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टेक्नालजी (397)

होठ हो जाएंगे इतने गुलाबी कि लिपस्टिक लगाने की नहीं आएगी नौबत

- इन 6 वजहों से फटते हैं होंठ, ऐसे बनाएं इन्हें मुलायम

कुछ लोग होंठों के सूख जाने पर उसे बार-बार जीभ से टच करने लगते हैं तो लार मुंह की लार होंठों की नमी सोख लेती है। इससे होंठों पर पपड़ी बनती है और फिर जब पपड़ी को निकालते हैं, तो नीचे की परत सूख जाती है। इस तरह होंठों का फटना जारी रहता है।

होंठों के फटने के कारण
1. गर्म हवा में ड्राईनेस होती है, जिससे होंठ फटते हैं। यदि होंठ ज्यादा फटते हैं, तो यह शरीर के डीहाइड्रेशन की ओर इशारा करता है।

2. यदि आप अपने होंठों को ठीक तरह से सनस्क्रीन से प्रौटैक्ट नहीं करती हैं, तो भी वे फटते हैं।

3. गर्मी में धूल, मिट्टी एवं पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भी होंठ फटते हैं।

4. जब आप मुंह से सांस लेती है, तो गर्म हवा होंठ के ऊपर से बाहर आती है, जिससे लिप क्रैक होता है।

5. कुछ टूथपेस्ट कई बार होंठों की त्वचा को सूट नहीं करते, ऐसे में होंठों का फटना जारी रहता है।

6. कुछ दवाओं के सेवन से भी होंठ फटते हैं, इसलिए उन दवाओं का सेवन करते हुए ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थ, जूस और पानी पीएं।

अपनाएं ये घरेलू उपाय
कुछ घरेलू उपायों को अपना कर भी आप होंठों की नमी को नैचुरल ढंग से बरकरार रख सकती है। 

Special Tips - होठ पर गुलाबजल लगाने से होठ चाहे कितने भी ब्राऊन या काले हो एक हफ्ते में आएगा निखार...

1. गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें, इससे शरीर की नमी के साथ-साथ होंठों की नमी भी बनी रहेंगी.

2. सुबह ब्रश करते समय यदि लगे कि होंठों में ड्राईनेस है, तो लिप ब्रश को हल्के हाथों से होंठों पर लगाएं और बाद में अच्छी तरह लिप बाम लगाएं।

3. रात में सोते समय पैट्रोलियम जैली या कोकोनेट ऑयल अथवा फ्रैश मलाई लगाएं। इससे होंठों रे अंदर ही रहेगी और वे मिलायम रहेंगे।

4. मेकअप करते समय लिप ग्लॉस का प्रयोग म कर यू.वी. रेंज को सोख लेने वाला लिप बाम लगाएं, यह अच्छे ब्रांड का ही खरीदें।

5. होंठ ज्यादा फटते हो तो लिप मॉश्चराइजर और लिप बाम दोनों दिन में 3-4 बार लगाएं।

6. खान-पान में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। विटामिन सी, विटामिन ई, हरी पत्तेदार सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन हमेशा करें।

7. गर्मी के मौसम में लस्सी का सेवन जितना अधिक करेंगी, होंठों की सेहत के लिए उतना ही अच्छा रहेगा।

होंठ बनाएं सुंदर
थोड़ा-सा शहद, चीनी और नींबू का रस मिलाकर फ्रिज में रख लें। फिर जब भी समय मिले होंठों पर लगाएं। धूप में काम करने वाली महिलाओं को इसे जरूर इस्तेमाल करना चाहिए।

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लिवाली समर्थन से बीते सप्ताह इलायची और जीरा कीमतों में तेजी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) बढ़ती घरेलू और निर्यात मांग के कारण स्टॉकिस्टों की लिवाली से बीते सप्ताह दिल्ली थोक किराना बाजार में इलायची और जीरा की कीमतों में तेजी आई।
इसके अलावा स्टॉक की कमी होने से भी तेजी के रुख को समर्थन प्राप्त हुआ।
हालांकि लिवाली न होने के कारण धनिया और हल्दी की कीमतों में कुछ हानि दर्ज हुई।
इलायची चित्तीदार , कलर रोबिन , बोल्ड और एक्स्ट्रा बोल्ड जैसे छोटी इलायची किस्मों की कीमतें 50 - 50 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 900 -।,000 रुपए , 780 - 800 रुपए , 820 - 840 रुपए और 980 -।,000 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुईं।
जावित्री लाल और पीली की कीमतें 20 रुपए तक की तेजी के साथ क्रमश : 820 -।,010 रुपए और।,110 -।,130 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
जायफल की कीमत 20 रुपए की तेजी के साथ 440 - 450 रुपए प्रति किग्रा हो गई।
पोस्तादाना (तुर्की और चीन) की कीमतें 20 - 20 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 370 रुपए और 360 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
जीरा कॉमन और बेहतरीन गुणवत्ता के भाव 400 - 400 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 18,700 - 18,900 रुपए और 20,700 - 21,200 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।
दूसरी ओर धनिया की कीमत 100 रुपए घटकर 6,000 - 12,200 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
लौंग की कीमत पांच रुपए घटकर 540 - 610 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई।
सौंठ और कलौंजी की कीमत घटकर क्रमश : 9,500 - 10,000 रुपए और 15,000 - 18,000 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 9,700 - 10,200 रुपए और 15,200 - 18,000 रुपए प्रति क्विन्टल थीं।
लालमिर्च और हल्दी की कीमतें भी 200 रुपए तक की हानि के साथ सप्ताहांत में क्रमश : 6,000 - 15,000 रुपए और 8,600 - 11,500 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुइ

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स्टॉकिस्टों की लिवाली से बीते सप्ताह चुनिंदा दलहन कीमतों में तेजी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) बाजार में सीमित स्टॉक के मुकाबले मांग में तेजी के बीच स्टॉकिस्टों की भारी लिवाली से बीते सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के थोक दलहन बाजार में मजबूती का रुख रहा और चुनिंदा दलहनों की कीमतों में 300 रुपए प्रति क्विन्टल तक की तेजी आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति घटने के कारण बाजार में स्टॉक की कमी के मुकाबले फुटकर कारोबारियों और दाल मिलों की मांग में आई तेजी की वजह से स्टॉकिस्टों की लिवाली बढऩे के कारण मुख्यत : चुनिंदा दलहनों की कीमतों में तेजी आई।
बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 2018-19 के सत्र के लिए 14 खरीफ फसलों (गर्मी में बोई जाने वाली फसलों) के लिए अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी जिससे भी कारोबारी धारणा में तेजी आई।
दलहनों में तुअर दाल के एमएसपी को 5,450 रुपए से बढ़ाकर 5,675 रुपए प्रति क्विन्टल किया गया है तथा मूंग दाल के एमएसपी को 5,575 रुपए से बढ़ाकर 6,975 रुपए , उड़द दाल के एमएसपी को 5,400 रुपए से बढ़ाकर 5,600 रुपए प्रति क्विन्टल किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में मसूर छोटी और बोल्ड की कीमतें बढ़कर क्रमश : 3,600 - 4,000 रुपए और 3,750 - 4,050 रुपए प्रति क्विन्टल पर पहुंच गईं जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 3,500 - 3,750 रुपए और 3,650 - 3,800 रुपए प्रति क्विन्टल थीं।
इसकी दाल स्थानीय और बेहतरीन गुणवत्ता की कीमतें भी बढ़कर क्रमश : 4,200 - 4,600 रुपए और 4,300 - 4,700 रुपए प्रति क्विन्टल पर पहुंच गईं जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 3,900 - 4,300 रुपए और 4,020 - 4,420 रुपए प्रति क्विन्टल थीं।
अरहर और इसकी दाल की कीमतें क्रमश : 50 रुपए और 200 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 3,850 रुपए और 5,300 - 7,200 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
काबुली चना छोटी किस्म की कीमत 300 रुपए की तेजी के साथ 4,550 - 5,350 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
चने की कीमत भी 150 रुपए की तेजी के साथ 3,850 - 3,900 रुपए हो गई जबकि इसकी दाल स्थानीय और बेहतरीन गुणवत्ता की कीमतें 300 - 300 रुपए बढ़कर क्रमश : 4,000 - 4,400 रुपए और 4,400 - 4,500 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
मूंग और इसकी दाल छिलका स्थानीय की कीमतें क्रमश : 100 रुपए और 200 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 5,050 - 5,550 रुपए और 5,700 - 5,900 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। इसकी दाल धोया स्थानीय और बेहतरीन गुणवत्ता की कीमतें भी 200 - 200 रुपए बढ़कर क्रमश : 6,300 - 6,800 रुपए और 6,800 - 7,000 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
तेजी के आम रुख के अनुरूप ही उड़द दाल की कीमत तेजी के साथ 3,800 - 5,100 रुपए हो गई जो पहले 3,600 - 4,800 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई थी। इसकी दाल छिलका स्थानीय , बेहतरीन गुणवत्ता और धोया किस्म की कीमतें भी 300 - 300 रुपए बढ़कर क्रमश : 4,550 - 4,650 रुपए , 4,650 - 5,150 रुपए और 5,100 - 5,300 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
मटर सफेद और हरी की कीमत 50 - 50 रुपए की तेजी दर्शाता क्रमश : 3,550 - 3,600 रुपए और 3,650 - 3,750 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।

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तेल मिलों की लिवाली से बीते सप्ताह चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में तेजी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) तेल मिलों की बाजार में सीमित आपूर्ति के मुकाबले फुटकर कारोबारियों की मांग बढऩे के कारण दिल्ली के थोक तेल एवं तिलहन बाजार में बीते सप्ताह चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में दूसरे सप्ताह तेजी जारी रही।
उपभोक्ता उद्योगों का उठाव बढऩे से अखाद्य तेल खंड में अरंडी और अलसी तेल की कीमतों में तेजी आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति घटने के कारण सीमित स्टॉक रहने के मुकाबले फुटकर कारोबारियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वनस्पति मिलों की निरंतर लिवाली से मुख्यत : चुनिंदा खाद्य तेल कीमतों में तेजी आई।
राष्ट्रीय राजधानी , दिल्ली में सरसों एक्सपेलर (दादरी) तेल की कीमत 150 रुपए की तेजी के साथ 7,850 रुपए प्रति क्विन्टल हो गई। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल की कीमतें भी 10 - 10 रुपए की तेजी के साथ क्रमश :।,275 -।,320 रुपए और।,325 -।,425 रुपए प्रति टिन हो गई।
तिल मिल डिलीवरी और बिनौला मिल डिलीवरी (हरियाणा) की कीमतें 100 - 100 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 9,700 रुपए और 7,400 रुपए प्रति क्विन्टल हो गई।
सोयाबीन रिफाइंड मिल डिलीवरी (इंदौर) और सोयाबीन देगम (कांडला) तेलों की कीमतें भी 50 - 50 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 7,700 रुपए और 7,300 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
दूसरी ओर पामोलीन (आरबीडी) और पामोलीन (कांडला) तेलों की कीमतें भी 100 - 100 रुपए की हानि के साथ क्रमश : 7,000 रुपए और 7,050 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।
अखाद्य तेल खंड में अरंडी तेल की कीमत 200 रुपए की तेजी के साथ 7,300 - 7,400 रुपए प्रति क्विन्टल हो गई जबकि अलसी तेल की कीमत 100 रुपए की तेजी के साथ 9,100 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

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भारी मांग के कारण बीते सप्ताह चीनी कीमतों में तेजी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) चीनी कीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह तेजी का रुख जारी रहा। दिल्ली में चीनी - खांड के थोक बाजार में बीते सप्ताह आपूर्ति रुकने के बीच थोक उपभोक्ताओं और स्टॉकिस्टों की अंधाधुंध लिवाली से चीनी कीमतों में 150 रुपए प्रति क्विन्टल की तेजी आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि चीनी मिलों की सीमित आपूर्ति के साथ चीनी कीमतों में आगे और तेजी आने की उम्मीद में आइसक्रीम एवं शीतलपेय निर्माता जैसे थोक उपभोक्ताओं और स्टॉकिस्टों की जोरदार लिवाली से चीनी की भारी मांग बनी रही और कीमतों में तेजी आई।
चीनी का भारी मात्रा में उत्पादन होने के कारण इसकी घटती कीमतों को रोकने के लिए कुछ सप्ताह पहले सरकार ने मिलगेट पर साफ चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 29 रुपए प्रति किलो निर्धारित कर दिया था।
सरकार ने घरेलू बाजार में अत्यधिक उत्पादन को समाहित करने के मकसद से 30 लाख टन चीनी का भंडार भी सृजित करने का फैसला किया था तथा चीनी मिलों को अपने ए थेनॉल उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए 4,440 करोड़ रुपए का सस्ता रिण भी प्रदान किया।
सरकार के इन उपायों की घोषणा के बाद चीनी कीमतें निरंतर तेजी की ओर अग्रसर हैं।
मूल्य खंड में थोक उपभोक्ताओं और स्टॉकिस्टों की जोरदार लिवाली से चीनी तैयार एम -30 और एस -30 की कीमतों की क्रमश : 3,580 - 3,880 रुपए और 3,570 - 3,870 रुपए प्रति क्विन्टल पर मजबूत शुरुआत हुई। जो सप्ताहांत में 150 - 150 रुपए की तेजी दर्शाती क्रमश: 3,550 - 3,700 रुपए और 3,540 - 3,690 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
इसी प्रकार से भारी लिवाली के कारण चीनी मिल डिलीवरी एम -30 और एस -30 की 3,450 - 3,740 रुपए और 3,440 - 3,730 रुपए पर काफी मजबूत शुरुआत हुई जिसे बाद में प्रतिरोध का सामना करना पड़ा और कीमतों में गिरावट आई और ए कीमतें सप्ताहांत में क्रमश : 3,320 - 3,530 रुपए और 3,310 - 3,520 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 3,200 - 3,380 रुपए और 3,190 - 3,370 रुपए प्रति क्विन्टल थीं।
इस बीच, चीनी की हाजिर कीमत गिरावट के साथ क्रमश : 3,400 - 3,550 रुपए और 3,390 - 3,540 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई जो पिछले सप्ताहांत के बंद भाव क्रमश : 3,450 - 3,560 रुपए और 3,440 - 3,540 रुपए प्रति क्विन्टल से 50 रुपए की गिरावट को दर्शाता है।
मिल - गेट खंड में चीनी किन्नौनी और मलकपुर की कीमतें 150 - 150 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश : 3,530 रुपए और 3,350 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। जिसके बाद चीनी मवाना और दोराला के भाव 130 - 130 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में क्रमश : 3,370 रुपए और 3,370 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।
चीनी बुढ़ाना और थानाभवन की कीमतें 100 - 100 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3,350 रुपए और 3,340 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। जबकि चीनी धामपुर की कीमत 90 रुपए की तेजी के साथ 3,300 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
चीनी धनोरा की कीमत 70 रुपए की तेजी के साथ 3,400 रुपए और चीनी खतौली की कीमत 60 रुपए की तेजी के साथ 3,380 रुपए और चीनी अस्मोली की कीमत 20 रुपए की तेजी के साथ 3,380 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
चीनी सिम्भावली , मोदीनगर और शामली की कीमतें भी क्रमश : 3,360 रुपए और 3,365 रुपए और 3,340 प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

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सीमित स्टॉक के कारण बीते सप्ताहांत गुड़ कीमतों में सुधार

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी , दिल्ली के थोक गुड़ बाजार में बीते सप्ताह मजबूती का रुख दिखाई दिया। बाजार की मांग बढऩे के बीच स्टॉक की कमी के कारण गुड़ शक्कर की कीमत 100 रुपए प्रति क्विन्टल की तेजी दर्शाती बंद हुई।
इस बीच कमजोर मांग और सीमित आपूर्ति के कारण गुड़ के अन्य किस्मों की कीमतें अपरिवर्तित रहीं।
स्टॉक की कमी की वजह से सप्ताह के दौरान मुजफ्फरनगर और मुरादनगर के गुड़ बाजारों में भी तेजी का रुख दिखाई दिया जहां कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विन्टल तक की तेजी आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण गुड़ विनिर्माण करने वाले क्षेत्रों से आपूर्ति रुकने के साथ स्टॉकिस्टों और फुटकर कारोबारियों के बेहतर उठाव के कारण मुख्यत: गुड़ कीमतों में तेजी आई।
दिल्ली में गुड़ शक्कर की कीमत 100 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3,600 - 3,700 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
हालांकि चक्कू , ढैय्या और पेड़ी की कीमतें सप्ताहांत में क्रमश : 3,300 - 3,400 रुपए , 3,500 - 3,600 रुपए और 3,300 - 3,400 रुपए प्रति क्विन्टल पर अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुई।
मुजफ्फरनगर में बीयर निर्माता कंपनियों की मजबूत मांग के कारण गुड़ रस्कट की कीमत 100 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में 2,550 - 2,600 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
इसके विपरीत यहां गुड़ चक्कू की कीमत 100 रुपए की हानि दर्शाती सप्ताहांत में 2,850 - 3,000 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
मुरादनगर में गुड़ पेड़ी की कीमत 50 रुपए की तेजी के साथ सप्ताहांत में 3,000 - 3,100 रुपए प्रति क्विन्टल पर बंद हुई जबकि स्टॉक की कमी के कारण गुड़ ढैय्या के भाव प्राप्त नहीं किए जा सके।

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कमजोर वैश्विक संकेतों से सोना मजबूत, चांदी टूटी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुख और स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढऩे के कारण दिल्ली के र्साफा बाजार में बीते सप्ताहांत सोने में फिर से चमक लौट आई और इसकी कीमत 230 रुपए की तेजी दर्शाती 31,650 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई।
हालांकि , औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं के कमजोर उठाव के कारण चांदी की कीमत हानि के साथ 41,000 रुपए के स्तर से नीचे 40,500 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में बेहतरी के रुख के अलावा घरेलू बाजारों में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की लिवाली बढऩे के कारण मुख्यत : सोने की कीमतों में तेजी आई।
वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना सप्ताहांत में मामूली तेजी दर्शाता।,254.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपए का अवमूल्यन होने से सोने का आयात महंगा हो गया जिसकी वजह से भी तेजी को समर्थन मिला।
राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कमजोर शुरुआत हुई और लिवाली समर्थन के अभाव में क्रमश : 31,360 रुपए और 31,210 रुपए प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया।
मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण यह क्रमश : 31,690 रुपए और 31,540 रुपए तक सुधरने के बाद सप्ताहांत में 230 - 230 रुपए की तेजी के साथ क्रमश : 31,650 रुपए और 31,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
हालांकि , सीमित सौदों के बीच सीमित दायरे में घट बढ़ के बाद गिन्नी की कीमत सप्ताहांत में 24,800 रुपए प्रति आठ ग्राम के पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुई।
लिवाली और बिकवाली के बीच उतार चढाव भरे कारोबार में चांदी तैयार की कीमत भी सप्ताहांत में 100 रुपए की गिरावट के साथ 40,500 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई जबकि चांदी साप्ताहिक डिलिवरी के दाम 565 रुपए की तेजी के साथ 39,790 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुए।
हालांकि चांदी सिक्कों की कीमत भी सप्ताहांत में लिवाल 75,000 रुपए और बिकवाल 76,000 रुपए प्रति सैकड़ा पर स्थिरता का रुख दर्शाती पिछले सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुई।

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मांग बढऩे से बीते सप्ताह चावल बासमती, गेहूं की कीमतों में तेजी

नई दिल्ली , आठ जुलाई (भाषा) उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति घटने के कारण सीमित स्टॉक के मुकाबले उठाव बढऩे से दिल्ली के थोक अनाज बाजार में बीते सप्ताह भी चावल बासमती और गेहूं की कीमतों में तेजी जारी रही।
हालांकि , पर्याप्त स्टॉक की तुलना में उपभोक्ता उद्योगों की कमजोर मांग के कारण मक्का और बाजरा कीमतों में गिरावट आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक के मुकाबले उपभोक्ता उद्योगों की कमजोर मांग के कारण चावल बासमती की कीमत में तेजी बनी रही।
उन्होंने कहा कि आटा मिलों का उठाव बढऩे के कारण मुख्यत : गेहूं की कीमतों में तेजी बनी रही।
राष्ट्रीय राजधानी में चावल खंड में चावल बासमती कॉमन और पूसा -1121 किस्मों की कीमतें तेजी के साथ क्रमश : 7,600 - 7,700 रुपए और 6,900 - 7,000 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुईं , जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 7,400 - 7,500 रुपए और 6,750 - 6,850 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर बंद हुईं थीं।
गेहूं दड़ा (मिल के लिए) की कीमत भी तेजी के साथ।,805 -।,810 रुपए प्रति क्विन्टल हो गई जिसका पिछले सप्ताहांत का बंद स्तर।,770 -।,775 रुपए प्रति क्विन्टल था। आटा चक्की डिलीवरी की कीमत भी तेजी के साथ सप्ताहांत में।,815 -।,820 रुपए प्रति 90 किलोग्राम पर बंद हुई, जो पिछले सप्ताहांत।,780 -।,785 रुपए प्रति 90 किलोग्राम पर बंद हुई थी।
गेहूं में आई तेजी के अनुरूप आटा फ्लोर मिल , मैदा और सूजी की कीमतें तेजी के साथ क्रमश : 980 - 990 रुपए ,।,000 -।,010 रुपए और।,070 -।,080 रुपए प्रति 50 किग्रा पर बंद हुईं, जो पिछले सप्ताहांत क्रमश : 960 - 970 रुपए , 980 - 990 रुपए और।,050 -।,060 रुपए प्रति 50 किग्रा पर बंद हुई थीं।
वहीं दूसरी और अन्य मोटे अनाजों में बाजरा और मक्का की कीमतें गिरावट के साथ क्रमश :।,200 -।,205 रुपए और।,210 -।,215 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुईं। ए कीमतें पिछले सप्ताहांत क्रमश :।,230 -।,235 रुपए और।,210 -।,225 रुपए प्रति क्विंटल थीं।

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मुकेश अंबानी का कार्यकाल पांच साल और बढ़ा, 4.17 करोड़ रुपए होगा सालाना वेतन

नई दिल्ली , सात जुलाई (भाषा) मुकेश अंबानी पांच साल और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बने रहेंगे। कंपनी के शेयरधारकों ने मुकेश अंबानी का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।  अंबानी (61 वर्ष) 1977 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हैं। जुलाई 2002 में रिलायंस समूह के संस्थापक और उनके पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद उन्हें कंपनी के चेयरमैन बनाया गया।  कंपनी की मुंबई में हुई 41वीं वार्षिक आम बैठक में उनके मौजूदा कार्यकाल को और पांच साल बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई। मुकेश अंबानी का मौजूद कार्यकाल अप्रैल 2019 में समाप्त हो रहा है।  कंपनी की शेयर बाजार को भेजी गई जानकारी के मुताबिक मुकेश अंबानी का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुल पड़े वोटों में से 98.5 प्रतिशत मत प्रस्ताव के समर्थन में पड़े।  प्रस्ताव के अनुसार , अंबानी को सालाना 4.17 करोड़ रुपए का वेतन तथा 59 लाख रुपए के भत्ते दिए जाएंगे। इसमें सेवानिवृत्ति लाभ शामिल नहीं है।  कंपनी ने कहा कि उन्हें शुद्ध मुनाफे पर आधारित बोनस भी मिलेगा। इसके साथ ही उनकी कारोबारी यात्रा के दौरान परिवार एवं सहायकों समेत अंबानी की यात्रा व रहने - ठहरने का खर्च कंपनी उठाएगी। कंपनी उनके लिए कार, घर पर फोन एवं इंटरनेट का खर्च भी वहन करेंगी।  अंबानी एवं उनके परिजनों का सुरक्षा खर्च भी भत्ते में शामिल नहीं होगा और इनका वहन कंपनी करेगी।  वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों ने 2018-19 में गैर - परिवर्तनीय डिबेंचरों के जरिए 20 हजार करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने की भी मंजूरी दी। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस राशि का कहां इस्तेमाल किया जाएगा।

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भारत निर्यात पर सब्सिडी देता है ऐसा मानना गलतफहमी: सोच

कोलकाता , सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि भारत द्वारा अपने निर्यात पर सब्सिडी दिए जाने की अवधारणा एक गलतफहमी है।  प्रभु ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत सरकार केवल अपने निर्यातकों की परेशानियों को कम करने का प्रयास कर रही है जिसे निर्यात के लिए सब्सिडी दिया जाना नहीं कहा जा सकता। प्रभु ने कहा , यह एक गलतफहमी है कि हम अपने निर्यात को सब्सिडी देते हैं। हम पूरी तरह से डब्ल्यूटीओ का अनुपालन करते हैं और उसके नियमों का किसी भी तरह उल्लंघन नहीं करते। उन्होंने कहा कि ओईसीडी देश अपने किसानों को विशेष रूप से कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए अधिक सब्सिडी दे रहे हैं।  कृषि क्षेत्र के बारे में प्रभु ने कहा कि किसानों को बाजार पहुंच उपलब्ध करवाना महत्वपूर्ण है जिसके लिए सुरक्षा के उच्च मानकों की जरूरत होगी ताकि गैर- तटकर बाधाओं (एनटीबी) से पार पाया जा सके।  उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए कृषि नीति पर पहले ही काम कर रही है।

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