Menu

राष्ट्रीय

अब 22 को गहलोत नहीं जाएंगे बीकानेर, ये है वजह

 बीकानेर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी २२ अगस्त को बीकानेर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई कार्यक्रमों में शिरकत करना था।
 
मालूम हो कि जिले में किसान पंचायत, विश्नोई धर्मशाला में डीलक्स रूम का उद्घाटन तथा शहर में एक मंदिर का लोकार्पण होना था। लेकिन इन सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।
दरअसल 23 अगस्त को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के बाद प्रदेश सरकार ने सात दिन की राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसी के तहत बीकानेर में होने वाले सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।
Read more...

पंचतत्व में विलीन हो गए अटल बिहारी वाजपेयी, दिल्ली में स्मृति स्थल पर हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली, जानेमाने कवि, प्रखर वक्ता, सशक्त पत्रकार और जननेता रहे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। दिल्ली के स्मृति स्थल पर राष्ट्र ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान वहां मौजूद सभी लोग हाथ जोड़े खड़े रहे। सभी की आंखों में आंसू थे। वाजपेयी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया गया। उनका शरीर भले ही अब इस दुनिया में नहीं है पर उनके अटल विचार, सिद्धांत और नैतिक मूल्य हमेशा देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। अटल ने कविता के जरिए पहले ही अपने अंतिम सफर का जिक्र करते हुए कहा था, 'मौत की उम्र क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?' देश-विदेश में बसे भारतीय अब उनकी इन पंक्तियों के जरिए अपने प्रिय नेता को याद कर रहे हैं। नातिन निहारिका ने वाजपेयी के पार्थिव शरीर पर से तिरंगा ग्रहण किया। उस पल स्मृति स्थल पर मानों घड़ी की सुई कुछ देर के लिए थम गई, पूरा माहौल गमगीन था। बेटी, नातिन और परिवार के लोग ही नहीं स्मृति स्थल पर मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू थे। अटल थे ही कुछ ऐसे, उनका कवि मन सदैव संवेदनाओं से भरा होता था। उनकी आत्मीयता, समरसता, मधुरता और सादगी लोगों को बांध लेती थी। सियासत की दुनिया का उन्हें 'अजातशत्रु' कहा जाता था क्योंकि उन्होंने हमेशा दोस्त बनाए, दुश्मन उनका कोई नहीं था।

Read more...

वाजपेई ने भारत..अमेरिका संबंधों के नैसर्गिक गठजोड़ की प्रकृति को पहचाना था : अमेरिकी विदेश मंत्री

नई दिल्ली, 17 अगस्त :भाषा: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने वैश्विक एवं आर्थिक ताकत के रूप में भारत के उदय में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका..भारत संबंधों के साझे प्रयासों की दिशा में नैसर्गिक गठजोड़ की प्रकृति को पहचाना था।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई के निधन पर शोक प्रकट करते हुए पोम्पिओ ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के लोगों की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर वह भारत की जनता के प्रति गहरा शोक प्रकट करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने देश के विकास के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने पूरे समर्पण से प्रत्एक भारतीय के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस में 2000 में उन्होंने अमेरिका भारत संबंधों को साझे प्रयासों की दिशा में नैसर्गिक गठजोड़ बताया था। उन्होंने शुरू में ही इस बात की पहचान की थी कि अमेरिका और भारत साझे लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर एक ऐसा गठजोड़ कायम कर सकते हैं जो दुनिया और इस क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा में योगदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि आज हमारे दोनों देश और हमारे द्विपक्षीय संबंध पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई की दृष्टि से लाभान्वित होंगे। दुख की इस घड़ी में अमेरिका के लोग और मैं, भारत के लोगों के साथ हैं।
इससे पहले अमेरिकी राजदूत केनेथ आई जस्टर ने कल कहा कि अटल बिहारी वाजपेई और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के शासन में भारत-अमेरिका संबंधों की प्रगति ने नए स्तर को छुआ।
राजदूत ने ए बातें यहां भारत के पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका में राजदूत रह चुके ललित मानसिंह के साथ इवॉल्यूशन ऑफ यूएस इंडिया रिलेशनशिप (भारत-अमेरिका संबंधों का विकास) विषय पर चर्चा के दौरान कहीं।
अमेरिकी राजदूत ने कहा था, वाजपेई और बुश के कार्यकाल से पहले तक भारत-अमेरिका के रिश्ते में फासले थे। दोनों नेता इस संबंध को नए स्तर तक ले गए।

Read more...

वाजपेई के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा

नई दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के आवास पर पहुंच रहे हैं।
नई दिल्ली के लुटियंस जोन में कृष्णा मेनन मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 6-ए के आसपास सुरक्षा का भारी बंदोबस्त है। पुलिस और यातायात पुलिस के साथ-साथ वहां अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की भी तैनाती की गई है।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, वाजपेई के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास के दरवाजे सुबह करीब साढ़े सात बजे खोले गए।
बाद में वाजपेई का पार्थिव शरीर भारतीय जनता पार्टी के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नव-निर्मित मुख्यालय पर ले जाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्मृति स्थल के लिए उनकी अंतिम यात्रा दोपहर एक बजे शुरू होगी।
लंबी बीमारी के बाद कल एम्स में वाजपेई का निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे।
सुबह कृष्णा मेनन मार्ग पहुंचने वालों में शामिल 52 वर्षीय योगेश कुमार उत्तराखंड के उत्तरकाशी से अपने नेता के अंतिम दर्शन को आए हैं।
लोग पूरी रात यात्रा करके दिल्ली आए हैं ताकि अपने नेता को एक अंतिम बार देख सकें।
कुमार का दावा है, 1984 में जब वाजपेई जी गंगोत्री जाने के दौरान उत्तरकाशी में रूके थे, तब मैं उनसे मिला था। 1986 में वह फिर से उत्तरकाशी आए। कुमार अपने साथ याद के रूप में अपनी और वाजपेई जी की तस्वीर लेकर आए हैं।
उनका कहना है, मैं अपने साथ गंगोत्री से गंगाजल लेकर आया हूं। आशा करता हूं कि उन्हें अंतिम बार देख सकूंगा।

Read more...

भारत ने पाकिस्तान के समक्ष पीर पंजाल क्षेत्र में घुसपैठ का मुद्दा उठाया

नई दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ को चिंता का विषय बताते हुए भारत ने आज पाकिस्तान से कहा कि पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के उत्तर में घुसपैठ बढ़ी है और इसे रोकने के लिए इस्लामाबाद को कदम उठाने चाहिए।
भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि दोनों सेनाओं के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बातचीत की।
पाकिस्तानी डीजीएमओ ने आश्वासन दिया कि पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा के पास ऐसे तत्वों के किसी भी कदम के खिलाफ तत्काल कार्वाई करेगी और भारतीय पक्ष द्वारा साझा की गई जानकारी पर प्रतिक्रिया देगी ताकि आतंकवाद विरोधी अभियान सफल हो सकें।
बयान के अनुसार भारतीय डीजीएमओ ने जोर दिया कि आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ का प्रयास चिंता का कारण है। उन्होंने पाकिस्तान डीजीएमओ से कहा कि पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के उत्तर में ऐसी गतिविधियों में वृद्धि हुई है।

Read more...

दिल्ली मेट्रो के सबसे पहले कॉरिडोर का उद्घाटन वाजपेई ने किया था

नई दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) दिल्ली मेट्रो में हर रोज सफर करने वाले 25 लाख से ज्यादा लोगों को शायद पता नहीं होगा कि इस रेल नेटवर्क की शुरुआत रेड लाइन के 8.2 किलोमीटर लंबे खंड से हुई थी और उस वक्त इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने किया था।
वाजपेई ने 24 दिसंबर 2002 को दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के सबसे पहले कॉरिडोर का उद्घाटन किया था जिससे दिल्ली का एक बड़ा सपना पूरा हुआ था।
इस उद्घाटन अवसर पर दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, उप-प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री अनंत कुमार, डीएमआरसी के प्रमुख ई. श्रीधरन और मेट्रो के अध्यक्ष मदन लाल खुराना भी मौजूद थे।
एक अधिकारी ने बताया, वाजपेई और अन्य मेहमान कश्मीरी गेट में ट्रेन में चढ़े थे और सीलमपुरी में उतरे थे। बाद में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री ने आधिकारिक तौर पर ट्रेन सेवा को झंडी दिखाकर रवाना किया था।

Read more...

केंद्रीय कैबिनेट ने वाजपेई के निधन पर शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) केंद्रीय कैबिनेट ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर शोक व्यक्त किया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
आज शाम वाजपेई का निधन हुआ।
परंपरा के मुताबिक, कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर पूर्व प्रधानमंत्री एवं भाजपा के दिग्गज नेता के निधन पर शोक व्यक्त किया।
जब बड़े नेताओं का निधन होता है तो कैबिनेट की बैठक करके उनके निधन पर शोक व्यक्त किया जाता है और इस बाबत प्रस्ताव पारित किया जाता है।
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में कुछ देर के लिए मौन भी धारण किया गया।
कल राजकीय सम्मान के साथ वाजपेई का अंतिम संस्कार किया जाएगा और सभी केंद्रीय कार्यालयों में आधे दिन का अवकाश होगा।
सरकार ने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रदर्शित करते हुए सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक सर्कुलर में कहा गया कि आज से सात दिनों तक पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
इसमें कहा गया है, दिवंगत वाजपेई के सम्मान में यह निर्णय लिया गया है कि पूरे भारत में 16 अगस्त से 22 अगस्त तक सात दिनों का राष्ट्रीय शोक रहेगा।
गृह मंत्रालय ने कहा, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय ध्वज पूरे भारत में आधा झुका रहेगा। राष्ट्रीय शोक की अवधि के दौरान कोई आधिकारिक समारोह भी आयोजित नहीं होगा।
विदेशों में सभी भारतीय मिशनों में भी अंतिम संस्कार के दिन राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा।

Read more...

वाजपेई के निधन पर फिल्म जगत की हस्तियों ने जताया शोक

मुंबई, 16 अगस्त (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर मशहूर गायिका लता मंगेशकर, दिग्गज अभिनेता रजनीकांत और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा सहित कई जानीमानी हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।
लता ने कहा कि वाजपेई के निधन की खबर ने उन्हें झकझोर दिया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ऋषितुल्य पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेई जी के स्वर्गवास की वार्ता सुनके मुझे ऐसे लगा जैसे मेरे सर पर पहाड़ टूटा है, क्योंकि मैं उनको पिता समान मानती थी और उन्होंने मुझे अपनी बेटी बनाया था।
लता ने आगे लिखा, मुझे वो इतने प्रिय थे कि मैं उनको दद्दा कहके बुलाती थी। आज मुझे वैसा दुख हुआ है जैसे मेरे पिता जी के स्वर्गवास के समय हुआ था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
अभिनेता से नेता बने रजनीकांत ने वाजपेई को महान राजनेता बताया।
उन्होंने कहा, श्री वाजपेई जी जैसे महान राजनेता के निधन के बारे में सुनकर मैं दुखी हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
प्रियंका चोपड़ा ने दूरदर्शी विचारों और देश के प्रति योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया।
गायक विशाल ददलानी ने वाजपेई के निधन को एक दिग्गज का जाना करार दिया।
उन्होंने कहा, आज हम जिन ओछे राजनीतिक भाषणों को सुनते हैं, उसकी तुलना में उनके शब्दों के बीच आने वाले ठहराव में ज्यादा प्रभाव और गंभीरता होती थी।
बाहुबली के निर्देशक एस.एस. राजमौली ने वाजपेई को ऐसे राजनेता के तौर पर याद किया जो राजनीति में गरिमा और आत्म-सम्मान लाए।
अभिनेता संजय दत्त ने वाजपेई के निधन को देश के लिए बड़ी क्षति करार दिया।

Read more...

अटल बिहारी के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक, कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

नई दिल्ली, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार शाम ५:०५ बजे एम्स दिल्ली में निधन हो गया। एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकाल डिविजन की अध्यक्ष प्रो. आरती विज की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गहरे शोक के साथ हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना दे रहे हैं। अटल जी के निधन के बाद केंद्र सरकार ने पूरे देश में ७ दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी है। वहीं उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में शुक्रवार को स्कूलों और कॉलेज में छुट्टी की घोषणा भी कर दी गई है।

बिहार सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य में सात दिन का शोक और १७ अगस्त को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में १७ अगस्त को उत्तराखंड के सभी राजकीय कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अर्द्ध सरकारी कार्यलय बंद रहेंगे।

दिनभर एम्स में लगा रहा नेताओं का तांता
भाजपा और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का आज दिनभर एम्स में तांता लगा रहा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, विभिन्न केन्द्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य नेता उन्हें देखने एम्स पहुंचे। असम के मुख्यमंत्री सवार्नंद सोनोवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई राजनेता अपने कार्यक्रम बीच में छोडकर दिल्ली पहुंचे।

Read more...

अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे ..देश सदमे में

नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है। एम्स ने गुरुवार शाम ५.३५ बजे एक विज्ञप्ति जारी करके बताया कि वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। वाजपेयी पिछले कई महीनों से एम्स में भर्ती थे। एम्स की ओर से जारी प्रेसनोट में महज दो लाइन दी गई है कि वो अब हमारे बीच में नहीं रहे। उन्होंने 5.05 बजे अंतिम सांस ली। उन्हें नौ सप्ताह तक एम्स में भर्ती रखा गया था।

पिछले करीब छह सालों से वाजपेयी बीमार चल रहे हैं। पहले उन्हें डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) हुई थी, इसके बाद उनके हृदय में इंफेक्शन हो गया। फिर किडनी भी खराब हो गई। पिछले कुछ महीने से वो एम्स में ही भर्ती थे। पंद्रह अगस्त बुधवार को उनका स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ गया। ऐसे में उन्हें वेंटीलेटर पर लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आशय की सूचना मिलते ही बुधवार को एम्स पहुंच गए थे। इसके बाद गुरुवार सुबह उपराष्ट्रपति वेंकयानायडू अस्पताल पहुंचे। अन्य विभागों के मंत्री भी अस्पताल पहुंचे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पहुंचे।
आडवाणी और मुरली मनोहर दुखी
वाजपेयी के स्वास्थ्य की खबर ने जिन नेताओं को सर्वाधिक दुखी किया है, वो हैं लालकृष्ण आडवाणी और मुरलीमनोहर जोशी। दोनों नेताओं ने वाजपेयी के साथ मिलकर भाजपा की नींव रखी थी। इतना ही नहीं पार्टी के संघर्ष के दौर में भी तीनों साथ रहे थे।

Read more...
Subscribe to this RSS feed

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News