सूचना एवं प्रसारण सचिव ने मीडिया उद्योग के लिए समान नियामकीय व्यवस्था विकसित करने की वकालत की

मुंबई.सूचना एवं प्रसारण सचिव अमित खरे ने कहा कि मीडिया एवं मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) उद्योग में कई सारे नियामक हैं और सरकार को परस्पर बराबरी के अवसर देने के लिए नीतियां तैयार करने की जरूरत है।
खरे ने मंगलवार को फिक्की फ्रेम्स के एक कार्यक्रम में कहा , ै हमारी नीतियां और नियम सामग्री के आधार पर नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के आधार पर विकसित किए गए हैं। प्रिंट के लिए अलग नियम है , प्रसारण के लिए अलग नियम और फिल्मों के दूसरे नियम हैं। समाचार पत्रों के लिए भारतीय प्रेस परिषद है लेकिन प्रेस परिषद ऑनलाइन माध्यम में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। ै
उन्होंने कहा कि हमें बराबरी के अवसर देने के लिए कुछ नियमों को फिर से संगठित करने और कम से कम कुछ नीतियां तैयार करने की जरूरत है।
शीर्ष अधिकारी ने कहा कि हमारी सोच प्रसारण क्षेत्र के लिए ट्राई , फिल्मों के लिए सीबीएफसी या प्रिंट मीडिया के लिए प्रेस परिषद जैसे एक और नियामक स्थापित करने की नहीं है , लेकिन एक स्व – विनियमन तंत्र होना चाहिए जहां सभी मंच एक – दूसरे का समर्थन करेंगे।
खरे ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी कंपनियां हैं। ऐसे में नीतियों की निश्चितता महत्वपूर्ण है।

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