Menu

top banner

बाबरी: सिब्बल बोले 2019 के बाद हो सुनवाई, भाजपा ने पूछा- शिवभक्त राहुल की कांग्रेस राम के खिलाफ क्यों? Featured

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केस में सुन्नी वक्फ बोर्ड की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल ने अदालत से अपील की कि अयोध्या मामले की सुनवाई जुलाई 2019 के बाद की जाए। अयोध्या केस की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर ने कपिल सिब्बल के इस आग्रह को बहुत गंभीरता से लिया। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल के इस रूख के पर सवाल उठाया है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि एक ओर तो राहुल गांधी मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के नेता राम मंदिर केस में सुनवाई में देरी करना चाहते हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा है कि वे इस मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड से ज्यादा कांग्रेस का विचार रख रहे हैं। संबित पात्रा ने ट्वीट किया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 2019 के चुनावों से क्या लेना-देना है, आज कपिल सिब्बल की सच्चाई सामने आ गई हैज्वो वक्फ बोर्ड से ज्यादा कांग्रेस के विचारों को दर्शाते हैं? राहुल गांधी को अब बोलना चाहिए कि क्या वह मंदिर के साथ हैं या फिर उनकी कुछ और राय है। भाजपा नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने भी इस मुद्दे पर कपिल सिब्बल पर हमला किया है। जीवीएल नरसिम्हा राव ने ट्वीट किया कि अयोध्या विवाद में कपिल सिब्बल कांग्रेस के वकील हैं, या सुन्नी वक्फ बोर्ड के जो वह इस मामले की सुनवाई को 2019 के चुनावों तक टलवाना चाहते हैं। स्वघोषित शिव भक्त भगवान राम के खिलाफ क्यों हो गये हैं? कांग्रेस अयोध्या मामले पर राजनीति कर रही है। गौरतलब है कि राहुल गांधी ने गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि वो एक शिव भक्त हैं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक प्रकरण में उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर दीवानी अपीलों पर अगले साल आठ फरवरी को सुनवाई करने का निश्चय किया है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की तीन सदस्यीय विशेष खंडपीठ ने इस प्रकरण के सभी एडवोकेट्स आन रिकार्ड से कहा कि वे एक साथ बैठकर यह सुनिश्चित करें कि शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों का अनुवाद हो गया हो और उनपर संख्या लिखी जा चुकी हो। इस मामले में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वकीलों को रजिस्ट्री से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है।

DNR Reporter

DNR desk

Leave a comment

Make sure you enter the (*) required information where indicated. HTML code is not allowed.

back to top

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News