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राष्ट्रीय

कोहरे के कारण हुई सड़क दुर्घटनाओं में पति पत्नी की मौत, कई अन्य घायल

जिले में कोहरे से हुई अलग अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक दम्पति की मौत हो गई वहीं आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से दो को लखन ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि कोतवाली रामसनेहीघाट क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी असलम 28 अपनी पत्नी सायमा बानो 26 और तीन माह के पुत्र को बाइक से लेकर भिटरिया जा रहा था। भिटरिया-हैदरगढ़ मार्ग पर बहरेला नहर के निकट एक ट्रक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी जिससे पति-पत्नी गम्भीर रूप से घायल हो गये। बच्चे को भी चोट आयी है। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे प्रभारी कोतवाल ब्रजेश तिवारी ने सभी घायलों को सीएचसी बनीकोडर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सायमा को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल असलम को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाल ने बताया कि दुर्घटना में लिप्त वाहन का पता लगाया जा रहा है। बाइक सवार युवक बिना हेलमेट के यात्रा कर रहा था। दूसरी घटना सफदरगंज थाना क्षेत्र के नवीनमंडी के निकट हाईवे पर हुई। लखन से फैजाबाद जा रही तेज रफ्तार कार एक मोपेड सवार को बचाने के प्रयास में अनियन्त्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिससे कार सवार विक्रम 21, प्रदीप सिंह 45, पंकज सिंह 42, राजा 18 और अब्दुल कलीम 42 गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी निवासी सुल्तानपुर जिले के इनायतनगर के निवासी बताए जा रहे हैं। थानाध्यक्ष बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से प्रदीप सिंह व पंकज सिंह की हालात गंभीर होने पर दोनों को लखन ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

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ओखी तूफान: क्करू मोदी का ऐलान, 325 करोड़ की आर्थिक मदद से बनाएंगे 1400 लोगों के घर

नई दिल्ली: ओखी तूफान से प्रभावित राज्यों के दौरा पर गए पीएम नरेंद्र मोदी ने इन राज्यों के लिए 325 करोड़ राहत पैकेज की घोषणा की है। पिछले महीने आए इस चक्रवाती तूफान का केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप खासे प्रभावित हुए थे। पीएम मोदी के आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद अब केंद्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत 1400 आवास बनाएगी। ओखी के बाद बिगड़ी परिस्थितियों की समीक्षा के लिए मोदी ने मंगलवार को लक्षद्वीप, तमिलनाडु और केरल के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इसके साथ ही पीएम मोदी कवरत्ती, कन्याकुमारी और तिरूवनंतपुरम में तूफान के बाद राहत कार्यों की भी समीक्षा की।

क्करू ने ओखी पीडि़तों से की मुलाकात
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान ओखी से गंभीर रुप से प्रभावित कन्याकुमारी में राहत कार्यों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की और इससे पीड़ति किसानों तथा लापता मछुआरों के परिजनों से बातचीत की। मोदी सुबह चक्रवाती तूफान से प्रभावित लक्षद्वीप का दौरा करने के बाद वायुसेना के विमान से यहां पहुंचे। वह ढाई बजे यहां से तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना हो गए। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी, उप मुयमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और वरिष्ठ अधिकारी प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए यहां मौजूद थे।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के साथ की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने ओखी तूफान के बाद की स्थिति पर मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के साथ बैठक की। इस बैठक में तमिलनाडु ने उत्तरपूर्व मानसून से प्रभावित जिलों के लिए 4047 करोड़ रुपए सहित 9300 करोड़ रुपए का पैकेज मांगा। मोदी ने 29.30 नवंबर को राज्य के तट पर आए तूफान से बुरी तरह प्रभावित मछुआरों के परिजनों और किसान समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

29-30 नवंबर को आया था चक्रवाती तूफान
बात दें, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में 29-30 नवंबर को आए चक्रवाती तूफान ओखी ने भारी तबाही मचाई थी जिसके कारण वहां रहने वाले लोग इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। इस तूफान ने ना सिर्फ फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था बल्कि इसमें 68 लोगों की जान भी गई थी।आपको बता दें कि इस तूफान के बाद नथुरा, विजिन्जम और आदिमालतुरा के 90 से ज्यादा मछुआरे अभी तक लापता हैं।

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पाकिस्तान में सिखों के धर्मांतरण का मुद्दा उठाएगा भारत, सुषमा ने दिलाया भरोसा

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान में सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मांग की है कि केंद्र सरकार इसमें दखल दे। इस मामले में पाकिस्तान की अथॉरिटी से बात की जाए। कैप्टन ने ट्वीट करके सुषमा से मदद मांगी।
सीएम ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य के हंगू जिले में सिख भाईचारे के साथ जबरन धर्म परिवर्तन संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया का किसी भी हिस्से में सिखों के हितों की सुरक्षा को यकीनी बनाना भारत सरकार का फर्ज बनता है। सिख भाईचारा उस इलाके में एक शताब्दी से भी ज्यादा समय से रह रहा है। उन्होंने जिले के डिप्टी कमिश्नर को इस संबंध में अधिकारिक तौर पर शिकायत भी दी है। कैप्टन ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मसला है।

विशेषकर उस समय, जब एक सरकारी अधिकारी की तरफ से ही जबरन धर्म परिवर्तन करवाने की कथित कार्रवाई का नेतृत्व किया जा रहा हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करना भारत सरकार की जिम्मेदारी बनती है। केंद्र सरकार ऐसी बुरी प्रवृत्ति के खात्मे को यकीनी बनाए। जहां-जहां भी सिख रह रहे हैं, उनकी पहचान की रक्षा करना हमारा फर्ज बनता है। कैप्टन ने कहा कि विदेश मामलों के मंत्रालय द्वारा इस्लामाबाद में उच्च स्तर पर इस मामले की पैरवी की जाए।

ताकि इस धार्मिक जबर का तत्काल अंत किया जा सके। धार्मिक स्वतंत्रता हरेक मानव का अधिकार है। मानवता के हित में हरेक देश द्वारा इसकी रक्षा की जानी चाहिए। सीएम ने कहा कि इस मामले में सुषमा स्वराज का हस्तक्षेप पाकिस्तान में रह रहे सिखों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा करने में सहायक होगा।

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ट्रंप ने फिर लगाई पाक को फटकार, आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान को फटकार लगाई है। उन्होंने पाकिस्तान से अपने यहां से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। ट्रंप ने सोमवार को अपनी पहली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एनएसएस) जारी की।

एनएसएस में पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने को कहा गया है। ट्रंप ने कहा, 'हमने पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया है कि हम उसके साथ साझेदारी जारी रखेंगे, तो हम हमें उसके क्षेत्र से संचालित आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई दिखनी चाहिए। हम हर साल इसके लिए पाकिस्तान को भारी धन देते हैं।'

गौरतलब है कि 9/11 आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को अमेरिका से करीब 33 अरब डॉलर (करीब 2,11,200 करोड़ रुपये) मिले हैं। एनएसएस में कहा गया है कि हम आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे। आतंकियों को मदद देने वाले देश के साथ साझेदारी नहीं चल सकती। ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अमेरिका पाकिस्तान के प्रति सख्त रुख अपनाता रहा है। एनएसएस में कहा गया है कि परमाणु हथियार जिम्मेदार हाथों में रहे, इसके लिए अमेरिका पाकिस्तान को प्रोत्साहित करेगा।

दक्षिण एशियाई देशों को मदद

एनएसएस में चीन और रूस को अमेरिका की प्रतिद्वंद्वी शक्ति बताया गया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका क्षेत्र में चीन के प्रभाव को देखते हुए संप्रभुता बनाए रखने में दक्षिण एशियाई देशों को मदद देगा। दशकों से अमेरिकी नीति के मूल में यह विश्वास था कि युद्ध बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में चीन के उदय और अखंडता में मदद चीन को उदार बनाएगा। लेकिन इसके विपरीत चीन ने अन्य देशों की संप्रभुता की कीमत पर अपनी शक्ति को बढ़ाया।

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हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर दागी मिसाइल

यमन में हूथी विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक मिसाइल दागी है. रियाद में एक रॉकेट इंटरसेरप्ट किया गया है. रियाद में चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने धमाके की आवाज़ सुनी थी. सोशल मीडिया पर आसमान में दिखते धुंए के कुछ वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं. हूथी आंदोलन के अल मसीरा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, विद्रोहियों ने यमामा पैलेस में बुर्काना-2 मिसाइल दागी है. ऐसी खबरें हैं कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. सऊदी अरब और अमरीका ईरान पर हूथी विद्रोहियों को मिसाइल मुहैया कराने का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि ईरान हूथी आंदोलन में किसी तरह के हथियार मुहैया कराने के आरोपों से इंकार करता है.
विद्रोहियों ने जिस यमामा पैलेस को निशाना बनाने का दावा किया है, वो सऊदी के शाह का ऑफिस और शाही कोर्ट है.
कहां हुआ हमला
कैसे शुरू हुई यमन की लड़ाई
यमन के संघर्ष की जड़ें साल 2011 में हुई अरब क्रांति में खोजी जा सकती हैं. इसी अरब क्रांति की लहर में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को सत्ता छोडऩी पड़ी और यमन की कमान उनके उपराष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी के हाथ में आ गई.
शुरू में ये माना गया कि सत्ता में बदलाव से यमन में राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी लेकिन हक़ीकत में ये नाकाम रहा. इसके साथ ही यमन में एक अजीब तरह का सत्ता संघर्ष शुरू हो गया जिसमें एक तरफ़ पूर्व राष्ट्रपति सालेह की फौज थी तो दूसरी तरफ़ मौजूदा राष्ट्रपति हादी की सेना, एक मोर्चा हूथी विद्रोहियों ने भी खोल रखा था.
यमन पर 30 साल तक हुकूमत करने वाले सालेह ने बाद में राष्ट्रपति हादी को यमन की राजधानी सना से खदेडऩे के लिए हूथी विद्रोहियों से हाथ मिला लिया. 2014 से सालेह की फौज और हूथी विद्रोहियों का सना पर नियंत्रण बना हुआ था लेकिन इस साल दिसंबर की शुरुआत में ही ये गठबंधन बिखर गया और इसका नतीज़ा हुआ सालेह की मौत.
हूथी विद्रोहियों ने सना में सालेह के घर बमबारी कर दी, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति पर दगा करने का आरोप लगाया थाइमेज कॉपीरइट्रस्नक्क
हूथियों के पास कितनी ताक़त?
हूथी विद्रोही यमन के अल्पसंख्यक शिया ज़ैदी मुसलमानों का नुमाइंदगी करते हैं. साल 2000 के दौरान हूथी विद्रोहियों ने तत्कालीन राष्ट्रपति सालेह की फौज के ख़िलाफ़ कई लड़ाइयां लड़ीं. लेकिन इनमें से ज़्यादातर संघर्ष उत्तरी यमन के पिछड़े सूबे सादा की सरहदों तक ही सीमित रहे.
लेकिन जब हूथियों को सत्ता से बाहर किए गए सालेह की फौज का साथ मिला तो सितंबर, 2014 में राजधानी सना पर उनका नियंत्रण स्थापित हो गया. यहां से वे यमन के दूसरे सबसे बड़े शहर आदेन की तरफ़ आगे बढऩे लगे.
हूथी विद्रोहियों के बढ़ते असर की वजह से साल 2015 में सऊदी अरब ने राष्ट्रपति हादी की सरकार को ताकत देने के लिए सैनिक कार्रवाई शुरू कर दी. सऊदी अरब का मानना है कि हूथी विद्रोहियों को क्षेत्र के शिया बहुल देश ईरान से समर्थन मिलता है. ईरान से सऊदी अरब के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं.
सऊदी गठबंधन ईरान पर हूथियों का साथ देने का आरोप लगाता है और उनका कहना है कि तेहरान ऐसा अरब जगत पर अपना असर बढ़ाने के लिए कर रहा है. इसमें यमन भी एक है और सऊदी अरब की लंबी सीमा यमन से लगती है.

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पाकिस्‍तान से 771 बार हुई घुसपैठ की कोशिश, मारे गए 203 आतंकी

पाकिस्तान के नापाक मंसूबे लगातार जारी है और वह भारत में घुसपैठ करने की कोई भी कोशिश छोडऩा नहीं चाहता है. गृह मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस साल पाकिस्तान की ओर से लाइन ऑफ कंट्रोल पर से भारत में 770 से भी ज्यादा बार घुसपैठ की कोशिश हुई है. यह तादाद पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है.

गृह मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से अब तक दिसंबर तक लाइन ऑफ कंट्रोल पर 771 बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है और अंतररार्ष्ट्रीय सीमा पर 110 बार सीजफायर का उल्‍लंघन किया जा चुका है. इसमें 12 नागरिक और 18 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई है.

साल 2016 में लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्‍तान की ओर से सीजफायर का उल्‍लंघन दिसंबर तक केवल 228 ही था और 2015 में 152 था.
203 आतंकी घाटी में अब तक मारे गए
यही नहीं इस साल कश्‍मीर में अब तक 203 आतंकवादी घाटी में मारे जा चुके हैं जबकि पिछले साल 148 आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा जा चुका था. इस साल आतंकवादी घटनाएं जम्मू-कश्मीर में 335 बार हुई हैं. सरकार ने लोकसभा को यह भी बताया कि नोटबंदी के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं कम हुई हैं. कुल मिलाकर देशभर में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति सुधरी है.

नोटबंदी ने आतंकवादियों की कमर तोड़ी
सरकार द्वारा दी गई जानकारी से जाहिर होता है कि नोटबंदी ने आतंकवादियों की कमर तो तोड़ दी है, लेकिन दूसरी ओर पाकिस्तान लगातार घाटी के पार से आतंकवादियों को भारत में भेजने की कोशिश कर रहा है. हालांकि सुरक्षा बलों को पिछले साल के मुताबिक इस साल कम नुकसान हुआ है, लेकिन पाकिस्तान की इन हरकतों के चलते लगातार उनको लाइन ऑफ कंट्रोल और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर खतरे का सामना करना पड़ रहा है.

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सूर्य ने किया धनु में गोचर, आपके जीवन पर पड़ेगा भारी असर

सूर्य 16 दिसंबर 2017 शनिवार को रात्रि में 3:15 बजे धनु राशि में गोचर कर गए हैं, जहां ये 14 जनवरी 2018 तक रहेंगे, जिसका असर हमारे निजी जीवन पर भी पड़ेगा, वैसे भी पौष का महीना चल रहा है, इसलिए इस वक्त सूर्य की उपासना का महत्व और भी बढ़ जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस मास में सूर्य की उपासना करना चाहिए। इस महीने सूर्य ग्यारह हज़ार रश्मियों के साथ व्यक्ति को उर्जा और उत्तम सेहत प्रदान करता है और अब तो वो शनि राशि में गोचर कर गए हैं, जिसकी वजह से उनकी हर कार्यकलाप का असर हम पर भी होगा। क्या होगा राशियों पर असर... मेष: सूर्य का गोचर इस राशि के लिए काफी शुभ है, ये इसके नौवें भाव में गोचर कर रहा है, जिसके कारण आपका वक्त अच्छा रहेगा और आपके हर काम में आपको सफलता मिलेगी। वृषभ: सूर्य का गोचर इस राशि के लिए मिला-जुला रहेगा, सूर्य आपकी राशि से 8वें स्थान में है इसलिए अगर फायदा नहीं तो नुकसान भी नहीं बस सूर्यदेव की उपासना कीजिए। मिथुन : सूर्य का गोचर इस राशि के लिए ठीक नहीं है, सूर्य आपकी राशि में 7वें स्थान में हैं, घर में कलह हो सकता है। ककर्: सूर्य आपकी राशि से 6ठे भाव में होंगे जो मिलाजुला फल देंगे, कुल मिलाकर खट्टा-मीठा है वक्त। सिंह: सूर्य आपकी राशि में 5वें स्थान पर है, इसलिए वैसे तो आपको फायदा ही होगा लेकिन प्रेम संबंध के लिए टाइम अच्छा नही। कन्या: सूर्य का आपकी राशि से चौथे भाव में है, इसलिए जीवन-साथी से पंगा हो सकता है। तुला: सूर्य का गोचर आपकी राशि में तीसरे भाव में हैं, इस वक्त आपके लिए काफी अच्छा है, आप हर तरह से पारिवारिक, समाजिक जीवन और कार्यक्षेत्र में सफलता के झंड़े गाड़ेंगे। वृश्चिक: सूर्य आपकी राशि में द्वितीय भाव में होगा जिससे आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं, पैसा वहां से आएगा, जहां से आप उम्मीद नहीं कर रहे हैं। धनु: सूर्य का गोचर आपको लाभ पहुंचाएगा, बस आप संयमित रहिए, सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी। मकर: सूर्य का गोचर आपके लिए ठीक है, कहीं घूमने-फिरने जा सकते हैं। कुंभ: सूर्य का गोचर आपके लिए शुभ, पैसा आएगा, अच्छे लोग मिलेंगे। मीन: सूर्य आपकी राशि से 10वें भाव में है, जो मिश्रित फल देगा, प्रमोशन हो सकता है लेकिन हेल्थ से गच्चा खा सकते हैं।

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वॉशिंगटन रेल हादसा: अब तक 6 लोगों की मौत और 22 घायल

वॉशिंगटन। अमेरिका के वॉशिंगटन में सोमवार को बड़ा रेल हादसा हुआ है, जिसमें छह लोगों की मौत और 22 के घायल होने की पुष्टी की गई है। ऐमट्रैक का कहना है कि ट्रेन में तकरीबन 78 यात्री और पांच क्रू मेंबर सवार थे। घटना टैकॉमा के दक्षिण-पश्चिम में डूपॉन्ट के पास हुई है। अधिकारियों ने डूपॉन्ट सिटी हॉल में एक सहायता केंद्र स्थापित किया है। साथ ही लोगों से घटनास्थल की तरफ न आने की अपील की गई है। ट्रेन के डिब्बे हाईवे पर गिर जाने के कारण नीचे चल रही कई गाडिय़ां इसके चपेट में आ गई और भारी जाम लग गया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस रोड़ को ब्लॉक कर दिया है। घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहतकर्मी इस हादसे से निपटने की कोशिश में लगे हैं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर इस हादसे पर अपना दुख व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, 'ड्यूपॉन्ट, वाशिंगटन में हुए ट्रेन दुर्घटना में शिकार सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। उन सभी का शुक्रिया जो घटना के तुरंत बाद वहां पहुंचे। हम इस हादसे पर व्हाइट हाउस से नजर बनाए हुए हैं।' वॉशिंगटन स्टेट गवर्नर ने इस हादसे के बाद आपातकाल घोषित कर दिया है।

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जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 2 से 3 आतंकवादी सेना की जाल में फंसे

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में एक बार फिर से आतंकवादियों की गतिविधि बढ़ती जा रही है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पाते ही सेना ने इलाके को घेर लिया है। सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। पिछले कई घंटों से सेना ने आतंकियों के खात्मे के लिए सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक 2 से 3 आतंकवादियों को सेना ने घेर लिया है। मुठभेड़ जारी है और सेना उन आतंकवादियों को खत्म करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले रविवार को ही शोपियां जिले में आतंकियों ने करालचक इलाके से गुजर रही जम्मू-कश्मीर बैंक की कैशवैन पर हमला कर दिया था। इस हमले में वैन में मौजूद दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। उससे पहले कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में सेना ने लश्कर के 3 आतंकियों को मार गिराया था।

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भाजपा की जीत पर लगाया पैसा, पार्टी जीती फिर भी सटोरियों का डूबा गया पैसा

नई दिल्ली। गुजरात चुनाव के नतीजे बहुत ज्यादा अप्रत्याशित नहीं रहे हैं। ये पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था कि गुजरात में भाजपा छठवीं बार सरकार बना लेगी। इसके बावजूद सट्टा बाजार में इस परिणाम ने हलचल पैदा कर दी है। दरअसल कांग्रेस पर पैसा लगाने वालों को फायदा हुआ है जबकि भाजपा पर दांव लगाने वाले सटोरिए करोड़ों रुपए हार गए हैं। इसकी वजह भाजपा की उम्मीद से कम सीटें हैं।

एग्जिट पोल के बाद भाजपा पर लगा दिया पैसा

एग्जिट पोल के बाद भाजपा पर लगा दिया पैसा
14 दिसंबर को दूसरे चरण के मतदान के बाद कई न्यूज चैनलों ने एग्जिट पोल किया। इसमें भाजपा को औसतन 130 से 135 सीटें दी गईं। जिसके बाद सट्टा बाजार में भाजपा के भाव कम हो गए और कांग्रेस के बढ़ गए। सट्टा बाजार में जिस पार्टी की हारने की आशंका होती है, उसके भाव ज्यादा होते हैं। भाजपा पर 35 का भाव तय था। भाजपा की 103 सीट से ऊपर आने पर एक लाख रुपए लगाने वाले को एक लाख 35 हजार रुपए मिलते. जबकि कांग्रेस की 76 से 78 सीट आने पर एक लाख रुपए लगाने वाले को एक लाख 35 हजार रुपए मिलते।
कांग्रेस पर पैसा लगाने वालों को फायदा

कांग्रेस पर पैसा लगाने वालों को फायदा
भाजपा को नतीजों के बाद 99 सीटें मिलीं। ऐसे में वे लोग अपनी रकम हार जाएंगे, जिन्होंने भाजपा पर दांव लगाया था। कांग्रेस की सीट 78 सीट आ रही हैं। कांग्रेस की इससे कम सीट आने की उम्मीद थी, ऐसे में कांग्रेस पर दांव लगाने वालों के वारे न्यारे हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव नतीजों पर देशभर में काफी पैसा लगाया गया है। गुरुवार को एक्जिट पोल होने से पहले सट्टा बाज़ार का दाम 92-94 बीजेपी के लिए चल रहा था, जबकि कांग्रेस का दाम 90-92 के आस-पास चल रहा था।
गुजरात हिमाचल में बनी भाजपा की सरकारें

गुजरात हिमाचल में बनी भाजपा की सरकारें
गुजरात और हिमाचल प्रदेश, दोनों राज्यों में भाजपा को जीत मिली है। गुजरात में जहां भाजपा को 182 में से 99 सीटें मिली हैं, वहीं विपक्ष में 77 सीटों के साथ कांग्रेस है। हिमाचल प्रदेश की कुल 68 सीटों पर 44 पर भाजपा को, 21 पर कांग्रेस को, एक सीपीएम को जबकि दो सीट अन्य को मिली हैं।

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