के निजीकरण का स्वयं डॉ. कल्ला ने विरोध किया था। तब धरने और प्रदर्शन में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। अब ऊर्जा मंत्री के रूप में वे इस करार को तोड़ेंगे अथवा नहीं? हालांकि रांका ने अपने सवाल में यह नहीं बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने करार बीस वर्ष के लिए किया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में सीधे रांका से पूछा है कि अगर उन्हें बिजली के निजीकरण से आपत्ति है तो वो स्वयं उस समय मूकदर्शक बने क्यों बैठे रहे? वैसे सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वयं रांका को ही घेरना शुरू कर दिया। रांका ने दूसरा सवाल एलिवेटेड रोड और बाइपास के मुद्दे पर किया है। उन्होंने पूछा है कि क्या वर्तमान सरकार इस समस्या से निजात दिलाएगी। इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता नीतिन वत्सस ने कहा है कि पिछले पांच साल तक न सिर्फ नगर विकास न्यास ने बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री ने बीकानेर की जनता को एलिवेटेड रोड के नाम पर मूर्ख बनाने का काम किया। रांका और भाजपा को इसके लिए जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। वत्सस ने कहा कि सरकार ने जब सभी मनोनीत पदों से भाजपा नेताओं को एक साथ हटा दिया था, तब रांका अपनी सीट छोडऩे के लिए तैयार नहीं थे।

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