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राष्ट्रीय

भारत-चीन में बनी सहमति, नाथूला से होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा

नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इन दिनों चीन दौरे पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच बड़ी सहमति बनी है। इसके बाद अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा इस बार नाथूला दर्रे से होगी। खबरों के अनुसार सुषमा स्वराज ने रविवार को अपने समकक्ष वांग यी से मुलाकात की जिसके बाद इस बात पर सहमति बनी है।

मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि हमारे मतभेदों पर हमारी साझा चीजें भारी हैं। चीनी विदेश मंत्री ने भी इस पर सहमति जताई। सुषमा ने आगे कहा कि हम खुश हैं कि इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा नाथूला से फिर शुरू होगी। मुझे उम्मीद है कि इस साल चीनी पक्ष के सहयोग से भारतीयों की यह यात्रा संतोषप्रद रहेगी।

बता दें कि भारत से हर साल तीर्थ यात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा दो अलग रास्तों से जून से सितंबर के बीच होती है। इनमें से एक उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथूला दर्रा है।

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हरियाणा में कठुआ की तरह बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या का प्रयास, 1 गिरफ्तार

चंडीगढ़। हरियाणा में यमुनानगर जिले के एक गांव में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। चार आरोपितों में से एक गिरफ्तार किया जा चुका है बाकी तीन के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस महानिदेशक को जो प्रारंभिक रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक नाबालिग लड़की के साथ धर्मशाला परिसर में गलत काम हुआ है। आरोपितों में दो मुस्लिम और दो हिंदू युवक शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए यमुनानगर के डीएसपी तथा महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीमें बना दी गई हैं। सोमवार तक इन तीनों को भी पकड़ लिए जाने की संभावना है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने यमुनानगर के एसपी से रिपोर्ट हासिल करने के बाद हमारे सहयोगी प्रकाशन दैनिक जागरण को बताया कि दुष्कर्म की घटना 19 अप्रैल की रात की है, जिसकी शिकायत 20 अप्रैल को की गई। चार आरोपितों में से एक मुस्लिम युवक नाबालिग है। इस युवक और पीडि़ता के बीच जान पहचान की भी तहकीकात की जा रही है। मुस्लिम लड़की के परिजनों की शिकायत पर सभी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है तथा उसका मेडिकल कराया जा चुका है।

पुलिस महानिदेशक के अनुसार चारों आरोपितों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गांव में एक धर्मशाला है, जो जर्जर है, उसके दरवाजे तक नहीं हैं तथा उसमें कोई नहीं ठहरता। यह धर्मशाला किसी मंदिर का हिस्सा नहीं है। मंदिर धर्मशाला से दूर है। उधर यमुनानगर के एसपी राजेश कालिया ने बताया कि धर्मशाला के पास ही हरिजन चौपाल और वाल्मीकि चौपाल तथा छोटा सा अस्पताल है। जिस मंदिर की बात कही जा रही है, उसमें पुजारी भी नहीं रहता।

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जनधन के खाते 31.45 करोड़, जमा राशि 80 हजार करोड़ पार

नई दिल्ली। मोदी सरकार की महत्वपूर्ण "प्रधानमंत्री जनधन योजना" को बड़ी कामयाबी मिली है। इसके खातेदारों की संख्या 11 अप्रैल 2018 को बढ़कर 31.45 करोड़ हो गई वहीं जमा राशि भी बढ़कर 80 हजार करोड़ के पार पहुंच गई। अधिकृत आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। "जनधन" के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी योजना के तहत देश की आबादी के बड़े हिस्से के पहली बार बैंक खाते खोले गए हैं। अगस्त 2014 में शुरू की गई यह योजना विश्व में अनूठी है।

जनधन से मिलती हैं ये सुविधाएं - बैंकिंग, सेविंग, डिपॉजिट, लेन-देन, कर्ज, बीमा व पेंशन।

मार्च 2017 से सतत वृद्धिविश्व बैंक ने की सराहनावित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनधन योजना की जमा राशि में मार्च 2017 के बाद से लगातार वृद्धि हो रही है। 2016 में नोटबंदी के वक्त यह योजना काफी चर्चा में आई थी, क्योंकि इसमें जमा राशि एकाएक काफी बढ़ गई थी। हाल ही विश्व बैंक द्वारा जारी "ग्लोबल फिडेंक्स रिपोर्ट 2017" की नवीनतम रिपोर्ट में जनधन योजना की कामयाबी का उदाहरण दिया गया है।

55 फीसद नए खाते भारत में -

वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने भारत के वित्तीय समावेश के प्रयासों पर विश्व बैंक की मुहर लग गई है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में जितने नए बैंक खाते खोले गए हैं, उनमें से 55 फीसद भारत में हैं।

नोटबंदी के बाद राशि 45 हजार करोड़ से 74 हजार करोड़ हुई -

नवंबर 2016 में नोटबंदी के पूर्व जनधन खातों में जमा राशि 45,300 करोड़ रुपए थी जो नोटबंदी के बाद बढ़कर 74 हजार करोड़ रुपए हो गई थी। नोटबंदी के तहत सरकार ने 500 व 1000 रुपए के करेंसी नोटों को बंद कर दिया था। हालांकि बाद में इन खातों में राशि घटी लेकिन मार्च 2017 के बाद इसमें सतत वृद्धि हुई।

इस तरह बढ़ी जमा राशि -

अवधि राशि (करोड़ रुपए)

दिसंबर-2017 - 73,878

फरवरी-2018 - 75,572

मार्च-2018 - 78,49411

अप्रैल-2018 - 80,545

इस तरह बढ़े खातेदार -

अवधि खातेदार (करोड़)

नवंबर-2016 25.51

जनवरी-2017 26.511

अप्रैल-2018 31.46

नोटबंदी के बाद दोगुनी से ज्यादा हुई औसत जमा -

आईसेक्ट के व्यावसायिक सेवा निदेशक अभिषेक पंडित के अनुसार जनधन पर नोटबंदी के असर का आकलन इस तथ्य से हो जाता है कि नोटबंदी से पहले योजना में प्रत्येक खाते की औसत जमा राशि 480 रुपए थी जो नोटबंदी के बाद बढ़कर 1095 रुपए हो गई। आईसेक्ट देश के ग्रामीण व अर्द्धशहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है। इसके देशभर में 1400 से ज्यादा बैंकिंग कियोस्क हैं।

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गया में भाजपा सांसद का पुत्र नशे की हालत में गिरफ्तार

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गया। बोधगया थाने की पुलिस ने रविवार देर रात भाजपा सांसद हरि मांझी के पुत्र राहुल कुमार को नशे की हालत में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई तो शराब पीने की पुष्टि हुई। दो साल से बिहार में शराबबंदी लागू किए जाने के बाद किसी सांसद के पुत्र के नशे की हालत में पकड़े जाने का यह पहला मामला है।

हरि मांझी के पुत्र की नशे में गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक ने बताया कि बोधगया थाना क्षेत्र के नावां गांव से सांसद के पुत्र को गश्त कर रही पुलिस ने नशे की हालत में गिरफ्तार किया। मेडिकल जांच कराने के बाद उसे जेल भेजा गया।

इस बाबत प्रतिक्रिया में सांसद हरि मांझर ने कहा कि साजिश के तहत उनके बेटे को फंसाकर राजनीतिक बदला लिया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा के विनोद नारायाण झा ने कहा कि बिहार में कानून का राज है। कानून का उल्‍लंघन करने वाला कोई भी हो, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

विदित हो कि सांसद के पुत्र ने 13 दिसंबर 2016 को भी मेडिकल कॉलेज गेट पर नशे की हालत में हंगामा किया था। उस वक्त मेडिकल कॉलेज थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसका कांड संख्या 229/16 दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद सांसद हरि मांझी ने कहा कि वे शराब पीने वाले का समर्थन नहीं करते हैं। उनका राजनैतिक कॅरियर खराब करने के लिए साजिश के तहत बेटे को फंसाया गया है। उसने शराब नहीं पी थी। वह लड़ाई-झगड़े की सुलह कराने पश्चिमी नावां गांव था।

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मरने के 5 घंटे बाद जिंदा हुआ यह शख्स, सुनाई मौत के बाद की कहानी

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक शख्स के मरने और फिर जिंदा होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यह शख्स कुछ सेकंड या मिनट नहीं बल्कि 5 घंटे तक मरा हुआ रहा और फिर अचानक उठ बैठा। उठने के बाद उसने मौत के बाद उसके साथ जो हुआ वो बातें लोगों को बताई जिसे सुनकर सभी चौंक गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अतरौली के किरथला गांव में 53 वर्षीय राम किशोर की अचानक मौत हो गई। उनकी मौत की खबर गांव और रिश्तेदारों तक पहुंची और सभी मातम मनाने उनके घर पहुंचे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आखिरकार परिजन अंतिम संस्कार के लिए राम नरेश का शव श्मशान ले जाने की तैयारी करने लगे।

लेकिन जैसे ही उनका शव अर्थी पर रखा गया, राम नरेश के शरीर में हलचल होने लगी और वो खड़े होकर बोलने लगे कि मैं जिंदा हूं। उन्हें जिंदा देख जहां एक तरफ लोग डर गए वहीं उसके परिजनों के आंसू खुशी में बदल गए। अर्थी से उतरकर राम नरेश ने परिजनों को बताया कि यमदूत मुझे गलती से अपने साथ ले गए थे और उन्होंने मुझे वापस भेज दिया।

इस घटना की खबर आसपास के गांवों में आग की तरह फैली और लोग उन्हें देखने के लिए आने लगे।

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अगले महीने से कश्मीर में चलेगी ग्लास सीलिंग वाली ट्रेन, दिखेगा खूबसूरत नजारा

जम्मू। कश्मीर घाटी में बर्फ से ढंके पहाड़ों और दिल को छू लेने वाले नजारों को देखने का एक अलग ही अनुभव आपको जल्द मिलने वाला है। भारतीय रेलवे इस जगह आपको ऐसा अनुभव देने की तैयारी कर रही है, जिसे आप कभी नहीं भुला पाएंगे। इसके लिए रेवले कश्मीर रेल लाइन पर शीशे की छत वाले कोच चलाने को तैयार है।

अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए पिछले साल जून में घोषित विस्टाडोम कोच पहले से ही पहुंच चुका है और इसे मई में ट्रैक पर चलाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ४० सीटों का कोच यात्रियों को सुखद अनुभव प्रदान करेगा। आईआरसीटीसी ने जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग के सहयोग से ग्लास कोच पेश किया है।

कश्मीर में विस्टाडोम कोच, मुंबई और गोवा के बीच अराकू घाटी और पश्चिमी घाटों में सफल प्रदर्शन के बाद लाए जा रहे हैं। एसी कोच में बड़े ग्लास की खिड़कियों, कांच की छत, ऑब्जर्वेशन लाउंज और घूमने वाली सीटें लगी होंगी। जो यात्रियों को बारामुल्ला से बनिहाल तक के १३५ किमी रेल ट्रैक के रास्ते में लुभावने नजारे और सुंदर प्रकृति को देखने का बेहतरीन अनुभव देंगी।

इन कोचों के कोच में ऐसी सीट्स (डबल वाइड रिक्लाइनिंग सीट्स) लगी होंगी, जिससे चारों ओर से बेहतरीन पैनारोमिक व्यू को देखने के लिए ३६० डिग्री घुमाया जा सकता है। इस ट्रेन में कांच की छत, स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, सामान रखने की रैक, मनोरंजन के लिए एलईडी स्क्रीन और जीपीएस सूचना प्रणाली भी लगी हुई है। शुरुआत में ४० सीट वाला एक कोच ट्रेन से जोड़ा जाएगा। बाद में यात्रियों की प्रतिक्रिया के बाद दूसरों कोच लगाने का फैसला किया जाएगा।

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सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय को चाहिए 3,50,000 करोड़ रु

नई दिल्ली , 22 अप्रैल ( भाषा ) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2020-2025 के दौरान आंतरिक सुरक्षा , पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और इससे संबंधित अन्य जिम्मेदारियों के लिए 3,50,000 करोड़ रुपए की बजटीय जरूरत बताई है।
अधिकारियों ने आज बताया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह को हाल में यह जानकारी दी।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने 2020-2025 की अवधि के दौरान आंतरिक सुरक्षा , केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों , पुलिस आधुनिकीकरण , सीमा सुरक्षा , आपदा प्रबंधन एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 3,50,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बजटीय जरूरत बताई है।
वित्त आयोग को विस्तृत ज्ञापन बाद में सौंपा जाएगा।
राजनाथ और एन के सिंह की मुलाकात के दौरान एक प्रस्तुति दी गई जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि लोक व्यवस्था एवं पुलिस राज्य सरकारों की संवैधानिक जिम्मेदारियां होने के बावजूद गृह मंत्रालय की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ गई हैं जिसमें विविध प्रकार की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि उग्रवाद एवं आतंकवाद , जिनके तार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होते हैं , के खतरों से निपटने के लिए राज्यों की क्षमताएं पर्याप्त नहीं हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय में अन्य चुनौतियां भी हैं जिनमें लोगों में सुरक्षा की भावना में सुधार लाना , महिलाओं एवं बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों को सुरक्षित महसूस कराना , पुलिस की दक्षता में सुधार लाना , साइबर खतरों से निपटना , तत्काल राहत मुहैया कराना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पुनर्वास आदि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के केंद्रित एवं समन्वित प्रयासों के कारण दूर - दराज के क्षेत्रों , पूर्वाेत्तर राज्यों एवं वामपंथी चरमपंथ से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की समग्र स्थिति में अहम और निरंतर सुधार आए हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि इन सफलताओं को बरकरार रखने और नए क्षेत्रों में कामयाबी हासिल करने के लिए लगातार निरंतर प्रयास किए जाने की जरूरत है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि वित्त आयोग को गृह मंत्रालय की ओर से लागू कराई जा रही ऐसी विभिन्न योजनाओं से भी अवगत कराया गया जिनके लिए पुलिस बलों के आधुनिकीकरण , अपराध एवं अपराधियों का पता लगाने वाले नेटवर्क एवं प्रणाली ( सीसीटीएनएस ), आव्रजन , वीजा , विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग ( आईवीएफआरटी ), तटीय सुरक्षा , सीमा पर बुनियादी ढांचे , एकीकृत जांच चौकियों जैसे निरंतर बड़े व्यय की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि आयोग को बताया गया कि साइबर सुरक्षा , सीमा प्रबंधन आदि की खातिर नई प्रौद्योगिकियों के उचित इस्तेमाल के लिए और बड़े निवेश करने की जरूरत है।

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अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 1.32 लाख स्कूली छात्राओं को दी छात्रवृत्ति

नई दिल्ली,  सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में अल्पसंख्यक समुदाय की करीब 1.32 लाख स्कूली छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की। यह संख्या इससे पहले के वर्ष के मुकाबले लगभग चार गुना है।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन (एमएईएफ) की ओर से मेधावी छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना चलाई जाती है।
पिछले कई वर्षों से इस योजना के तहत 11वीं और 12वीं कक्षा की लड़कियों को छात्रवृत्ति दी जाती रही है, लेकिन इस बार योजना के दायरे में नौवीं और 10वीं कक्षा की लड़कियों को भी शामिल किया गया।
एमएईएफ का कहना है कि करीब 1.32 लाख छात्राओं को बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 75 करोड़ रूपए की राशि छात्रवृत्ति के तौर पर दी गई।
एमएईएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भाषा को बताया, योजना के लिए 215,000 से अधिक लड़कियों के आवेदन मिले थे। कुल 131,856 बच्चियों को छात्रवृत्ति दी गई है।
उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा की सबसे अधिक 54,496 छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई है।
साल 2016-17 में इस योजना के लिए सिर्फ 45,000 लड़कियों ने आवेदन किए थे। इनमें से करीब 36,000 को छात्रवृत्ति दी गई थी।
पहले योजना के लिए 60 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित था जो अब बढ़ाकर 80 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
एमएईएफ के अधिकारी ने कहा, पिछले वित्त वर्ष में इस छात्रवृत्ति योजना के लिए निर्धारित 80 करोड़ रुपए में से करीब पांच करोड़ रुपए की राशि बची है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ हजार बच्चियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा सकती है।
बेगम हजरत छात्रवृत्ति योजना के तहत नौंवी और 10वीं कक्षा की छात्राओं को हर साल पांच-पांच हजार और 11वीं एवं 12वीं कक्षा की छात्राओं को छह-छह हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

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एम्स में एक दशक में तीन गुना बढ़े कॉस्मेटिक सर्जरी के मामले, पहली बार हुई कार्यशाला

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) चेहरे को खूबसूरत बनाने और नाक-नक्श तीखे करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने का चलन अब बढ़ता जा रहा है। एम्स जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान में पिछले एक दशक में इस तरह के मामले तीन गुना बढ़ गए हैं।
हाल ही में एम्स में कॉस्मेटिक सर्जरी पर एक दिवसीय केडेवेरिक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया जिसमें पार्थिव शरीर का इस्तेमाल कर प्रशिक्षण दिया जाता है। देश में पहली बार किसी सरकारी चिकित्सा संस्थान में इस तरह की कार्यशाला आयोजित की गई।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इस कार्यशाला में मोरक्को और ताइवान के डॉक्टरों के साथ देशभर से निजी और सरकारी अस्पतालों के कई प्लास्टिक सर्जन और डर्मेटोलॉजिस्ट ने भाग लिया।
एम्स में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ मनीष सिंघल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य चेहरे की विभिन्न संरचनाओं और रक्त नलिकाओं से उनके संबंध का अध्ययन करना था।
एम्स ट्रोमा सेंटर के प्रमुख डॉ राजेश मल्होत्रा के मुताबिक पिछले एक दशक में उन लोगों के बीच कॉस्मेटिक सर्जरी जैसे उपचार के तरीकों की मांग बढ़ रही है जो संसाधन संपन्न हैं और खूबसूरत दिखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि लोग आंखों के नीचे के काले घेरों को समाप्त करने के लिए फिलर के इंजेक्शन लेते हैं, झाइयों को हटाने के लिए बोटोक्स के इंजेक्शन लगवाते हैं, होठ और नाक की सर्जरी कराते हैं। युवा खूबसूरत दिखने के लिए इन चीजों को लेकर अधिक जागरुक हैं।
डॉ मल्होत्रा ने कहा, ए ज्यादातर क्लीनिकल प्रक्रियाएं हैं। इनका मकसद केवल कॉस्मेटिक होता है, लेकिन जरूरी है कि इंजेक्शन सही तरीके से लगाए जाएं जिससे कोई साइड इफेक्ट नहीं हों और नसों तथा रक्त नलिकाओं को नुकसान नहीं हो।
उन्होंने बताया, उदाहरण के लिए आंखों के नीचे के काले घेरे समाप्त करने के लिए फिलर इंजेक्ट करते समय अगर गलत रक्त नलिकाओं पर जोर पड़ गया तो आंखों की रक्त नलिकाओं को नुकसान हो सकता है और कुछ मामलों में तो दृष्टि भी जाने का डर होता है।
डॉ सिंघल ने कहा कि पिछले दिनों हुई इस कार्यशाला में प्लास्टिनेशन तकनीक पर बात हुई जिसमें रक्त नलिकाओं को रंगीन डाई के साथ इंजेक्ट किया जाता है ताकि चीरफाड़ के दौरान वे साफ साफ दिखाई दें। इसके बाद त्वचा के नीचे फिलर इंजेक्ट किए जाते हैं।
एम्स के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ राजा तिवारी ने कहा कि पिछले एक दशक में एम्स में कॉस्मेटिक उपचार कराने वाले मरीजों की संख्या में तीन गुना इजाफा हुआ है।
इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जरी (आईएसएपीएस) द्वारा कराए गए एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में भारत का स्थान चौथा है और 2015 में देश में 9,35,487 कॉस्मेटिक प्रक्रियाएं या सर्जरी की गईं।

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प्रधान न्यायाधीश खुद तय करें कि नोटिस पर कार्वाई होने तक उनको काम करना चाहिए या नहीं: कांग्रेस

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने आज कहा कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को खुद तय करना चाहिए कि महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर कार्वाई पूरी होने तक उन्हें बतौर न्यायाधीश काम करना या नहीं करना है।
मुख्य विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस का विवरण सार्वजनिक करने में राज्यसभा के किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि भाजपा प्रधान न्यायाधीश का बचाव कर न्यायपालिका के सर्वाेच्च पद का अपमान कर रही है।
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा, वह (न्यायमूर्ति मिश्रा) देश के प्रधान न्यायाधीश हैं। उनको अपने को खुद जांच के सुपुर्द करना चाहिए। यह उन पर आरोप नहीं है, बल्कि देश पर आरोप हैं। हम किसी का अपमान करने के लिए नहीं आए हैं। लेकिन इन गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। ऐसा होना देश और न्यायपालिका के हित में है।
उन्होंने कहा, जब तक नोटिस पर कार्वाई हो रही है तब तक प्रधान न्यायाधीश को खुद सोचना चाहिए कि उन्हें न्यायपालिका में किस तरह से भागीदारी करनी है। प्रधान न्यायाधीश का पद बहुत बड़ा होता है। यह विश्वास से जुड़ा होता है। उनको पहले विश्वास अर्जित करना चाहिए। उन्हें यह सोचना चाहिए कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें न्यायाधीश के रूप में काम करना है या नहीं।
तन्खा ने कहा, हमें न्यायपालिका और न्यायाधीशों की ईमानदारी पर गर्व है। लेकिन पिछले तीन महीने से हम चिंतित थे। चार न्यायाधीशों ने संवाददाता सम्मेलन करके कहा कि लोकतंत्र खतरे में हैं। इसके बाद कुछ न्यायाधीशों के पत्र भी सामने आए। सांसदों ने बहुत सोच-विचार करके यह कदम उठाया। हमने भारी मन से ऐसा किया है।
नोटिस का विवरण मीडिया को दिए जाने को लेकर भाजपा के सवालों पर वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने कहा कि 15 दिसंबर, 2009 को न्यायमूर्ति दिनाकरन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस देने के बाद राज्यसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली और माकपा नेता सीताराम एचुरी ने मीडिया से बात की थी।
उन्होंने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस के बारे में मीडिया से बात करने पर राज्यसभा के नियमों में रोक नहीं है।
गौरतलब है कि गत शुक्रवार को कांग्रेस और छह अन्य विपक्षी दलों ने देश के प्रधान न्यायाधीश पर कदाचार और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था।
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को महाभियोग का नोटिस देने के बाद इन दलों ने कहा कि संविधान और न्यायपालिका की रक्षा के लिए उनको भारी मन से यह कदम उठाना पड़ा है।
महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 71 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं जिनमें सात सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य शामिल हैं।

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