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खेल (1010)

भारत में जन्मीं नीदरलैंड की स्केटर एनिस दास अंतत: मुंबई पहुंची

नई दिल्ली , नौ मई ( भाषा ) भारत में जन्मीं नीदरलैंड की ओलंपिक स्केटर एनिस दास अंतत : भारत की भावनात्मक यात्रा पर आई हैं जिसमें वह उन्हें जन्म देने वाले माता - पिता को ढूंढने के अलावा अपने जन्मस्थान मुंबई से जुडने की कोशिश करेंगी।
एनिस और उनकी जुड़वां बहन को भारत की यात्रा पर आने में 32 बरस लग गए। ए दोनों बहनें जब सिर्फ आठ महीने की थी तो नीदरलैंड के एक जोड़े ने उन्हें गोद लिया और परवरिश की।
शीतकालीन ओलंपिक 2018 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एनिस ने पीटीआई से कहा , यह ऐसी चीज थी जो हमें करनी ही थी। हमारे माता - पिता ( नीदरलैंड में ) चाहते थे कि सही उम्र पर पहुंचकर हमें स्वयं ऐसा करें। हमने अंतत : फैसला किया कि हम दोनों नीदरलैंड के एक प्रिय मित्र ( मुंबई से ही गोद ली गई ) के साथ ऐसा करेंगे जो हमारे शहर को काफी अच्छी तरह जानता है।
उन्होंने कहा , ईमानदारी से कहूं तो यहां आना भावनात्मक रूप से शानदार है। मैं कुछ वर्ष पूर्व पहली बार भारत आने के बारे में सोचा था लेकिन मेरी बहन गर्भवती हो गई और इसके बाद मैं शीतकालीन ओलंपिक की तैयारी में व्यस्त हो गई।
अपनी जड़ों के कारण एनिस पहले ही भारत में सुर्खियां बटोर चुकी हैं लेकिन वह खुश नहीं हैं कि पूरा ध्यान सिर्फ उन्हें जन्म देने वाली मां पर है।
एनिस को यहां आए एक हफ्ता बीच चुका है लेकिन अपने माता - पिता को ढूढने को लेकर वह काफी आगे नहीं बढ़ पाई हैं।
उन्होंने कहा , मुझे समझ नहीं आता कि हमेशा मेरे से मेरी मां के बारे में ही क्यों पूछा जाता है। यह मुझे जन्म देने वाले माता - पित को ढूंढने का मामला है। अब तक हमें काफी सूचना ( अस्पतालों या अनाथालयों से ) नहीं मिली है और मुझे पता है कि सभी बिंदुओं को जोडऩे में समय लगेगा।
दो बच्चों की मां एनिस की बहन नीदरलैंड वापस लौट चुकी है लेकिन एक और हफ्ता यहां रुकेंगी और उन्होंने कहा कि अपनी खोज पूरी होने तक वह यहां लौटती रहेंगी।

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एशियाई खेलों में कड़ी चुनौती मिलेगी, लेकिन पदक ऐसे ही नहीं मिलता : मनु भाकर

नई दिल्ली, नौ मई (भाषा) महज 16 साल की उम्र में देश के लिए राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व कप का स्वर्ण पदक जीतने वाली निशानेबाज मनु भाकर का इस साल का कार्यक्रम काफी व्यस्त है लेकिन इससे वह जरा भी परेशान नहीं है और अनुभव हासिल करने के लिए जूनियर और सीनियर स्तर के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेना जारी रखेंगी।
मेक्सिको में हुए सत्र के पहले आईएसएसएफ विश्व कप में पदार्पण करते हुए मनु ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में दो बार की चैम्पियन एलेजांद्रा जवाला को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता, जिससे वह विश्व कप में सोने का तमगा हासिल करने वाली युवा भारतीय निशानेबाज बन गई। इसमें उन्होंने ओम प्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्धा का भी स्वर्ण अपनी झोली में डाला।
हाल में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में नया रिकार्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। अपने दो साल के निशानेबाजी करियर में मनु ने इतना शानदार प्रदर्शन कर सभी को हैरान किया है।
मनु को आज यहां डेली हाइजीन ब्रांड पीसेफ ने अपना पहला ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया, इस दौरान उन्होंने इस साल के व्यस्त कार्यक्रम के बारे में प्रेस कांफ्रेंस में कहा, अभी मैं जर्मनी में सीनियर और जूनियर विश्व कप में भाग लूंगी, इसके बाद एशियाई खेल होंगे, फिर युवा ओलंपिक खेल और फिर विश्व चैम्पियनशिप भी है।
वह साल के अंत तक केवल 18 या 20 दिन तक ही भारत में रहेंगी।
यह पूछने पर कि सीनियर स्तर पर मिली इस अपार सफलता के बाद उन्हें जूनियर के बजाय सीनियर प्रतियोगिताओं पर ही ध्यान नहीं लगाना चाहिए तो इस युवा निशानेबाज ने कहा, बिलकुल नहीं, मैं अनुभव हासिल करना चाहती हूं। देखिए जूनियर स्तर की प्रतियोगिताओं और सीनियर स्तर की प्रतियोगिताओं का स्तर काफी अलग होता है, दोनों की चुनौतियां अलग अलग होती हैं। इससे आपको अनुभव मिलता है। इससे आप टूर्नामेंट से पहले दबाव से निपटना सीखते हैं।
हालांकि वह विश्व कप में विश्व चैम्पयन निशानेबाज को हरा चुकी हैं, लेकिन 18 अगस्त से दो सितंबर तक होने वाले एशियाई खेलों की चुनौती राष्ट्रमंडल खेलों में मिली प्रतिस्पर्धा से काफी अलग होगी।
एशियाई खेलों में चुनौती को देखते हुए पूछने पर कि वह किस तरह से तैयारी कर रही हैं तो मनु ने बड़ी बेबाकी से जवाब देते हुए कहा, पदक ऐसे नहीं मिलता, आपको किसी भी प्रतिस्पर्धा में पदक लेना पड़ता है। मुझे पता है कि एशियाई खेलों में बहुत सारे मजबूत दावेदार होते हैं लेकिन मैं हर टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ करती हूं। वैसे मैं मानती हूं कि जो गिर के उठते हैं, वो ही चैम्पियन होते हैं।
उन्होंने कहा, मैं अपनी ट्रेनिंग जारी रखे हूं, उम्मीद करते हैं कि मैं देश को गौरवान्वित करना जारी रखते हुए देश को पदक दिलाना जारी रखूंगी।
मनु का पूरा परिवार इस मौके पर मौजूद था। पिता रामकिशन भाकर से पूछने कि टूर्नामेंट से पहले मनु को किसी तरह का मानसिक दबाव होता है तो उन्होंने भाषा से कहा, वह किसी लक्ष्य को दिमाग में बिठाकर भाग नहीं लेती कि उसे स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीतना है। वह सिर्फ अपने निशाने पर ध्यान लगाती है जिससे उस पर कोई दबाव नहीं होता। वह सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ करती है। वह इस बात से वाकिफ है कि जीतना और हारना तो खेल का हिस्सा है।
अपनी बेटी का कौन सा पदक उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय है तो उन्होंने कहा, सीनियर विश्व कप में पदार्पण के दौरान मनु के स्वर्ण पदक उन्हें सबसे ज्यादा खुशी प्रदान की।

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सीए के साथ लीमैन को नई कोचिंग भूमिका मिली


मेलबर्न , नौ मई ( भाषा ) गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के कारण आस्ट्रेलिया के कोच पद से इस्तीफा देने को बाध्य हुए डेरेन लीमैन अब यहां राष्ट्रीय परफोर्मेंस कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिभा को निखारने का काम करेंगे। क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने आज यह जानकारी दी।
इस नई भूमिका में लीमैन क्रिकेट आस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय परफोर्मेंस कार्यक्रम के मुख्य कोच ट्राय कूली के अंतर्गत काम करेंगे।
राष्ट्रीय टीम का प्रभार संभालने से पहले ब्रिसबेन में राष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र के साथ काम करने वाले लीमैन कूली , रेयान हैरिस और क्रिस रोजर्स के साथ मिलकर राष्ट्रीय परफोर्मेंस टीम ( एनपीएस ) के विकास पर नजर रखेंगे।
लीमैन को 2019 तक आस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था लेकिन मार्च में केपटाउन में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण के कारण उन्हें कार्यकाल के बीच में ही पद छोडऩे को बाध्य होना पड़ा। उन्होंने हालांकि इस मामले में क्लीनचिट दी गई थी।
सीए के अनुसार लीमैन अक्तूबर तक अपने नए पद पर काम करेंगे।

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नेयुर का विश्व कप में खेलना संदिग्ध

बर्लिन , नौ मई ( एएफपी ) जर्मनी के गोलकीपर मैनुएल नेयुर का पांव की चोट के कारण रूस में अगले महीने होने वाले विश्व कप फुटबाल में खेलना संदिग्ध है।
नेयुर ने भी स्वीकार किया कि इस तरह की बड़ी प्रतियोगिता में बिना अभ्यास के जाना मुश्किल है क्योंकि वह इस सत्र में बायर्न म्यूनिख के लिए कोई मैच नहीं खेल पाएंगे।
नेयुर ने कहा , मुझे नहीं लगता कि इस बारे में सोचना भी चाहिए कि मैं बिना मैच अभ्यास के इतनी बड़ी प्रतियोगिता में भाग ले पाऊंगा।
बत्तीस वर्षीय नेयुर पांव में फ्रैक्चर के कारण पिछले साल सितंबर से बाहर हैं और उनका विश्व कप तक पूरी तरह से फिट होना संदिग्ध है। जर्मनी विश्व कप में अपना पहला मैच 17 जून को मास्को में मैक्सिको के खिलाफ खेलेगा।
इस बीच बायर्न म्यूनिख के कोच जुप हेनकेस ने कहा कि नेयुर क्लब के इस सत्र के बाकी बचे दो मैचों में नहीं खेल पाएंगे।
उन्होंने कहा , मैनुएल स्टुटगार्ट के खिलाफ नहीं खेलेंगे और इसके अलावा वह जर्मन कप फाइनल में भी नहीं खेल पाएंगे।

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एशियाई चैंपियन्स ट्राफी एशियाई खेलों के लिए खुद को परखने का मौका : सुनीता लाकड़ा

नई दिल्ली, नौ मई (भाषा) एशियाई महिला चैंपियन्स ट्राफी में भारतीय टीम की अगुवाई कर रही रक्षापंक्ति की खिलाड़ी सुनीता लाकड़ा ने कहा कि दक्षिण कोरिया के डोंगी शहर में 13 मई से होने वाली इस प्रतियोगिता में टीम को अगस्त में होने वाले एशियाई खेलों के लिए खुद को परखने का मौका मिलेगा।
नियमित कप्तान रानी को विश्राम दिए जाने के कारण टीम की अगुवाई कर रही लाकड़ा ने कहा कि गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में मिला आत्मविश्वास टीम के लिए इस प्रतियोगिता में मददगार साबित होगा। भारतीय टीम राष्ट्रमंडल खेलों में चौथे स्थान पर रही थी।
लाकड़ा ने कल रात टीम के रवाना होने से पहले कहा, हमें (राष्ट्रमंडल खेलों में) पदक की उम्मीद थी लेकिन हमने आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। हम इस आत्मविश्वास के साथ एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में जा रहे हैं जिससे हमें जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों से पहले खुद को परखने का मौका मिलेगा।
एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में भारत के अलावा मेजबान दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और मलेशिया की टीमें भाग लेंगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत जापान के खिलाफ करेगा।
भारत ने 2016 में फाइनल में चीन को 2-। से हराकर पहली बार एशियाई चैंपियन्स ट्राफी का खिताब जीता और कप्तान लाकड़ा को विश्वास है कि टीम के लिए यह यादगार टूर्नामेंट साबित होगा।
लाकड़ा ने टीम के रवाना होने से पहले कहा, हमने 2016 में यह खिताब जीता था और इसके बाद 2017 में एशिया कप में भी जीत दर्ज की थी। हम फिर से इसे यादगार टूर्नामेंट बनाना चाहते हैं।
भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी कप्तान रानी, अग्रिम पंक्ति की खिलाड़ी पूनम रानी और रक्षक सुशीला चानू की कमी खलेगी लेकिन सुनीता लाकड़ा ने कहा कि इससे टीम का अपने खिताब का बचाव करने का लक्ष्य कमजोर नहीं पड़ा है।
उन्होंने कहा, हां उनकी कमी खलेगी लेकिन टीम अनुभव और युवा का अच्छा मिश्रण है। युवा खिलाडय़िों को पिछले एक साल से अधिक समय में अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अच्छा अनुभव है और वे पिछले कुछ समय से साथ में खेल रही हैं। हम एक दूसरे के कमजोर और मजबूत पक्षों को समझते हैं। यह विश्व कप और एशियाई खेलों से अपना खेल दिखाने का युवाओं के लिए अच्छा मंच होगा। टीम ने पिछले तीन सप्ताह में साई बेंगलुरू में अच्छी तैयारी की है और हम अच्छे प्रदर्शन के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

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किंग्स इलेवन के कोच ने कहा, मध्यक्रम अब भी चिंता का विषय

जयपुर , नौ मई ( भाषा ) किंग्स इलेवन पंजाब के कोच ब्रैड हॉज को इससे कोई परेशानी नहीं है कि उनकी टीम सलामी बल्लेबाजों क्रिस गेल और केएल राहुल पर बहुत अधिक निर्भर है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि मध्यक्रम के उनके बल्लेबाज इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी मैचों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
हॉज ने किंग्स इलेवन की कल रात यहां राजस्थान रायल्स के खिलाफ हार के बाद कहा , हां , मैं यह स्वीकार करता हूं कि हम क्रिस गेल और केएल राहुल पर बहुत अधिक निर्भर हैं लेकिन लगभग हर टीम के साथ ऐसा है। यह ( मध्यक्रम ) निश्चित तौर पर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा , हम जानते हैं कि राहुल बहुत अच्छी फार्म में है और जब क्रिस गेल का बल्ला चलता है तो फिर कुछ भी हो सकता है। हमारे पास कुछ बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और हम चाहते हैं कि वे थोड़ा और अधिक योगदान दें।
किंग्स इलेवन को राहुल के नाबाद 95 रन के बावजूद रायल्स से 15 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह उसकी दस मैचों में चौथी हार है।
हॉज ने कहा , दुर्भाग्य से हमारा कोई अन्य बल्लेबाज केएल राहुल का साथ नहीं दे पाया जिससे हम लक्ष्य तक पहुंच पाते। यह थोड़ा चिंता का विषय है। प्रत्एक टीम में एक - दो अच्छे खिलाड़ी हैं और बल्लेबाजी उनके इर्द गिर्द घूमती है।
रायल्स की तरफ से जोस बटलर ने 58 गेंदों पर 82 रन बनाए। हॉज ने कहा कि उनके गेंदबाज बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा , मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बेजोड़ प्रदर्शन किया है। यह ऐसा विभाग है जो अच्छा योगदान दे रहा है। लेकिन जब किसी बल्लेबाज का दिन होता है तो कुछ नहीं किया जा सकता। मुझे लगा कि हमने बटलर को आफ स्टंप से थोड़ा बाहर गेंदें की और उसने इसका फायदा उठाया।
बटलर को उनकी शानदार पारी के लिए मैन आफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि विकेट काफी धीमा हो गया था और वे जानते थे कि इस पर 160-170 रन योग चुनौतीपूर्ण होगा।
बटलर ने कहा , असल में छह ओवर के बाद मैंने सोचा कि इस पिच पर 180-190 रन बनाए जा सकते हैं। इसके बाद बहुत जल्दी इसका व्यवहार बदल गया और धीमी हो गई। मैंने सोचा कि 160-170 का स्कोर बहुत अच्छा स्कोर होगा। शुरू में विकेट हासिल करना भी महत्वपूर्ण था और मुझे खुशी है कि गौतम ने उन्हें शुरुआत में ही दो करारे झटके दिए।
इंग्लैंड के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि शेन वार्न की डग आउट में मौजूदगी पूरी टीम के लिए प्रेरणादाई है।
उन्होंने कहा , शेन वार्न का पूरी टीम पर प्रभाव रहा है। उनका यहां होना शानदार है। निश्चित तौर पर वह काफी आगे की सोच रखते हैं। उन्हें आक्रामक क्रिकेट पसंद है और सभी सकारात्मक विकल्पों को आजमाने के लिए तैयार रहते हैं।

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हालेप अगले दौर में, डेल पोत्रो भी जीते

मैड्रिड, नौ मई (एएफपी) मौजूदा चैंपियन सिमोना हालेप ने बेल्जियम की एलिस मार्टन्स को दूसरे दौर में आसानी से हराकर मैड्रिड ओपन टेनिस टूर्नामेंट में लगातार तीसरा खिताब जीतने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए।
हालेप ने 2016 और 2017 में यहां खिताब जीता था। उन्हें कल दूसरे सेट में थोड़ा मेहनत करनी पड़ी लेकिन विश्व में नंबर एक खिलाड़ी की 6-0, 6-3 से जीत पर कभी कोई संदेह नहीं था।
रोमानियाई खिलाड़ी हालेप अंतिम सोलह में चेक गणराज्य की क्रिस्टीना पिलिसकोवा से भिड़ेंगी।
इससे पहले पेत्रा क्वितोवा को प्यूर्टाेरिको की मोनिका पुइग पर 6-3, 7-6 (10ा8) से जीत दर्ज करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। एक अन्य मैच में स्थानीय खिलाड़ी गर्बाइन मुगुरूजा ने पहला सेट गंवाने के बाद वापसी करके डोना वेकिच को 2-6, 6-4, 6-। से पराजित किया।
मौजूदा इटालियन ओपन चैंपियन और चौथी वरीयता प्राप्त इलिना स्वितलोना को हालांकि स्पेन की कार्ला सुआरेज नवारो के हाथों 6-2, 6-7, (3ा7) 6-4 से हार झेलनी पड़ी।
पुरूष वर्ग में जुआन मार्टिन डेल पोत्रो ने अपने क्ले कोर्ट सत्र की जीत से शुरुआत की। मार्च में मियामी ओपन के सेमीफाइनल में हारने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे डेल पोत्रो ने बोस्निया के दामिर दुजुमहुर को 6-3, 6-3 से हराया।
यह अर्जेंटीनी खिलाड़ी अब सर्बिया के डुसान लाजोविच से भिड़ेगा जिन्होंने रिचर्ड गास्केट को 7-6 (7ा1), 7-6 (7ा1) शिकस्त दी।
विश्व में चौथे नंबर ग्रिगोर दिमित्रोव को कनाडा के मिलोस राओनिच से तीन सेट तक चले मैच में हार का सामना करना पड़ा। राओनिच ने यह मैच 7-5, 3-6, 6-3 से जीता।
इससे पहले दक्षिण कोरिया के चुंग हियोन को भी हार झेलनी पड़ी थी। उन्हें नीदरलैंड के रोबिन हॉस ने 6-0, 6-2 से हराया।
आस्ट्रेलियाई ओपन सेमीफाइनल में पहुंचे एक अन्य खिलाड़ी काइल एडमंड ने दानिल मेदवेदेव को 6-4, 6-0 से हराया। उनका सामना अब विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच से होगा जिन्होंने सोमवार को केई निशिकोरी को हराया था।

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दिल्ली को हराकर प्लेआफ में जगह पक्की करने उतरेगा सनराइजर्स

नई दिल्ली, अपने बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण के दम पर सभी टीमों के लिए खतरे की घंटी बजा चुका सनराइजर्स हैदराबाद कल आईपीएल के मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को उसी की मांद में हराकर प्लेआफ में जगह पक्की करने उतरेगा।
टी20 को भले ही बल्लेबाजों का खेल माना जाता हो लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों ने इसे झुठलाकर छोटे स्कोर के बावजूद मैच जीते हैं। अभी तक दस मैचों में से आठ में जीत दर्ज करके केन विलियमसन की टीम तालिका में शीर्ष पर है और कल दिल्ली को हराकर प्लेआफ में जगह पक्की करने उतरेगी।
दूसरी ओर दिल्ली के दस मैचों में सिर्फ छह अंक है। कप्तान और मैदान बदलने से भी उसकी तकदीर नहीं बदली और कल अगर वह हारती है तो उसके लिए टूर्नामेंट में आगे के दरवाजे बंद हो जाएंगे। वैसे भी उसका प्लेआफ में पहुंचना लगभग नामुमकिन है लेकिन फिलहाल टीम अगर मगर के फेर में फंसी है।
दिल्ली डेयरडेविल्स पिछले मैच में सनराइजर्स से सात विकेट से मिली हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। हैदराबाद में खेले गए उस मैच में दिल्ली के लिए जूनियर विश्व कप स्टार पृथ्वी शॉ और कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़कर कोई बल्लेबाज नहीं चल सका था।
शॉ ने 36 गेंद में छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 65 रन बनाए थे जबकि अय्यर ने 36 मैच में तीन चौकों और दो छक्कों के साथ 44 रन बनाए। दिल्ली की समस्या उसके बल्लेबाजों का एक ईकाई के रूप में नहीं चल पाना है और कल सामना टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण से है।
ऋषभ पंत ( दस मैचों में 393 रन ) और अय्यर ( 10 मैचों में 351 रन ) को छोड़कर कोई बल्लेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका है। गौतम गंभीर खराब फार्म के कारण खुद ही टीम से बाहर है। दिल्ली के विदेशी खिलाड़ी जैसन रे, कोलिन मुनरो , क्रिस मौरिस और ग्लेन मैक्सवेल भी नहीं चल सके हैं।
वहीं गेंदबाजों में ट्रेंट बोल्ट ने दस मैचों में 13 विकेट लिए हैं लेकिन दूसरे छोर से उन्हें सहयोग नहीं मिल सका।
दूसरी ओर सनराइजर्स पिछले मैच में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर पर पांच रन से मिली जीत के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत है। एक बार फिर उसके गेंदबाज मैच विनर साबित हुए और सितारों से सजे आरसीबी के बल्लेबाजी क्रम को 147 रन का लक्ष्य भी हासिल नहीं करने दिया।
आरसीबी को आखिरी दो ओवर में 19 रन चाहिए थे लेकिन 19वें ओवर में सिद्धार्थ कौल ने सिर्फ सात और आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने छह रन ही दिए। इससे पहले भी सनराइजर्स को गेंदबाजों ने कम स्कोर वाले मैचों में जीत दिलाई है।
कौल और अफगानिस्तान के राशिद खान दोनों दस दस मैचों में 13 विकेट ले चुके हैं जबकि बांग्लादेशी हरफनमौला शाकिब अल हसन ने 10 विकेट चटकाए हैं। वहीं बेहतरीन कप्तानी का नमूना पेश कर रहे विलियमसन आरेंज कैप की दौड़ में अंबाती रायुडू के बाद दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने पांच अर्धशतक समेत 410 रन बना लिए हैं और आरसीबी के खिलाफ पिछले मैच में भी 39 गेंद में पांच चौकों और दो छक्कों के साथ 56 रन बनाए।
दिल्ली को अब बाकी चारों मैच फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेलने हैं और अय्यर एंड कंपनी सभी में जीत दर्ज करके किसी चमत्कार की उम्मीद करेगी जबकि सनराइजर्स के इरादे शीर्ष टीम के रूप में प्लेआफ में उतरने के होंगे।

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वेस्ट ब्रोम प्रीमियर लीग से रेलीगेट हुआ, साउथम्पटन जीता

लंदन, नौ मई (एएफपी) साउथम्पटन की स्वांसी सिटी के खिलाफ।-0 की जीत से वेस्ट ब्रोम को करारा झटका लगा जो इंग्लिश प्रीमियर फुटबाल लीग से रेलीगेट हो गया। साउथम्पटन और स्वांसी सिटी के बीच होने वाले मैच के ड्रा रहने पर ही डेरेन मूरे के वेस्ट ब्रोम शीर्ष स्तर पर बने रह सकता था।
लगभग 70 मिनट तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर रही जिसके बाद मैनोलो गैबियादीनी ने 72वें मिनट में साउथम्पटन की तरफ से गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ।  इस जीत से साउथम्पटन 16वें स्थान पर पहुंच गया है। उसके 18वें स्थान पर काबिज स्वांसी से तीन अंक अधिक हैं। इस हार से स्वांसी पर रेलीगेशन का खतरा मंडरा रहा है। वेस्ट ब्रोम के अलावा स्टोक पहले ही रेलीगेट हो चुका है।

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फीफा ने फ्रांसीसी खिलाड़ी पर नस्ली टिप्पणी के लिए रूस पर जुर्माना लगाया

जेनेवा, विश्व कप शुरू होने से पांच सप्ताह पहले फीफा ने सेंट पीटर्सबर्ग में खेले गए एक मैच के दौरान फ्रांसीसी खिलाड़ी के खिलाफ प्रशंसकों की नस्ली टिप्पणी के लिए रूसी फुटबाल महासंघ पर 30,000 स्विस फ्रैंक का जुर्माना लगाया है।
फ्रांस की मार्च में रूस में खिलाफ मैत्री मैची में 3-। से जीत के दौरान पॉल पोग्बा सहित अश्वेत खिलाडय़िों के लिए नस्ली टिप्पणी की गई। यह मैच उस स्टेडियम में खेला गया जहां विश्व कप के सात मैच होने हैं।
फीफा ने कहा कि उसके अनुशासनात्मक पैनल ने इस घटना को गंभीरता से लिया हालांकि इसमें बहुत कम प्रशंसक शामिल थे।
नस्ल विरोधी समूह किक इट आउट का कहना है कि फीफा के कड़ी कार्वाई नहीं कर पाने के कारण आगे भी उन मैचों में में अश्वेत खिलाडय़िों के खिलाफ नस्ली टिप्पणियां की जा सकती हैं जिनमें रूस खेल रहा हो।
रूस विश्व कप में ग्रुप चरण का अपना शुरुआती मैच 19 जून को मिस्र के खिलाफ सेंट पीटर्सबर्ग में ही खेलेगा। मेजबान देश इसके अलावा ग्रुप ए में सऊदी अरब और उरूग्वे से भी भिड़ेगा।

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