Menu

top banner

निजी हाथों में होगी तीन सौ सरकारी स्कूलों की बागडोर

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर, सरकारी स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने में जुटी सरकार शायद अपने ही प्रयासों में विफल हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश के बड़े सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में (पीपीपी मॉडल) देने की कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद (रमसा) की ओर से बिना तारीख लिखा पीपीपी मोड के अनुबंध का प्रारूप जारी किया गया है। माना जा रहा है कि दिसम्बर माह में अनुबंध की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अप्रेल २०१८ से प्रदेश के १०० बड़े सरकारी स्कूल पीपीपी मोड पर सौंप दिए जाएंगे।

सितम्बर माह में जारी हुई थी अधिसूचना
राज्य सरकार ने सितम्बर २०१७ में प्रदेश के ३०० सरकारी स्कूलों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत संचालित करने की अधिसूचना जारी की। इसके तहत जिला, ब्लॉक व पंचायत मुख्यालय के आदर्श विद्यालयों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा, जबकि पीपीपी मोड के ड्राफ्ट के साथ वायरल हुई सूची में संभाग मुख्यालयों के १००० से अधिक नामांकन वाले राजकीय विद्यालयों को पीपीपी मोड पर देने की जानकारी थी, जिसे शिक्षा अधिकारी फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि आदर्श विद्यालय, जिला व ब्लॉक मुख्यालय के स्कूलों को पीपीपी मोड में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे में जहां नगर पालिका है और ब्लॉक मुख्यालय नहीं है। वहां के स्कूल पीपीपी मोड पर दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि बड़े कस्बों के स्कूलों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसमें बीकानेर के नापासर व देशनोक के विद्यालयों पर तलवार लटक रही है।

यह रहेगी व्यवस्था
सरकारी स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने की अधिसूचना की क्रियान्विति एक अप्रेल २०१८ से पहले हो जाएगी। हालांकि संचालन शिक्षा सत्र २०१८-१९ से ही होगा। इसके तहत इन स्कूलों में विद्यार्थियों की फीस अन्य सरकारी स्कूलों की भांति होगी लेकिन स्टाफ को सरकार अन्य स्कूलों में समायोजित करेगी। इन स्कूलों में ठेकेदार को अपने स्तर पर स्टाफ की व्यवस्था करनी होगी।

विपक्ष के लिए मौका
जहां एक तरफ विपक्ष सरकार पर शिक्षा के भगवांकरण के आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने बड़े सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में देने की कवायद शुरू कर विपक्ष को हमला करने का एक और मौका दे दिया है। हालांकि दो माह पहले अधिसूचना जारी हुई थी और अब तक विपक्ष ने कोई खास विरोध दर्ज नहीं कराया है।

अगले सत्र से लागू
शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें, तो पीपीपी मोड सत्र २०१८-१९ में लागू होगा। पहले चरण में प्रदेश के ३०० स्कूलों को शामिल किया जाएगा। पहले बीकानेर जिले के राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय व राजकीय चौपड़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय को शामिल करने की कथित सूचना वायरल हो रही थी, लेकिन अब देशनोक व नापासर कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नाम सामने आ रहे हैं। जबकि इनमें बहुत अधिक नामांकन है।

DNR Reporter

DNR desk

Leave a comment

Make sure you enter the (*) required information where indicated. HTML code is not allowed.

back to top

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News