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बकाया एरियर मिले तो रोशन हो दीपावली

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, तीन साल तक संघर्ष करने वाले २०१२ में नियुक्त करीब चालीस हजार शिक्षकों को भले ही स्थायीकरण की सौगात मिल गई हो लेकिन तीन साल के बोनस व एरियर का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इन शिक्षकों के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को केन्द्रीय मद में १२ अरब रुपए से भी अधिक के बजट की दरकार है। ऐसे में उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद ही बकाया बोनस-एरियर का भुगतान संभव हो पाएगा। हालांकि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय इसके लिए प्रयास जारी होने की बात कह रहा है लेकिन वर्षों तक १३२०० फिक्स वेतन में दीपावली मनाने वाले इन शिक्षकों को बकाया एरियर व बोनस का भुगतान हो जाए, तो इनकी खुशियों में चार चांद लग जाएंगे। शिक्षक संगठन राज्य सरकार पर बकाया एरियर-बोनस के भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं लेकिन प्रयास अब तक सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। संगठनों का कहना है कि सरकार को इन शिक्षकों के बकाया एरियर-बोनस पर विचार कर दीपावली से पहले इन्हें सौगात देनी चाहिए, ताकि वर्षों तक फिक्स वेतन की इनकी पीड़ा कुछ हद तक दूर हो सके।

संगठनों का दबाव
जानकारी के अनुसार २०१२ में नियुक्त पंचायत राज शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर न्यायालय के आदेश के बावजूद लम्बे समय तक क्रियान्विति नहीं हुई। इन शिक्षकों का वर्ष २०१५, २०१६ व २०१७ का एरियर व बोनस बकाया है। ये शिक्षक केन्द्रीय मद के होने के कारण इनके बजट के लिए सरकार से मांग की गई हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के सूत्रों की मानें, तो बकाया एरियर-बजट के बारह अरब रुपए के भुगतान के लिए सरकार जब भी आदेश देगी, निदेशालय स्तर से प्रक्रिया तुरंत पूरी कर दी जाएगी।
एक-एक शिक्षक को मिलेंगे दो से ढाई लाख
परिवीक्षा अवधि पूरी होने के तीन साल बाद तक फिक्स वेतन में सेवाएं देने वले शिक्षकों के अच्छे दिन की शुरूआत अब हुई है। स्थायीकरण के कारण जहां पूरा वेतन मिलने लगा है, वहीं बकाया एरियर के प्रत्येक शिक्षक को करीब दो से ढाई लाख रुपए मिलेंगे। शिक्षक देवेन्द्र का कहना है कि सरकार को दीपावली से पहले २०१२ में नियुक्त सभी शिक्षकों को बकाया एरियर का भुगतान करना चाहिए, ताकि उनकी दीपावली और अधिक खुशियों से भर जाए। शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित का कहना है कि २०१२ के शिक्षकों को तीन साल से एरियर-बोनस का भुगतान नहीं होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है। संगठन की ओर से इसके लिए दबाव बनाया जाएगा।
अनेक शिक्षकों को स्थायीकरण का इंतजार
पंचायत राज के अधीन २०१२ से २०१५ तक लगे हजारों शिक्षक अब भी स्थायीकरण का इंतजार कर रहे हैं। २०१२ के अधिकांश शिक्षकों का स्थायीकरण हो चुका है लेकिन कुछ शिक्षक स्थायीकरण से वंचित है। ऐसे में वंचित शिक्षकों को दीपावली पर भी फिक्स वेतन में गुजारा करना पड़ेगा। शिक्षक संघ भगतसिंह के प्रदेश संरक्षक किशोर पुरोहित का कहना है कि सरकार व शिक्षा निदेशालय इन शिक्षकों के साथ कई सालों से अन्याय कर रहा है। वर्षो तक समय पर वेतन नहीं मिला और अब एरियर व बोनस का भुगतान नहीं किया जा रहा है। समय रहते इन शिक्षकों को बकाया एरियर व वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो शिक्षकों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।

DNR Reporter

DNR desk

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