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खेल (1088)

चेर्चेसोव ने कहा, रूस का स्पेन को बाहर करना उलटफेर की शुरुआत

मास्को, एक जुलाई (एएफपी) रूस के कोच स्टेनिसलाव चेर्चेसोव का मानना है कि टीम की विश्व कप प्री क्वार्टर फाइनल में पेनल्टी शूट आउट में खिताब के दावेदार स्पेन पर जीत मेजबान टीम के उलटफेर की शुरुआत है। कप्तान इगोर एकिनफीव ने दो पेनल्टी बचाई जिससे रूस ने मास्को में 4-3 की जीत के साथ 1970 में सोवियत युग के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लुजनिकी स्टेडियम में एकिनफीव ने कोके और इयागो अस्पास के प्रयासों को विफल किया। उन्होंने कहा, मैं मैन आफ द मैच नहीं हूं, मैन आफ द मैच हमारी टीम और हमारे प्रशंसक हैं।  कोच चेर्चेसोव के मार्गदर्शन में रूस ने विश्व कप में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है जबकि मेजबान टीम ने 32 टीमों के इस टूर्नामेंट की शुरुआत सबसे खराब रैंकिंग वाली टीम के रूप में की थी और टूर्नामेंट से पहले सात मैचों में टीम जीत हासिल करने में नाकाम रही थी। चेर्चेसोव ने मैच के बाद कहा, मेरा मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है इसलिए मुझे अपनी भावनाएं भविष्य के लिए बचाकर रखनी होंगी।  क्वार्टर फाइनल में टीम की भिड़ंत क्रोएशिया से होगी।

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रूस के खिलाफ हार के बाद इनिएस्टा ने संन्यास लिया

मास्को, दो जुलाई (एपी) स्पेन की स्वर्णिम पीढ़ी के खिलाडय़िों में शामिल मिडफील्डर आंद्रेस इनिएस्टा ने रूस के खिलाफ पेनल्टी शूट आउट में हारकर टीम के विश्व कप से बाहर होने के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
अपने सटीक पास और कुशल मूव से इनिएस्टा स्पेन की उस टीम का अहम हिस्सा बने जिसने कुछ समय पहले तक अंतरराष्ट्रीय फुटबाल में दबदबा बनाया हुआ था लेकिन कल टीम लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट से निराशाजनक तरीके से बाहर हो गई।
विश्व कप 2010 फाइनल में विजई गोल दागने वाले इनिएस्टा पहले ही संकेत दे चुके थे कि यह राष्ट्रीय टीम के साथ उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा और मास्को में कल अंतिम 16 के मैच के बाद उन्होंने संन्यास लेने की पुष्टि की।
उन्होंने कहा, वास्तविकता यह है कि यह राष्ट्रीय टीम के साथ मेरा अंतिम मैच था। निजी स्तर पर यह बेहतरीन चरण रहा। कभी कभी अंत वैसा नहीं होता जैसा आप सपना देखते हो।
हैरानी भरे फैसले में इनिएस्टा को रूस के खिलाफ शुरुआती एकादश में जगह नहीं दी गई थी और वह दूसरे हाफ में उस समय मैदान पर उतरे जब स्कोर।-। से बराबर था।
स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।
स्पेन की ओर से 131 मैच खेलने वाले इनिएस्टा ने कहा, कुल मिलाकर यह मेरे करियर का सबसे दुखद दिन है।

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पेनल्टी शूट आउट में डेनमार्क को हराकर क्रोएशिया क्वार्टर फाइनल में

निजनी नोवगोरोद (रूस), दो जुलाई (एएफपी) गोलकीपर डेनियल सुबेसिच के शानदार प्रदर्शन से क्रोएशिया ने पेनल्टी शूट आउट में यहां डेनमार्क को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
निर्धारित और अतिरिक्त समय के खेल के बाद दोनों टीमों का स्कोर।-। से बराबर था जिसके बाद नतीजे के लिए पेनल्टी शूटआउट का सहारा लेना पड़ा जिसमें इवान राकिटिक ने निर्णायक स्पाट किक को गोल में बदलकर क्रोएशिया को 3-2 से जीत दिलाई।
क्वार्टर फाइनल में अब क्रोएशिया का सामना मेजबान रूस से होगा।
डेनमार्क के गोलकीपर कैस्पर शमाइकल ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अतिरिक्त समय में लुका मोड्रिक की पेनल्टी किक रोकने के बाद पेनल्टी शूट आउट में मिलान बादेज और जोसिप पिवारिक के प्रयास भी नाकाम किए लेकिन बार्सीलोना के मिडफील्डर राकिटिक के निर्णायक प्रयास को नहीं रोक पाए।
पेनल्टी शूटआउट में सुबेसिच ने डेन्स क्रिस्टियन एरिकसन, लासे शोन और निकोलेई योर्गेनसन के प्रयासों को नाकाम करते हुए 1998 में फ्रांस में हुए विश्व कप के बाद टीम को पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह दिलाई।
मुकाबले की शुरुआत और अंत रोमांचक रहा लेकिन बीच में कुछ खास रोमांच देखने को नहीं मिला।
मैच की शुरुआत शानदार रही जब दोनों टीमों ने पहले चार मिनट में ही अपने शुरुआती प्रयासों में सफलता हासिल करते हुए गोल किए।
मथियास योर्गेनसन ने दूसरे ही मिनट में डेनमार्क के लिए गोल दागा जब क्रोएशिया के खिलाड़ी योनास नुदसेन के लंबे थ्रो इन को बाहर करने में विफल रहे। योर्गेनसन ने सुबेसिच को आसानी से पछाड़ते हुए गोल किया।
लेकिन अगले 90 सेकेंड में ही क्रोएशिया ने बराबरी हासिल कर ली। इस बार भी निजनी नोवगोरोद स्टेडियम में खराब रक्षण का नमूना देखने को मिला।
क्रोएशिया के साइम सालको के क्रास को हेनरिक डेल्सगार्ड ने रोका लेकिन वह तेज शाट अपने साथी खिलाड़ी आंद्रियास क्रिस्टेनसन के शरीर पर मार बैठे जिससे गेंद मारियो मैनजुकिच के पास पहुंची जिन्होंने इसे गोल के अंदर पहुंचा दिया।
दोनों टीमों ने शुरुआती तीन मिनट और 37 सेकेंड में ही गोल दाग दिए जो किसी विश्व कप फाइनल्स मैच में दो टीमों की सबसे तेज शुरुआत है।
अगले 116 मिनट के खेल में हालांकि पहले चार मिनट के रोमांच की झलक भी नहीं दिखी। मैच अतिरिक्त समय और फिर पेनल्टी में खिंचा।
इस मुकाबले को दोनों टीमों के 10 नंबर के खिलाडय़िों मोड्रिक और एरिकन के बीच मुकाबला माना जा रहा था लेकिन ए दोनों ही प्लेमेकर खुलकर नहीं खेल पाए।
मैच में सबसे अधिक मौके अपनी लंबी थ्रो से नुदसेन ने बनाए। इस बीच मोड्रिक ने पेनल्टी पर गोल करने का मौका भी गंवाया।
योर्गेनसन के एंटे रेबिच के खिलाफ फाउल करने पर क्रोएशिया को यह पेनल्टी मिली थी लेकिन मोड्रिक के शाट को शमाइकल ने रोक दिया।

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पाकिस्तान ने जिम्बाब्वे को 74 रन से हराया

हरारे, एक जुलाई (भाषा) सलामी बल्लेबाज फखर जमां (61) के अर्धशतक और आसिफ अली की ताबड़तोड़ नाबाद 41 रन की पारी के बूते पाकिस्तान ने त्रिकोणीय टी20 श्रृंखला के पहले मैच में आज यहां मेजबान जिम्बाब्वे को 74 रन से करारी शिकस्त दी।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 182 बनाने के बाद गेंदबाजों के मिश्रित प्रदर्शन से जिम्बाब्वे को 17.5 ओवर में 108 रन पर आउट कर किया। जिम्बाब्वे के लिए तीरासाइ मुसाकांदा ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए।
पाकिस्तान के लिए जमां ने 40 गेंद की पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगए। उन्होंने चौथे विकेट के लिए शोएब मलिक (नाबाद 37) के साथ 42 रन की साझेदारी भी की। इस साझेदारी को तेंदई चिसोरो (28 रन पर दो विकेट)ने तोड़ा जो जिम्बाब्वे के सबसे सफल गेंदबाज रहे।
मलिक और आसिफ ने आखिरी के पांच ओवर में 61 रन जोड़े जिस दौरान मैन ऑफ द मैच आसिफ काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने 21 गेंद की नाबाद पारी में एक चौका और चार छक्के लगाए तो वही मलिक ने 24 गेंद की पारी में दो चौका और एक छक्का लगाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की पारी शुरू से ही लडख़डा गई। मोहम्मद नवाज (11 रन पर दो विकेट) ने पहले ओवर में ही सलामी बल्लेबाज चामू चिबाबा को खाता खोले बिना ही पवेलियन भेज दिया। दूसरे सलामी बल्लेबाज सोलोमोन मीर (27) ने चौथे विकेट के लिए मुसाकांदा के साथ 35 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी को भी नवाज ने मीर को आउट कर तोड़ा। इसके बाद जिम्बाब्वे की पारी पूरी तरह लडख़ड़ा गई।
पाकिस्तान के लिए नवाज के अलावा उस्मान खान, हसन अली और मोहम्मद हाफिज को भी दो-दो सफलता मिली।

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चोटिल वाशिंगटन और बुमराह की जगह कृणाल और चाहर टीम में शामिल

नई दिल्ली , एक जुलाई (भाषा) आलराउंडर कृणाल पंड्या और मध्यम गति के गेंदबाज दीपक चाहर को इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाली तीन टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला के लिए चोटिल वाशिंगटन सुंदर और जसप्रीत बुमराह की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया है। कृणाल और दीपक को केवल टी 20 श्रृंखला के लिए टीम में लिया गया है जबकि 12 जुलाई से शुरू नाटिंघम में होने वाली तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के लिए वाशिंगटन की जगह अक्षर पटेल को टीम में लिया गया है। कृणाल और उनके भाई हार्दिक भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली भाईयों की तीसरी जोड़ी होगी। उनसे पहले मोहिंदर अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ तथा पठान बंधु इरफान और यूसुफ भारत की तरफ से खेल चुके हैं। बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने बयान में कहा , अखिल भारतीय सीनियर चयन समिति ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए वाशिंगटन सुंदर की जगह कृणाल पंड्या को भारतीय टी 20 टीम में तथा अक्षर पटेल को वनडे टीम में चुना है। सुंदर दाहिने टखने में चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पूरी श्रृंखला से बाहर हो गए। वह डब्लिन में मलाहाइड में अभ्यास सत्र के दौरान चोटिल हो गए थे।
बुमराह के बाएं अंगूठे में चोट लगी है और वह इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। बुमराह आयरलैंड के खिलाफ पहले टी 20 मैच के दौरान चोटिल हो गए थे।
इस बीच चयनकर्ताओं ने ऋषभ पंत को चार दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम में शामिल किया है। वह अभी सीमित ओवरों के मैचों के लिए टीम में हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 श्रृंखला के लिए भारत की टीम : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन , रोहित शर्मा , केएल राहुल , सुरेश रैना , मनीष पांडे , महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), दिनेश कार्तिक , युजवेंद्र चहल , कुलदीप यादव , कृणाल पंड्या , भुवनेश्वर कुमार , दीपक चाहर , हार्दिक पंड्या , सिद्धार्थ कौल , उमेश यादव।
चार दिवसीय मैचों के लिए भारत ए टीम : करुण नायर (कप्तान), आर समर्थ , मयंक अग्रवाल , अभिमन्यु ईश्वरन , पृथ्वी शॉ , हनुमा विहारी , अंकित बावने , विजय शंकर , केएस भरत (विकेटकीपर), जयंत यादव , शाहबाज नदीम , अंकित राजपूत , मोहम्मद सिराज , नवदीप सैनी , रजनीश गुरबानी , ऋषभ पंत।

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एआईएफएफ ने भारतीय ओलंपिक संघ पर निशाना साधा

नई दिल्ली , एक जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने इंडोनेशिया में होने वाले आगामी एशियाई खेलों में खेलने की राष्ट्रीय टीम को स्वीकृति नहीं मिलने के बाद आज आरोप लगाया कि नरिंदर बत्रा की अगुआई वाला भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) इस खेल को नहीं समझता। एआईएफएफ ने बयान में कहा , यह स्पष्ट है कि आईओए के पास कोई विजन और क्षमता नहीं जिससे वह समझ सके कि फुटबाल वैश्विक खेल है जिसे 212 देश खेलते हैं और एशियाई की शीर्ष पांच टीमें फीफा विश्व कप में खेलती हैं जहां प्रतिस्पर्धा का स्तर एशियाई खेलों से कहीं बेहतर है। हिरोशिमा 1994 खेलों के बाद यह पहला मौका होगा जब भारतीय फुटबाल टीम एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं लेगी। एशियाई खेल में फुटबाल अंडर 23 वर्ग में खेला जाता है जिसमें तीन अधिक उम्र के खिलाडय़िों को खेलने की स्वीकृति होती है। आईओए के नियमों के अनुसार महाद्वीपीय स्तर पर एक से आठ के बीच रैंकिंग वाली राष्ट्रीय टीमों को ही एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की स्वीकृति दी जाएगी। भारतीय टीम की एशिया में रैंकिंग 14 है और यही कारण है कि पिछले कुछ समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम को एशियाई खेलों में खेलने की स्वीकृति नहीं मिली।
भारत ने आठ साल बाद एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया है। वह पिछली बार 2011 में इस टूर्नामेंट में खेला था।
एआईएफएफ ने कहा , तथ्य यह है कि एएफसी एशियाई कप एशिया की शीर्ष फुटबाल प्रतियोगिता है जिसके लिए भारत ने आठ साल के बाद क्वालीफाई किया है। आईओए का रुख और नजरिया युवा मामलों और खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के विपरीत है जिन्होंने भारतीय फुटबाल टीम का काफी समर्थन किया और पिछले तीन साल में एआईएफएफ के प्रयासों को मान्यता दी।
यह भी पता चला है कि एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने बत्रा , महासचिव राजीव मेहता और दागी अधिकारी ललित भनोट (अध्यक्ष , तैयारी समिति , एशियाई खेल) से बात करके उन्हें हालात की जानकारी दी और पत्र भी लिखे।
एआईएफएफ ने आरोप लगाया , हालांकि सभी तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए आईओए एक से आठ रैकिंग के बीच की टीमों को ही भेजने के अपने शुरुआती रवैए पर कायम रहा , इस तरह उसने महाद्वीप खेलों में भारतीय फुटबाल के प्रति आंखें मूंद ली।

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राष्ट्रीय रेसिंग में भाग लेगी महिला टीम

चेन्नई , एक जुलाई (भाषा) जेके टायर एफएमएससीआई राष्ट्रीय रेसिंग चैंपियनशिप के इतिहास में पहली बार महिलाओं की पेशेवर टीम हिस्सा लेगी।  यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस सप्ताह के शुरू में कोयंबटूर के करारी मोटर स्पीडवे में हुए ट्रायल के बाद छह महिलाओं की एक टीम का चयन किया गया है। कुल 60 महिला चालकों ने इसमें हिस्सा लिया था जिन्हें दो दिन तक प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 24 सर्वश्रेष्ठ चालकों ने ट्रायल्स में भाग लिया जिसके बाद टीम का चयन किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया कि शीर्ष पर रहने वाली पांच महिला चालकों के अलावा मराठी अभिनेत्री मनीषा केलकर का चयन किया गया है। मनीषा सेलेब्रेटी ड्राइवर के रूप में हिस्सा लेगी। यह टीम अगले सप्ताह से शुरू होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में टीम अनुरा रेसिंग की तरफ से हिस्सा लेंगी। जिन महिला ड्राइवरों का चयन किया गया उनमें स्थानीय चालक रोशनी (1:19.081 मिनट) ने सबसे तेज समय निकाला। उनके अलावा मेघालय की लिया दारेन , बेंगलुरू की प्रियंवदा , कोयंबटूर की मेघा , बेंगलुरू की हंसुजा और मनीषा केलकर को टीम में चुना गया।

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रोड्रिगेज के पैर में चोट, अंतिम 16 मुकाबले में खेलने पर संशय

कजान , एक जुलाई (एएफपी) कोलंबिया के स्ट्राइकर जेम्स रोड्रिगेज के पैर की मांसपेशियों में मामूली चोट है लेकिन इस बात पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को होने वाले अंतिम 16 मुकाबले में मैदान पर उतरेंगे या नहीं।  ब्राजील (2014) में हुए पिछले विश्व कप में सबसे ज्यादा छह गोल करने वाले रोड्रिगेज को सेनेगल के खिलाफ गुरूवार को टीम के अंतिम लीग मैच में लंगड़ाते हुए देखा गया था। कोलंबियाई फुटबॉल संघ ने कल देर शाम कहा कि रोड्रिगेज के एमआरआई में मामूली चोट का पता चला है और अंतिम 16 मुकाबले में उनके मैदान पर उतरने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

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केन ने कहा, विश्व कप के प्रत्एक मैच में गोल कर सकता हूं

रेपिनो (रूस), एक जुलाई (एएफपी) विश्व कप के अपने पहले दो मैचों में पांच गोल करने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन का मानना है कि रूस में वह प्रत्एक मैच में गोल करने में सक्षम हैं।  गोल्डन बूट की दौड़ में केन शीर्ष पर चल रहे हैं लेकिन बेल्जियम के खिलाफ टीम की 0-। की हार के दौरान कोच गैरेथ साउथगेट ने उन्हें रिजर्व खिलाडय़िों में शामिल रखा जिससे कि वह इंग्लैंड के कोलंबिया के खिलाफ अंतिम 16 मुकाबले के लिए तरोताजा रह सकें। अपने पिछले मैच में पनामा के खिलाफ हैट्िरक बनाने वाले केन को हालांकि यकीन है कि वह इस मैच की फार्म को आगे बढ़ा पाएंगे। केन ने ब्रिटेन के समाचार पत्रों से कहा , शायद अगर मैं बेल्जियम के खिलाफ खेलता और गोल नहीं कर पाता तो सोच रहा होता कि मैंने पिछले मैच में गोल नहीं किया। लेकिन मैं हैट्िरक बनाने के बाद इस मैच में खेलूंगा और मैं कोलंबिया के खिलाफ बेहद महत्वपूर्ण मैच के लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा , फिलहाल मुझे लगता है कि मैं अपने प्रत्एक मैच में गोल कर सकता हूं। विशेषकर जब चीजें आपके पक्ष में हों तब आप मैदान में उतरने के लिए इंतजार नहीं कर पाते।

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ओलंपिक चैम्पियन को पछाडऩे के बाद खाड़े के हौसले बुलंद

नई दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सिंगापुर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता जोसेफ स्कूलिंग को पछाडऩे वाले भारतीय तैराक वीरधवल खाड़े ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वह अपनी नौकरी और चोटों के कारण बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करना भूल गए थे। उन्होंने कहा कि नौकरी और चोट के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। वह ओलंपिक तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला सबसे युवा तैराक हैं। उन्होंने 16 साल की उम्र में बीजिंग ओलंपिक (2008) में देश का प्रतिनिधित्व किया था।
गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों (2018) में निराशाजक प्रदर्शन के बाद एशियाई खेलों की तैयारी में लगे महाराष्ट्र के इस 26 साल के खिलाड़ी का हौसला स्कूलिंग को पछाडऩे के बाद जरूर बढ़ेगा।
खाड़े ने पीटीआई से कहा, राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए 2010 के बाद पहला बड़ा टूर्नामेंट था और शायद मैं यह भूल गया था कि बड़े स्तर पर कैसा प्रदर्शन करना है। मैं कड़ी मेहनत कर रहा था लेकिन इसे नतीजे में नहीं बदल पा रहा था। मुझे लगता है कि राष्ट्रमंडल खेलों बाद मैंने अपनी गति बढ़ाई है।
एशियाई खेल 2010 में तैराकी में 24 साल बाद देश को पदक (कांस्य पदक) दिलाने वाले इस खिलाड़ी को महाराष्ट्र सरकार ने तहसीलदार की नौकरी दी। यह नौकरी उनके लिए प्रोत्साहन की जगह परेशानी बन गई। नौकरी पर ध्यान देने के कारण उन्हें इसका खामियाजा दो ओलंपिक, 2014 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में नहीं जाकर चुकाना पड़ा।
खाड़े ने कहा, मेरी उपलब्धियों के कारण। महाराष्ट्र सरकार ने मुझे नौकरी दी लेकिन राज्य नीति एथलीटों के लिए बहुत सीमित थी। इसलिए मुझे शुरूआत में बाहर आने और प्रशिक्षण करने की अनुमति नहीं मिली और नौकरी पर ध्यान देने के कारण मैं एशियाई खेलों, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने से चूक गया था।
इस दौरान उनका घुटना गंभीर रूप से चोटिल हो गया और लगा कि करियर खत्म हो गया लेकिन खाड़े के इरादे कुछ और ही थे।
उन्होंने कहा, जब मैं काम कर रहा था तब भी मेरे दिमाग में तैराकी थी। मुझे पता था अभी मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं किया है। मेरे दिमाग में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ओलंपिक में एक बार से किस्मत आजमाने की बात चल रही थी। मैंने तीन-चार वर्षों तक तैराकी नहीं की जो मुझे हमेशा कचोटता था।

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