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राष्ट्रीय

पत्रकारों ने मेवाणी के संवाददाता सम्मेलन का बहिष्कार किया


चेन्नई, गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी के संवाददाता सम्मेलन को पत्रकारों ने बहिष्कार कर दिया क्योंकि उन्होंने एक अंग्रेजी चैनल के पत्रकार की मौजूदगी में बोलने से मना कर दिया।
यहां छात्रों और शिक्षाविदों के साथ बंद कमरे के संवाद के बाद मेवाणी ने पत्रकारों से बातचीत की सहमति जताई थी।
संवाददाता सम्मेलन शुरू ही होने वाला था कि मेवाणी ने एक अंग्रेजी चैनल के पत्रकार से अपने उपकरण हटाने को कहा।
मेवाणी ने कहा कि वह इस चैनल की मौजूदगी में बात नहीं करेंगे क्योंकि यह उनकी नीति है।
संबंधित चैनल के पत्रकार ने पीटीआई-भाषा से कहा, हम अपना माइक्रोफोन लगा रहे थे। उन्होंने जैसे ही हमारा माइक्रोफोन देखा, तो हमसे हटाने के लिए कहा। मैंने उनसे कहा कि हम जनरल बाइट चाहते हैं और कोई विशेष बातचीत नहीं चाहते। परंतु उन्होंने इनकार कर दिया।
इसके बाद वहां मौजूद पत्रकारों ने संवाददाता सम्मेलन का बहिष्कार किया।

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गुजरात में चुनावी झटके के बाद कांग्रेस का ध्यान अब शहरी मतदाताओं पर


अहमदाबाद, पिछले माह विधानसभा चुनाव में गुजरात के प्रमुख शहरों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गुजरात के कांग्रेस प्रभारी अशोक गहलोत ने आज कहा कि कांग्रेस शहरी इलाकों में ज्यादा ध्यान देगी।
गहलोत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि शहरी विधानसभा क्षेत्रों के परिणाम अप्रत्याशित थे, क्योंकि लोगों का रुझान कांग्रेस के पक्ष में दिखाई देता था।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, अहमदाबाद, वड़ोदरा, सूरत और राजकोट के चुनाव परिणााम बिल्कुल निराशाजनक रहे। लोगों के रुझान को देखते हुए ऐसी उम्मीद नहीं थी। परिणाम पूरी तरह से अप्रत्याशित और हमारी समझ से परे रहे।
उन्होंने कहा, इसलिए हमने शहरों में ध्यान देने और शहरी क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने के लिए शहरवासियों से जुड़े मुद्दे उठाने का निर्णय किया है। इसके साथ ही हम ग्रामीण आबादी से जुड़े मसले भी उठाना जारी रखेंगे। कांग्रेस देश की दूसरी पार्टियों की तरह ही काम करेगी।
कांग्रेस ने दिसंबर 2017 में गुजरात चुनाव के दौरान भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी, जबकि शहरी इलाकों में पार्टी को जोरदार झटका लगा। विपक्षी पार्टी चार प्रमुख शहरों की कुल 36 सीटों में से केवल चार पर जीत हासिल कर सकी। अहमदाबाद में कांग्रेस ने 16 में से चार चीटें जीतीं, जबकि सूरत, वड़ोरा और राजकोट में खाता खोलने में भी नाकाम रही। पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल, जिन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस का समर्थन किया था, ने भी चुनाव परिणाम के बाद कहा था कि अब उनका संगठन शहरी इलाकों में ज्यादा ध्यान देगा।

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रिफाइनरी राजस्थान और राजस्थानियों की सबसे बड़ी जीत: मुख्यमंत्री


बाड़मेर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने पचपदरा में मंगलवार को रिफाइनरी परियोजना के शुभारंभ समारोह में कहा कि इस परियोजना के बदले कांग्रेस 56 हजार करोड़ रुपये का कर्ज प्रदेशवासियों पर लादने जा रही थी। हमने इसे 40 हजार करोड़ रुपये कम कर दिया। रिफाइनरी के लिए 40 हजार करोड़ रुपये की बचत कर लगाई जा रही ये रिफाइनरी सही मायनों में यह राजस्थान और राजस्थानियों की सबसे बड़ी जीत है। बड़़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय के समक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि आज राजस्थान के लिए ऐतिहासिक क्षण है। रेगिस्तान की मिट्टी को सोने में बदलने वाली इस परियोजना की परिकल्पना भी हमारे पिछले शासन काल में शुरू हुई थी जब इस क्षेत्र में तेल के पहले कुए मंगला को चालू किया गया था और आज कार्य का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि रिफाइनरी का उद्घाटन भी हम प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से ही करायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए चुनाव की घोषणा से दस दिन पहले जल्दबाजी में रिफाइनरी का शिलान्यास कराया था। उन्होंने इसके लिए न जमीन की लीज डीड की और न पर्यावरणीय स्वीकृति ली। इतनी बड़ी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी और वित्तीय विश्लेशण भी नहीं किया गया। बिना मार्केटिंग टर्मिनल के ही शिलान्यास करवाकर एग्रीमेंट भी साइन कर दिया गया। श्रीमती राजे ने सवाल किया कि आखिर ऐसे एग्रीमेंट से किसे फायदा मिला?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न जो फाइनल की थी उसके हिसाब से सरकार की ओर से एक रुपया लगाने पर 6 पैसे मिलते, जबकि हमने जो एमओयू किया उसमें एक रुपये पर 12 पैसे का फायदा हो रहा है। यानि की लगभग दोगुना फायदा। इतना ही नहीं यह प्लांट पहले से भी 'यादा आधुनिक है और बाड़मेर के अलावा दूसरे क्रूड पर भी चलेगा।
श्रीमती राजे ने कहा कि हमने नई सौर ऊर्जा नीति के जरिए किसानों को विकास में भागीदार बनाया। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में 2255 मेगावाट के सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ ही भड़ला विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसलमेर के नोख में 1 हजार मेगावाट के एक अन्य सोलर पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा रिफाइनरी प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए बाड़मेर आईटीआई में रिफाइनरी और पेट्रो केमिकल्स के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जैसलमेर-बाड़मेर क्षेत्र रेल लाइन के माध्यम से मूंदड़ा पोर्ट तक जुड़ जाए तो इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाड़मेर क्षेत्र में तेल की सतह के ऊपर भूजल का भंडार है। यदि इस जल का परिशोधन कर इसे उपयोग योग्य बनाने की कोई परियोजना बनाई जाए तो यहां की पानी की समस्या भी दूर हो सकेगी।

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हज यात्रा पर अब नहीं मिलेगी सब्सिडी, जानिए कितना होता था खर्च


नई दिल्ली। सालाना हज यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी अब पूरी तरह खत्म कर दी गई है। ऐसे में इस साल पहली बार 1.75 लाख मुस्लिम बिना सब्सिडी के हज पर जाएंगे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में केंद्र सरकार को हज सब्सिडी खत्म करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरकार को इसे 2022 तक पूरी तक खत्म कर देना चाहिए। इस साल यानी 2018 से चरणबद्ध तरीके सब्सिडी खत्म की जानी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे एक बार में ही पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जब भाजपा सरकार आई तब 700 करोड़ रुपए सब्सिडी हज के लिए दी गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से सब्सिडी एयर इंडिया को दी गई थी।
साल 2016 में केंद्र सरकार ने हज यात्रियों के लिए बतौर सब्सिडी 405 करोड़ रुपए दिए थे। वहीं, साल 2014 में हज सब्सिडी 577.07 करोड़ रुपए थी, जिसे अगले साल यानी साल 2015 में घटाकर 521.51 करोड़ रुपए कर दिया गया था।
निजी खर्चे पर लगते हैं 3 से 5 लाख रुपए
बताते चलें कि पिछले साल हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कहा था कि सब्सिडी में कमी और हवाई यात्रा के खर्च में बढ़ोतरी होने की वजह से हज के लिए हर यात्री को 20 हजार रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे थे। निजी टूर ऑपरेटर के जरिये हज यात्रा करने पर पिछले साल 3 से 5 लाख रुपए प्रति यात्री का खर्च आया था।
2016 में लगे थे 2.20 लाख रुपए
अगर साल 2016 के हज की करें, तो हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्रति हज यात्री दो लाख 20 हजार रुपए चार्ज किए थे, जिसमें हवाई यात्रा का खर्च, रहने की व्यवस्था, सऊदी अरब में स्थानीय ट्रांसपोर्ट, मदीना में खाने की व्यवस्था आदि शामिल था। यह रकम ग्रीन एरिया में ठहरने वाले यात्रियों से ली गई थी। वहीं, जो लोग अजीजिया क्षेत्र में ठहरे थे, उन लोगों से एक लाख 85 हजार रुपए लिए गए थे। प्रतियात्री हवाई किराया 45 हजार रुपए लिया गया था।
1954 से हुई थी शुरुआत
हज यात्रियों को सब्सिडी देने की शुरुआत साल 1954 से हुई थी। भारत सरकार ने एयर इंडिया के हवाई किराये में छूट के जरिये सब्सिडी देना शुरू किया था।

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राजस्थान में कांग्रेस और अकाल जुड़वां भाई: मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा में रिफाइनरी के कार्य का किया शुभारंभ, कांग्रेस पर साधा जमकर निशाना
बाड़मेर/जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बाड़मेर जिले के पचपदरा में रिफाइनरी के कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मोदी ने कांग्रेस सरकारों पर योजनाओं के पत्थर रखकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कई बार कांग्रेस पर ज़बानी हमले किये। पीएम ने कहा कि कांग्रेस और अकाल दोनों जुड़वां भाई है। जहां कांग्रेस जाएगी, वहां अकाल साथ-साथ जाता है, हमें राजस्थान को आगे लेकर जाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वायदे पूरे करती है। यह रिफाइनरी 2022 तक तैयार होकर यहां की तकदीर और तस्वीर बदल देगी। अपने भाषण में मोदी ने राजपूतों को रिझाने का काम भी किया। उन्होंने भैंरोसिंह शेखावत को याद किया तो जसवंत सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसके अलावा इजरायल के हाइफा को मुक्त कराने में राजस्थान के वीर सपूतों के योगदान को याद किया। मोदी ने मेजर दलपत सिंह शेखावत को प्रणाम करते हुए हाइफा युद्ध के बारे में याद दिलाया। बाड़मेर में रिफाइनरी शुभारम्भ में सम्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तो निशाना साधा ही लेकिन इशारों ही इशारों में राजपूत समाज का दिल जीतने की कोशिश की। गौरतलब है कि राजस्थान में आनंदपाल प्रकरण और फिल्म पद्मावत विवाद के बाद से राजपूत समाज बीजेपी की मौजूदा रा'य सरकार से नाराज़ चल रहा है। पिछले दिनों समाज के एक वर्ग ने उपचुनावों में बीजेपी की खिलाफत करने और कांग्रेस को समर्थन देने का आह्वान भी किया था।
पीएम मोदी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत और अंत खमा घणी बोलकर किया। इस बीच उन्होंने सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन इशारों ही इशारों में राजपूत समाज के जननायकों का जि़क्र कर दिल जीतने की कोशिश की। पीएम मोदी ने स्वर्गीय मेजर दलपत सिंह शेखावत और दिवंगत पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत का जि़क्र किया। उन्होंने इन दोनों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसोल के जल्द स्वस्थ्य होने की भी कामना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस सरकारों पर योजनाओं के पत्थर रखकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वायदें पूरे करती है और यह रिफाइनरी भी 2022 तक तैयार होकर यहां की तकदीर और तस्वीर बदल देगी। मोदी ने पचपदरा में जनसभा में संतों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस का काम पत्थर जड़कर जनता को गुमराह करने वाला और चुनावों में गरीबी हटाओं के नारे देने का रहा। लेकिन हम गरीब का सशक्तिकरण करना चाहते हैं। यही वजह रही कि हमने 'वन रैंक ,वन पैंशनÓ का वायदा पूरा किया। साथ ही प्रधानमंत्री जन धन योजना लागू की जिसमें आज 72 हजार करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। रिफाइनरी की शुुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि आज से कार्य शुरू हो जाएगा और यहां से नई ऊर्जा मिलेगी जो देश के हर कौने कौने तक पहुंचेगी। यह भी पता चलेगा कि योजनाएं पत्थर रखने से नहीं बल्कि उन्हें पूरा करने तथा उसका लाभ गरीबों तक पहुंचाने वाली सरकार भी होती है। मोदी ने कहा कि जब मैने रेल बजट की घोषणाओं को देखा तो पता चला कि पन्द्रह सौ से 'यादा ऐसी घोषणाएं की गई जिनका नामनिशान नहीं था वे सब कागज पर थी तथा संसद में ताली बजाकर वाहवाही लूटने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि हमने यह फैसला किया कि जितना होना तय है उतना ही बताया जाए क्योंकि हम मानते हैं कि देश को सही बोलने और करने की ताकत जनता से मिलेगी। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि वन रैंक वन पैंशन के मामले में कांग्रेस ने दबाव में बजट में पांच सौ करोड़ रुपए का प्रावधान रखा लेकिन वह भी केवल कागजों में ही था। यह कांग्रेस की आदत है कि देश के साथ धोखा करने के बावजूद चुनाव में उसे भुनाना भी चाहती है। कांग्रेस के गरीबी हटाओं का नारा चार दशकों से देख रहे हैं लेकिन गरीब के लिए कोई योजना नहीं बनायी गई। यह कहा जाता रहा कि गड्डे खोद लो और दाना पानी लेते रहो। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने अपने चुनावी वायदें को पूरा करने के लिए जब वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करने का प्रयास किया तो पता चला कि इसमें बारह हजार करोड़ रुपए का खर्चा आएगा। भूतपूर्व सैनिकों को जब यह बताया गया कि इसे चार किश्तों में पूरा किया जा सकता है तो वे तैयार हो गए तथा अब तक दस हजार चार सौ करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं तथा शेष राशि भी इनके खातों में पहुंचने वाली है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया लेकिन गरीबों के लिए दरवाजे नहीं खोले। उन्होंने कहा कि आजादी के सत्तर वर्ष बाद हमने विकास यात्रा में गरीबों को जोड़ा तथा प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 32 करोड़ खाते खाले गए जिनमें आज 72 हजार करोड़ रुपए से 'यादा जमा हो चुके हैं। यह गरीब की अमीरी है जबकि हमने ऐसे अमीरों को देखा है जो मन के गरीब है।

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मौनी अमावस्या पर दो करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी

इलाहाबाद, माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर आज यहां संगम में करीब दो करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। देर रात्रि तक यह आंकड़ा करीब 2 करोड़ 25 लाख पहुंचने का अनुमान है।
मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी, पुलिस बल और होम गार्ड के जवान मुस्तैद रहे जिससे कहीं से भी कोई अप्रिय घटना के समाचार नहीं आए और तीसरा स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो गया।
इस दौरान मंडलायुक्त आशीष गोयल, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि सहित वरिष्ठ अधिकारी मेला क्षेत्र में मौजूद रहे।
सूचना उप निदेशक संजय राय ने बताया कि मेले में भीड़ अधिक रहने के बीच 7425 महिला और पुरुष एवं 19 बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए जिन्हें शाम तक उनके परिजनों से मिलवा दिया गया।
इस बीच मेले में आए श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए और 20 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाईं। यात्रियों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए इलाहाबाद स्टेशन और रेलवे कंट्रोल रूम में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सुनील कुमार गुप्त के मुताबिक, इलाहाबाद स्टेशन और इसके आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 91 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इलाहाबाद से कानपुर के लिए 6 मेला स्पेशल, मुगलसराय के लिए 7 मेला स्पेशल और इलाहाबाद एवं छिवकी से मानिकपुर एवं झांसी के लिए 7 मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं।

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तनाव कम करने को भारत के साथ डीजीएमओ स्तर की वार्ता के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है पाकिस्तान

इस्लामाबाद, पाकिस्तान भारत के साथ नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर ताजा विश्वास बहाली उपायों के जरिए तनाव कम करने के लिए एक डीजीएमओ स्तर की बातचीत के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने कहा था कि भारत द्वारा नियंत्रण रेखा के पार की गई गोलीबारी में उसके चार सैनिक मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए। भारतीय सेना ने यद्यपि कहा था कि उसकी जवाबी गोलीबारी में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
डान समाचार पत्र की एक खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कल एक बैठक में सीनेट की रक्षा समिति को बताया था कि डीजीएमओ (सैन्य अभियान महानिदेशकों) की मुलाकात के एक ताजा प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
खबर के अनुसार अधिकारी ने सीनेटरों को भारतीय संघर्षविराम उल्लंघनों की ताजा प्रवृत्तियों के बारे में भी जानकारी दी।
खबर के अनुसार दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच नियोजित बैठक के लिए जिन विश्वास बहाली उपायों पर विचार किया जा रहा है उसमें नियंत्रण रेखा पर इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों के कैलिबर में कमी शामिल है।
पाकिस्तान..भारत डीजीएमओ के बीच अक्सर हॉटलाइन पर सम्पर्क होता है लेकिन उनके बीच आखिरी बार आमने...सामने की मुलाकात वाघा में करीब चार वर्ष पहले हुई थी।
24 दिसम्बर 2013 में वाघा में हुई बैठक 14 वर्ष के बाद हुई थी। उक्त बैठक भी नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर शांति सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए हुई थी।
इस बीच सीनेट की समिति ने एक आमसहमति से प्रस्ताव पारित करके पाकिस्तान की परमाणु धमकी को मूर्खतापूर्ण और उकसावे वाला बताने वाले भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान की निंदा की।

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गुजरात कांग्रेस ने तोगडिय़ा के आरोपों की जांच की मांग की

अहमदाबाद। गुजरात में विपक्षी कांग्रेस ने आज विहिप नेता प्रवीण तोगडिय़ा के आरोपों को गंभीर मुद्दा बताकर उसकी जांच की मांग की। तोगडिय़ा ने आरोप लगाया है कि उन्हें पुलिस मुठभेड़ में मार डाले जाने की साजिश की आशंका है। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने शहर के एक अस्पताल में तोगडय़िा से मुलाकात की, जहां विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता को कल अचेतावस्था में भर्ती कराया गया था। मोढवाडिया के अलावा विहिप की विचारधारा के घोर आलोचक पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने भी अलग से तोगडय़िा से मुलाकात की। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष तोगडय़िा ने आज दावा किया कि वह कल छिप गए थे क्योंकि उन्हें डर था कि पुलिस एक पुराने मामले में गिरफ्तार करने के बाद मुठभेड़ में उनकी हत्या कर सकती है। तोगडय़िा से मुलाकात के बाद मोढवाडिया ने तोगडय़िा के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। मोढवाडिया ने संवाददाताओं से कहा, हमसब :मुठभेड़ों के बारे में: राजस्थान पुलिस के ट्रैक रिकॉर्ड को जानते हैं। हम यह भी जानते हैं कि भाजपा के खिलाफ जो भी आवाज उठाता है उसका क्या हश्र होता है, चाहे यह :भाजपा नेता: संजय जोशी, हरेन पांड्या हों या (सीबीआई) न्यायाधीश बी एच लोया हों। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए तोगडिय़ा के मामले की स्वतंत्र जांच अवश्य कराई जानी चाहिए। हाल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से हाथ मिलाने वाले हार्दिक पटेल ने कहा, आम लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। मैं प्रवीण भाई की विचारधारा से सहमत नहीं हो सकता हूं, लेकिन मैं हमेशा उनके साथ हूं। हमसब जानते हैं कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह किस तरह की साजिश रच रहे हैं। मैं हिंदुओं के बारे में नहीं जानता हूं, लेकिन एक हिंदू संगठन का नेता अब निश्चित तौर पर खतरे में है। गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी और पार्टी के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने भी तोगडिय़ा के उन आरोपों की जांच की मांग की कि उनकी मुठभेड़ में हत्या की जा सकती है। गहलोत उस वक्त राजस्थान के मुख्यमंत्री थे जब तोगडिय़ा के खिलाफ राज्य के गंगापुर शहर में 2002 में पुलिस के आदेशों का उल्लंघन करने के लिए आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया था। सोलंकी ने कहा, गुजरात में कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी गिरावट आई है और यह आज के तोगडिय़ा के दावे में झलकता है। हम सच्चाई सामने लाने के लिए तोगडय़िा के आरोपों की जांच की मांग करते हैं। गहलोत ने कहा कि मुद्दा गंभीर है क्योंकि गुजरात और राजस्थान दोनों भाजपा शासित राज्य हैं। गहलोत ने कहा, तोगडिय़ा को पहले भी राजस्थान में गिरफ्तार किया गया था (जब कांग्रेस वहां सत्ता में थी)। तोगडिय़ा के सत्तारूढ़ पार्टी के साथ संबंध हैं। अगर इस तरह की बातें उनके साथ हो सकती हैं तो हम आम आदमी की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और राज्य सरकार को जांच के आदेश देने चाहिए। तोगडय़िा कल लापता हो गए थे जब राजस्थान पुलिस का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने के लिए यहां पहुंचा था। यह मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर में उनके खिलाफ दर्ज है। वह बाद में अचेत पाए गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तोगडय़िा ने आरोप लगाया कि जब वह हिंदू समुदाय की आवाज को उठा रहे हैं तो उन्हें खामोश करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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कालेधन के खिलाफ लड़ाई: 1.20 लाख और कंपनियों का पंजीकरण होगा रद्द

नई दिल्ली। सरकार ने आज 1.20 लाख और कंपनियों का नाम आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने की घोषणा की। काले धन के खिलाफ लड़ाई के तहत सरकार विभिन्न नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों का पंजीकरण रद्द कर रही है। सरकार इससे पहले करीब 2.26 लाख कंपनियों का पंजीकरण पहले ही रद्द कर चुकी है। वहीं इन कंपनियों से जुड़े 3.09 लाख निदेशकों को अयोग्य घोषित किया गया है। सरकार ने पिछले सप्ताह एक समीक्षा बैठक की जिसमें पहले जिन कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया गया उनके खिलाफ की गई कारवाई की समीक्षा की गई। उसी बैठक में 1.20 लाख और कंपनियों का पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पी पी चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रिकॉर्ड से हटाई गई कंपनियों के खिलाफ कार्वाई की प्रक्रिया तेज करें। विभिन्न नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर करीब 1.20 लाख कंपनियों का नाम भी रिकॉर्ड से हटाया जाएगा। मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। दिसंबर 2017 तक विभिन्न नियमों का पालन नहीं करने पर 2.26 लाख कंपनियों का पंजीकरण समाप्त किया जा चुका है। अवैध धन के प्रवाह को रोकने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण :एनसीएलटी: के पास पंजीकरण रद्द कंपनियों की बहाली के।,157 मामले भेजे गए हैं। एनसीएलटी ने इनमें से 180 कंपनियों की बहाली पर विचार का आदेश दिया है। इन 180 में से 128 कंपनियों की बहाली संबंधित कंपनी पंजीयकों द्वारा की जा चुकी है। निदेशकों को अयोग्य घोषित किए जाने से संबंधित 992 मामले विभिन्न उच्च न्यायालयों में हैं। मंत्रालय ने कहा कि इनमें से 190 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इसके अलावा मंत्री ने विलंब पर माफी योजनाओं के मामलों को प्राथिमकता के आधार पर देखने को कहा है ताकि पात्र कंपनियों को इसका लाभ सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय ने कहा कि पंजीकरण रद्द करने और निदेशकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद अनुपालन में वृद्धि का रुख दिख रहा है। एमसीए21 पर अधिक से अधिक कंपनियां वार्षिक रिटर्न और लेखाजोखा दाखिल कर रही हैं। कंपनी कानून के तहत सभी तरह का ब्योरा एमसीए 21 पोर्टल के जरिए दाखिल किया जाता है।

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दो करोड़ की हेरोइन व कोकीन के साथ एक गिरफ्तार

अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कीमत दो करोड़ रूपए
लाडनूं। स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को शिमला गांव में कार्रवाई करते हुए एक जने को गिरफ्तार कर उससे भारी मात्रा में हेरोइन व कोकीन बरामद की है। अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर हेरोइन व कोकीन की कीमत दो करोड़ रुपए बताई जाती है। कार्रवाई के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर अब पुलिस पूछताछ कर रही है। जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि इस कार्रवाई को लाडनूं थाना पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया। इसके तहत पुलिस को शिमला ग्राम में एक व्यक्ति के पास अवैध रूप से हीरोइन और कोकीन होने की जानकारी मिली थी। इस पर लाडनूं थानाधिकारी भजनलाल की अगुवाई में तुरंत पुलिस के एक दल का गठन कर भंवरलाल शर्मा के यहां घेराबंदी कर दबिश दी। और युवक को दबोच लिया। जांच में उसके पास 104 ग्राम कोकीन 935 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। आरोपी युवक भंवर लाल से पुलिस पूछताछ कर रही है। बरामद की गई हेरोइन सफेद व ब्राउन कलर की है। कोकीन व हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक-एक करोड़ रुपए कीमत है। उन्होंने बताया कि अब तक जांच पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी लम्बे समय से इस कार्य में लिप्त है और वह इस मामले में पंजाब में पकड़ा जा चुका है और जेल भी जा चुका है। अब पुलिस आरोपी से हेरोइन और कोकीन को लेकर पूछताछ में जुटी है। पुलिस को शक है कि हेरोइन व कोकीन की लंबे समय से तस्करी की जा रही थी। पुलिस इस मामले के अन्य आरोपियों तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है। आरोपी कोकीन व हेरोइन कहां से लेकर आया था और कहां पर सप्लाई करने जा रहा था इसकी भी जानकारी जुटा रही है।

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