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राजनीति (233)

आप सरकार बनाम एलजी कार्यालय : तकरार के पिछले साढ़े तीन साल के मुद्दे

नई दिल्ली , चार जुलाई (भाषा) नौकरशाहों का तबादला , भ्रष्टाचार रोधी शाखा पर नियंत्रण और मुख्य सचिव पर हमला जैसे विषयों को लेकर आम आदमी पार्टी नीत दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) कार्यालय के बीच तकरार रही है। उनके बीच पिछले साढ़े तीन साल के दौरान बड़े मुद्दे रहे हैं :
- भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) का मुद्दा :
सत्ता में आने के तीन महीने बाद आप सरकार ने मई 2015 में कहा कि एसीबी का नियंत्रण उपराज्यपाल (तत्कालीन) नजीब जंग को दे दिए जाने के चलते वह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्वाई नहीं कर पा रही है।
आप सरकार ने आरोप लगाया कि ऐसा पूर्ववर्ती शीला दीक्षित (कांग्रेस) नीत शासन के दौरान नहीं था। इसने कहा कि केंद्र ने 2014 में दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगे रहने के दौरान एक अधिसूचना जारी कर एसीबी का नियंत्रण उपराज्यपाल के हाथों में दे दिया।

- नौकरशाहों का तबादला और उनकी तैनाती का मुद्दा :
मई 2015 में तत्कालीन एलजी ने वरिष्ठ नौकरशाह शकुंतला गैमलिन को दिल्ली का मुख्य सचिव नियुक्त किया , जबकि केजरीवाल ने इसे लेकर सख्त आपत्ति जताई थी। एलजी के कदम से नाराज आप सरकार ने तत्कालीन प्रधान सचिव (सेवा) अनिंदो मजूमदार के कार्यालय में ताला जड़ दिया था। दरअसल , मजूमदार ने एलजी के निर्देश के बाद गैमलिन की नियुक्ति का आदेश दिया था।
इस मुद्दे पर यह आप सरकार और एलजी कार्यालय के बीच पहली बड़ी तकरार थी। तब से केजरीवाल ने अक्सर ही शिकायत की है कि वह एक चपरासी तक नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं , ना ही अपनी सरकार के किसी अधिकारी का तबादला कर सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह यह बताई कि केंद्र ने दिल्ली सरकार की शक्तियां छीन ली है और उसे एलजी को सौंप दिया है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नौकरशाह उनकी सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं क्योंकि उनका कैडर नियंत्रण करने वाला प्राधिकार केंद्रीय गृह मंत्रालय है।
दिसंबर 2015 में , दिल्ली के नौकरशाह एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गए। दो विशेष गृह सचिवों को निलंबित करने के आप सरकार के फैसले के विरोध में अधिकारियों ने यह कदम उठाया।

- सीसीटीवी कैमरों का मुद्दा :
इस साल मई में केजरीवाल , उनके मंत्री और आप विधायकों ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय के पास तीन घंटे से अधिक समय तक धरना दिया। उन्होंने एलजी पर आरोप लगाया कि वह समूचे शहर में 1. 4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की आप सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना को भाजपा के इशारे पर अटका रहे हैं।
वहीं , एलजी कार्यालय ने कहा कि सरकार की फाइलों को नियमों के मुताबिक मंजूरी दे दी गई है।

- मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमला :
इस साल फरवरी में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को रात में केजरीवाल के आवास पर कथित तौर पर बुलाया गया था और आप विधायकों के एक समूह ने उन पर हमला किया। इसके बाद , नौकरशाहों ने आप मंत्रियों के साथ होने वाली बैठकों का बहिष्कार करने का फैसला किया।
यह गतिरोध जून के आखिरी हफ्ते तक जारी रहा और केजरीवाल के नौ दिनों के धरने के बाद यह टूटा। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भूख हड़ताल पर बैठें।

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न्यायालय का फैसला पुडुचेरी पर भी लागू होता है : नारायणसामी

जुलाई (भाषा) उपराज्यपाल किरण बेदी के साथ विवाद में शामिल पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने निर्वाचित सरकार की शक्तियों पर उच्चतम न्यायालय के फैसले की आज प्रशंसा की और उन्होंने कहा कि यह फैसला इस केंद्र शासित प्रदेश पर भी पूरी तरह लागू होता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने चेतावनी दी कि अगर उपराज्यपाल ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार काम नहीं किया तो वह अवमानना की याचिका दायर करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से कहा , मैं फैसले का स्वागत करता हूं और यह पुडुचेरी सरकार पर भी पूरी तरह लागू होता है। पुडुचेरी भी केंद्र शासित प्रदेश है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेदी अपने तौर तरीकों को बदलेंगी। नारायणसामी ने कहा , जो भी काम उच्चतम न्यायालय द्वारा अब दिए गए फैसले के विरोधाभासी होगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्वाई की जाएगी। मैं खुद उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार काम करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ अवमानना की याचिका दायर करुंगा।

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भारतीय अमेरिकी बने प्रमुख संघीय एजेंसी के नए प्रमुख

वाशिंगटन , चार जुलाई (भाषा) व्हाइट हाउस के शीर्ष वकील भारतीय मूल के अमेरिकी उत्तम ढिल्लों को ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह संस्था अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी एवं इसके इस्तेमाल के खिलाफ कार्य करती है।
ढिल्लों ने रॉबर्ट पैटरसन का स्थान लिया है। 30 साल की सेवा के बाद पैटरसन सेवानिवृत्त हुए हैं।
ढिल्लों ने व्हाइट हाउस में उप वकील एवं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उप सहायक के तौर पर काम किया है। उन्होंने कल ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी के कार्यवाहक निदेशक का पदभार संभाला।
अटॉर्नी जनरल जेफ सेशंस ने उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा , हर नौवें मिनट में अत्यधिक मात्रा में मादक पदार्थ के सेवन से एक अमेरिकी नागरिक मर रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमलोग अपने इतिहास में सबसे घातक मादक पदार्थ महामारी के दौर से गुजर रहे हैं।
सेशंस ने कहा कि इस संकट के खिलाफ लड़ाई में ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन का कार्य अहम हो जाता है और वह एवं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे एक मजबूत नेतृत्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं , जिसका वह हकदार है।

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प्रधानमंत्री को ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो नोटबंदी तुगलकी निर्णय है, जैसा सच बता सके: जयराम रमेश

मुंबई , तीन जुलाई (भाषा) कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने आज कहा कि प्रधानमंत्री को एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो नोटबंदी एक तुगलकी निर्णय है, जैसा सच बता सकें।  पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने 1967 से 1973 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रधान सचिव रहे पी एन हक्सर की जीवनी पर आधारित अपनी पुस्तक इंटर्टवाइंड लाइव्स : पी एन हक्सर एंड इंदिरा गांधी के विमोचन के दौरान यह बात कहीं। रमेश ने कहा , सबसे महत्वपूर्ण सबक जो मैंने सीखा वह यह कि अगर आप प्रधानमंत्री हैं तो आप हां में हां मिलाने वालों से घिरे नहीं रह सकते। आप ऐसे लोगों से घिरे नहीं रह सकते जो आपसे सच नहीं बोलें। कांग्रेसी नेता ने कहा , आपको ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो सत्ता में मौजूद व्यक्ति से कह सके कि नोटबंदी तुगलकी फैसला है। आपको ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जिसमें यह कहने का साहस हो।

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मिशन 2019 के लिए भाजपा का एक्शन प्लान, अब जनता चुनेगी प्रत्याशी

नई दिल्ली। अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन का काम शुरू करते हुए नमो एप पर विधायकों एवं सांसदों के कामकाज पर जनता से सीधे राय मांगी है। इसके साथ ही निर्वाचन क्षेत्रों में वैकल्पिक उम्मीदवारों के नाम एवं उनके कामकाज के बारे में भी प्रतिक्रिया मांगी गई है। नरेन्द्र मोदी एप के माध्यम से कराए जा रहे सर्वेक्षण में लोगों से पूछा गया है कि वे अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र एवं लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के तीन सबसे लोकप्रिय नेताओं के नाम बताए। इन नेताओं की ईमानदारी, लोगों तक पहुंच, विनम्रता, युवाओं तक पहुंच एवं लोकप्रियता तथा जनता की समस्याओं को दूर करने के बारे में उनकी पहल के बारे में भी राय मांगी गई है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी जनवरी तक हर क्षेत्र के लिए उम्मीदवार तय कर लेना चाहती है। इस बीच दो सर्वे कराए जाएंगे। सर्वेक्षण में लोगों से राज्य में भाजपा के तीन सबसे लोकप्रिय नेताओं के नाम एवं उनकी लोकप्रियता के बारे में जानकारी मांगी गई है। सर्वेक्षण में लोगों से निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े सवाल भी पूछे गए हैं।

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सरकार सिर्फ प्रचार का तमाशा कर रही : एचुरी

नई दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) माकपा ने देश की अर्थव्यवस्था को बदहाल बताते हुए केन्द्र की मोदी सरकार पर सिर्फ प्रचार और वीडियो जारी करने का तमाशा करने का आरोप लगाया है। माकपा के महासचिव सीताराम एचुरी ने विभिन्न आर्थिक मोर्चों पर सरकार के निराशाजनक प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था डूब रही है और हर मामले में गरीब भारतीयों की सामान्य गुजर बसर मुश्किल हुई है। उन्होंने मोदी सरकार के कार्यकाल में निर्यात की गिरावट और वित्तीय वर्ष 2012-13 के बाद वित्तीय घाटा अब तक सर्वाधिक होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से सरकार पर अर्थव्यवस्था को गर्त में पहुंचाने का आरोप लगाया।
एचुरी ने ट्वीट कर कहा सरकार के पास वीडियो जारी करने और प्रचार का तमाशा करने का समय है। अर्थव्यवस्था डूब रही है जिससे गरीब भारतीयों की गुजर बसर बुरी तरह प्रभावित हुई है। मोदी सरकार के चार साल में अच्छे दिनों की यह एक और तस्वीर है।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और रुपए की कीमत में लगातार गिरावट पर भी एचुरी ने चिंता जाहिर करते हुए इसके लिए मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के भारत से वापस जाने से 48 हजार करोड़ रुपए के निवेश में गिरावट के कारण प्रत्यक्ष विदेश निवेश का स्तर पिछले पांच में सबसे कम रहा।
इससे जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के हवाले से उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा रुपए की कीमत गिर रही है, स्विस बैंकों में भारतीय पूंजी बढ़ रही है, जनता संकट में है। यह सरकार द्वारा जनित आपदा है। मोदी सरकार की जुमलानोमिक्स में अधिक से अधिक वीडियो जारी करना ही समस्या का एकमात्र समाधान है।

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क्या स्विस बैंकों में भारतीय पूंजीपतियों के धन में वृद्धि का श्रेय लेंगे मोदी : मायावती

लखनऊ, एक जुलाई (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने भारतीय पूंजीपतियों के स्विस बैंकों में जमा धन में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आज कहा कि कालेधन पर वार करने के तमाम वादे करने वाले मोदी क्या इस नाकामी का श्रेय लेना पसंद नहीं करेंगे। मायावती ने यहां एक बयान में आरोप लगाते हुए पूछा कि भाजपा के चहेते भारतीय पूंजीपतियों के स्विस बैंक में जमा धन में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, तो क्या इसका श्रेय भाजपा एण्ड कम्पनी तथा प्रधानमंत्री मोदी लेना पसन्द नहीं करेंगे? उन्होंने कहा कि वैसे देशहित का मूल प्रश्न यह है कि भारत में कमाया गया धन विदेशी बैंकों में क्यों जमा है? उन्होंने कहा कि क्या मोदी सरकार यह अपराध स्वीकार करने को तैयार है कि विदेशी बैकों में जमा देश का कालाधन वापस लाकर उसे देश के प्रत्एक गरीब परिवार के हर सदस्य को 15 से 20 लाख रुपए देने के उसके चुनावी वायदे पूरी तरह से छलावा साबित हुए हैं।  बसपा प्रमुख ने कहा कि देश की गरीब और मेहनतकश आम जनता आने वाले सभी चुनावों में मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी इस सवाल का जवाब जरूर चाहेगी कि भाजपा सरकार की नीतियों से अमीर लोग और ज्यादा धनवान तथा गरीब और ज्यादा गरीब क्यों होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया का कहना है कि स्विस नेशनल बैंक के ताजा आंकड़ों से हुए रहस्योद्घाटन ने कालाधन पर अंकुश लगाने के मोदी सरकार के दावों की पोल खोल दी है। अब सवाल यह है कि भारतीय धन्नासेठों के धन में इतनी वृद्धि कैसे हुई है और इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार की नीयत, उनकी नीति तथा बड़े-बड़े दावों का क्या हुआ? क्या इसीलिए भाजपा की केन्द्र तथा राज्य सरकारें निजी क्षेत्र को अंधाधुंध बढ़ावा दे रही हैं, जहां दलितों और पिछड़ों की हमेशा से उपेक्षा होती आई है।
मायावती ने कहा कि भारतीय रुपए का लगातार अवमूल्यन क्यों हो रहा है तथा भारतीय पासपोर्ट की अहमियत र्2393ीासकर अमेरिका में लगातार क्यों कम होती जा रही है, सरकार को इस बात का भी जवाब जनता को ज़रुर देना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर प्रधानमंत्री मोदी के सवालिया निशान लगाए जाने के बारे में कहा कि घोर जातिवादी, जनविरोधी और अहंकारी भाजपा सरकारों के खिलाफ विपक्षी पार्टियों का एकजुट होना जनहित का बड़़ा काम है। इससे भाजपा का परेशान होना लाज़मी है।
मायावती ने अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिका फर्स्ट की नीति अपनाए जाने के कारण वहां भारतीय मूल के लोगों का शोषण तथा गिरफ्तारी जैसी घटनाएं शुरु हो गई हैं। इन घटनाक्रमों पर केन्द्र सरकार की खामोशी उसकी विफलता और कमजोरी को ही साबित करती है।
उन्होंने मांग की कि मोदी सरकार अमेरिका में भारतीय पासपोर्ट धारकों के हित तथा सुरक्षा की गारण्टी लेकर इस सम्बन्ध में तत्काल कदम उठाए।
मायावती ने मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ हुए सामूहिक बलात्कार की घटना को अति-निन्दनीय और शर्मनाक बताते हुए कहा कि दोषियों के विरूद्ध वहां की भाजपा सरकार को समय से कड़ी कानूनी कार्वाई करनी चाहिए। इसके साथ ही, भाजपा को अपने उस सांसद और विधायक के खिलाफ कार्वाई भी करनी चाहिए, जिन्होंने इस घटना को गम्भीरता से नहीं लिया और इसकी आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने की घिनौनी हरकत की।

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भाजपा की सहयोगी आईपीएफटी के तीन नेताओं सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज

नई दिल्ली , एक जुलाई (भाषा) त्रिपुरा में पिछले साल दो पत्रकारों की हत्या की जांच का जिम्मा संभालने के बाद सीबीआई ने राज्य में सत्ताधारी भाजपा की गठबंधन सहयोगी इंडीजेनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के तीन नेताओं सहित पार्टी के 300-500 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह जानकारी आज अधिकारियों ने दी। पिछले साल 21 सितंबर को पश्चिम त्रिपुरा जिले के मंडवई इलाके में स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार शांतनु भौमिक की उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह विरोध प्रदर्शन के रूप में किए जा रहे सड़क जाम को कवर करने गए थे। पिछले साल 20 नवंबर को पश्चिम त्रिपुरा जिले के ही आर के नगर में त्रिपुरा स्टेट राइफल्स की दूसरी बटालियन के मुख्यालय के भीतर एक भाषाई अखबार के अपराध संवाददाता सुदीप दत्ता भौमिक की हत्या कर दी गई थी। सीबीआई ने हत्या के दोनों मामलों के सिलसिले में आईपीएफटी के नेता बलराम देब बर्मा , धीरेंद्र देब बर्मा और अमित देब बर्मा सहित पार्टी के अज्ञात 300-500 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अमित पार्टी की मांडवी संभागीय समिति के अध्यक्ष हैं। त्रिपुरा उच्च न्यायालय के आदेश पर सुदीप दत्ता भौमिक हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश में चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी गई थी।  त्रिपुरा पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने हत्याकांड की जांच के बाद आरोप - पत्र दाखिल किया था। उसने शांतनु भौमिक की हत्या के मामले में भी छानबीन की थी , लेकिन इस मामले में अब तक आरोप - पत्र दाखिल नहीं किया गया। 

पुलिस जांच से नाखुश शांतनु के पिता साधन भौमिक ने उच्च न्यायालय का रुख कर सीबीआई जांच की मांग की थी। राज्य की तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने सीबीआई जांच की मांग का विरोध किया था।
राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार ने मई में अदालत को सूचित किया था कि उसने सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंप दिया है।

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भाजपा से गठबंधन पर पुनर्विचार करेगी सुभासपा

बलिया (उप्र), 29 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) भगवा दल से तल्ख होते रिश्तों के मद्देनजर उसके साथ गठबंधन जारी रखने पर फिर से विचार करेगी।
सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव अरविंद राजभर ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि पार्टी के सभी पदाधिकारियों की बैठक चार जुलाई को लखनऊ में होगी। बैठक में भाजपा से गठबंधन को लेकर पुनर्विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में गठबंधन को लेकर चर्चा के साथ ही संगठन को मजबूत बनाने, आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के राज में सुभासपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, युवाओं और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार, आरक्षण विभाजन को लेकर पार्टी द्वारा किए जाने वाले आंदोलन समेत विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करके निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा प्रदेश के काबीना मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी मौजूद रहेंगे। यह बैठक भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के भाजपा से तल्ख होते रिश्तों के मध्य अहम मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि सुभासपा अध्यक्ष राजभर पिछड़ों के साथ अन्याय होने तथा अधिकारियों द्वारा पार्टी नेताओं की बात नहीं सुने जाने समेत कई आरोप लगाकर राज्य की योगी सरकार खासकर मुख्यमंत्री पर लगातार हमले कर रहे हैं।
राजभर पिछले दिनों अपने गांव में एक सड़क की मरम्मत ना होने को लेकर असहज हो गए थे तथा उन्होंने समर्थकों सहित फावड़ा उठाकर स्वयं सड़क की मरम्मत की थी।
सुभासपा ने पिछले साल विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था। प्रदेश की 403 सदस्ईय विधानसभा में उसके चार विधायक हैं।

न्यू इंडिया के लिए उत्तम अस्पतालों, उत्कृष्ट डाक्टरों से युक्त व्यवस्था का निर्माण कर रही है सरकार : मोदी
नई दिल्ली, 29 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि न्यू इंडिया के लिए एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है जहां उत्तम अस्पताल हों, ज्यादा बेड हों, बेहतर सुविधाएं हों और उत्कृष्ट डॉक्टर हों।
एम्स और सफदरजंग अस्पतालों में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार 58 जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के तौर पर उन्नत कर रही है। इसके साथ ही इस बजट में 24 नए मेडिकल कॉलेज बनाने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वास्थ सेवा को स्वास्थ्य मंत्रालय के दायरे से बाहर निकालने का काम किया है। हमारी स्वास्थ्य पहल की सोच के साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय, स्वच्छता और पेयजल मंत्रालय, महिला और बाल विकास मंत्रालय जुड़े हैं और आयुष मंत्रालय से भी सहयोग मिल रहा है।
मोदी ने कहा, हम 2025 तक देश को टीबी से मुक्त करने के लिए कार्य कर रहे हैं। विश्व के अन्य देशों ने टीबी से मुक्त करने के लिए वर्ष 2030 तक का समय रखा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में दुनिया की नजर भारत पर है कि क्या वो ऐसा कर पाएगा। मुझे देश के मेडिकल सेक्टर पर भरोसा है कि वह इस चुनौती पर पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगा।
मोदी ने कहा कि एम्स पर बढ़ते दबाव को देखते हुए दिल्ली में इसके सभी परिसरों की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। सफदरजंग अस्पताल में भी 1300 करोड़ रुपए खर्च करके अस्पताल को आधुनिक बनाने का काम हुआ है।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि देश के लगभग हर जिले में डायलिसिस सेंटर बनाए जा रहे हैं। यहां गरीबों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। अब तक लगभग 2.5 लाख मरीज़ इसका लाभ उठा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पहले जहां गरीब को मुफ्त डायलिसिस के लिए 100-200 किलोमीटर जाना पड़ता था, अब उसे अपने ही जिले में ए सुविधा मिल रही है।
मोदी ने कहा कि उन्होंने देश के डॉक्टरों से आग्रह किया था कि महीने में एक बार क्या वे गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जांच कर सकते हैं? हजारों डॉक्टर इस कार्य के लिए आगे आए। अब तक देश में गर्भवती महिलाओं की काफी संख्या में जांच की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का जिक्र किया और इसे गरीबों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण योजना बताया।
भाषा दीपक दीपक वैभव

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मदनलाल सैनी बने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, 75 दिन बाद शाह को मिली मात

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दिल्ली। 75 दिन बाद आखिरकार राजस्थान भाजपा को नया अध्यक्ष मदनलाल सैनी के रूप में मिल गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच चले लंबी गतिरोध के बाद माना जा रहा है कि राजे की चाल पर शाह को मात मिल गई। गौरतलब है कि इससे पहले जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत के नाम पर आलाकमान के प्रस्ताव को वसुंधरा राजे ने सिरे से खारिज कर नियुक्ति की घोषणा को रोकने पर मजबूर कर दिया था।

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