Menu
DNR Reporter

DNR Reporter

DNR desk

Website URL:

54 हजार पदों पर भर्तियां शीघ्र होंगी, प्रदेश में रिक्त नहीं रहेगा शिक्षक का एक भी पद : देवनानी

अजमेर. शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने राज्य के आकांक्षापूर्ण जिलों के लिए केंद्र सरकार स्तर पर विशेष ग्रांट दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में विद्यालय क्रमोन्नति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकास आदि के लिए केंद्र और सहयोग करे। देवनानी ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही तृतीय श्रेणी के 54 हजार पदों पर नियुक्ति हो जाएगी। इसके बाद प्रदेश में शिक्षकों का कोई पद रिक्त नहीं रहेगा।

- देवनानी सोमवार को शासन सचिवालय में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से एनआईसी के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंस में संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के बारां, धौलपुर, सिरोही, करौली एवं जैसलमेर जिले को आकांक्षापूर्ण जिलों के लिए चयनित किया गया है। इनमें शिक्षा गुणवत्ता के लिए सतत प्रयासों की पहल की गई है।
- शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में आरटीई के तहत सभी स्थानों पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई है। आदिवासी बाहुल्य और डेजर्ट क्षेत्र के जिलों में सभी को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 12 वीं तक के सभी स्कूलों में आईसीटी लेब स्थापित कर दिए गए हैं। लर्निंग आउटकम के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं।
- देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार ने 10 हजार 673 पंचायत एजुकेशन अधिकारियों को इसके लिए लेपटॉप प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लड़के-लड़कियों के लिए शतप्रतिशत टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 12 वीं तक के सभी विद्यालयों में बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

देशभर में 117 आकांक्षी जिले चयनित

- केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री जावड़ेकर ने देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में 117 जिलों को विकास आकांक्षी जिलों के रूप में चयनित किया है। उच्च शिक्षा के लिए केंद्र सरकार ने 1668 करोड़ और स्कूल शिक्षा के लिए भी अधिकतम राशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्युतीकरण के लिए राज्य सरकारें घरेलू कनेक्शन जारी करें। वहां पावर रेगुलेटर लगे। सभी राज्यों में जुलाई माह तक पाठ्य पुस्तकें मिल जाए। यह सुनिश्चित हो कि देश के रिमोट क्षेत्रों में भी राज्य सरकारें 30 छात्रों पर एक अध्यापक नियुक्त करें। राज्य लर्निंग आउटकम प्लान बनाए।

- लर्निंग आउटकम कैसे पूरा हो, इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर मदद दी जाएगी। राज्य कक्षा 5 तक के स्कूलों को 8 वीं तक, 8 वीं तक को 10 वीं तक और 10 वीं को 11 वीं और 12वीं तक क्रमोन्नत करें। उन्होंने देश में 17 नए मॉडल डिग्री कॉलेज खोले जाने और प्रत्येक के लिए 12 करोड़ स्वीकृत किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश के 29 जिलों में मॉडल डिग्री कॉलेज अपग्रेड होंगे। हरेक कॉलेज को 4 करोड़ केंद्रीय स्तर पर मिलेगा। इसके अलावा 6 जिलों में प्रोफेशनल कॉलेज होंगे। प्रत्येक के लिये 26 करोड़ का प्रावधान होगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सर्व शिक्षा आयुक्त डॉ. जोगाराम कॉलेज शिक्षा आयुक्त आशुतोष सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया

ईंधन शुल्क में रोजाना बदलाव को लेकर दायर याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर माने केंद्र : अदालत

नई दिल्ली , 18 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार को उस याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर मानने को कहा जिसमें दावा किया गया है कि पेट्रोल एवं डीजल आवश्यक वस्तुएं हैं और अदालत सरकार को उनके विक्रय के लिए उचित मूल्य तय करने के निर्देश दे।
कार्यवाहक प्रमुख न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की एक पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने मुद्दे को लेकर केंद्र के पास शिकायत नहीं की है और आवश्यक वस्तु अधिनियम का प्रथम दृष्टया अध्ययन से यह नहीं लगता कि केंद्र के लिए ईंधनों के मूल्य तय करना अनिवार्य है।
अदालत ने केंद्र सरकार को इस जनहित याचिका को एक प्रतिवेदन के तौर पर मानने को कहकर इसका निपटान किया।
दिल्ली की डिजाइनर पूजा महाजन ने अपनी याचिका में ईंधनों के मूल्य में नियमित वृद्धि का विरोध किया है और तर्क दिया है कि पेट्रोल एवं डीजल आवश्यक वस्तुएं हैं और उनकी बिक्री के लिए एक उचित मूल्य तय करने के लिए केंद्र सरकार बाध्य है।
अधिवक्ता ए मैत्री के जरिए दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया कि सरकार अप्रत्यक्ष तौर पर ईंधन शुल्क को नियंत्रित कर रही है क्योंकि इस साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान इनके मूल्य में कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
इसके अलावा याचिकाकर्ता ने ईंधन मूल्य रोजना तय करने की मौजूदा प्रक्रिया को असंवैधानिक ठहराने की भी मांग की।

राफेल सौदे में कुछ गड़बड़ी तो हुई है : राहुल

नई दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर सरकार पर हमला जारी रखा तथा दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं क्योंकि कुछ न कुछ गड़बड़ी तो हुई है। संसद में कल के प्रधानमंत्री के भाषणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह बात साफ हो गई है कि प्रधानमंत्री बुनियादी सवालों का जवाब देने के इच्छुक नहीं हैं। राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले घोषणा की थी कि वह राफेल विमान की खरीद का दाम राष्ट्र को बताएंगी किन्तु वह अब यह कह रही हैं कि वह ऐसा नहीं करेंगी क्योंकि यह सरकारी गोपनीयता है। राहुल ने सवाल किया, इनमें से कौन से दोनों बयान सही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने मोदी से तीन सवाल पूछे थे। इनमें विमान का दाम तथा एक सरकारी कंपनी से छीनकर एक व्यवसाई को यह करार देना शामिल है। राहुल ने कहा कि किंतु कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा, इसका केवल एक जवाब हो सकता है और वह है कि दाल में काला है।

शारदुल ने कहा, सिर्फ एक मैच में खेलना आसान नहीं होता

लीड्स, 18 जुलाई (भाषा) भारत के तेज गेंदबाज शारदुल ठाकुर का मानना है कि बेंच से आकर सीधे दबाव वाले मैच में अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता और उन्हें भी इंग्लैंड के खिलाफ यहां तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय मैच में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कल अंतिम मैच में ठाकुर को सिद्धार्थ कौल की जगह मौका दिया गया लेकिन जो रूट के 13वें एकदिवसीय शतक की बदौलत इंग्लैंड ने यह मैच आठ विकेट से जीत लिया। ठाकुर ने मैच में 10 ओवर में 51 रन देकर एक विकेट चटकाया।
ठाकुर ने हार के बाद कहा, मैं दक्षिण अफ्रीका में अंतिम मैच में खेला था और तब हमने श्रृंखला जीती थी। इस मैच में खेलते हुए बेशक मैं थोड़ा नर्वस था क्योंकि यह निर्णायक मैच था। जब आपको दबाव की स्थिति में रखा जाता है तो यह खिलाड़ी की जिम्मेदारी होती है कि वह अपना शीर्ष खेल दिखाए। कभी कभी नतीजे आपके पक्ष में होते हैं और कभी नहीं।
उन्होंने कहा, जब एकमात्र मैच में मौका मिलता है तो मैदान पर उतरते हुए मेरी मानसिकता यही होती है कि मैं टीम के लिए मैच जीतूं। यह मैच खेलते हुए भी ऐसा ही था। जब मैं अलग अलग टीमों के लिए खेलता हूं, चाहे भारत ए हो या घरेलू क्रिकेट, हमेशा ऐसा ही होता हूं।
पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम आठ विकेट पर 256 रन ही बना सकी जिसके बाद भारतीय गेंदबाज रूट और इयोन मोर्गन की तीसरे विकेट की 186 रन की साझेदारी को तोडऩे में नाकाम रहे और मेजबान टीम ने आसान जीत दर्ज की।
भारत ने टी20 श्रृंखला 2-। से जीती लेकिन एकदिवसीय श्रृंखला में उसे इसी अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
शारदुल ने कहा, यह दुर्भाग्यशाली है कि हमने यह मैच गंवा दिया। लेकिन आप कुल मिलाकर देखो तो हमने अच्छा प्रदर्शन किया। अगले साल होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए इस टी20 और एकदिवसीय श्रृंखला से बल्लेबाजों ने जो भी सीखा वह उपयोगी होगा।
कप्तान विराट कोहली और शिखर धवन ने दूसरे विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी करके भारत को अच्छी स्थिति में रखा था लेकिन धवन के रन आउट होने के बाद भारत का मध्यक्रम चरमरा गया और टीम का स्कोर पांच विकेट पर 158 रन हो गया।
ठाकुर ने कहा, शिखर और विराट काफी अच्छा खेल रहे थे। अगर वे 40वें ओवर तक टिके रहते तो शायद स्थिति अलग होती और हम 300 रन तक बना सकते थे। बीच के ओवरों में गंवाए विकेटों ने अंतर पैदा किया।

Subscribe to this RSS feed

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News