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शिक्षा (72)

पांचवीं बोर्ड की परीक्षा बनेगी मजाक

आठवीं में फ्री और पांचवीं में फीस, अंग्रेजी माध्यम के बच्चों के लिए पुस्तकें नहीं
डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

चालू शिक्षा सत्र में अनिवार्य की गई पांचवीं बोर्ड परीक्षा के नाम पर शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के मजाक कर रहा है। अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा अनिवार्य करने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि स्कूलों में पांचवीं की अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें अलग-अलग पब्लिसर्स की लगाई हुई है। ऐसे में विद्यार्थी बिना पुस्तक पढ़े कैसे परीक्षा देंगे। यह बड़ा सवाल है। हालांकि इसको लेकर निजी विद्यालयों ने निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा है।
निजी से मूल्यांकन शुल्क
सरकारी विद्यार्थियों के लिए पांचवीं बोर्ड परीक्षा निशुल्क व निजी विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र चालीस रुपए शुल्क निर्धारण की विभाग के दोहरे मानदंडों को प्रदर्शित कर
रहा है। निजी विद्यार्थियों से ४० रुपए शुल्क मूल्यांकन के नाम पर लिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं पर ही खर्च आता है या विभाग पांचवीं बोर्ड परीक्षा का तमाम खर्च निजी विद्यालयों के माध्यम से पूरा करने का प्रयास कर रहा है।

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आठवीं बोर्ड में आधे छात्रों के लॉक हुए आवेदन

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की आठवीं की परीक्षा के आवेदन पत्र भरने की अंतिम तारीख भले ही बढ़ गई हों लेकिन एक पखवाड़े से चल रही प्रक्रिया ने सरकारी स्कूलों की ढिलाई की पोल खोल दी है। प्रदेश में सरकारी व निजी विद्यालयों में सत्र 2017-18 में करीब बारह लाख विद्यार्थी नामांकित है परन्तु आवेदन की पूर्व में घोषित अंतिम तिथि सोमवार को केवल ५.९६ लाख विद्यार्थियों के आवेदन ही लॉक किए गए। हालांकि रात्रि बारह बजे आवेदन लॉक करने का समय था। तिथि बढऩे से राहत मिली है।

20 नवम्बर तक कर सकेंगे आवेदन
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से आठवीं बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर २० नवम्बर कर दी गई है। इस बार बोर्ड में आठवीं के करीब बारह लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। हालांकि इसके लिए फीस का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। अंतिम तिथि बढऩे से स्कूल संचालकों ने राहत की सांस ली है।
शाला दर्पण आईडी की उलझन
आठवीं बोर्ड परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में इस बार शाला दर्पण व शाला दर्शन आईडी का उल्लेख किया जाना था परन्तु जानकारी के अभाव में किसी भी विद्यालय ने आईडी नहीं भरी। एच्छिक होने के कारण ऑनलाइन आवेदन में भी समस्या नहीं आई। पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शाला दर्पण व शाला दर्शन आईडी नम्बर लिखने पर आवेदनों के डाटा का पोर्टल से मिलान होता, जिससे यदि आवेदन में गलती रह गई है, तो वह भी दुरूस्त हो सकती है।

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निजी हाथों में होगी तीन सौ सरकारी स्कूलों की बागडोर

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने में जुटी सरकार शायद अपने ही प्रयासों में विफल हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश के बड़े सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में (पीपीपी मॉडल) देने की कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (रमसा) की ओर से बिना तारीख लिखा पीपीपी मोड के अनुबंध का प्रारूप जारी किया गया है। माना जा रहा है कि दिसम्बर माह में अनुबंध की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अप्रेल २०१८ से प्रदेश के १०० बड़े सरकारी स्कूल पीपीपी मोड पर सौंप दिए जाएंगे।

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बोर्ड के पोर्टल में वॉकेशनल एज्युकेशन का विकल्प नहीं

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सत्र २०१७-१८ में शुरू किए गए व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के ऑनलाइन फार्म माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की साइट पर उपलब्ध नहीं होने से स्कूलों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि १० नवम्बर तक निर्धारित है, जबकि इस सत्र में वॉकेशनल एज्युकेशन शुरू करने वाले स्कूलों की लॉगिन में इस विषय का उल्लेख नहीं है।  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की ओर से कक्षा 9 व 11 के व्यावसायिक शिक्षा के विद्यार्थियों के आवेदन भरवाए जा रहे हैं। करीब एक सप्ताह से चल रही प्रक्रिया के तहत तीन साल पहले जिन स्कूलों में वॉकेशनल एज्युकेशन शुरू की गई, उन स्कूलों के ग्यारहवीं के विद्यार्थियों के फार्म भरे जा रहे हैं, जबकि इस सत्र में जिन स्कूलों में वॉकेशनल एज्युकेशन शुरू की गई है, वहां लेवल प्रथम (कक्षा 9) के ऑनलाइन व्यावसायिक शिक्षा का विकल्प नहीं दर्शाया जा रहा है।

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एनएएस सर्वे की तैयारियों में जुटा शिक्षा विभाग

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, ेकेन्द्र सरकार की ओर से आगामी १३ नवम्बर को प्रदेश के पांच हजार स्कूलों में कराए जाने वाले नेशनल एचीवमेंट सर्वे (एनएएस) को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। सर्वे के आधार पर पूरे भारत में राज्यों की शैक्षिक गुणवत्ता की रैंकिंग तैयार की जाएगी। सर्वे के दौरान विद्यार्थियों का शैक्षिक व बौद्धिक स्तर कमजोर न मिले। इसके लिए विभाग ने पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों (पीईईओ) के माध्यम से संस्था प्रधानों को सहायक सामग्री उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन अभ्यास कराना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल ने शनिवार को इस आशय के आदेश जारी किए हैं। ताकि एनएएस मूल्यांकन में राजस्थान सर्वोच्च स्थान हासिल कर सके।

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बीएलओ संवाद के बीच द्वितीय परख बनी मजाक

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, स्कूलों में प्रथम टेस्ट से लेकर वार्षिक परीक्षा तक कार्यक्रम पूर्व निर्धारित होता है। परीक्षा की गोपनीयता को लेकर निदेशालय की ओर से निर्देश भी जारी किए गए हैं परन्तु राजकीय लेडिएल्गिन स्कूल में द्वितीय परख परीक्षा मजाक बनती नजर आ रही है। गुरुवार सुबह ९.३० बजे से अपराह्न ३ बजे तक छात्राओं के सैकिंड टेस्ट है। इसी बीच विद्यालय के हॉल में जिले के करीब दो सौ बीएलओ का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

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कर्मचारियों के फरलों पर लगेगा अंकुश

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में कर्मचारियों की लेटलतीफी पर अंकुश लगने वाला है। पूर्व में किए गए प्रयासों के सफल नहीं होने पर दोनों निदेशालयों में बायोमेट्रीक मशीनें लगाने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए बाकायदा एक एजेंसी से चर्चा की गई है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसम्बर माह में निदेशालय में कर्मचारियों के अंगूठे से उपस्थिति दर्ज होनी शुरू हो जाएगी और इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कर्मचारियों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। निदेशालय में विभिन्न अनुभागों में दोपहर बाद सन्न्नाटा छा जाता है। कार्यालय के निर्धारित समय से आखिरतक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने बायोमेट्रीक उपस्थिति की व्यवस्था करने का मानस बनाया है।

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सरकारी स्कूलों के गणवेश में स्वेटर-कोट शामिल

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, शिक्षा सत्र २०१७-१८ में बदले गए सरकारी स्कूलों के गणवेश (यूनिफार्म) में स्वेटर-कोट को शामिल किया गया है। गणवेश निर्धारण कमेटी की अनुशंसा पर सत्र के शुरूआत में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के गणवेश में परिवर्तन किया गया, जो गर्मी के मौसम के लिहाज से था। अब गणवेश समिति की ओर से सर्दी के लिहाज से छात्र-छात्राओं के कोट-स्वेटर का रंग निर्धारित किया है, जिसकी अनुपालना में निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर क्रियान्विति के निर्देश दिए हैं। सरकारी स्कूलों में दशकों पुरानी नीली शर्ट-कुर्ता व खाकी पेंट की परम्परा को बदलते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा सत्र २०१७-१८ में शाला गणवेश का पुनर्निधारण किया। इसके तहत पेंट-सलवार, स्कर्ट कथई रंग का और तथा कुर्ता, शर्ट हल्के भूरे रंग का निर्धारित किया। सर्दी के समय गणवेश के ऊपर पहनने के लिए गर्म पोशाक का निर्धारण नहीं किया था। सर्दी की आहट के साथ ही गणवेश समिति ने इसकी सिफारिश की है।

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सत्तर फीसदी स्कूलों को नहीं मिला पुनर्भरण

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में शिक्षा सत्र २०१६-१७ में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के पुनर्भरण का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। सबसे अधिक दयनीय हालत माध्यमिक शिक्षा के निजी स्कूलों की है, जिनमें अधिकांश स्कूलों को गत सत्र की पुनर्भरण की राशि नहीं मिली है। इसको लेकर निजी स्कूल संचालकों में रोष व्याप्त है। जिले में माध्यमिक शिक्षा के करीब चार सौ निजी विद्यालय संचालित है, जिन्हें शिक्षा सत्र २०१६-१७ में पुनर्भरण की द्वितीय किश्त के रूप में १.८० करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग ने केवल ३१ लाख रुपए का ही बजट जारी किया है। ऐसे में सत्तर फीसदी से अधिक स्कूलों को गत सत्र की पुनर्भरण की द्वितीय किश्त का भुगतान नहीं हुआ है। हालांकि प्रारंभिक शिक्षा के अधिकांश स्कूलों को द्वितीय किश्त का भुगतान हो चुका है।

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आंकलन सेे पता चलेगा, शिक्षकों के दावों में कितनी सच्चाई?

बीकानेर। मिशन मेरिट को लेकर सरकारी स्कूलों के दावों का आंकलन बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के छह माह बाद किया जाएगा। उम्मीद के अनुरूप परिणाम वाले स्कूलों की पीठ थपथपाई जाएगी, वहीं कमचोर परिणाम वाले शिक्षकों के साथ संस्था प्रधान पर भी गाज गिरेगी। गत सत्र में बीकानेर मंडल में चलाए गए मिशन मेरिट को राज्य स्तर पर मिली वाहवाही के बाद उपनिदेशक ने परिणाम के तुलनात्मक आंकलन का निर्णय किया है, जिससे सभी संस्था प्रधानों व शिक्षकों को अवगत कराया गया है। शिक्षा सत्र २०१६-१७ के बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा के दौरान शिक्षण व्यवस्था में मामूली सी कमियां सामने आई, जिन्हें दूर करने पर सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के मेरिट में पहुंचने की संभावना नजर आई। इसी के मद्देनजर उपनिदेशक ने बीकानेर मंडल के बोर्ड परीक्षा परिणाम की समीक्षा का ध्येय बनाया है। इसके बाद शीतकालीन अवकाश के दौरान सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ओर से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विज्ञान, गणित व अंग्रेजी विषय की विशेष कक्षाएं लगाने के भी निर्देश जारी हो सकते हैं।

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