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राजस्थान के 400 कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्षों को चेतावनी

- 30 जुलाई तक नहीं बनाये 200 मेंबर तो होगी छुट्टी
जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के राजस्थान से शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट 'शक्ति' को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। इस अहम अभियान को लेकर राजस्थान कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुमताज मसीह ने सूबे के सभी 400 ब्लॉक अध्यक्षों को चेतावनी देते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए मसीह ने कहा कि अब अगर नेताओं ने भागीदारी नहीं निभायी तो उनकी नेतागिरी वाली कुर्सी खतरे में आ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ब्लॉक अध्यक्षों को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते हुए अपने टार्गेट को पूरा करना होगा। ऐसा नहीं करने वाले नेताओं को उनके वर्तमान जगह से शिफ्ट किया जा सकता है।  दरअसल, राहुल गांधी की ओर से राजस्थान में शक्ति प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। जिसमें पूरे प्रदेश में टार्गेट पहले एक लाख शक्ति मेंबर्स बनाने का था, जिसे बढ़ाकर दो लाख किया गया जिसे राजस्थान कांग्रेस ने पूरा कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक प्रदेश में कूल 2.5 लाख शक्ति मेंबर बन चुके हैं, जिनमें से जयपुर में करीब 22 हजार मेंर बने हैं। वहीं, पूरे राजस्थान में 400 ब्लॉक अध्यक्ष हैं, जिनमें से शक्ति प्रोजेक्ट के तहत मेंबर बनाने में मुश्किल से 70 ब्लॉक अध्यक्ष ही एक्टीव हैं। बाकी 330 ब्लॉक अध्यक्ष अभी तक इनएक्टिव हैं। वैसे भी बार-बार आरोप लग रहे हैं कि कुछ ब्लॉक अध्यक्ष गलत बना दिये गए हैं। इस स्थिति में शक्ति प्रोजेक्ट के माध्यम से संगठन को ये मालूम हो जाएगा कि ब्लॉक अध्यक्ष निष्क्रिय तो नहीं हैं।

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राजस्थान उच्च न्यायालय ने एसएमएस स्टेडियम में प्रधानमंत्री के लिए हेलीपैड बनाने की अनुमति दी

जयपुर , चार जुलाई (भाषा) राजस्थान उच्च न्यायालय ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रदेश यात्रा के दौरान उनके लिए यहां सवाई मानसिंह स्टेडियम के टेनिस कोर्ट में हेलीपैड बनाने के लिए राज्य सरकार को अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति के एस झावेरी के नेतृत्त्व वाली खंडपीठ ने इससे संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को इसकी अनुमति दी। जयपुर में अमरूदों के बाग में सात जुलाई को मोदी एक सभा को संबोधित करेंगे। खंडपीठ ने हालांकि , सरकार को आगाह किया कि हेलीपैड बनाने के दौरान स्टेडियम को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

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बुराड़ी कांड के बाद अब राजस्थान में भी परिवार ने की आत्महत्या

दिल्ली के बुराड़ी कांड के बाद राजस्थान में भी पिता ने दो बेटों के साथ लगाया मौत को गले, मोक्ष के लिए आत्महत्या !

कोटा। दिल्ली के बुराड़ी सामूहिक आत्महत्या कांड की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई है। इस बीच कोटा में एक और परिवार ने एक साथ मौत को गले लगा लिया। परिवार के तीन सदस्यों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मरने वालों में पिता और उसके दो पुत्र हैं। खास बात यह है कि तीनों ने एक ही जगह से एक साथ ट्रेन के आगे छलांग लगाई है। जानकारी के मुताबिक गुरूवार सुबह साढ़े छ: बजे धान मंडी फ्लाईओवर के नीचे तीनों की ट्रेन से कट कर मौत हुई है। सूचना पर अनंतपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों के शव को अपने कब्जे में लिया। शवों को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच पड़ताल में सामने आया कि यह तीनों व्यक्ति एक ही परिवार के हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक पिता और दो उसके पुत्र हैं। पुलिस की ओर से शिनाख्त हो गई है।डीसीएम इलाके के श्रीराम नगर में किराने की दुकान लगाने वाले प्रकाश चंद जैन के रुप में अधेड़ की पहचान हुई है। वहीं बाकी दो को उनका बेटा तरूण और अनिल बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि तीनों ने एक साथ- एक ही जगह पर एक साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दी है। अनंतपुरा थाना पुलिस का कहना है कि पूरा मामला आत्महत्या का लगता है। फिलहाल अभी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसकी भी पड़ताल कर हो रही है।

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राजस्थान - आदर्श संहिता के उल्लंघन पर पैनी नजर के लिए निर्वाचन आयोग ने किया ‘सी विजिल‘ एप लाॅन्च

- कर्नाटक के बाद राजस्थान के विधानसभा चुनाव में किया जाएगा पहली बार इस्तेमाल

जयपुर। राज्य में होने वाले विधानसभा आम चुनाव-2018 में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ‘सी विजिल‘ नाम से ऐसे एप को लाॅन्च किया है, जो अधिकतम सौ मिनट की समय सीमा में प्राप्त शिकायतों का समाधान करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने दिल्ली में ‘सी विजिल‘ मोबाइल एप की शुरुआत करते हुए कहा साल के अंत में होने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मतदाता ‘सी विजिल’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने बताया कि राज्य में होने वाले विधानसभा आम चुनाव में यह एप खासा मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर पर्याप्त सबूतों के अभाव में कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती थी। शिकायत के सत्यापन में तस्वीर या वीडियो के रूप में दस्तावेजी साक्ष्य की कमी भी बाधा थी। नया एप इन सभी खाइयों को पाटेगा और फास्ट-ट्रैक शिकायत प्राप्ति और समाधान प्रणाली बनाएगा। भगत ने कहा कि ‘सी विजिल‘ चुनाव वाले राज्यों में किसी भी व्यक्ति को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। यह अनुमति निर्वाचन घोषणा की तिथि से प्रभावी होती है और मतदान की एक दिन बाद तक बनी रहती है। आमजन इस एप का इस्तेमाल करके कदाचार की घटना देखने के मिनट भर में घटना की रिपोर्ट कर सकते हैं और नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए पीठासीन अधिकारी के कार्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस एप की सबसे खास बात यह है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति एन्ड्रॉयड आधारित ‘सी विजिल’ एप को मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकता है।

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घनश्याम तिवाड़ी सांगानेर से लड़ेंगे चुनाव

जयपुर। दीनदयाल वाहिनी के भारत वाहिनी पार्टी में विलय के साथ घनश्याम तिवाड़ी ने सांगानेर से चुनाव लडऩे की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में सभी 200 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया। तिवाड़ी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के 20 सालों के राज में राजस्थान बीमारू प्रदेश बन गया है। वो ऐसे लोगों को टिकट देंगे जो पार्टी के विचारधारा में विश्वास करते हैं। वहीं इस मौके पर तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पद पर ताजपोशी भी की गई।

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गुर्जर ओबीसी के तहत भी 21 फीसदी आरक्षण के हकदार : राजस्थान सरकार

जयपुर, दो जुलाई :भाषा: राजस्थान सरकार ने आज स्पष्ट किया कि अति पिछड़ा वर्ग के तहत आने वाली गुर्जर समेत पांच जातियां शिक्षण सस्थानों में प्रवेश और सरकारी नियुक्तियों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के अंतर्गत 21 फीसदी आरक्षण की हकदार हैं।
कार्मिक विभाग की ओर से आज एक आदेश जारी किया गया है। एक जुलाई की तारीख वाले इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अति पिछड़ा वर्गों को अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत 21 फीसदी आरक्षण का अधिकार है।
अति पिछड़ा वर्ग के तहत पांच जातियां (1) बंजारााबालदियाालबाना, (2) गाडिया लुहारागदालिया (3) गुर्जर: गुजर, (4) राइकाारेबारी और (5) गाडरिया :गाडरी: हैं जिन्हें वर्ष 1994 से अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया गया था।
शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में भर्तियों के लिए जारी दो अलग अलग आदेशों में कहा गया है कि अति पिछडा वर्ग के अभ्यर्थी को सामान्य वर्ग में मेरिट के आधार पर प्रवेश अथवा नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में, पहले तो अन्य पिछड़ा वर्ग में 21 फीसदी आरक्षण के तहत प्रवेश या नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। उसके बाद इन अभ्यर्थियों को अति पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित एक प्रतिशत आरक्षण के लिए विचार किया जाएगा।
आदेश में कहा गया है सरकार के ध्यान में यह बात आई है कि अति पिछड़ा वर्गों को केवल अति पिछड़ा वर्ग आरक्षण के लिए समझा जा रहा है और आरक्षण के लिए तय दिशानिर्देशों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने गत 21 दिसम्बर 2017 को गुर्जरों को अति पिछड़ा वर्ग के तहत एक प्रतिशत आरक्षण देने की अधिसूचना जारी की थी।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में सात जुलाई को होने जा रही बैठक का विरोध करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद कल संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड ने गुर्जर नेताओं के साथ एक बैठक में आश्वासन दिया था कि आरक्षण के स्पष्टीकरण संबंधी परिपत्र को शीघ्र जारी किया जाएगा।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार ने दो आदेश जारी किए हैं और हम उनसे संतुष्ट हैं। हमने प्रधानमंत्री की जयपुर यात्रा के विरोध की चेतावनी को वापस ले लिया है।

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आसाराम आज फिर कोर्ट में, उम्रकैद की सजा के खिलाफ लगाएगा याचिका

जोधपुर। नाबालिग के साथ यौन शोषण के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम, सेवादार शरद और शिल्पी की ओर से पेश याचिकाओं पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। आसाराम की ओर से पहली बार याचिका दायर की जाएगी। सजा के खिलाफ निचली अदालत में याचिका दायर करने का सोमवार को अंतिम दिन है। आसाराम की ओर से एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
आसाराम के साथ जेल में रह रहे उसके सेवादार शरद और शिल्पी की ओर से पूर्व में सुनाई गई सजा के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। लेकिन ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद कोर्ट खुल रहे हैं। ऐसे में सोमवार को इन दोनों की याचिकाओं पर जस्टिस पीके लोहेरा की एकलपीठ में सुनवाई होगी।

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जयपुर - अनोखी काउ सफारी : बैलगाड़ी में बैठकर होगी गौशाला की सैर

जयपुर , एक जुलाई : भाषा : दो वर्ष पहले सैकड़ों गायों की मौत से चर्चा में आई जयपुर की हिंगोंनिया गौशाला का कायाकल्प हो गया है और जल्दी ही वहां अपनी तरह की पहली काउ सफारी शुरू करने की योजना है , जिसमें बैलगाड़ी से 12 एकड़ के इलाके में स्थित गौशाला की सैर कराई जाएगी और इस दौरान गौशाला की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
टाइगर सफारी और कैमल सफारी के बाद राज्य में काउ सफारी पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन सकती है।
राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है जहां गो कल्याण मंत्रालय है और उसी राज्य में दो वर्ष पहले गायों की दुर्दशा को इस कदर कोहराम मचा था कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से रपट तलब की थी। देश ही नहीं, विदेश के मीडिया ने भी इस मुद्दे को जमकर उछाला था। इस पूरे विवाद के बाद यह खबर अपने आप में सुखद एहसास देती है कि उसी गौशाला में इस वर्ष जन्माष्टमी से देश की पहली अनोखी बैलगाड़ी में काउ सफारी परियोजना शुरू की जाएगी।
यहां यह तथ्य उल्लेखनीय है कि इस सारे विवाद के बाद गौशाला का रखरखाव और देखभाल अक्षयपात्र फाउंडेशन के हवाले कर दिया गया था और अब यहां मौजूद लगभग 22 हजार गाएं न सिर्फ बेहतर हालत में हैं , बल्कि उनमें बहुत सी पर्यटकों को दिखाने लायक भी हैं। गायों के लिए यहां विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
हिंगोनिया गौशाला के कार्यक्रम संयोजक राधा प्रिया दास ने पीटीआई भाषा को बताया कि गौशाला का भ्रमण करने वाले लोगों की सफारी के लिए चुनिंदा रास्ते तय किए जाएंगे , जिसके तहत सफारी के दौरान प्राकृतिक स्थानों और पानी के स्त्रोत और अन्य प्रबंध किए जा रहे है। शुरू में तीन बैलगाडय़िां सफारी के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। गौशाला के पेड़ों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे जिनमें गौशाला में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की गायों के बारे में उल्लेख किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में गौशाला में सोलर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे।
दास ने बताया कि गौशाला में उपलब्ध लगभग 22 हजार गायों में से दस नस्ल की 200300 गायों को सफारी क्षेत्र के लिए चुना गया है।
उन्होंने बताया कि सफारी के दौरान लोग गायों को प्राकृतिक घरों में देख सकेंगे। गौशाला में कुछ समय के लिए रूकने और ठहरने की इच्छा रखने वाले पर्यटकों के लिए काटेज सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा।
दास ने बताया कि परियोजना के लिए गीर और थारपारकर जैसी नस्लों की गायों को चुना गया है। आगामी दिनों में अन्य राज्यों से 20 तरह की अन्य किस्मों की गायों को यहां लाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह देश में अपनी तरह की पहली और अनोखी सफारी है। इसका उद्देश्य गायों और उनकी विभिन्न नस्लों के बारे में लोगों को जानकारी देना है। इसके जरिए गौ प्रेमियों को गायों को साथ समय बिताने का मौका भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि बैलगाड़ी सफारी का लुत्फ उठाने के लिए परिवारों , विद्यार्थियों और अन्य पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
दास ने बताया कि गौशाला में विभिन्न नस्ल की गाएं देश के पांच राज्यों आंध्रप्रदेश , गुजरात , हरियाणा , कर्नाटक , और तमिलनाडु से मंगाई जाएंगी। साथ ही राजस्थान के नागौर , जैसलमेर , बाड़मेर , बीकानेर और सांचौर से भी विभिन्न नस्ल की गाएं मंगाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि गायों की विभिन्न नस्लों में गीरी , थारपारकर , राठी , साहीवाल , नागौरी , रेड सिंधी , आंगल सहित अन्य नस्लों की गाएं गौशाला में रखी जाएगी।
संयोजक के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 30 लाख रूपए खर्च होने की संभावना है , जिसे दानदाताओं और सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों से होने वाली आय से पूरा किया जाएगा।

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गुर्जर आरक्षण पर परिपत्र शीघ्र जारी किया जाएगा :राजस्थान सरकार

जयपुर, एक जुलाई (भाषा) राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड ने आज बताया कि गुर्जरों को एक प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर परिपत्र को शीघ्र जारी किया जाएगा। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और मंत्रिमंडलीय उपसमिति के प्रतिनिधियों के बीच हुई चार घंटे की बैठक के बाद राठौड ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि बैठक में देवनारायण योजना, गुरूकुल आवास योजना, गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने संबंधी मामले पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सभी सदस्य संतुष्ट होकर गए हैं। उन्होंने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति को सरकार के कार्यकाल में देवनारायण योजना पर खर्च किए गए एक हजार करोड़ रूपए का रोडमैप उपलब्ध करा दिया गया है। राठौड ने बताया कि गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज 203 मुकदमों को अलग अलग चरणों में वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर प्रदेश में पहली बार 1252 गुर्जर अभ्यार्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण के तहत जो नौकरियां मिली थीं उनमें से वंचित रहे 102 अभ्यर्थियों के लिए आदेश जल्द जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों को एक प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण के लिए परिपत्र शीघ्र जारी करने के लिए आश्वस्त किया गया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के अंदर परिपत्र जारी नहीं होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में सात जुलाई को होने वाली सभा का विरोध किया जाएगा।
इस बारे में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए राठौड ने कहा गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के साथ हमारी वार्ता बहुत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है इसलिए मैं नहीं समझता कि ऐसी नौबत आएगी कि उन्हें प्रधानमंत्री की सभा का विरोध करना पड़े। हमने जिन बातों पर अपनी सहमति व्यक्त की है, उनकी प्रक्रिया जल्द पूरी करके, जल्द आदेश जारी करेंगे।
सरकार और संघर्ष समिति के वक्तव्यों में विरोधाभास के संबंध में एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि वैधानिक अड़चनों के कारण गुर्जरों को एक प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण संबंधी परिपत्र जारी नहीं हो पाए थे, उस पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की नाराजगी थी और कल तक यह आदेश निकलने पर उनकी नाराजगी दूर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि देवनारायण योजना के तहत आवासीय विद्यालय, पीएचसी, सीएचसी के प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे जा चुके हैं, इस पर संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल पूरी तरह संतुष्ट था।
बैठक के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और सरकार के बीच हुए समझौते की यदि पालना नहीं हुई तो हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में प्रस्तावित सभा का विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जो समझौता किया है उसमें से एक भी बिन्दु पर पालना नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि हम 13 साल से संघर्ष कर रहे हैं, कल शाम पांच बजे तक इंतजार करेंगे और यदि कोई निर्णय नहीं हुआ तो, हम प्रधानमंत्री की प्रस्तावित सभा का विरोध करेंगे। प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाने का यह हमारा अधिकार है।

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नाबालिग को लेकर भागा तांत्रिक, पांच थानों की पुलिस कर रही तलाश

बाड़मेर। जिले में एक पाखंडी बाबा की काली करतूत सामने आई है। बाड़मेर स्थित गेहूं गांव में बाबा एक 17 साल की नाबालिग को अपने साथ भगा ले गया। जिसका पीछा पांच थानों की स्पेशल पुलिस टीम कर रही है।

आरोपी ने तांत्रिक विद्या से इलाज करने के बहाने एक परिवार से पहले नजदीकियां बढ़ाईं और फिर नाबालिग को अपने साथ ले गया। पीडि़त परिवार ने महिला थाने में 26 मई को बाबा के खिलाफ अपहरण कर भागने का मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसके बाद पुलिस आसपास के इलाकों में पाखंडी बाबा और किशोरी की तलाश की , लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। घटना के 35 दिन बाद पांच थानों की पांच टीमें तलाश में जुटी हुई है।

पूरे घटनाक्रम की बात करें तो हुआ यूं कि परिवार की एक महिला के पेट और सिर में दर्द की शिकायत रहती थी। इस पर जादू-टोना करने के लिए एक पाखंडी बाबा मोहनराम उर्फ मोहन भगत, सम्मो की ढाणी सेड़वा के रहने वाले ने उसके घर पर आना-जाना शुरू किया। इसके बाद उसकी 17 वर्षीया बेटी को भी पेट व सिर दर्द होने पर उसके जादू-टोना से इलाज करने लगा। इस बीच बाबा कई बार उनके घर पर ही रुकता था।

24 मई की रात पाखंडी बाबा उसकी बेटी का अपहरण कर भगा ले गया। इसके बाद अब तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा है। ढोंगी बाबा तांत्रिक विद्या से कई तरीकों की बीमारियों का इलाज करने का दावा करता था। इसी वजह से यह परिवार भी बाबा के जाल में फंस गया। पिछले दो-तीन दिन से पुलिस की एक टीम बाड़मेर से हरिद्वार पहुंच चुकी है, जहां बाबा को ढूंढ़ रही है।

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