एसपी साब! परकोटे में यातायात कब सुधरेगा?

जितेंद्र बिस्सा.बीकानेर
अगर आप कोटगेट व केईएम रोड की यातायात व्यवस्था से निराश और परेशान है तो यह खबर आपकी समस्या को बढ़ाने वाली है। शहर के परकोटे के चारों तरफ भी यातायात व्यवस्था इतनी खराब हो चुकी है कि दो मिनट का रास्ता बीस मिनट में पार हो रहा है।
दरअसल, शहर के भीतरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। कोटगेट से गोकुल सर्किल तक, सोनगिरी कुआं से जस्सूसर गेट तक हर जगह भारी भीड़ लगी रहती है। हर कहीं बढ़ रहे चार पहिया वाहनों के कारण सडक़े अब संकड़ी हो गई है। सडक़ के दोनों तरफ बेरोकटोक हो रहे अतिक्रमणों ने कोढ़ में खाज का काम किया है। वहीं मार्गों पर खड़े होने वाले ठेलों ने स्थिति को ओर बिगाड़ दिया। आप जिस रास्ते पर जाएंगे, वहीं आपको वाहनों की लंबी कतार नजर आएगी, रुकी हुई टेक्सी और उसके आगे झगड़ते कार चालक दिखाई देंगे। परकोटे के भीतर से कार पर जाना धीरे धीरे सपने जैसा होता जा रहा है तो परकोटे के बाहर की सडक़ों पर भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है।
ऑटो चालक सबसे बड़ी समस्या
टेक्सी चालक बिना किसी रोक टोक के नो एंट्री में टेक्सी चला रहे है, दिन में कई बार जाम की स्थिति का सामना करना पडता हैं। मोहता चौक जो कि शहर के बीच है, शहर की अधिकतर आबादी इसी क्षेत्र मेें रहती है, यहां टेक्सी स्टेण्ड है। ऐसे में चौक में चारों तरफ फैली टेक्सियों से लंबे चौड़े चौक में भी चार पहिया वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ऊंट गाडों व ट्रेक्टर ट्रोलियों का आनाजाना रास्ते को जाम कर देता है। नत्थूसर गेट पर भी यहीं स्थिति दिनभर रहती है,
परकोटे से दूर है यातयात पुलिस
शहर में एक भी जगह पर टे्रफिक पांइट तथा वन-वे का रास्ता भी नहीं है। पुष्करणा सावे के मौके पर यातायात कर्मी शहर के अंदरुनी हिस्से में नजर आए थे। हकीकत यह है कि शहर के मोहता चौक, दम्माणी चौक, बारह गुवाड़, नत्थूसर गेट, जस्सूसर गेट, आचार्यों का चौक, बैदों का मोहल्ला, बड़ा बाजार आदि क्षेत्रों में यातायात कर्मियों की नितांत आवश्यकता है। वहीं कुछ मार्गों को ‘वन वे’ करने की जरूरत है। यातायात पुलिस के अभाव में त्यौहारों, शादियों के दिनों में तो स्थिति और भी दुखदायी हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
बिगड़ रहा है स्वास्थ्य
दिन भर जाम की स्थिति में गाडियों से जो धुआं निकलता है,उससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकुल प्रभाव पड रहा है। स्थानीय निवासियों को बिगड़े यातयात के कारण कई रोगों का शिकार होना पड़ रहा है। इन दिनों कैंसर, दमा, अस्थमा, बी.पी. हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के बढऩे का एक कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं माना जा रहा है। धुएं से आंखों में काला पानी,एलर्जी आदि की बीमारियां हुई है।

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