Logo
Print this page

जब नन्दू महाराज को समझा किडनेपर Featured

जब नन्दू महाराज को समझा किडनेपर

बात तब की है जब नंदलाल व्यास उर्फ नंदू महाराज बीकानेर से विधायक थे और जयपुर से अपने दोस्तों व स्टाफ के साथ प्रदेश में घूमने के लिए निकले। ये लोग रणकपुर, नाथद्वारा, नाकौड़ा आदि स्थान होते हुए जसोल जा रहे थे तब गाडी में डिजल भरवाने के लिए बाडमेर के कल्याणपुर से करीब 30 किमी पहले पेट्रोल पम्प पर रूके। रात के एक बजे और सर्दी होने के कारण महाराज व उनके साथी पिछली सीट पर कंबल ओढे हुए थे और आगे गाडी से उनका गनमैन राजाराम विश्नोई ए के 47 हाथ में लिए उतरा। ड्राइवर राजू ने जोर से आवाज लगाई, कोई हो तो डीजल भर दे। काफी समय बाद बार बार आवाज लगाने पर एक आदमी आया और गाडी मेंडीजल भरकर चला गया। महाराज अपने साथियों के साथ जसोल की तरफ रवाना हो गए। आधे घण्टे बाद कल्याणपुर पुलिस स्टेशन के सामने थानाधिकारी मदनदान रतनू ने दूर से देखा की स्कोर्पियो गाडी जिसका नंबर 1244 था आ रही है तो उसने गाडी को रोक लिया और आरएसी व पुलिस के दर्जनों जवानों ने गाडी को घेर लिया और बंदूके गाडी की ओर तान दी। मदनदान रतनू ने कडक आवाज में कहा बाहर निकलो और अपने आप को पुलिस के हवाले कर दो। इतना सुनते ही नंदू महाराज व उनके बाकी साथी बाहर आए और समझ नहीं पाए माजरा क्या है। मदनदान रतनू नंदू महाराज को पहले से जानता था और नंदू महाराज को दखते ही उसके होश उड गए किय ये क्या हुआ। नंदू महाराज कुछ कहते उससे पहले ही थानेदार ने कहा कि अभी राजस्थान की नामचीन हस्ती राजेन्द्र मिर्धा का अपहरण हो रखा है और पिछले पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी थी कि गाडी संख्या 1244 में कुछ लोग ए के 47 लेकर चल रहे हैं जिनके पीछे तीन लोग कंबल में लपेटे हुए हैं और लगता है कि राजेन्द्र मिर्धा के अपहरणकर्ता हैं। इतनी सूचना मिलने पर बाडमेर के कलक्टर और एसपी तुरंत सक्रिय हो गए और गाडी संख्या 1244 का इंतजार होने लगा। इतना सुनते ही नंदू महाराज सारा माजरा समझ गए और कलक्टर साहब से फोन पर बात की और अपना परिचय दिया। प्रशासन ने महाराज से माफी मांगी और असुविधा के लिए खेद जताया और आदर सत्कार करके महाराज को विदा किया। आज भी जब महाराज ने गनमैन राजाराम ने यह वाकया सुनाया तो हंसे बिना नहीं रहा।

e paper new advt

DNR Reporter

DNR desk

Website Managed By © TM Media Group India.