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लैंबोर्गिनी ने पेश किया एसयूवी वाहन उरुस,कीमत तीन करोड़ रुपए Featured

मुंबई, लक्जरी स्पोर्ट कार बनाने वाली इतालवी कंपनी लैंबोर्गिनी ने आज अपनी पहली एसयूवी वाहन उरुस देश में पेश की। इसकी कीमत तीन करोड़ रुपए है। कंपनी की एशिया-प्रशांत के महाप्रबंधक एंड्रिया बाल्डी ने कहा, एक बाजार के तौर पर भारत पूरी वैश्विक बिक्री में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उरुस भारत में लैंबोर्गिनी के खेल को बदल के रख देगा। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें उनकी संख्या ढाई से तीन गुना बढऩे की उम्मीद है।

ग्रीनकार्ड आवंटन बढ़ाने संबंधी विधेयक अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पेश
वाशिंगटन, योग्य विदेशियों को अमेरिका में बसने को प्रोत्साहित करने और ग्रीन कार्ड (स्थाई आवास का परमिट) आवंटन में सालाना 45ञ् की भारी भरकम बढ़ोतरी के प्रावधानों वाले एक विधेयक को अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में पेश किया गया है। इसे ट्रम्प सरकार का समर्थन प्राप्त है और इसके पारित होने पर अमेरिका में कामधाम की इच्छा रखने वाले भारतीय तकनीकी पेशेवरों का फायदा मिलने की संभावना है। सिक्योरिंग अमेरिका फ्यूचर एक्ट नामक इस विधेयक को अमेरिकी संसद का अनुमोदन मिल जाने और उस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका में विभिन्न प्रकार के वीजा कार्यक्रम खत्म हो जाएंगे और उनकी जगह एक नई आव्रजन व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसमें आव्रजन का स्तर घटेगा। अमेरिका में इस समय सालाना औसतन 10.5 लाख विदेशी बसने आते हैं। नई व्यवस्था में यह संख्या घट कर 2,60,000 हो जाएगी। इस विधेयक को प्रतिनिधि सभा में आंतरिक सुरक्षा समिति और सीमा एवं समुद्री सुरक्षा उप समिति की चेयरपर्सन मार्था मैक सैली, आंतरिक सुरक्षा समिति के चेयरमैन माइकल मैकौल, सभा की ही न्यायिक समिति के चेयरमैन बॉब गुडलाट्टे, और सभा की आव्रजक न्यायिक समिति और सीमाई सुरक्षा उप समिति के चेयरमैन रॉल लैब्रेडोर ने पेश किया।
इस विधेयक में ग्रीन कार्ड आवंटन को सालाना 45ञ् बढ़ाने का प्रस्ताव है। मौजूदा समय में प्रतिवर्ष।,20,000 ग्रीनकार्ड आवंटित किए जाते हैं जिन्हें बढ़ाकर।,75,000 वार्षिक किए जाने का प्रस्ताव है।
भारतीय-अमेरिकी तकनीकी पेशेवर वर्तमान व्यवस्था में मुख्यत: एच-।बी वीजा कार्यक्रम के आधार पर अमेरिका आते हैं और काम करते हैं। वह बाद में यहां पर ग्रीन कार्ड या वैध स्थाई निवासी के विकल्प को अपना सकते हैं। सिक्योरिंग अमेरिका फ्यूचर एक्ट से सबसे ज्यादा लाभ इन्हीं लोगों को होने की उम्मीद है।
एक अनुमान के मुताबिक करीब पांच लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड आवंटित होने का इंतजार है और वह सालाना आधार पर अपने एच-।बी वीजा का विस्तार कराते हैं। इनमें से कई लोग तो दशकों से ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

DNR Reporter

DNR desk

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