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राजनीति (177)

मानहानि मामले में कल अदालत में पेश होंगे राहुल गांधी

ठाणे , 11 जून (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आरएसएस के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में यहां भिवंडी की एक मजिस्ट्रेट अदालत में कल पेश होंगे।
राहुल गांधी की ओर से पेश भिवंडी के फौजदारी वकील नारायण अय्यर के अनुसार , अदालत 2014 के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ आरोप तय कर सकती है।
मानहानि मामला छह मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में राहुल गांधी के कथित बयान से जुडा है जिसमें आरएसएस को महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ा गया था।
पिछले सप्ताह मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम ने कहा था कि राहुल गांधी दिन में करीब 11 बजे यहां पास की भिवंडी अदालत में पेश होंगे।
दो मई को अदालत ने गांधी से 12 जून को उसके सामने पेश होने को कहा था।
आरएसएस के एक स्थानीय कार्यकर्ता राजेश कुंते ने यह मामला दर्ज कराया था।

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आरएसएस मुख्यालय संबोधन :मनीष तिवारी ने मुखर्जी से किए कई कड़े सवाल

नई दिल्ली, आठ जून (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रवाद पर दिए भाषण को कांग्रेस ने आरएसएस को सच का आईना दिखाना करार दिया है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने मुखर्जी के जाने पर आज सवाल खड़े करते हुए कहा कि उन्होंने वहां जाकर राष्ट्रवाद पर संबोधन क्यों दिया जबकि वह उनकी पीढ़ी के नेताओं को हमेशा संघ के इरादे एवं योजना को लेकर आगाह करते रहे।
वैसे, मुखर्जी के जाने और संबोधन पर तिवारी के सवाल खड़े किए जाने को लेकर कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर टिप्पणी से इंकार कर दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने संवाददाताओं से कहा, इस मामले पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कल विस्तृत रूप से बयान दिया। अब इस बारे में कुछ कहने के लिए नहीं बचा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या मुखर्जी को लेकर पार्टी में अलग अलग राय है तो गोहिल ने कहा कि सुरजेवाला ने जो कहा है वही कांग्रेस की राय है।
तिवारी ने आज एक के बाद एक कई ट्वीट कर मुखर्जी के नागपुर जाने पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा, प्रणब मुखर्जी, क्या मैं आपसे एक सवाल पूछ सकता हूं जिसका आपने अब तक जवाब नहीं दिया है और जो लाखों धर्मनिरपेक्षतावादी और बहुलवादी लोगों को अखर रहा है। आपने आरएसएस मुख्यालय जाने और राष्ट्रवाद पर संबोधन देने का फैसला क्यों किया?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, आपकी पीढ़ी 1980 और 1990 के दशक में आरएसएस के इरादे और योजना को लेकर हमारी पीढ़ी को हर एक शिविर में आगाह करती रही। आप उस सरकार का हिस्सा थे जिसने 1975 और 1992 में आरएसएस को प्रतिबंधित किया। आपको नहीं लगता कि आपको हमें यह बताना चाहिए कि उस वक्त आरएसएस में क्या बुराई थी और आज वही आरएसएस कैसे भली हो गई?
तिवारी ने कहा, या तो उस समय हमें जो बताया गया वो गलत था या फिर आपने आरएसएस को जो सम्मान दिया है वह सार्वजनिक जीवन में आपके कद के अनुकूल नहीं है। क्या यह वैचारिक मेलमिलाप है और राजनीतिक परिदृश्यारुख में कड़वाहट कम करने का प्रयास है जैसा कि आलोचक कह रहे हैं?
उन्होंने कहा, जो भी मकसद रहा हो, लेकिन इसे आरएसएस को धर्मनिरपेक्ष एवं बहुलवादी चेतना में शामिल करने के प्रयास के तौर पर देखा जाएगा।
मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय में संबोधन के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कल कहा था कि मुखर्जी ने संघ को सच का आईना दिखाया और नरेंद्र मोदी सरकार को राजधर्म की याद दिलाई।
राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशप्रेम के बारे में आरएसएस मुख्यालय में अपने विचार साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कल कहा कि भारत की आत्मा बहुलतावाद एवं सहिष्णुता में बसती है।
मुखर्जी ने कहा कि भारत में हम अपनी ताकत सहिष्णुता से प्राप्त करते हैं और बहुलवाद का सम्मान करते हैं। हम अपनी विविधता का उत्सव मनाते हैं।

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सरकार के कोषों के कोष से स्टार्टअप को एक लाख करोड़ रुपए का वित्तपोषण होगा: मोदी

नई दिल्ली , छह जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए 10,000 करोड़ रुपए के कोषों के कोष से स्टार्टअप कंपनियों के लिए आगे चलकर एक लाख करोड़ रुपए की मदद सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि अब नवोन्मेषी सोच के साथ शुरू किए जाने वाले स्टार्टअप उद्यमों का प्रसार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे शहर और गांव भी स्टार्टअप केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 10,000 करोड़ रुपए के इस कोष की मदद से वेंचर कैपिटल फंडों ने स्टार्टअप इकाइयों को 7,000 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस कोष से आगे चलकर स्टार्टअप कंपनियों के लिए एक लाख करोड़ रुपए का वित्तपोषण सुनिश्चित किया जासकेगा।
मोदी ने कहा कि उदीयमान उद्यमियों के लिए देश में पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने भी एक पारिस्थितिकी विकसित की है। धन उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार ने स्कूलों में बच्चों के लिए टिंकरिंग (प्रौद्योगिकी के साथ खेलने की) प्रयोगशालाओं की स्थापना , इन्क्यूबेशन सेंटर , नियामकीय बाधाओं को समाप्त करना , कर प्रोत्साहन , कानूनी मामलों में सहयोग और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे क्षेत्रों में भी काम किया है।
प्रधानमंत्री ने आज देशभर के युवा उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान कहा कि इन प्रोत्साहनों ने छोटे शहरों , कस्बों और गांवों में उद्यमियों को मदद की और यह क्षेत्र अब स्टार्टअप केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। इस चर्चा में देहरादून , रायपुर और गुवाहाटी जैसे शहरों के युवा उद्यमियों ने भी भाग लिया। मोदी ने कहा कि स्टार्टअप के लिए मेक इन इंडिया के साथ डिजाइन इन इंडिया भी बहुत आवश्यक है। इस क्षेत्र में आगे निकलने के लिए पर्याप्त पूंजी , साहस और लोगों से संपर्क जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब स्टार्टअप केवल डिजीटल और तकनीकी नवोन्मेष के क्षेत्र तक सीमित था। अब चीजें बदल रही हैं और हम देख रहे हैं कि कृषि समेत अन्य क्षेत्रों में स्टॉटअप आ रहे हैं। हमने कृषि ग्रैंड चैलेंज शुरू किया है। कृषि क्षेत्र में कैसे बदलाव लाया जा सकता है इस पर विचार के लिए हम और युवाओं को आमंत्रित कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि देश में नए उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्टार्टअप इंडिया की कार्य योजना पेश की थी। इस योजना का उद्देश्य कर रियायत , इंस्पेक्टर राज मुक्त शासन और पूंजीगत लाभ कर छूट जैसे प्रोत्साहन देना है।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप के महत्व पर जोर देकर कहा , ै ए कंपनियां भविष्य की वृद्धि के इंजन है। आज की बड़ी कंपनियां भी एक समय पर स्टार्टअप ही थीं। मैं भारत के लोगों से नवाचार करते रहने का आग्रह करता हूं। ै उन्होंने कहा कि भारत के युवा अब नौकरियां सृजित कर रहे हैं और सरकार इस जनसांख्यिकी लाभांश का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि भारत एक युवा देश है , जहां 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष की आयु से कम और यह जनसांख्यिकी लाभांश देश को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
जनसांख्यिकी लाभांश से तात्पर्य एक ऐसी स्थिति से है जब कुल आबादी में काम करने की आयु वाली आबादी (युवा वर्ग) का अनुपात अधिक होता है।
मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत अब 28 राज्यों और 6 केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 419 जिलों में स्टार्टअप पंजीकृत हैं , जिसमें से 44 प्रतिशत स्टार्टअप दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में है। इससे पता चलता है कि छोटे शहरों और गांवों के युवा भी देश की वृद्धि में योगदान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश में , 45 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा शुरू किए गए हैं और एक स्टार्टअप औसत 12 लोगों को रोजगार के अवसर दे रहा है। ै
प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रेडमार्क और पेटेंट पंजीकरण में भी तेजी आई है। 2013-14 में करीब 68,000 ट्रेडमार्क पंजीकृत हुए थे और अब यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख हो गई है। इसकी प्रकार , पेटेंट पंजीकरण 2013-14 में 4,000 से बढ़कर 11,500 से अधिक हो गए हैं।
उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों की कहानियां हैशटैग इनोवेटिव इंडिया के साथ सोसल नेटवर्क पर साझा करने के लिए कहा है , जो नए विचारों पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने आने वाले समय में स्टर्टअप से नवप्रवर्तन तथा देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान मिलेगा। मोदी ने कहा यदि हमने नवप्रवर्तन नहीं किए तो हम एक जगह अटक जाएंगे।

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चुनाव आयोग ने आरटीआई पोर्टल शुरू किया

नई दिल्ली , छह जून (भाषा) चुनाव आयोग ने आज ऑन लाइन आरटीआई पोर्टल शुरू किया जिससे सूचना का अधिकार कानून के तहत सूचना मांगने वाले आवेदकों को मदद मिलेगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पोर्टल तक आयोग की वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ के जरिए पहुंचा जा सकता है।
बयान में कहा गया कि आरटीआई आवेदकों को समय समय पर एसएमएस और ईमेल के जरिए अलर्ट भी भेजे जाएंगे।

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राहुल पर भाजपा का कटाक्ष,'आलू से सोना निकालना नहीं है किसानों की कर्ज माफी'

इंदौर, छह जून (भाषा) मध्य प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों की कर्ज माफी करने की पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की ताजा घोषणा पर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कटाक्ष किया है।
विजयवर्गीय ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ैराहुल जी, कर्ज माफी का कदम आपकी उस मशीन की तरह नहीं है जिसमें एक तरफ से आलू डालने पर दूसरी तरफ से सोना निकलता है। कांग्रेस अध्यक्ष अपनी इसी मशीन की तर्ज पर किसानों को कर्ज माफी का नया जुमला देकर गए हैं।ै
उन्होंने कहा, ैकेंद्र और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकारों से किसान खुश हैं। इसलिए राज्य में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों में न तो कांग्रेस की सरकार आएगी, न ही वह किसानों का कर्ज माफ कर सकेगी।ै
विजयवर्गीय ने दावा किया कि पंजाब और कर्नाटक में सभी किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया है, जहां कांग्रेस सत्ताधारी दल के रूप में है।
उन्होंने एक सवाल पर कहा, ैमेरा मानना है कि आम किसान कर्ज माफी को स्थाई समाधान नहीं मानते। वे चाहते हैं कि उन्हें उनकी फसलों की उत्पादन लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाया जाए। इस आशय की घोषणा केंद्र सरकार पहले ही कर चुकी है।ै
कृषक आंदोलन के दौरान गोली कांड और पुलिस की कथित पिटाई में छह किसानों की मौत की पहली बरसी पर राहुल आज मंदसौर पहुंचे थे।
भाजपा महासचिव ने कहा कि राहुल को मंदसौर के बजाय बैतूल जिले के मुल्ताई जाना चाहिए था, जहां दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाले कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 1998 में पुलिस गोलीबारी में 24 किसानों की मौत हो गई थी।
विजयवर्गीय ने कहा, ैमुल्ताई गोली कांड में किसानों की मौत पर राहुल ने घडय़िाली आंसू क्यों नहीं बहाए। जब कांग्रेस के शासन में किसानों को गोली लगती है, तो उनकी आंखों में आंसू क्यों नहीं आते हैं।ै
उन्होंने आरोप लगाया कि मुल्ताई गोली कांड में मारे गए किसानों के परिजनों को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुआवजा नहीं दिया था और जिन पुलिसकर्मियों ने किसानों पर गोलियां चलाईं उन्हें पदोन्नत कर दिया गया था।
विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समर्थन में आठ जून को इंदौर में किसान रैली निकाली जाएगी।

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माधुरी से मिले शाह, भाजपा सरकार की उपलब्धियां बताईं

मुंबई , छह जून (भाषा) भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपनी पार्टी के संपर्क से समर्थन अभियान के तहत आज यहां फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से मिले और उन्हें नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों बताईं।
शाह भगवा दल के संपर्क से समर्थन (कांटेक्ट फोर सपोर्ट) अभियान के तहत उपनगरीय मुंबई में स्थित माधुरी के घर पर उनसे मिले। भाजपा अध्यक्ष के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दूसरे भाजपा नेता भी मौजूद थे।
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यह अभियान शुरू किया है।
करीब 40 मिनट चली बैठक में शाह ने अभिनेत्री को पिछले चार सालों में भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाने वाली एक पुस्तिका भेंट की।
बैठक में माधुरी के पति श्रीराम नेने भी मौजूद थे। नेने एक सर्जन हैं।
शाह ने ट्विटर पर लिखा , संपर्क से समर्थन पहल के तहत मुंबई में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से उनके घर पर मिलना सुखद था। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सफलताओं एवं क्रांतिकारी पहलों पर चर्चा की।
हालांक उन्होंने जुहू में माधुरी के घर के बाहर जमा हुए संवाददाताओं से बात नहीं की।
इससे पहले शहर पहुंचने के बाद शाह फडणवीस , भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रावसाहेब दान्वे , शिक्षा मंत्री विनोद तावडे एवं भाजपा के महासचिव (संगठन) विजय पुराणिक से उपनगरीय बांद्रा के रंगशारदा सभागार में मिले।
भाजपा अध्यक्ष संपर्क से समर्थन अभियान के तहत आज सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और मशहूर उद्योगपति रतन टाटा से भी उनके घरों पर मिलेंगे।
इससे पहले वह पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग , लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप , पूर्व क्रिकेटर कपिल देव , पूर्व प्रधान न्यायाधीश आर सी लाहोटी और योग गुरू रामदेव से भी मिले थे।
इसी बीच आज शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे एक संपादकीय में भाजपा के इस अभियान पर करारा हमला किया गया।

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अच्छा है कि प्रधानमंत्री के सवाल-जवाब पहले से तय होते हैं, वरना शर्मिंदगी होती: राहुल गांधी

नई दिल्ली, चार जून (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिंगापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया संवाद कार्यक्रम को लेकर उन पर कटाक्ष किया और कहा कि अच्छा है कि उनके कार्यक्रम के सवाल-जवाब पहले से तय होते हैं क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो हम सभी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो जाती।
राहुल ने मोदी के इस संवाद कार्यक्रम के एक अंश का वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा, (मोदी) पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो स्वत:स्फूर्त प्रश्नों का सामना करते हैं और दुभाषिए के पास पहले से तय उत्तर होता है।
उन्होंने कहा, अच्छा है कि वह वास्तविक प्रश्नों का सामना नहीं करते। अगर ऐसा होता तो हम सभी के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो जाती।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री का जो वीडियो पोस्ट किया है वह सिंगापुर के नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनटीयू) में संवाद कार्यक्रम का है। दावा किया जा रहा है कि एक प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने जो जवाब दिया और उनकी दुभाषिया ने वहां मौजूद दर्शकों के समक्ष जो कहा, उनमें अंतर था।

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राधामोहन सिंह के बयान के खिलाफ दिल्ली युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

नई दिल्ली, चार जून (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के किसानों के संदर्भ में दिए एक विवादित बयान को लेकर दिल्ली युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आज विरोध प्रदर्शन किया और उनसे माफी की मांग की।

भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव (प्रभारी दिल्ली) अमित यादव और सचिव खुशबू शर्मा के नेतृत्व में दिल्ली युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड से कृषि भवन तक मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस के प्रवक्ता अमरीश रंजन पांडेय ने कहा, कृषि मंत्री ने कहा है कि किसान प्रचार पाने के लिए प्रदर्शन करते हैं। यह बयान दिखाता है कि मोदी सरकार किसानों को लेकर कितनी संवेदनहीन हो चुकी है। मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि किसानों ने गत एक जून से ऋण माफी सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने दो जून को कथित रूप से कहा कि मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
कांग्रेस किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को बार बार घेर रही है। इसी क्रम में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी छह जून को मंदसौर में किसानों की रैली को संबोधित करेंगे।

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पाक सेना की नापाक हरकतें मोदी सरकार की विफल पाक नीति का परिणाम : कांग्रेस

नई दिल्ली, चार जून (भाषा) कांग्रेस ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना की नापाक हरकतों को नरेंद्र मोदी सरकार की विफल पाक नीति का परिणाम करार देते हुए सवाल किया कि आखिर हमारे हुक्मरान देश की सुरक्षा को कब तक खतरे में डालते रहेंगे।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, मोदी सरकार की विफल पाक नीति का एक ताज़ा उदाहरण: सीमा पर पाक की नापाक हरकतों से 2 जवान शहीद और 13 नागरिक घायल,31 गांवों में 27000 लोग प्रभावित।
उन्होंने पूछा, आखऱि कब तक हमारे हुक्मरान अपनी ढुल-मुल नीतियों से देश की सुरक्षा को ख़तरे में डालते रहेंगे?
सुरजेवाला ने ट्वीट में कहा कि देश के बैंक भारी घाटे में चल रहे हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार कर्ज अदायगी नहीं करने और म्युचुअल फंड्स पर जीएसटी माफ कर रही है जिसका बोझ सीधे आम जनता पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, बैंक भारी नुकसान में चल रहे हैं लेकिन मोदी सरकार ने मुफ्त सेवाओं, मौजूदा म्युचुअल फंड्स, कर्ज अदायगी नहीं नहीं करने और क्रेडिट कार्ड बिल के विलंब भुगतान पर जीएसटी माफ करने का सहारा लिया है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इससे मोदी सरकार को 40 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे लेकिन आम जनता को इसका बोझ उठाना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल किया इस तरह की लूट क्यों ?

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पेरिस उद्घोषणा के लक्ष्यों को भारत समय से पहले पूरा करेगा : हर्षवर्धन

नई दिल्ली, चार जून (भाषा) पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने विश्व में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जारी पेरिस उद्घोषणा में भारत द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने का भरोसा दिलाया है।
हर्षवर्धन ने विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान आज राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस सम्मेलन में पर्यावरण प्रदूषण से निपटने के लिए भारत के आठ लक्ष्यों का ज़िक्र किया था।
उन्होंने कहा कि साल 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के इन लक्ष्यों की पूर्ति में उन्होंने सभी राज्यों से सकारात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकारें मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ग्रीन गुड डीड मुहिम को सामाजिक आंदोलन बनाकर प्रदूषण नियंत्रण में जनभागीदारी को सुनिश्चित करें।
सम्मेलन में मौजूद संयुक्तराष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक एरिक सोलहेम को हर्षवर्धन ने भरोसा दिलाया कि पेरिस उद्घोषणा में भारत द्वारा साल 2030 तक शतप्रतिशत इलेक्ट्िरक वाहन चलाने और स्मार्ट ग्रीड से ताप विद्युत उत्पादन की जगह सौर ऊर्जा पर आधारित करने सहित अन्य लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिए जाएँगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में मोदी सरकार ने क्रांतिकारी क़दम उठाए हैं जिनमें प्रदूषण मुक्त रसोईघर और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी अहम योजनाए परिणाम देने लगी है। इतना ही नहीं उन्होंने ग्रीन गुड डीड सहित अन्य अभियानों को विश्व समुदाय द्वारा स्वीकारने के हवाले से दावा किया कि पेरिस समझौते से जुड़े पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत में दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सर्वाधिक तेज़ गति से प्रयास किए जा रहे हैं।
हर्षवर्धन ने राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों से ग्रीन गुड डीड मुहिम में रोज़र्मा की ज़िंदगी से जुड़े 600 से ज़्यादा चिन्हित पर्यावरण हितैषी कार्यों से जनता को जोडऩे की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मक़सद को सरकारें तब तक पूरा नहीं कर सकती जब तक कि इसमें जनता की सक्रिय भागीदारी तय नहीं होती। क्योंकि पर्यावरण का मूल सरोकार विशुद्ध रूप से जनता से है, और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे मुख्य मक़सद को पूरा करने में लोगों की मामूली आदतों में किया गया सुधार अहम उपाय है। ऐसे में सरकार को औद्योगिक क्षेत्र के उत्सर्जन पर नियंत्रण के लिए निर्णायक उपाय करना आसान होगा।
इससे पहले सोलहेम ने प्रदूषण नियंत्रण में भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने दुनिया को अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस के माध्यम से समस्या के समाधान की राह दिखाई है। उन्होंने ग्रीन गुड डीड मुहिम को भी अनूठी पहल बताते हुए इसे मिली वैश्विक मान्यता को भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत दुनिया का नेतृत्व कर सकता है और संयुक्त राष्ट्र इसमें अपने सीमित संसाधनों के माध्यम से हरसंभव मदद के लिए तैयार है।
इस दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने वाहन जनित प्रदूषण, ई कचरा और औद्योगिक कचरे के निस्तारण में राज्यों को प्रभावी क़ानूनी अधिकार देने का सुझाव देते हुए केंद्र सरकार से संबद्ध क़ानून में संशोधन की माँग की। साथ ही उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंज़ूरी मिलने में अभी भी देरी होने का मुद्दा उठाते हुए इसे आसान बनाने का सुझाव दिया।
हर्षवर्धन ने मोदी के सुझाव को जायज बताते हुए कहा कि 90 दिन की समयसीमा में सभी मंज़ूरी आनलाइन देने के लिए सॉफ़्टवेयर तैयार है। इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिससे परियोजनाओं को बिना विलम्ब के पारदर्शिता के साथ मंज़ूरी मिल सकेगी।
इस अवसर पर पर्यावरण राज्य मंत्री महेश शर्मा और सचिव सी के मिश्रा ने भी शिरकत की। शर्मा ने चौथे विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ली गई प्लास्टिक मुक्ति की शपथ को पूरा करने में राज्य सरकारों की भूमिका को निर्णायक बताते हुए कहा कि इसे जनआंदोलन बना कर ही शपथ को पूरा किया जा सकता है।

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