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स्पोर्ट्स स्कूल में अब आएंगे "अच्छे दिन"

सार्दुल स्पोटर््स स्कूल में सात महत्वपूर्ण खेलों के कोच लगाने के लिए वाक्-इन-इंटरव्यू की तारीख घोषित
डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर। राज्य के एक मात्र राजकीय स्पोटर््स स्कूल के अच्छे दिन जल्दी ही आने वाले हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सार्दुल स्पोटर््स स्कूल में सात महत्वपूर्ण खेलों से संबंधित कोच के रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू की है। इन पदों पर वाक्-इन-इंटरव्यू के माध्यम से कोच का चयन किया जाएगा। स्पोटर््स स्कूल व माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में विभिन्न पदों पर साक्षात्कार के लिए निदेशक ने ९ व १० अगस्त की तारीख घोषित की है। इसमें स्पोटर््स स्कूल के लिए साक्षात्कार १० को होंगे। राजकीय स्पोटर््स स्कूल में विभिन्न खेलों से संबंधित कोच के पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं। हालांकि प्रतिनियुक्ति पर लगे शारीरिक शिक्षक भी खिलाडिय़ों के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं परन्तु कई खेलों में जहां प्रतिवर्ष खिलाड़ी मेडल लाते थे, उनमें विगत कई सालों से स्थिति गिरती जा रही है। स्कूल स्तर पर रिक्त पदों को भरने के लिए लम्बे समय से प्रयास किए जा रहे थे।

एक साल से अटका मामला
सार्दुल स्पोटर््स स्कूल में हॉकी, कुश्ती, बास्केटबॉल, खो-खो, क्रिकेट, जिम्नास्टिक, वॉलीबाल के कोच के पद भरने की कवायद एक वर्ष से चल रही है। तत्कालीन निदेशक बीएल स्वर्णकार ने वाक्-इन-इंटरव्यू के लिए टाईमफ्रेम जारी किया था, लेकिन निदेशालय के मंत्रालयिक व अधिकारी संवर्ग के कार्मिकों की ओर से विरोध करने पर इंटरव्यू स्थगित करने पड़े। इसके करीब दो माह बाद राज्य सरकार ने पुन: वाक्-इन-इंटरव्यू के लिए तारीख घोषित की लेकिन वह मामला भी अटक गया। अब वर्तमान निदेशक के प्रयासों से वाक्-इन-इंटरव्यू की तारीख घोषित हुई है, जिसके सिरे चढऩे पर स्पोटर््स स्कूल के दिन फिर सकते हैं।
शीघ्र भरेंगे पद
सार्दुल स्पोटर््स स्कूल व निदेशालय में विभिन्न संवर्गों के रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ९-१० अगस्त को वाक्-इन-इंटर-व्यू के बाद योग्यताधारी कार्मिकों का चयन किया जाएगा।
नथमल डिडेल, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर।

शिक्षक व शिक्षार्थी का ठहराव करेंगे सुनिश्चित किराड़ू ने ग्रहण किया डीईईओ प्रारंभिक का कार्यभार

बीकानेर। उमाशंकर किराड़ू ने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) के पद पर बुधवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले ब्रह्मानंद शर्मा डीईईओ प्रारंभिक थे। कार्यभार ग्रहण करने के बाद किराड़ू ने बताया कि जिले में शैक्षणिक गुणात्मक सुधार को सुनिश्चित करने के साथ ही बंद स्कूलों को अतिशीघ्र खोलना प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का विधिसम्मत समाधान निकाला जाएगा औ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर फोकस किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों का ठहराव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
स्वागत के साथ बताई समस्याएं
किराडू के कार्यग्रहण के बाद उनके स्वागत के लिए अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे। शिक्षक नेता सुभाष आचार्य, गुरूचरण सिंह मान, शिक्षक संघ शेखावत के श्रवण पुरोहित, संजय पुरोहित, शिक्षक संघ भगतसिंह के किशोर पुरोहित, राजस्थान शारीरीक शिक्षक संघ के ओम आचार्य, राजेन्द्र व्यास, अविनाश व्यास, दिलीप जोशी, कर्मचारी नेता जयगोपाल जोशी, लक्ष्मण पुरोहित सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया तथा अनोपचारिक बातचीत में समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान नीतिश वर्मा, आनन्द पारीक, रूबी जूसावत आदि भी मौजूद थे।

प्रशिक्षण में लिया ज्ञान, फिर भी गुरुजी अज्ञान!

संयुक्त निदेशक कार्मिक ने किया जिले की तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर लगाई फटकार, अनुपस्थित मिले तीन शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश
बीकानेर। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार को लेकर चलाई जा रही एसआईक्यूई योजना के क्रियान्वयन में कितना झोल है, इसकी बानगी बुधवार को संयुक्त निदेशक (कार्मिक) नूतन बाला कपिला के निरीक्षण में देखने को मिली। संयुक्त निदेशक ने जिले के तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया, इनमें से दो स्कूलों में एसआईक्यूई के नाम पर खानापूर्ति सामने आई। इस पर संयुक्त निदेशक ने फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए।



प्रत्युतर में अटके गुरुजी
संयुक्त निदेशक ने नापासर के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान वहां चल रहे एसआईक्यूई प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया। संयुक्त निदेशक ने इस दौरान प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों से एसआईक्यूई के बारे में प्रश्न किए, तो शिक्षक सही प्रत्युत्तर नहीं दे पाए। शिक्षकों को फटकार लगाते हुए उन्होंने गंभीरता पूर्वक प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए, साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
अध्यापन का तरीका गलत
नापासर में ही राजकीय गीतादेवी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक ने एसआईक्यूई व लहर कक्ष का अवलोकन किया। इस दौरान लहर कक्ष में एसआईक्यूई पैटर्न पर कराए जा रहे अध्यापन के तरीके को संयुक्त निदेशक ने गलत बताते हुए फटकार लगाई। संयुक्त निदेशक ने इसे संस्था प्रधान के उत्तरदायित्व में लापरवाही मानते हुए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
आखिरी बार कब हुई शौचालय की सफाई?
रिडमलसर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में संयुक्त निदेशक ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने शौचालय के निरीक्षण के बाद स्टाफ से पूछा कि आखिरी बार कब हुई थी, सफाई। उन्होंने सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
तीन शिक्षक मिले नदारद
रिडमलसर के रामावि में निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक संस्था प्रधान सहित तीन शिक्षक नदारद मिले। इस पर शिक्षकों की अनुपस्थिति दर्ज करते हुए उपनिदेशक को संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक ने बताया कि तीन शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसमें कार्यवाहक संस्था प्रधान व वरिष्ठ अध्यापिका रेखा गुप्ता, वरिष्ठ अध्यापक ओंकारङ्क्षसह व तृतीय श्रेणी लेवल द्वितीय की अध्यापिका आशा बागवानी को नोटिस जारी करने के उपनिदेशक को निर्देश दिए गए।

स्कूलों में जाकर अधिकारी चखेंगे पोषाहार का स्वाद!

बीकानेर। पोषाहार के मीन्यू से छेड़छाड़ करने वाले स्कूलों पर आगामी दो दिन भारी पडऩे वाले हैं। राज्य स्तर पर गुरुवार से स्कूलों में मिड-डे-मील के निरीक्षण के लिए सघन जांच अभियान शुरू होगा। जिसमें स्कूल में संबंधित वार के अनुसार मीन्यू से गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं पाया गया, तो संस्था प्रधान के साथ-साथ पोषाहार प्रभारी पर भी गाज गिरेगी। हालांकि कौन सी स्कूल में कौन सा अधिकारी गुरुवार व शुक्रवार को निरीक्षण करेंगे। इसकी जानकारी स्वयं अधिकारियों को भी नहीं मिली है। ऐसे में आकस्मिक निरीक्षण कइयों पर भारी पड़ सकता है।
पोषाहार योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड-डे-मील दिया जाता है। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए मीन्यू तय किया गया है, जिसमें मीन्यू को आगे-पीछे कर आंशिक परिवर्तन स्कूल अपने स्तर पर कर सकते हैं लेकिन पोषाहार निर्धारित मीन्यू व मापदंड के अनुरूप तैयार होना जरूरी है। गत दिनों मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से मिड-डे-मील का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें कई स्कूलों में खामियां मिली थी, जिन्हें दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए थे। अब निरीक्षण में पुन: खामियां पाई गई, तो संबंधित कार्मिकों पर गाज गिरने पक्की है।
जिला कलक्टर ने सौंपी जिम्मेदारी
जिले में प्रारंभिक शिक्षा के अधीन १५६३ विद्यालय संचालित है, वहीं माध्यमिक शिक्षा के अधीन ३५३ विद्यालयों में मिड-डे मील बनाया जाता है। जिला कलक्टर की ओर से इनमें से बीस प्रतिशत स्कूलों में एमडीएम के सघन निरीक्षण के लिए कार्मिकों की ड्यूटी लगाई है, जो स्वयं पोषाहार को चखकर गुणवत्ता की जांच करेंगे और वास्तविक स्थिति प्रपत्र में भरेंगे।
अनेक स्कूलों में पढ़ाई की छुट्टी
दो दिवसीय एमडीएम निरीक्षण अभियान के दौरान जिले के कई ऐसे स्कूल हैं, जहां पढ़ाई की छुट्टी हो जाएगी। इन स्कूलों में
एकल शिक्षक ही कार्यरत है। ऐसे में निर्धारित समय पर पोषाहार पकाने तथा जांच करवाने की प्रक्रिया पूरी करने में अधिकांश समय बीत जाएगा। ऐसे में दो दिनों तक इन स्कूलों में पढ़ाई की अघोषित छुट्टी मानी जा रही है। हालांकि बुधवार को संस्था प्रधानों ने विद्यार्थियों को आगामी दो दिन तक शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश दिए हैं।

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