Menu

टेक्नालजी (484)

तिमाही नतीजों, कच्चे तेल के दाम, रुपए के उतार-चढ़ाव से तय होगी बाजार की दिशा


नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) कंपनियों के तिमाही नतीजों , कच्चे तेल के दाम और रुपए के उतार - चढ़ाव के साथ राजनीतिक घटनाक्रमों से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। विशेषज्ञों ने यह बात कही है।
उनका कहना है कि विदेशी कोषों के प्रवाह तथा डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं था , क्योंकि इसके नतीजे का अंदाजा पहले से था। बाजार की दृष्टि से देखा जाए , तो इसका कोई असर नहीं रहेगा। बाजार के लिए राजनीतिक घटनाक्रम इस साल के अंत में रहेंगे। उस समय राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
विजयकुमार ने कहा , आगे चलकर बाजार की दिशा पहली तिमाही के नतीजों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफआईपी) के प्रवाह पर निर्भर करेगी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा , इस सप्ताह तिमाही नतीजों का सीजन रफ्तार पकड़ेगा। तिमाही नतीजे बेहतर रहने पर मूल्यांकन सुधरेगा।
इस सप्ताह जिन प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं उनमें एशियन पेंट्स , भेल , केनरा बैंक , एचसीएल इन्फोसिस्टम्स , हीरो मोटोकॉर्प , डॉ रेड्डीज लैब , आईटीसी , मारुति सुजुकी , टाटा पावर , यस बैंक , एचसीएल टेक्नोलॉजीज और आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं।
सैमको सिक्योरिटीज के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा कि संसद चल रहा है। ऐसे में किसी घटनाक्रम से बाजार में उतार - चढ़ाव आ सकता है। ऐसे उम्मीद है कि सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाया जाएगा जो बाजार की दृष्टि से सकारात्मक होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुवार को डेरिवेटिव निपटान की वजह से भी बाजार में उतार - चढ़ाव रहेगा। उनका कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों तथा रुपए के उतार - चढ़ाव पर भी बाजार की निगाह रहेगी।
बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 45.26 अंक या 0.12 प्रतिशत के नुकसान से 36,496.37 अंक पर आ गया।

Read more...

शीर्ष दस में से सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 53,800 करोड़ रुपए बढ़ा

नई दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से सात का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सप्ताह 53,799.78 करोड़ रुपए बढ़ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज को सबसे अधिक लाभ हुआ। पिछले सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एचडीएफसी, इंफोसिस और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण बढ़ गया जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक को नुकसान हुआ। सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 20,162.14 करोड़ रुपए बढ़कर 7,15,106.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसी तरह एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 11,010.50 करोड़ रुपए बढ़कर 5,78,899.21 करेाड़ रुपए, इंफोसिस का 8,572.72 करोड़ रुपए बढ़कर 2,94,496.80करोड़ रुपए, टीसीएस का 5,628 करोड़ रुपए बढ़कर 7,64,164.46 करोड़ रुपए, आईटीसी का 4,041 करोड़ रुपए बढ़कर 3,34,129.43 करोड़ रुपए, एसबीआई का 2,989.74 करोड़ रुपए बढ़कर 2,32,887.11 करोड़ रुपए और एचडीएफसी का।,395.68 करोड़ रुपए बढ़कर 3,33,851.32 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार पूंजीकरण इस दौरान सर्वाधिक 18,388.57 करोड़ रुपए गिरकर 3,58,506.65 करोड़ रुपए पर आ गया। इसके अलावा कोटक महिंद्रा का बाजार पूंजीकरण 13,609.78 करोड़ रुपए घटकर 2,54,173.16 करोड़ रुपए पर और मारुति सुजुकी का बाजार पूंजीकरण।,436.39 करोड़ रुपए कम होकर 2,83,555 करोड़ रुपए पर आ गया। बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 10 कंपनियों में टीसीएस पहले स्थान पर रही। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एचडीएफसी, इंफोसिस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक और एसबीआई का स्थान रहा।
बीते सप्ताह सेंसेक्स 45.26 अंक यानी 0.12 प्रतिशत के नुकसान से 36,496.37 अंक पर आ गया।

Read more...

एफपीआई ने जुलाई भारतीय पूंजी बाजारों से 2,000 करोड़ रुपए निकाले

नई दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) विदेशी निवेशकों ने इस महीने अभी तक भारतीय पूंजी बाजारों से 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपए में गिरावट के चलते विदेशी निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी।
इससे पहले, पिछले तीन महीनों (अप्रैल-जून) में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजार (इक्विटी और ऋण) से कुल मिलाकर 61,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की। वहीं, मार्च में विदेशी निवेशकों ने 2,661 करोड़ रुपए का निवेश किया।
डिपॉजिटरों के आंकड़ों के अनुसार, 2 से 20 जुलाई तक एफपीआई ने ऋण बाजार से।,173 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की। वहीं, उन्होंने इक्विटी बाजार से 858 करोड़ रुपए निकाले। इस तरह उन्होंने कुल मिलाकर 2,031 करोड़ रुपए की निकासी की।
मॉर्निंगस्टार के शोध प्रबंधक तथा वरिष्ठ शोध विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ैएफपीआई की बिकवाली के लिए कच्चे तेल की उच्च कीमतों को जिम्मेदार माना जा सकता है। निवेशकों को इससे मुद्रास्फीति बढऩे की आशंका है। इसकी वजह से देश का चालू खाता घाटा बढ़ सकता है और रुपए पर दबाव आ सकता है। रुपए में पहले ही जनवरी अंत से अभी तक करीब 8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
इसके अलावा, अमेरिका द्वारा नीतिगत मोर्चों पर सख्ती भी भारतीय ऋण बाजार के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

Read more...

सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा, 1.25 करोड़ नए आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले जोड़ें

नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग को बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के मद्देनजर इस साल 1.25 करोड़ नए आयकर दाखिल करने वालों को जोडऩे का निर्देश दिया है। सबसे अधिक रिटर्न दाखिल करने वाले पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू - कश्मीर से जोड़े जाएंगे। सरकार के कर आधार को व्यापक करने के अभियान के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। विभाग के निर्णय लेने वाले निकाय ने कहा कि पूर्व की पहल की वजह से वित्त वर्ष 2017-18 में 1.06 करोड़ नए करदाताओं को आयकर के दायरे में लाया गया। नए आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्ति से आशय ऐसे व्यक्ति से है जो साल की शुरुआत में कर जमा करने वाले के आधार में नहीं है , लेकिन वह साल के दौरान रिटर्न भरता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नए आयकर रिटर्न भरने वाले को संभवत : नया आयकर दाता नहीं कहा जा सकता। क्योंकि बेशक यह व्यक्ति आयकर रिटर्न दाखिल करे , पर हो सकता है कि उसे कर देने की जरूरत न हो। हालांकि एक बार कोई व्यक्ति आयकर डाटाबेस में आ जाता है तो इस बात की संभावना काफी कम होती है कि उसकी आय पर कर न बनता हो। नई केंद्रीय कार्वाई योजना (सीएपी) 2018-19 में कहा गया है , भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। संगठित और असंगठित क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के मद्देनजर देश में प्रत्यक्ष कर आधार और बढ़ाने की व्यापक गुंजाइश है। सीएपी में कहा गया है कि सीबीडीटी ने चालू वित्त वर्ष में कुल नए 1.25 करोड़ रिटर्न दाखिल करने वालों को जोडऩे का लक्ष्य तय किया है।

Read more...

बीएसएनएल ने एक साल में बेचे 4000 सैटेलाइट फोन, मार्च 2019 तक 10 हजार इकाई का लक्ष्य

नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) दूरसंचार सेवाएं देने वाली सार्वजनिक कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने सैटेलाइट फोन सेवा शुरू करने के एक साल बाद चार हजार हैंडसेट बेच डाले हैं। कंपनी को मार्च 2019 तक 10 हजार हैंडसेट बेचने की उम्मीद है।
कंपनी के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने पीटीआई भाषा से कहा , सैटेलाइट फोन कारोबार ठीक चल रहा है। हमने सेना , सीमा सुरक्षा बल , आपदा प्रबंधन एजेंसिएं , ओएनजीसी , रेलवे और निजी क्षेत्र को चार हजार सैटेलाइट फोन बेचा है।
पारंपरिक मोबाइल फोन के इतर सैटेलाइट फोन देश के किसी भी हिस्से में काम करते हैं। सामान्य टावर आधारित सेवाओं में 25-30 किलोमीटर के दायरे में ही नेटवर्क उपलब्ध हो पाता है तथा यह टावर की ऊंचाई के बराबर व उसके बराबर गहराई तक ही नेटवर्क रह पाता है। ऐसे में सैन्य बलों , आपदा प्रबंधन एजेंसियों समेत विभिन्न संगठन सैटेलाइट फोन को तरजीह दे रहे हैं भले ही इसकी दर प्रति मिनट 20 से 25 रुपए लगती हो।
कंपनी ने कहा कि मई 2017 में शुरू इस कारोबार से उसे अब तक 100 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
श्रीवास्तव ने कहा , हमने एक ही साल में सैटेलाइट फोन से 100 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया है। यदि हम अब कुछ नहीं भी करें तो सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपए बना रहेगा। हालांकि हम इसमें वृद्धि की काफी संभावनाएं देख रहे हैं।

Read more...

जियो, एयरटेल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी का इस्तीफा

नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) दूरसंचार कंपनियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारियों (सीटीओ) ने अपनी - अपनी कंपनियों से इस्तीफा दे दिया है। रिलायंस जियो के सीटीओ जगबीर सिंह कंपनी की 4 जी सेवाओं शुरुआत से पहले उससे जुड़े थे। इससे पहले सिंह सैमसंग तथा करीब एक दशक तक एयरटेल में काम कर चुके थे। एक सूत्र ने बताया कि सिंह दिल्ली वापस आ रहे हैं। हालांकि , सूत्र ने इससे अधिक ब्योरा नहीं दिया। इस बारे में रिलायंस जियो को भेजे गए ई - मेल का जवाब नहीं मिला। भारती एयरटेल के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (मोबाइल नेटवर्क्स) श्याम प्रभाकर मार्दिकर ने भी इस्तीफा दे दिया है। इस बारे में संपर्क करने पर भारती एयरटेल के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की। मार्दिकर अगस्त , 2012 से एयरटेल से जुड़े थे।
उससे पहले भी 2001-10 के दौरान एयरटेल में रहे थे। जनवरी , 2017 से वह एयरटेल मोबाइल नेटवर्क के सीटीओ पद पर थे।

Read more...

जीएसटीएन में पंजीकृत एमएसएमई को उद्योग आधार से जुडऩे का सुझाव देगा वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) सरकार माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नेटवर्क के तहत पंजीकृत करीब एक करोड़ सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए उद्योग आधार संख्या प्राप्त करने को कहने वाली है।
एमएसएमई सचिव ए . के . पांडा ने पीटीआई भाषा से कहा कि वित्त मंत्रालय इस संबंध में एमएसएमई को जल्दी ही ईमेल भेजने वाला है जिसमें उद्योग आधार के जरिए प्राप्त होने वाली सेवाओं की जानकारी होगी।
पांडा ने कहा कि मंत्रालय जीएसटी अधिनियम के गोपनीयता प्रावधानों के कारण उद्यमों की सहमति के बिना विस्तृत जानकारियां नहीं निकालेगा।
अभी 48 लाख से अधिक एमएसएमई उद्योग आधार के तहत पंजीकृत है।
पांडा ने कहा , मैं चाहता था कि ए जानकारियां हमें मिल सकें। कम से कम उनका संपर्क और उनका कार्यक्षेत्र , लेकिन मुझे बताया गया कि जीएसटी अधिनियम के गोपनीयता प्रावधानों के कारण ए जानकारियां उद्यमों की सहमति के बिना हमारे साथ साझा नहीं की जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि इस ईमेल से एमएसएमई के लिए उद्योग आधार में पंजीयन अनिवार्य नहीं हो जाएगा। ईमेल के जरिए उन्हें बस ऐसा करने का सुझाव दिया जाएगा।

Read more...

निजी विद्युत कंपनियों ने दरों में प्रस्तावित संशोधन की आलोचना की

नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) बिजली उत्पादक निजी कंपनियों ने बिजली दर निर्धारण की नीति में प्रस्तावित संशोधन की आलोचना की और इसे प्रतिगामी कदम बताया। इन कंपनियों का कहना है कि एनटीपीसी जैसी सार्वजनिक कंपनियों की उत्पादित बिजली की लागत तय करने में कॉस्ट प्लस (लागत से ऊपर की दर) व्यवस्था को पुन : लागू करना उपभोक्ता विरोधी है और यह निजी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा से रोकेगा।
एसोसिएशन ऑफ पावर प्रोड्यूसर्स (एपीपी) ने विद्युत मंत्री आर . के . सिंह को 13 जुलाई को भेजे पत्र में कहा कि इस नीति के कारण एनटीपीसी की शोलापुर तथा बाढ़-2 यूनिट की बिजली की बिजली 5.30 रुपए और 5.68 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी गई जबकि निजी कंपनियां 3-3.25 रुपए प्रति इकाई की दर से आपूर्ति करने को तैयार थीं।
उसने कहा कि एनटीपीसी की 2010 के बाद बनी परियोजनाएं 5-7 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली पैदा कर रही हैं वहीं निजी कंपनियों की अधिकतम लागत 4.17 रुपए प्रति यूनिट है।
एपीपी ने कहा , अभी जब पर्याप्त उत्पादन क्षमता उपलब्ध है , प्रतिस्पर्धी रूपरेखा से इस तरह की छूट देने की जरूरत नहीं है क्यों कि यह विद्युत क्षेत्र के विकास की राह में रोड़ा बन सकता है।

Read more...

श्रम मंत्रालय का ट्रेड यूनियन कानून में बदलाव का प्रस्ताव


नई दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) श्रम मंत्रालय ने ट्रेड यूनियन अधिनियम (1926) में बदलाव का प्रस्ताव किया है। इससे केंद्र और राज्य के स्तर पर ट्रेड यूनियनों का अधिक व्यापक पहचान मिल सकेगी।
ऐसा आरोप लगाया जाता है कि श्रम मंत्रालय को छोड़कर किसी अन्य तरह के सांविधिक समर्थन के अभाव में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा ट्रेड यूनियनों या उनके महासंघों को अधिक महत्व नहीं दिया जाता।
मौजूदा नियमों के तहत ट्रेड यूनियनों को पहले मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) द्वारा सत्यापित किया जाता है। उसके बद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय उसे मान्यता देता है। इस समय देश में 13 मान्यता प्राप्त केंद्रीय ट्रेड यूनियनें-महासंघ हैं। श्रम मंत्रालय द्वारा दी गई मान्यता के अनुरूप इन ट्रेड यूनियनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और समितियों में प्रतिनिधित्व की अनुमति होती है।
मंत्रालय ने अपने प्रस्ताव में कहा कि ट्रेड यूनियनों की यह मांग थी कि केंद्र सरकार के मंत्रालय अैर राज्य सरकारों द्वारा इन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों को किसी सांविधिक समर्थन के अभाव में अधिक महत्व नहीं दिया जाता है। इसके मद्देनजर ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है जिसके तहत केंद्र और राज्य के स्तर पर ट्रेड यूनियन-महासंघ को मान्यता के प्रावधान को शामिल करने का प्रस्ताव है।
मंत्रालय ने इसी के तहत ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926 को संशोधित कर अधिनियम की धारा 29(2) के बाद नए धारा 28 ए अैर उप धारा (2ए) को जोडऩे का प्रस्ताव किया है।
मंत्रालय ने ट्रेड यूनियन (संशोधन) विधेयक, 2018 के मसौदे पर अंशधारकों से 10 अगस्त तक टिप्पणियां मांगी हैं।

Read more...

विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ी: रिपोर्ट

मुंबई , 22 जुलाई (भाषा) पिछले कुछ सालों में वीजा आवेदनों में साल दर साल वृद्धि देखने को मिली है। इससे पता चलता है कि विदेश जाने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रौद्योगिकी तथा आउटसोर्सिंग सेवाएं देने वाली कंपनी वीएफएस ग्लोबल की रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका , ब्रिटेन और चीन पर्यटकों के पसंद में शीर्ष पर रहे हैं। पिछले दो साल में इन देशों के लिए सर्वाधिक वीजा आवेदन मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार , घरेलू पर्यटकों के वीजा आवेदनों में 2017 में 10 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई और ए बढ़कर 2016 के 43 लाख की तुलना में 47 लाख पर पहुंच गए। कंपनी के क्षेत्रीय मुख्य परिचालन अधिकारी (पश्चिम एशिया , दक्षिण एशिया और चीन) विनय मल्होत्रा ने पीटीआई भाषा से कहा , अभी भारतीय लोग पहले के किसी भी समय की तुलना में सर्वाधिक संख्या में विदेश जा रहे हैं। वे गैर - पारंपरिक देशों में भी घूमने को दिलचस्प हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2017 के दौरान अमेरिका , मलेशिया , कनाडा , ब्रिटेन और चीन वीजा आवेदनों के मामले में शीर्ष पांच देश बनकर उभरे हैं। इस दौरान थाईलैंड के लिए वीजा आवेदनों में वृद्धि की दर सर्वाधिक रही है। यूरोपीय देश पसंद बने हुए हैं। इनके अलावा चेक गणराज्य , तुर्की और जापान जैसे उभरते बाजारों के लिए भी वीजा आवेदन बढ़े हैं।

Read more...
Subscribe to this RSS feed

Bikaner Trusted News Portal

  • Bikaner Local News
  • National News
  • Sports News
  • Bikaner Events
  • Rajasthan News