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राष्ट्रीय

विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पेश हुआ अनुपूरक बजट

लखनऊ, 27 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आज प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों के जोरदार हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। हालांकि शोरशराबे के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था खराब होने के आरोप लगाते हुए सदन के बीचोबीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
हाथों में काले रंग के बैनर और पोस्टर लिए विपक्षी सदस्य देवरिया कांड के दोषियों को फांसी दो , महिलाओं की रक्षा करो, उत्पीडऩ बंद करो , बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जिम्मेदार कौन के नारे लगा रहे थे।
सभापति रमेश यादव ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने-अपने स्थान पर जाने का आग्रह किया। मगर हंगामा थमता ना देख उन्होंने सदन की कार्यवाही को पहले आधे घंटे के लिए स्थगित किया, फिर उसे दोपहर 12 बजे तक के लिए बढ़ा दिया।
अपराह्न सवा 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने से पहले ही सपा के सभी सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास मौजूद थे। कार्यवाही प्रारम्भ होते ही सपा सदस्य फिर से सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। इसी शोर-शराबे के बीच नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2018-19 के अनुपूरक अनुदानों को प्रस्तुत किया। इसके अलावा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह ने 11 अधिनियमों को सदन की मेज पर रखा।
इस बीच, विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। इस दौरान अनुसूची की सभी मदों को सदन की पटल पर रखा गया और बैठक मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में सपा और विपक्ष के नेता अहमद हसन ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है। देवरिया में सरकार की नाक के नीचे बालिका संरक्षण गृह में बच्चियों से जबरन वेश्यावृत्ति कराने का कांड हो गया। प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के तमाम जनकल्याणकारी कार्यों को बंद कर दिया गया है। सपा द्वारा शुरू गई लैपटॉप वितरण योजना बंद कर दी गई और उसके कार्यकाल में शिक्षक के तौर पर समायोजित शिक्षा मित्र अब सड़क पर हैं। सिर्फ नफरत फैला रही वर्तमान सरकार व्यापारी विरोधी, छात्र विरोधी, किसान और गरीब विरोधी है।

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मणिपुर सरकार राज्य में सभी बैंकों की रैंकिंग तैयार करेगी : मुख्यमंत्री


इंफाल, 27 अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी बैंकों की रैंकिंग तैयार करने का फैसला किया है। बैंकों द्वारा लोगों को मुहैया कराई गई सेवा के आधार पर इनकी रैंकिंग तैयार की जाएगी।
सिंह ने कहा, जल्द एक परिपत्र जारी कर बैंकों को उनकी ओर से लोगों को मुहैया कराई गई सेवा का ब्यौरा बताने को कहा जाएगा।
मणिपुर राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एमएससीबी) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रैंकिंग के आधार पर इन बैंकों को राज्य के खजाने से जमा कराने वाली राशि पर फैसला होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

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भारत बिना रेड कॉर्नर नोटिस के भी चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर सकता है : सीबीआई


नई दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि भारत बिना इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के भी भगोड़े अरबपति मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर सकता है क्योंकि इस प्रक्रिया के लिए यह कोई अनिवार्य जरुरत नहीं है।
इस माह के प्रारंभ में मंत्रालय को पत्र लिखकर सीबीआई ने कहा कि रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) का उद्देश्य फरार आरोपी के ठिकाने का पता लगाना होता है, जो चोकसी के मामले में पहले ही हो चुका है क्योंकि एंटीगुआ पुष्टि कर चुका है कि वह उसका नागरिक है।
जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि आरसीएन का अब कोई विशेष महत्व भी नहीं है क्योंकि एंटीगुआ उसे नागरिकता दे चुका है और चोकसी अब एंटीगुआ का पासपोर्टधारक है।
उसने मंत्रालय को यह भी बताया है कि उसने चोकसी की अंतरिम गिरफ्तारी की मांग करते हुए एंटीगुआ के अपने समकक्ष को पत्र भी लिखा है। चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर से अधिक की ऋण धोखाधाड़ी में कथित मुख्य षडयंत्रकर्ता है।
मंत्रालय को लिखे गए पत्र में कहा गया है, एंटीगुआई अधिकारियों की यह दलील कि केवल आरसीएन जारी कर ही चोकसी की आवाजाही रोकी जा सकती है, कानूनी रुप से पुख्ता नहीं है क्योंकि संबंधित व्यक्ति को ढूंढने का प्राथमिक उद्देश्य पूरा हो चुका है।
अधिकारियों ने कहा कि अंतरिम गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण के लिए अगला कदम अब एंटीगुआ को लेना होगा और उसके लिए आरसीएन कोई पूर्व जरुरत नहीं है।
चोकसी ने यह कहते हुए इंटरपोल से आरसीएन जारी नहीं करने की दरख्वास्त की है कि उसके विरुद्ध आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। उसका यह भी कहना है कि भारत में जेलों की दशा अच्छी नहीं है और वहां ठहरना उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा।
अपराध में अपने भांजे नीरव मोदी के कथित पार्टनर चोकसी ने यह भी कहा कि उसके विरुद्ध लगे आरोपों को मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है और भारत में उसके मामले की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो सकती है क्योंकि अदालतें खबरों के प्रभाव में आ सकती है।
चोकसी की अपील मिलने के बाद इंटरपोल ने सीबीआई का जवाब मांगा। सीबीआई ने जवाब भेजकर उसके सारे आरोपों को गलत बताया है।
गीतांजलि ग्रुप का प्रवर्तक चोकसी जनवरी के पहले हफ्ते में भारत से चला गया था। उसके करीब एक पखवाड़े बाद पंजाब नेशनल बैंक की ब्रैडी हाऊस शाखा में सबसे बड़ा घोटाला सामने आया।

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गोधरा में ट्रेन जलाने के मामले में दो को उम्रकैद, तीन बरी


अहमदाबाद, 27 अगस्त (भाषा) गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में फरवरी 2002 में हुए अग्निकांड में एक स्थानीय विशेष एसआईटी अदालत ने आज दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में गोधरा स्टेशन पर हुए अग्निकांड में 59 कारसेवक जिंदा जल गए थे।
विशेष न्यायाधीश एच सी वोरा ने इस मामले में फारूक भाना और इमरान शेरू को उम्र कैद की सजा सुनाई जबकि तीन अन्य आरोपियों हुसैन सुलेमान मोहन, कसम भामेड़ी और फारुक धानतिया को बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष वर्ष 2002 में साबरमती एक्सप्रेस के दो डिब्बों को जलाने के मामले में दो आरोपियों की साजिशकर्ता के रूप में भूमिका साबित करने में सफल रहा।
इन पांच लोगों को वर्ष 2015-16 में गिरफ्तार किया गया था। इन पर साबरमती केंद्रीय जेल में विशेष तौर पर स्थापित की गई अदालत में मुकदमा चलाया गया था।
मोहन को मध्य प्रदेश के झाबुआ से गिरफ्तार किया गया जबकि भामेड़ी को गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया था। धानतिया और भाना को गुजरात के गोधरा से उनके घरों से पकड़ा गया। भूतक को महाराष्ट्र के मालेगांव से पकड़ा गया था।
इस मामले के आठ आरोपी अब भी फरार हैं।
इससे पहले विशेष एसआईटी अदालत ने एक मार्च 2011 को 31 लोगों को दोषी करार दिया था।
अदालत ने उनमें से 11 को मौत की सजा सुनाई थी जबकि 20 अन्य को उम्रकैद की सजा दी थी।
हालांकि अक्तूबर 2017 में गुजरात उच्च न्यायलय ने 11 दोषियों की मौत की सजा उम्रकैद में बदल दी थी। बीस अन्य आरोपियों की सजा बरकरार रखी थी।
गोधरा में ट्रेन जलाने की घटना 27 फरवरी 2002 को हुई थी जिसमें 59 कारसेवक जिंदा जल गए थे। इसके बाद गुजरात के इतिहास के सबसे भयावह सांप्रदायिक दंगे हुए जिनमें करीब एक हजार लोग मारे गए थे।

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व्हाटसऐप पर शिकायत निदान अधिकारी नियुक्त नहीं करने का आरोप, न्यायालय ने केन्द्र से मांगा जवाब


नई दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने व्हाट्सऐप द्वारा शिकायत निदान अधिकारी नियुक्त नहीं करने के मामले में आज केन्द्र सरकार और व्हाट्सऐप से जवाब तलब किया।
यह जवाब उस याचिका पर सुनवाई के सुनवाई के दौरान मांगा गया जिस याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करने के प्रावधान और भारत के दूसरे कानूनों का पालन नहीं कर रहा है।
न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ ने सेन्टर फॉर एकाउन्टेबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेंज की याचिका पर केन्द्र और व्हाट्सऐप को नोटिस जारी किए। इस संगठन की याचिका में अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया समूह को भारतीय रिजर्व बैंक के प्रावधानों पर पूरी तरह से अमल के बगैर अपनी भुगतान प्रणाली पर आगे बढऩे से रोका जाए।
केन्द्र और व्हाटसऐप को चार सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है।

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दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री के पास 10 लाख चिट्ठियां भेजेगी आप


नई दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय के नेतृत्व में पार्टी विधायकों का एक दल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आज प्रधानमंत्री से मिलेगा और उन्हें दस लाख चिट्ठियां सौंपेगा।
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के हक में जन-समर्थन जुटाने के लिए आप ने जुलाई में यह हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था।
विधायक और पार्टी के अन्य नेता आज सुबह मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास पर एकत्रित हुए और वहां से चिट्ठियां लेकर प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकले।
आप नेता गोपाल राय ने कहा, दिल्ली की जनता को अपने ही राज्य में केन्द्र सरकार का सौतेला व्यवहार झेलना पड़ता है। हमने पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर एक जुलाई से अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के तहत हमने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था। हमने 10 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर करवाए हैं।

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अनुच्छेद 35 ए हटाए जाने की अफवाहों पर कश्मीर में कई स्थानों पर स्वत: स्फूर्त बंद


श्रीनगर, 27 अगस्त (भाषा) संविधान से अनुच्छेद 35ए को हटाने संबंधी अफवाहों के बाद युवाओं और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष भड़क गया और कश्मीर के कई स्थानों पर स्वत:स्फूर्त बंद देखने को मिला।
एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अनुच्छेद 35 ए से जम्मू कश्मीर के नागरिकों को विशेषाधिकार मिले हुए हैं। इस अनुच्छेद को उच्चतम न्यायालय में कानूनी चुनौती दी गई है।
अधिकारी ने बताया, जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले में कई स्थानों पर स्वत: स्फूर्त बंद देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35ए को हटाने को लेकर लाउडस्पीकरों पर घोषणाएं की गई और लोगों से बंद करने और विरोध में बाहर आने की अपील की गई।
अधिकारी ने बताया, अनुच्छेद 35ए को समाप्त करने संबंधी अफवाहों के जंगल की आग तरह फैलने और सोशल मीडिया पर इसके प्रसार के बाद आज सुबह खुली दुकानें और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि अफवाहों के बाद अनंतनाग और यहां सफाकादल इलाके में सुरक्षाबलों और पत्थरबाजों के बीच संघर्ष देखने को मिला।
अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रण करने के काम में लगे हुए हैं।
एक बयान में पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
बयान में कहा गया है, मीडिया के कुछ वर्गों में अनुच्छेद 35ए के संबंध में खबरें प्रसारित हुई हैं। निराधार होने के कारण खबरों का खंडन किया जाता है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जाती है। मामले पर मुख्य सुनवाई 31 अगस्त को होनी है।
वर्ष 1954 में राष्ट्रपति के एक आदेश से अनुच्छेद 35 ए संविधान में शामिल किया गया था।

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आज ही के दिन हुई थी हरमंदिर साहिब में गुरू ग्रंथ साहिब की स्थापना

नई दिल्ली, 27 अगस्त :भाषा: गुरु ग्रंथ साहिब सिख धर्म को मानने वालों का पूजनीय पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ को आदिग्रंथ के नाम से भी जाना जाता है। सिखों के लिए सर्वाधिक श्रद्धेय अमृतसर के हरमंदिर साहिब में 1604 को आज ही के दिन गुरू ग्रंथ साहिब की स्थापना की गई थी।
27 अगस्त की तारीख में दर्ज देश दुनिया की कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1604 : अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में आदि गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतिस्थापना की गई।
1870 : भारत के पहले मजदूर संगठन के रूप में श्रमजीवी संघ की स्थापना की गई।
1781 : हैदर अली ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ पल्लीलोर का युद्ध लड़ा।
1939 : जेट इंधन वाले विश्व के पहले विमान ने जर्मनी से पहली उड़ान भरी।
1950 : टेलीविजऩ की दुनिया के इतिहास में बीबीसी ने पहली बार सीधा प्रसारण किया।
1985 : नाइजीरिया में सैनिक क्रान्ति में मेजर जनरल मुहम्मद बुहारी की सरकार का तख्ता पलट। जनरल इब्राहिम बाबनगिदा नए सैनिक शासक बने।
1990 : वाशिंगटन स्थित इराकी दूतावास के 55 में से 36 कर्मचारियों को अमेरिका ने निष्कासित कर दिया।
1991 : मालदोवा ने सोवियत संघ से आजाद होने की घोषणा की।
1999 : भारत ने कारगिल संघर्ष के दौरान अपने यहां बंदी बनाए गए पाकिस्तानी युद्धबंदियों को रिहा किया।
1999 : सोनाली बनर्जी भारत की प्रथम महिला मैरिन इंजनियर बनीं।
2003 : 60 हजार वर्षों के अंतराल के बाद मंगल पृथ्वी के सबसे नजदीक पहुंचा।
2004 : पाकिस्तान के वित्तमंत्री शौकत अजीज ने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला।
1907 : क्रिकेट के सूरमा सर डॉन जॉर्ज ब्रैडमैन का जन्म।

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गंगा प्रसाद ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में शपथ ली


गंगटोक, 26 अगस्त (भाषा) गंगा प्रसाद ने आज यहां राजभवन में आयोजित एक समारोह में सिक्किम के 16वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली।
सिक्किम उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी एम राय ने प्रसाद को पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री पवन चामलिंग, उनकी कैबिनेट के साथी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल को मुख्यमंत्री तथा सभी गणमान्य लोगों ने पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट किया। राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

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सूरत में दो इमारतें गिरीं, अब तक चार लोगों को बचाया गया


अहमदाबाद, 26 अगस्त (भाषा) शहर के ओढव इलाके में करीब दो दशक पहले एक सरकारी आवासीय योजना के तहत बनी दो चारमंजिला इमारतें ढह गईं जिसमें से चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है।
गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा स्थानीय दमकल विभाग की टीमों को मलबे से लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है। दोनों इमारतें चार चार मंजिला थीं।
उन्होंने कहा कि ए टीमें बचाव अभियान के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं।
जडेजा ने कहा, दोनों इमारतों को अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कल उस समय खाली कराया गया था जब उन्हें लगा कि इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। लेकिन कुछ निवासी आज वापस आए और वे इनके ढहने के वक्त इमारत के अंदर ही थे।
जडेजा ने कहा कि मलबे में आठ दस लोगों के फंसे होने की आशंका है।

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