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'दिमाग में कूदता बन्दर'

एक निर्धन आलसी किसान बिना किसी प्रयत्नऔर मेहनत के तुरंत अमीर बन जाना चाहता था। एक दिन गांव में एक बड़े सिद्ध महात्मा जी आये। वे हर समस्या को हल करने के लिये अचूक मन्त्र देने वाले विख्यात संत थे। किसान ने उनसे अमीर हो जाने का मन्त्र मांगा। महात्मा जी ने किसान को अमीर बनने का अचूक मन्त्र लिखकर दे दिया और कहा कि यह अचूक मन्त्र करोड़ों अरबों रूपए ला सकता है। साथ ही महात्मा जी ने कहा कि यह मन्त्र सिर्फ तभी काम करेगा जब किसान को कोई भी बन्दर परेशान नहीं कर रहा हो। किसान ने सुनिश्चित किया कि मंत्रोच्चार के दौरान बन्दर उसे परेशान नहीं करेगा। घर जाकर ज्यों ही किसान ने मंत्रोच्चार शुरू किया, उसके दिमाग में बन्दर की आकृति छप गई। मन्त्र व्यर्थ गया। ऐसा सैकड़ों बार हुआ क्योंकि जब भी किसान मन्त्र जपता, तो दिमाग में, उसके विचार में उपस्थित बन्दर उसे याद आ जाता और मन्त्र अधूरा रह जाता। अन्ततोगत्वा उसने महात्मा जी से कहा कि चाहे उसे रूपए न मिलें लेकिन उसके दिमाग के बन्दर को बाहर निकालें। 

यह प्राचीन काल की सांकेतिक कथा है। यहां बन्दर हमारी अस्थिर बुद्धि और चंचल मन को दर्शाता है। ये बन्दर चिंता करते रहने की प्रवृत्ति को भी दर्शाता है। हम चाहे जो काम कर रहे हों, हमें व्यर्थ की चिंता सताती रहती है। ऐसी अवस्था में हम परिणामों की चिंता में बड़े मगन हो जाते हैं। कई बार तो हम मूल कार्य को पूर्णतया भूल जाते हैं क्योंकि हम तो त्वरित परिणाम चाहते हैं। दिमाग का बन्दर यानि हमारे दिमाग की चंचलता हमें श्रेष्ठ निर्णय लेने से रोकती है। इसी दिमागी चंचलता और मस्तिष्क में छुपे बन्दर रूपी उथल पुथल को उन्प्रोडक्टिव थिंकिंग कहते हैं। इस तकनीक में समस्या का वृथा विश्लेषण चलता रहता है। समाधान कुछ नहीं मिलता। भारतीय प्रणाली इससे विपरीत "ब्रेन स्टिलिंग" अर्थात स्थिरचित्त मस्तिष्क की वकालात करती है। यहां निर्णय लेने हेतु स्थिरचित्त होकर समस्त पहलुओं पर गौर करने को प्राथमिक आवश्यकता बताया गया है। यह आवश्यक भी है।
इस कथा का दूसरा संकेत है कि साधन (मन्त्र का जाप) का भी उतना ही महत्व है जितना कि लक्ष्य (धन प्राप्ति) का। हमें समझना चाहिये कि सिर्फ सोचने से, ठान लेने से, या मोटिवेट हो जाने से ही लक्ष्य प्राप्त नहीं होते। लक्ष्य प्राप्ति हेतु अथक परिश्रम और जीवटता की आवश्यकता है। यहां मन्त्र यही है कि ब्रेन स्टिलिंग और परिश्रम ही सफलता का मर्म है।

DNR Reporter

DNR desk

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