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राष्ट्रीय

शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक?

बाड़मेर, एक नवम्बर1 राजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में गुरुवार को हिन्दी विषय का प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने को लेकर परीक्षार्थियों में ऊहापोह की स्थिति रही। हालांकि प्रशासन ने प्रश्न पत्र लीक होने से इनकार किया है। यह प्रश्न पत्र कथित तौर पर परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बाडमेर से वायरल हुए इस प्रश्न पत्र का जब परीक्षा समाप्त होने के बाद मूल प्रश्नपत्र से मिलान किया गया तो सवाल हू-ब-हू मिले। मामले की जानकारी मिलने के बाद आयोग ने बाड़मेर जिला प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट मांगी। आयोग को भेजी रिपोर्ट में बाड़मेर जिला प्रशासन ने पेपर लीक होने से इंकार किया है। बाड़मेर जिला कलेक्टर शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि इस बारे में रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के हिंदी विषय का पेपर सुबह 9 बजे से 11.30 तक हुआ। वहीं प्रशासन को सोशल मीडिया पर पेपर उपलब्ध होने की जानकारी 11 बजे के बाद मिली। नकाते ने कहा कि कहा कि यदि परीक्षा शुरू होने से पहले पेपर सोशल मीडिया पर उपलब्ध होता तो इसे लीक माना जा सकता था लेकिन उनकी जांच के दौरान गुरूवार की हिन्दी परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर 11.16 पर उपलब्ध पाया गया। उन्होंने कहा कि इसे पेपर लीक की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। यह पुलिस अनुंसधान का विषय है कि किसने और कहां से सोशल मीडिया पर पेपर वायरल किया।

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राजस्थान में कांग्रेस की बनेगी सरकार!

टाइम्स नाऊ के सर्वे में दावा
कांग्रेस को 110-120 सीट और सत्ताधारी बीजेपी को 70-80 सीट मिलने का अनुमान
राजस्थान के 69त्न लोग मोदी को और 23त्न राहुल को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं
48त्न लोगों ने वसुंधरा राजे सिंधिया के शासन को खराब और 35त्न ने अच्छा बताया
27त्न लोगों के मुताबिक विकास और 35त्न के लिए बेरोजगारी है सबसे बड़ा मुद्दा
नई दिल्ली
राजस्थान में कांग्रेस पार्टी सरकार बना सकती है। यह बात टाइम्स नाउ और सीएनएक्स के प्री-पोल सर्वे में सामने आई है। राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीट हैं। सर्वे में 67 सीटों को शामिल किया गया है। सभी विधानसभाओं से 120 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें कुल 8040 (4250 पुरुष और 3790 महिलाएं) लोगों की प्रतिक्रया को शामिल किया गया है।
कांग्रेस बनाएगी सरकार?
सर्वे में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर है। अनुमान है कि कांग्रेस को 110-120 सीटें मिलने का अनुमान है। बीएसपी 1 से 3 सीट जीत सकती है, वहीं 7-9 सीटों पर अन्य को जीत मिल सकती है।
कौन हो देश का पीएम?
देश भर के लोगों के दिमाग में चल रहे सवाल पर सर्वे में शामिल राजस्थान के 69 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे मोदी को फिर पीएम बनते देखना चाहते हैं। वहीं 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राहुल गांधी को पीएम बनना चाहिए। 2 प्रतिशत लोग ऐसे भी थे जिन्होंने दोनों को समान बताया। 3 प्रतिशत लोगों को इनमें से कोई भी पसंद नहीं और 3 प्रतिशत ने इस पर कोई राय व्यक्त नहीं की।
केंद्र सरकार या राज्य सरकार बेहतर?
सर्वे में केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज के सवाल पर 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार ने अच्छा काम किया। वहीं 25 प्रतिशत लोगों ने वसुंधरा सरकार के काम को अच्छा कहा। 12 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 53.4 प्रतिशत लोग केंद्र सरकार से बेहद खुश हैं।
विधायकों के कामकाज पर बोले वोटर
जब लागों से अपने क्षेत्र में विधायकों द्वारा किए गए कार्य पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो 40.7 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह इससे संतुष्ट हैं, वहीं 43.27 प्रतिशत लोग इससे असंतुष्ट नजर आए, जबकि 16.03 प्रतिशत लोगों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
क्या होगा सबसे बड़ा मुद्दा?
सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि आने वाले चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा तो 27 प्रतिशत लोगों ने कहा कि विकास सबसे बड़ा मुद्दा होगा। 35 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। 15 प्रतिशत लोगों ने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। 10 प्रतिशत लोगों ने कहा कि लिंचिंग बड़ा मुद्दा होगा। 6 प्रतिशत लोगों ने एससी/एसटी ऐक्ट को और 10 प्रतिशत लोगों ने राफेल को राजस्थान चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
कैसा रहा वसुंधरा का शासन?
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के कामकाज के सवाल पर 48 प्रतिशत लोगों ने इसे खराब बताया, 35 प्रतिशत लोगों ने इसे अच्छा कहा। 12 प्रतिशत लोगों ने इसे सामान्य कहा और 5 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
किसने बेहतर काम किया?
सर्वे में जब वोटरों वर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व मुख्समंत्री अशोक गहलोत के कामकाज पर सवाल पूछा गया तो 31 प्रतिशत लोगों ने कहा कि गहलोत ने अच्छा काम किया। 25 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वसुंधरा ने अच्छा काम किया। 10 प्रतिशत लोगों को दोनों का काम पसंद आया। 14 प्रतिशत लोगों ने दोनों के काम को नकार दिया, वहीं 20 प्रतिशत लोगों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी।

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बेनीवाल ने बनाई राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी

जयपुर। राजस्थान में तीसरे मोर्चे के रूप में हनुमान बेनीवाल ने अपनी पार्टी की घोषणा सोमवार को जयपुर में कर दी। इस पार्टी का नाम 'राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टीÓ रखा गया है। पार्टी को भाजपा के पूर्व नेता और भारत वाहिनी के अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने भी समर्थन दिया है।
जयपुर में हुई हुंकार रैली के दौरान बेनीवाल और तिवाड़ी के साथ ही समाजवादी पार्टी के नेता भी शामिल हुए। उम्मीद थी कि आम आदमी पार्टी भी इस गठबंधन में शामिल हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी राज्य में बड़ी संख्या में अपने उम्मीदवार भी मैदान में उतारेगी। भारत वाहिनी, लोकतांत्रिकी पार्टी और समाजवादी पार्टी यहां एक साथ मिलकर तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार खड़े कर सकते हैं।
बोतल चुनाव चिन्ह
हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को चुनाव चिन्ह के रूप में 'बोतलÓ मिली है। इसका भी सोमवार को मीटिंग के दौरान लोकार्पण किया गया।

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अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में जनवरी तक टली सुनवाई

नई दिल्ली
अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि जनवरी में उपयुक्त पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। उन्होंने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की पक्षकारों की मांग को खारिज कर दिया।
सरकार की तरफ से पेश वकील तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा कि इस मामले की जनवरी में कब से सुनवाई शुरू होगी। इस पर पीठ ने कहा कि यह सब फैसला नई पीठ करेगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सुनवाई कब से होगी, रोजाना होगी या नहीं, इस पर नई पीठ ही फैसला लेगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ ने आदेश दिया था कि विवादित भूमि के मालिकाना हक वाले दीवानी मामले की सुनवाई तीन जजों की पीठ 29 अक्टूबर से करेगी। पीठ ने नमाज के लिए मस्जिद को इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं मानने वाले इस्माइल फारूकी मामले में 1994 के फैसले के अंश को पुनर्विचार के लिए सात जजों की पीठ को भेजने से इनकार कर दिया था।
जानें, कोर्ट में क्या-क्या हुआ
कोर्ट में चीफ रंजन गोगोई जस्टिस की पीठ में दोनों पक्षकारों ने दलील थी कि नंवबर में सुनवाई शुरू हो जाए लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले को जनवरी के लिए पहले हफ्ते के लिए टाला जाता है। तभी यह तय होगा कि कौन सी पीठ मामले की सुनवाई करेगी और सुनवाई की तारीख क्या होगी। कोर्ट ने कहा कि पीठ जनवरी में तय करेगी कि सुनवाई जनवरी में हो कि फरवरी या मार्च में। जल्द सुनवाई की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारी अपनी प्राथमिकता है, यह उचित पीठ तय करेगा कि सुनवाई कब से हो।

हिंदू पक्षकार ने SC के आदेश पर यह कहा 

हिंदू पक्षकार संत धर्मानंद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'चुनाव को देख डेट नहीं बढ़नी चाहिए। यह प्रॉपर्टी का मामला है। अब हमें इंतजार ही करना होगा। हमें आंदोलन नहीं करना है। हम चाहते थे कि इस मामले में जल्द निर्णय हो। यह हिंदू-मुसलमान का केस नहीं है। कानून बनाने की बात करने वाले जनता को भ्रम में डालते हैं।

यूपी के डेप्युटी सीएम का टिप्पणी से इनकार
यूपी के डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामला टलने पर किसी प्रकार की टिप्पणी से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'यह सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है और मैं इसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। हालांकि इसके टलने से अच्छा संदेश नहीं गया है।

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अयोध्या विवाद: जमीन पर मालिकाना हक किसका, सुप्रीम कोर्ट में जनवरी तक टली सुनवाई

नई दिल्ली
अयोध्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि जनवरी में उपयुक्त पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। उन्होंने इस मामले पर तुरंत सुनवाई की पक्षकारों की मांग को खारिज कर दिया।
सरकार की तरफ से पेश वकील तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा कि इस मामले की जनवरी में कब से सुनवाई शुरू होगी। इस पर पीठ ने कहा कि यह सब फैसला नई पीठ करेगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सुनवाई कब से होगी, रोजाना होगी या नहीं, इस पर नई पीठ ही फैसला लेगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ ने आदेश दिया था कि विवादित भूमि के मालिकाना हक वाले दीवानी मामले की सुनवाई तीन जजों की पीठ 29 अक्टूबर से करेगी। पीठ ने नमाज के लिए मस्जिद को इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं मानने वाले इस्माइल फारूकी मामले में 1994 के फैसले के अंश को पुनर्विचार के लिए सात जजों की पीठ को भेजने से इनकार कर दिया था।
जानें, कोर्ट में क्या-क्या हुआ
कोर्ट में चीफ रंजन गोगोई जस्टिस की पीठ में दोनों पक्षकारों ने दलील थी कि नंवबर में सुनवाई शुरू हो जाए लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि इस मामले को जनवरी के लिए पहले हफ्ते के लिए टाला जाता है। तभी यह तय होगा कि कौन सी पीठ मामले की सुनवाई करेगी और सुनवाई की तारीख क्या होगी। कोर्ट ने कहा कि पीठ जनवरी में तय करेगी कि सुनवाई जनवरी में हो कि फरवरी या मार्च में। जल्द सुनवाई की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारी अपनी प्राथमिकता है, यह उचित पीठ तय करेगा कि सुनवाई कब से हो।

हिंदू पक्षकार ने SC के आदेश पर यह कहा 

हिंदू पक्षकार संत धर्मानंद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'चुनाव को देख डेट नहीं बढ़नी चाहिए। यह प्रॉपर्टी का मामला है। अब हमें इंतजार ही करना होगा। हमें आंदोलन नहीं करना है। हम चाहते थे कि इस मामले में जल्द निर्णय हो। यह हिंदू-मुसलमान का केस नहीं है। कानून बनाने की बात करने वाले जनता को भ्रम में डालते हैं।

यूपी के डेप्युटी सीएम का टिप्पणी से इनकार
यूपी के डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामला टलने पर किसी प्रकार की टिप्पणी से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'यह सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है और मैं इसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। हालांकि इसके टलने से अच्छा संदेश नहीं गया है।

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Big Breaking रावण दहन के वक्त अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा, 50 से ज्यादा लोगों की मौत

चंडीगढ़
पंजाब के अमृतसर में एक बड़े ट्रेन हादसे में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ है। यह हादसा जिस वक्त हुआ उस समय वहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। इसी दौरान डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजर रही थी। रावण दहन के वक्त पटाखों की तेज आवाज के कारण ट्रेन का हॉर्न लोगों को नहीं सुनाई पड़ा। इसकी वजह से यह हादसा हो गया। घटना के बाद पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है।
पिछले कई वर्षों से यहां दशहरे के अवसर पर रावण दहन का आयोजन किया जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस साल भी यहां रावण दहन का आयोजन किया गया था। दहन के दौरान पटाखों की आवाज तेज होने की वजह से वहां मौजूद लोग ट्रेन के हॉर्न की आवाज नहीं सुन पाए और यह घटना हो गई। घटना के बाद पुलिस, जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। इसी के साथ ही घटना स्थल पर स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

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आयुष्मान भारत योजना: क्या आपको मिलेगा मुफ्त इलाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) का शुभारंभ कर दिया है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम के तौर पर पेश किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना से करीब 50 करोड़ भारतीय लाभान्वित होंगे. 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 445 जिले के लोगों को योजना का लाभ मिलेगा. दिल्ली, केरल, ओडिशा, पंजाब और तेलंगाना इस योजना को अपने यहां लागू नहीं कर रहे हैं. आइये जानते हैं क्या है यह योजना और किसको मिलेगा इसका लाभ.
क्या है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य खासकर निम्न और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगे मेडिकल बिल से निजात दिलाना है. इस योजना के दायरे में गरीब, वंचित ग्रामीण परिवार और शहरी श्रमिकों की पेशेवर श्रेणियों को रखा गया है.
प्रत्येक परिवार को सालामान पांच लाख रुपये की कवरेज
नवीनतम सामाजिक आर्थिक जातीय जनगणना (एसईसीसी) के हिसाब से गांवों के ऐसे 8.03 करोड़ और शहरों के 2.33 परिवारों को शामिल किया गया है. सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये की कवरेज दी जाएगी और वे सरकारी या निजी अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकेंगे.
ढाई लाख से ज्यादा बेड गरीबों के लिए
अनुमान के मुताबकि इस योजना के तहत अब देश के करीब 10 हजार अस्पतालों में ढाई लाख से ज्यादा बेड गरीबों के लिए रिजर्व हो जाएंगे.

योजना में कौन शामिल है, ऐसे करें पता
योजना में आप शामिल हैं या नहीं, यह पता करना बहुत आसान है. सबसे पहले आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) की वेबसाइट https://mera.pmjay.gov.in खोलें. यहां आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा. उसके बाद एक ओटीपी आएगा. इस ओटीपी को वेबसाइट पर डालकर वेरीफाई करने के बाद एक पेज खुल जाएगा. जहां आप देख सकते हैं कि योजना में शामिल हैं या नहीं.

अगर वेबसाइट पर नाम नहीं है तो...
अगर आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) की वेबसाइट पर आपका नाम नहीं दिख रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. इसी वेबसाइट पर स्ढ्ढष्टष्ट (सोशल इकोनॉमिक कास्ट सेंसस) का लिंक है. इस लिंक पर जाकर आपको अपना नाम, पता, पिता का नाम और राज्य आदि जैसे ब्योरे डालने होंगे. इसके बाद डिटेल खुल जाएगी.

आयुष्मान मित्र से करें संपर्क
वेबसाइट पर आपका नाम नहीं है तो नजदीकी सरकारी या योजना में शामिल निजी अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं. यहां आपकी मदद के लिए सरकार ने आयुष्मान मित्र/आरोग्य मित्र तैनात किये हैं. उनसे योजना से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी ली जा सकती है.

अस्पताल में ऐसे ले सकते हैं सुविधा का लाभ
अगर आप योजना में शामिल हैं और इसका लाभ लेना चाहते हैं यह बहुत आसान है.
(1). आपको योजना में शामिल अस्पताल के आयुष्मान मित्र या आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क से संपर्क करना होगा.
(2). वहां आपको पहचान पत्र जैसे दस्तावेज दिखाने होंगे.
(3). इसके लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड की जरूरत पड़ेगी.
(4). ध्यान रहे आधार कार्ड की कोई अनिवार्यता नहीं है.
(5). इलाज के लिए आपको एक पैसे भी नहीं देना होगा.

इन बीमारियों का करा सकते हैं इलाज
आयुष्मान योजना में शामिल करीब दस हजार अस्पतालों में 13 सौ से ज्यादा बीमारियों और इससे संबंधित पैकेज को इलाज में शामिल किया गया है. जिसमें कैंसर की सर्जरी, हार्ट की बाइपास सर्जरी, आंख-दांत का ऑपरेशन, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी तमाम चीजें शामिल हैं. सरकार लोगों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. आप 14555 पर फोन कर योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी, सलाह या सुझाव ले सकते हैं.

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में 150 एकड़ से ज्यादा जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई


जम्मू, 29 अगस्त (भाषा) अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर शुरू किए गए अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार ने पुंछ जिले में 150 एकड़ से ज्यादा जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक सरकारी जमीन से अवैध बसावट खत्म करने का अभियान हवेली, मंडी, सुरानकोट, मेंधार, मानकोट और बालाकोट तहसील में भी चलाया गया।
बयान में बताया गया कि इस अभियान के दौरान 153.25 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
जम्मू संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने अतिक्रमण रोधी अभियान के प्रगति की कल शाम एक बैठक में समीक्षा की।

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इस्लाम विरोधी कार्टून प्रतियोगिता के खिलाफ पाकिस्तान में कट्टरपंथियों की रैली


लाहौर, 29 अगस्त (एपी) पाकिस्तान में हाल में हुए आम चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले इस्लामी समूह के सदस्य डच सांसद गीर्ट विल्डर्स के खिलाफ रैली के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। विल्डर्स नवंबर में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून की एक प्रतियोगिता कराने की योजना बना रहे हैं। इस्लामी संगठन उनके इस कदम का विरोध कर रहे हैं।
समूचे पाकिस्तान में मुसलमान इस प्रतियोगिता की आलोचना कर रहे हैं और इसे इस्लाम को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं क्योंकि अल्लाह या पैगंबर मोहम्मद का भौतिक चित्रण, भले ही सकारात्मक रूप में क्यों न किया गया हो, उनके मज़हब में वर्जित है।
पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए आज की रैली पहला इम्तिहान साबित होगी कि वह 25 जुलाई को हुए चुनावों में उनका समर्थन करने वाली पार्टी तहरीक-ए-लबैक से कैसे निपटते हैं।
खान ने इस कार्टून प्रतियोगिता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन मांगा था और उनकी सरकार ने डच राजदूत के समक्ष विरोध भी दर्ज कराया था लेकिन उनके निष्कासन की मांग पर अभी इनकार किया है।
तहरीक-ए-लबैक ने 2017 में एक संवैधानिक विधेयक में पैगंबर मोहम्मद का संदर्भ दिए जाने पर इस्लामाबाद में रैली के जरिए आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था।

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अमेरिका ने रूस और सीरिया को चेतावनी दी


वाशिंगटन, 29 अगस्त (एपी) अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने रूस और सीरिया की सरकारों को सीरिया के विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी है क्योंकि राष्ट्रपति बशर असद की गठबंधन सेना विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में हमला करने की तैयारी में है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा इदलिब या सीरिया के किसी भी अन्य क्षेत्र में हुए सत्यापित रासायनिक हमले का जवाब अमेरिका तेजी से और उपयुक्त तरीके से देगा।
वाशिंगटन में कल संवाददाताओं से बात करते हुए नोर्ट ने कहा कि अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी अपने रूसी समकक्षों को कहा है कि वह स्पष्ट रूप से सीरिया को इसस अवगत करा दे।
सीरिया सरकार विद्रोहियों के गढ़ इदलिब प्रांत में हमले की तैयारी में है।

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