सांसद मेघवाल के विरोध में फिर भाजपा छोड़ गए देवीसिंह भाटी

Devi Singh Bhati

-विधानसभा चुनाव में मेघवाल पर भीतरघात का आरोप
बीकानेर। कद्दावर भाजपा नेता देवीसिंह भाटी ने शुक्रवार को भाजपा छोड़ दी। भाटी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल पर इसका ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि मेघवाल पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और कई बार पार्टी sआलाकमान को इस बारे में जानकारी देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई और अब पार्टी फिर से उन्हें बीकानेर से अपना उम्मीदवार बना रही है और इसके विरोध में वे पार्टी छोड़ रहे हैं। शुक्रवार को जयपुर से बीकानेर पहुंचने के बाद अपने निवास बरसलपुर हाऊस में मीडिया से बातचीत में कहा कि मेघवाल ने इस विधानसभा चुनाव में लूणकरनसर को छोड़कर बाकी सब जगह पार्टी के विरोध में काम किया और कांग्रेस से जुड़कर वे पार्टी के विरोध में काम करते रहे है। भाटी ने कहा कि पिछले चुनाव के दौरान भी उन्होंने इस बात को लेकर विरोध किया लेकिन तब संघ के वरिष्ठ नेताओं ने समझाइश की थी और इस बात के लिए आश्वस्त किया था कि अब वे ऐसी गतिविधियां नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने सुधार नहीं किया।

कांग्रेस में नहीं जाएंगे
भाटी ने भाजपा छोडऩे के बाद कांग्रेस में शामिल होने और अन्य दल बनाने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे और अब अपने सामाजिक कार्यों में रहेंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि राजनीति से सन्यास नहीं लिया है।

हार की टीस
वहीं माना जा रहा है कि २०१३ में खुद की श्रीकोलायत और 2018 में पुत्रवधु पूनम कंवर की हार की टीस भाटी के मन में है क्योंकि भाटी समर्थक लोगों का मानना है कि मेघवाल के चलते ही दोनों बार भाजपा की श्रीकोलायत में हार हुई है। हालांकि भाटी ने कहा कि वे खुद के लिए नहीं कह रहे हैं बल्कि सबके भले के लिए कह रहे हैं क्योंकि जब भाजपा को कोई जानता नहीं था तब हमने पार्टी को जिले में खड़ा किया लेकिन अब पार्टी में रहकर मेघवाल जैसे लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं और प्रदेश नेतृत्व को बताने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो यह निर्णय किया।

बोले जयचंदों की जरूरत नहीं
इस दौरान भाटी ने कहा कि भारत में पाकिस्तानी घुसपैठिया स्वीकार नहीं है वैसै ही अर्जुन मेघवाल जैसे जयचंद पार्टी में नहीं होने चाहिए।

समर्थकों ने भी दिए इस्तीफे
इस दौरान बरसलपुर हाऊस में भाटी के पहुंचते ही समर्थक जमा हो गए और भाटी को पार्टी से अपने इस्तीफे सौंपने लगे लेकिन भाटी ने उनको साफ मना करा दिया। माना जा रहा है कि भाटी अब पार्टी के रूख का इंतजार करने के बाद अगला कदम उठाएंगे।

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